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                <title>Fuel Prices - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Fuel Prices RSS Feed</description>
                
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                <title>कच्चा तेल छह महीने के निचले स्तर पर, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर मजबूत मार्जिन कमा रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-is-at-its-lowest-in-six-months-yet/article-58185"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/crude-oil-price-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन इसका फायदा अब तक देश के आम उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाया है। अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने वाला कच्चा तेल अब करीब छह महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। इंडियन बास्केट के अनुसार कच्चे तेल की कीमत घटकर 68.69 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है। यह युद्ध के दौरान बने करीब 157 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से लगभग 56 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में किसी तरह की कमी नहीं की गई है। ऐसे में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हो चुका है तो घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा हालात में सरकारी तेल विपणन कंपनियां अच्छी स्थिति में हैं। डीएएम कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कच्चे तेल की कीमत पर तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 10.5 रुपए और डीजल पर लगभग 11 रुपए प्रति लीटर तक का मार्जिन हासिल कर रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जब इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहता है, तब कंपनियां लगभग ब्रेक ईवन की स्थिति में होती हैं, यानी न उन्हें विशेष लाभ होता है और न ही नुकसान। चूंकि 1 जून के बाद से कच्चे तेल की कीमत लगातार इस स्तर से नीचे बनी हुई है, इसलिए कंपनियां पिछले कई सप्ताह से मुनाफे में कारोबार कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। हालांकि युद्धविराम की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें धीरे-धीरे नीचे आने लगीं। शुरुआती युद्धविराम के बाद भी कच्चा तेल 115 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना रहा और अब यह 70 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। इसके बावजूद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन की कीमतों में कोई राहत नहीं दी है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं के बीच असंतोष भी देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि कच्चे तेल की कीमतों और पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों के बीच सीधा संबंध हमेशा नहीं रहा। वर्ष 2018 में जब कच्चा तेल करीब 80 डॉलर प्रति बैरल था, तब दिल्ली में पेट्रोल लगभग 72 रुपए और डीजल करीब 70 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। इसके बाद 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कच्चे तेल की कीमत गिरकर करीब 43 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, लेकिन खुदरा कीमतों में वैसी राहत देखने को नहीं मिली जैसी उपभोक्ता उम्मीद कर रहे थे। बाद में 2022 में जब कच्चा तेल 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई। हालांकि जनवरी 2023 में कच्चे तेल के दाम फिर करीब 75 डॉलर तक आ गए, लेकिन उस समय भी खुदरा कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं किया गया। तेल कंपनियों का तर्क था कि वे पहले हुए नुकसान की भरपाई कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिलचस्प बात यह भी है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों वाले दौर में भी तेल कंपनियों का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत बना रहा। जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही में देश की प्रमुख तेल कंपनियों के नतीजे सकारात्मक रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चार बड़ी तेल कंपनियों का संयुक्त मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 22 प्रतिशत तक बढ़ा। इसी अवधि में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 157 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा था और मार्च के दौरान इसका औसत भाव भी 125 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रहा। इसके बावजूद कंपनियों के मुनाफे में कमी नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को अपने ग्राहकों को राहत देते हुए पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। इस फैसले के बाद कई शहरों में नायरा के पंपों पर ईंधन सरकारी कंपनियों की तुलना में सस्ता मिलने लगा। भोपाल जैसे शहरों में भी नायरा के पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। हालांकि इसके बाद भी सरकारी तेल कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले मई महीने में सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल का हवाला देते हुए चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में कुल 7.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी। देशभर के अधिकांश पेट्रोल पंप इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के नियंत्रण में हैं, इसलिए इन कंपनियों के फैसलों का असर सीधे करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ता है। फिलहाल कीमतों में कटौती नहीं होने से आम लोगों की जेब पर बोझ बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:55:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रम्प ने तेल कंपनियों को दी चेतावनी, पेट्रोल के दाम तुरंत घटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ग्राहकों से अब भी जरूरत से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने तेल कंपनियों को जल्द कीमतें कम करने की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-warns-oil-companies-demands-immediate-reduction-in-petrol-prices/article-57415"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/donald-trump-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों से तुरंत कीमतें कम करने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ चुकी है, लेकिन इसका फायदा आम ग्राहकों तक नहीं पहुंच रहा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब कच्चा तेल करीब 68 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है, तब भी उपभोक्ताओं से पहले जैसी ऊंची कीमत वसूली जा रही है। उनके मुताबिक यह स्थिति न केवल अनुचित है बल्कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डाल रही है। