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                <title>Central Government - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Central Government RSS Feed</description>
                
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                <title>केंद्र का नया निर्देश: सरकारी कार्यक्रमों में पहले वंदे मातरम्, फिर होगा जन-गण-मन</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक शब्द, सही उच्चारण और निर्धारित क्रम का पालन अनिवार्य बताया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/centres-new-instructions-first-vande-mataram-and-then-jana-gana-mana-in/article-58450"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/vande-mataram.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन-गण-मन के गायन और वादन को लेकर एक बार फिर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों शामिल किए जाते हैं, वहां पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन-गण-मन प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यह व्यवस्था पहले से निर्धारित नियमों के अनुरूप है और सभी संबंधित विभागों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा। 9 जुलाई को जारी इस पत्र की जानकारी अब सामने आई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन राज्यों का अपना राज्य गीत है, वहां भी निर्धारित क्रम में पहले राष्ट्रगीत और फिर राष्ट्रगान का पालन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, उद्देश्य पूरे देश में एक समान प्रोटोकॉल लागू करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।</p>
<p>निर्देश में राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान हमेशा उनके आधिकारिक और मूल शब्दों के साथ ही गाए या बजाए जाएं। उच्चारण, प्रस्तुति और समय से जुड़े तय मानकों का भी पालन किया जाना जरूरी होगा। इसके लिए दोनों की आधिकारिक प्रतियां मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई हैं ताकि किसी तरह की त्रुटि या भ्रम की स्थिति न बने। मंत्रालय ने संबंधित विभागों और संस्थानों से कहा है कि कार्यक्रम आयोजित करते समय इन्हीं अधिकृत संस्करणों का उपयोग किया जाए। बताया जा रहा है कि यह दूसरा अवसर है जब केंद्र सरकार ने इस विषय पर राज्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी संबंध में आदेश जारी किया गया था। उस समय स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से करने, वंदे मातरम् के दौरान सभी लोगों के खड़े रहने और पूरे छह अंतरे गाने की बात कही गई थी। छह अंतरों को गाने की कुल अवधि लगभग तीन मिनट दस सेकंड बताई गई थी, जबकि पहले सामान्य तौर पर केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाते थे। हालांकि, सिनेमाघरों को इन नियमों से अलग रखा गया था। सरकार ने स्पष्ट किया था कि फिल्म शुरू होने से पहले वंदे मातरम् बजाना या दर्शकों का खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। इसी तरह यदि किसी समाचार फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया जाता है, तो उस दौरान दर्शकों के लिए खड़ा होना आवश्यक नहीं माना जाएगा।</p>
<p>राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और देश के इतिहास में विशेष स्थान रहा है। इसे साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1875 को लिखा था और बाद में 1882 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में इसे शामिल किया गया। वर्ष 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में पहली बार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने सार्वजनिक मंच से वंदे मातरम् का गायन किया था। इसके बाद यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का प्रमुख नारा भी बना। संस्कृत भाषा के इस वाक्यांश का अर्थ है, "हे मातृभूमि, मैं तुम्हें नमन करता हूं।" आजादी के बाद इसे राष्ट्रगीत का दर्जा मिला और तब से यह राष्ट्रीय समारोहों और विशेष अवसरों पर सम्मानपूर्वक गाया जाता है। हाल के वर्षों में भी वंदे मातरम् राष्ट्रीय आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की थीम भी वंदे मातरम् रखी गई थी। संस्कृति मंत्रालय ने इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष झांकी प्रस्तुत की थी, जिसे मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार भी मिला। वहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बहस भी देखने को मिली थी। विभिन्न दलों ने इसके इतिहास, महत्व और प्रस्तुति को लेकर अपने-अपने पक्ष रखे थे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी चर्चा हुई थी, जिसमें ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े संदर्भ भी सामने आए थे। हालांकि, केंद्र सरकार के ताजा निर्देश प्रशासनिक स्तर पर तय प्रोटोकॉल के पालन पर केंद्रित हैं। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गीतों के सम्मान से जुड़े नियमों का एक समान अनुपालन देशभर में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:01:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मनरेगा की जगह जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, अब मिलेगा 125 दिन का रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना लागू होगी। नई स्कीम में ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार देने का दावा किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/vb-gram-g-scheme-will-be-implemented-from-july-instead/article-53865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/vb-g-ram-g.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से नई ग्रामीण रोजगार योजना </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">VB-G RAM G <span lang="hi" xml:lang="hi">को लागू करने की योजना बना रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो मौजूदा मनरेगा के स्थान पर आएगी। सरकार का दावा है कि यह नई योजना गांवों में रोजगार बढ़ाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास कार्यों को तेज करने और पारदर्शिता लाने पर केंद्रित होगी। इस फैसले के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चाएं तेज हो गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि मनरेगा ने पिछले लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण रोजगार का एक बड़ा सहारा दिया है। अब सरकार इस नई योजना के माध्यम से रोजगार गारंटी को एक नए मॉडल में बदलने का इरादा रखती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को जानकारी दी है कि कई राज्यों ने इस योजना के लिए अपना हिस्सा का फंड जारी कर दिया है और जुलाई से इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस योजना का पूरा नाम "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)" यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">VB-G RAM G <span lang="hi" xml:lang="hi">रखा गया है। सबसे बड़ा बदलाव रोजगार के दिनों से संबंधित है। वर्तमान में मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा होगा और पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई स्कीम में तकनीकी का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। पुराने जॉब कार्ड की जगह स्मार्ट रोजगार कार्ड दिए जाएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें फेस रिकग्निशन और </span>e-KYC <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी सुविधाएँ होंगी। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। गांवों में होने वाले कामों में भी बदलाव किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे कि पानी संरक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण सड़कें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजीविका मिशन और जलवायु से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। हर ग्राम पंचायत को अपनी जरूरत के अनुसार विकास योजना तैयार करनी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे ग्राम सभा से मंजूरी प्राप्त होगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना का खर्च उठाएंगे। सामान्य राज्यों में खर्च का अनुपात 60:40 रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह 90:10 होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत चल रहे अधूरे काम अचानक बंद नहीं किए जाएंगे। उन्हें नई योजना में शामिल कर पूरा किया जाएगा ताकि मजदूरों को रोजगार पाने में कोई परेशानी न हो। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने नई योजना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका कहना है कि बदलाव के दौरान ग्रामीण मजदूरों को मुश्किलें आ सकती हैं। फिलहाल सरकार इस योजना को ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में पेश कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्या विदेश जाने वालों पर लगेगा नया टैक्स? पीएम मोदी ने खुद बताई पूरी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश यात्रा पर टैक्स लगाए जाने की खबरों को पीएम मोदी ने गलत बताया। सरकार ने साफ किया कि कोई नया टैक्स लगाने की तैयारी नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/will-there-be-a-new-tax-on-those-going-abroad/article-53522"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi-foreign-travel-tax.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश यात्रा पर संभावित अतिरिक्त टैक्स लगाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा करने वालों पर नया टैक्स या सेस लगाने पर विचार कर रही है। जैसे ही यह चर्चा तेज हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और विदेश यात्रा पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहा जा रहा है कि हाल के दिनों में ईरान-अमेरिका तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार चिंतित है। इसी बीच पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गैर-जरूरी खर्चों को कम करने और आवश्यकता पड़ने पर ही विदेश यात्रा करने की अपील की थी। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार अस्थायी रूप से विदेश यात्राओं पर नया टैक्स लगाने की सोच सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि एक साल के लिए लागू हो सकता है और इस पर उच्च स्तरीय चर्चा चल रही है। लेकिन पीएम ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लोगों की जिंदगी आसान बनाने और व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डालने की।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">करीब 12 सालों में यह पहली बार है जब पीएम मोदी ने किसी मीडिया रिपोर्ट पर सीधे प्रतिक्रिया दी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब विदेश यात्रा पर टैक्स की खबरें सोशल मीडिया पर फैलीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। कई लोग जानना चाह रहे थे कि क्या विदेश यात्रा पर अतिरिक्त पैसे देने होंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत स्थिति को साफ किया। बाद में संबंधित मीडिया संस्थान ने भी अपनी रिपोर्ट वापस लेते हुए खेद जताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे साफ हो गया कि फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से विदेश यात्रा पर कोई नया टैक्स लगाने की योजना नहीं है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब विश्व के कई हिस्सों में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार लगातार ईंधन की बचत और खर्चों में संतुलन की बात कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों से की गई अपील का मतलब किसी तरह की पाबंदी या नया टैक्स लगाना नहीं था। इसलिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश यात्रा करने वालों को फिलहाल किसी अतिरिक्त शुल्क को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PM मोदी ने 21 मई को बुलाई बड़ी मंत्रिमंडल की बैठक, जानें क्या होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने 21 मई को मंत्रिपरिषद बैठक बुलाई है। विदेश दौरे के बाद संभावित कैबिनेट विस्तार और बड़े फैसलों की अटकलें तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-called-a-big-cabinet-meeting-on-may-21/article-53419"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियाँ एक बार फिर गर्म हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 मई को अपने मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सियासी गलियारों में काफी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक दिलचस्प बात ये है कि पीएम मोदी अभी एक पांच दिवसीय विदेश दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद यह बैठक तय की गई है। इस बार मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक को सामान्य से कुछ अलग नजर से देखा जा रहा है। खबर है कि इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार के मंत्री शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में वैश्विक हालात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संभावित संकट पर गहराई से चर्चा हो सकती है। मंत्रियों को सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों पर ब्रीफ किया जाएगा और आगे की रणनीति पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक अटकलें भी तेज हो गई हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का एक बड़ा मकसद मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन और संभावित विस्तार पर ध्यान देना हो सकता है। हाल के समय में यह चर्चा उठ रही है कि केंद्र सरकार में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है और कुछ मंत्रालयों में बदलाव संभव है। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि 2024 में तीसरी बार सरकार बनने के बाद यह लगभग दो साल का समय पूरा होने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मौके पर सरकारें अपने मंत्रिमंडल में संतुलन बनाने और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए बदलाव करती हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के साथ ही आगामी यूपी और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्यों के चुनावों को देखते हुए यह बैठक और भी महत्वपूर्ण है। सियासी हलकों में चर्चा है कि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नए समीकरण बनाने की कोशिश की जा सकती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक और नीतिगत मोर्चे पर भी सरकार की प्राथमिकताएँ बदलती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछली मंत्रिपरिषद बैठक में पीएम ने जिस </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">रिफॉर्म एक्सप्रेस</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">की बात की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति के कारण कई योजनाएँ फिलहाल ठहर गई हैं। अब सरकार के सामने ऊर्जा सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ हैं। ऐसे में 21 मई की बैठक को केवल औपचारिकता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक रणनीतिक चर्चा के रूप में भी देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना पर भी बातचीत हो सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:59:58 +0530</pubDate>
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