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोल की कीमतों में तुरंत कमी की जानी चाहिए ताकि लोग राहत महसूस कर सकें। उन्होंने तेल कंपनियों से अपील की कि पेट्रोल का दाम करीब 2.50 डॉलर प्रति गैलन तक लाया जाए। ट्रम्प का कहना है कि जब उत्पादन लागत और कच्चे तेल की कीमत घट रही है तो खुदरा कीमतों में भी उसी अनुपात में कमी दिखनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो इसका मतलब है कि कंपनियां ग्राहकों से जरूरत से ज्यादा पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने इस तरह की स्थिति को गलत बताते हुए कंपनियों को जल्द कदम उठाने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि ग्राहकों से जरूरत से ज्यादा कीमत वसूलना गैरकानूनी है और अगर तेल कंपनियों ने जल्द दाम कम नहीं किए तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार इस दिशा में कौन से नए कदम उठा सकती है, लेकिन उन्होंने पहले भी अमेरिकी न्याय विभाग को बड़ी तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए थे। माना जा रहा है कि यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो प्रशासन की ओर से जांच और निगरानी और सख्त की जा सकती है। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासतौर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। उस समय कई देशों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी बढ़ गई थीं। हालांकि अब हालात पहले की तुलना में कुछ सामान्य हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है। इसके बावजूद कई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं आई है। यही मुद्दा ट्रम्प ने अपने बयान में उठाया है। पेट्रोल की खुदरा कीमत केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। इसमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, टैक्स, वितरण व्यवस्था और स्थानीय बाजार की स्थिति भी शामिल होती है। कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद खुदरा स्तर पर कीमतों में बदलाव आने में कुछ समय लग जाता है। इसके बावजूद यदि लंबे समय तक राहत नहीं मिलती है तो उपभोक्ताओं और सरकार दोनों की ओर से सवाल उठना स्वाभाविक माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका में ईंधन की कीमतें राजनीतिक मुद्दा भी बन जाती हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब, महंगाई और परिवहन लागत पर पड़ता है। यही वजह है कि सरकारें अक्सर ईंधन की कीमतों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखती हैं। ट्रम्प का ताजा बयान भी ऐसे समय आया है जब महंगाई और ऊर्जा लागत को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है कि वे कीमतों की समीक्षा करें और उपभोक्ताओं को राहत देने पर विचार करें। तेल कंपनियों की ओर से ट्रम्प के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में खुदरा पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:18:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कच्चा तेल 72 डॉलर प्रति बैरल पर लौटा, पेट्रोल-डीजल में राहत के लिए करना होगा इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान तनाव कम होने के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने में अभी करीब ढाई महीने का समय लग सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-returns-to-72-per-barrel-will-have-to/article-56980"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/crude-oil-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर उस स्तर पर पहुंच गई हैं, जहां वे ईरान से जुड़े तनाव शुरू होने से पहले थीं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह लगभग वही स्तर है, जो युद्ध जैसे हालात बनने से पहले दर्ज किया गया था। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने से उम्मीद जरूर बढ़ी है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को इसका फायदा तुरंत मिलने वाला नहीं है। तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होना माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बातचीत के बाद ईरानी तेल के निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। जहाजों की संख्या बढ़ने से बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई और इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभी भी जहाजों की आवाजाही पहले जैसी सामान्य नहीं हुई है। युद्ध से पहले जहां प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या उससे कुछ कम बनी हुई है। इसके बावजूद बाजार को यह भरोसा मिला है कि आने वाले समय में तेल की आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने का असर सीधे पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखता। इसकी सबसे बड़ी वजह तेल की खरीद और सप्लाई की लंबी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिन पेट्रोल और डीजल उत्पादों की बिक्री हो रही है, वे उस कच्चे तेल से तैयार किए गए हैं, जिसे उस समय खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें काफी अधिक थीं। ऐसे में वर्तमान में सस्ता हुआ कच्चा तेल अभी उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसी भी देश से खरीदा गया कच्चा तेल पहले वहां के बंदरगाहों तक पहुंचता है और फिर जहाजों में लोड किया जाता है। इसके बाद समुद्री रास्ते से भारत आने में लगभग दो महीने तक का समय लग सकता है। भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद तेल को रिफाइनरियों में भेजा जाता है, जहां उससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके बाद यह ईंधन देशभर के डिपो और पेट्रोल पंपों तक पहुंचता है। पूरी प्रक्रिया में करीब 75 से 80 दिन लग जाते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है। अगर मौजूदा स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी रहती हैं तो अगस्त के आखिर या सितंबर की शुरुआत से कुछ असर दिखाई देना शुरू हो सकता है। वहीं पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वास्तविक राहत दशहरे के आसपास मिलने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण कारण तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी है। कंपनियां पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान झेल रही हैं। इसके अलावा सरकार ने पहले उत्पाद शुल्क में भी कटौती की थी, जिससे राजस्व पर असर पड़ा। ऐसे में यदि कच्चे तेल की कीमतें कम बनी रहती हैं तो शुरुआती अवधि में कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर सकती हैं। इसके बाद ही खुदरा कीमतों में कटौती का फैसला लिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां पहले की तुलना में काफी स्थिर दिखाई दे रही हैं। यदि पश्चिम एशिया में दोबारा कोई बड़ा तनाव नहीं बढ़ता और तेल आपूर्ति सामान्य रहती है तो निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना कम है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को राहत मिल सकती है और महंगाई पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जेट फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा पर असर, किराए बढ़ने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[मैकिंजी की रिपोर्ट में दावा, वैश्विक सप्लाई दबाव और बढ़ती ईंधन लागत के चलते आने वाले महीनों में एयर टिकट 25% तक महंगे हो सकते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3ccd1c3b033/article-56883"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/air-travel-cost.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले समय में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। वैश्विक कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के कारण एयर टिकटों के दाम में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, रिफाइनरियों की सीमित उत्पादन क्षमता और ईंधन भंडारों को फिर से भरने की कोशिशों ने जेट फ्यूल बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है और यदि हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका बोझ यात्रियों तक पहुंच सकता है। एविएशन इंडस्ट्री में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। आमतौर पर किसी भी हवाई टिकट की कुल कीमत में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा केवल फ्यूल कॉस्ट का होता है। ऐसे में जेट फ्यूल के दाम बढ़ने का असर एयरलाइंस के परिचालन खर्च पर तुरंत दिखाई देता है। एयरलाइंस कंपनियां लगातार बढ़ती लागत को लंबे समय तक खुद वहन नहीं कर सकतीं, इसलिए अंततः किराए में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों को लेकर होने वाला हर बदलाव एयर ट्रैवल सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैकिंजी की रिपोर्ट में ‘क्रैक स्प्रेड’ को भी प्रमुख कारण बताया गया है। क्रैक स्प्रेड वह अंतर होता है जो कच्चे तेल और उससे तैयार होने वाले रिफाइंड उत्पादों की कीमतों के बीच होता है। सामान्य परिस्थितियों में जेट फ्यूल का क्रैक स्प्रेड 20 डॉलर प्रति बैरल या उससे कम रहता है। हालांकि रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 के दौरान यह औसतन 50 डॉलर प्रति बैरल से अधिक तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो एयरलाइंस कंपनियों के लिए ईंधन खरीदना काफी महंगा हो जाएगा और परिचालन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई देशों से जेट फ्यूल की आपूर्ति में कमी भी बाजार को प्रभावित कर रही है। वैश्विक जेट फ्यूल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आता है। हाल के महीनों में कई देशों ने अपने रणनीतिक ईंधन भंडार को सुरक्षित रखने के लिए निर्यात पर सीमित नियंत्रण लगाए हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की नीतियों का असर भी वैश्विक ईंधन व्यापार पर पड़ता है, क्योंकि ये देश ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई बड़ी रिफाइनरियां पहले से ही अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रही हैं। ऐसे में मांग बढ़ने पर उत्पादन को तुरंत बढ़ा पाना आसान नहीं है। सप्लाई और मांग के बीच पैदा हो रहा यह असंतुलन कीमतों को ऊपर बनाए रख सकता है। फिलहाल कई देशों और कंपनियों द्वारा पुराने ईंधन भंडार का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बाजार में तत्काल कमी न दिखाई दे, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं मानी जा रही। हालांकि बाजार में कुछ राहत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम हाल के दिनों में नीचे आए हैं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को कुछ राहत मिली है। जानकारों का मानना है कि यदि तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है और बड़े भू-राजनीतिक संकट नहीं उभरते हैं तो जेट फ्यूल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बावजूद विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि केवल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। जेट फ्यूल की कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रिफाइनिंग क्षमता, लॉजिस्टिक्स, भंडारण और वैश्विक मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है। एयरलाइंस कंपनियां भी बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लागत प्रबंधन के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि एयर टिकट महंगे होते हैं तो इसका असर पर्यटन, व्यापारिक यात्राओं और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। खासतौर पर त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को अधिक खर्च का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:16:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में फिर महंगी हुई CNG, 15 दिन में दूसरी बढ़ोतरी से बढ़ी यात्रियों और चालकों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू गैस की कमी और बढ़ती लागत का असर, ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/cng-becomes-expensive-again-in-mumbai-second-increase-in-15/article-54560"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mumbai-cng-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुंबई और उसके आसपास रहने वाले लाखों लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 29 और 30 मई की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है। साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 13 और 14 मई को भी कंपनी ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो रोजमर्रा के परिवहन के लिए CNG आधारित वाहनों पर निर्भर हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में लाखों निजी वाहन, ऑटो-रिक्शा, टैक्सियां और बसें CNG से संचालित होती हैं। ऐसे में इसका सीधा असर आम लोगों और परिवहन क्षेत्र दोनों पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी आने के कारण लागत लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि पहले की तुलना में कम मात्रा में घरेलू गैस उपलब्ध हो रही है, जिसके चलते कंपनी को अधिक महंगे वैकल्पिक स्रोतों से गैस खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी गैस आपूर्ति की लागत को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों का असर उपभोक्ताओं तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">CNG के दाम बढ़ने के साथ ही मुंबई की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग भी तेज कर दी है। यूनियनों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है। वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और अन्य खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं। अब CNG की नई कीमतों ने चालकों की आय पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। कई यूनियन प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे सरकार और परिवहन विभाग के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव रख सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में CNG आधारित वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 5 लाख से अधिक निजी कारें, लगभग 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा और 1.6 लाख से ज्यादा टैक्सियां CNG पर चल रही हैं। इसके अलावा हजारों टेम्पो, निजी बसें और सार्वजनिक परिवहन वाहन भी इसी ईंधन पर निर्भर हैं। पिछले एक वर्ष में करीब 2 लाख नए CNG वाहन सड़कों पर जुड़े हैं, जिसके बाद इस क्षेत्र में ऐसे वाहनों की कुल संख्या 12 लाख के पार पहुंच गई है। यही कारण है कि कीमतों में होने वाला हर बदलाव सीधे बड़ी आबादी को प्रभावित करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि कंपनी का कहना है कि बढ़ोतरी के बावजूद CNG अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में अधिक किफायती ईंधन बनी हुई है। MGL के अनुसार मौजूदा दरों पर भी CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिक पेट्रोल की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत और डीजल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं। यही वजह है कि लगातार मूल्य वृद्धि के बावजूद CNG की मांग में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर राजधानी दिल्ली में भी CNG उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। हाल के दिनों में वहां भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने बीते दो सप्ताह के दौरान कई बार दरों में संशोधन किया है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण गैस खरीद की लागत में वृद्धि हो रही है, जिसका प्रभाव स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है।</p>
<p>आम उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर और बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यदि गैस की उपलब्धता और आयात लागत में सुधार नहीं हुआ तो परिवहन क्षेत्र के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 14:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपये के पार हुए, 1 महीने में चौथी बार बढ़ें रेट</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपए पार पहुंचा, रायपुर में नया रेट 107.96 रुपए प्रति लीटर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-prices-increased-again-in-chhattisgarh-petrol-crossed/article-54169"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-petrol-diesel-rates.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को तेल कंपनियों ने इनकी कीमतों में फिर से इजाफा कर दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई जिलों में पेट्रोल अब 109 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल का दाम अब 107.96 रुपये प्रति लीटर है। इस महीने ये चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। बढ़ती कीमतों का असर आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट बिजनेस तक साफ देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल की बढ़ोतरी में पेट्रोल लगभग 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इससे पहले 15 मई को लगभग 3 रुपये</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">19 मई को 90 पैसे और 23 मई को भी करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसका मतलब है कि मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 8 रुपये का इजाफा हो चुका है। रायपुर में भले ही दाम 108 रुपये से कम हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि इस निरंतर बढ़ती लागत के कारण उनके घर का बजट बिगड़ने लगा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूर-दराज के जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। जैसे नारायणपुर में पेट्रोल 109.65 रुपये प्रति लीटर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि जगदलपुर में 109.64</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दंतेवाड़ा में 109.60 और बीजापुर में 109.59 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। सरगुजा के जिलों में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। जशपुर में पेट्रोल 109.52 रुपये और अंबिकापुर में 109.09 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। रायगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महासमुंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर और धमतरी जैसे शहरों में भी यह दाम 108 रुपये से ऊपर पहुंच गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरबा में सबसे कम कीमत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पेट्रोल 107.63 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारों का कहना है कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूर के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टेशन के खर्च ज्यादा होने के कारण वहां ईंधन की कीमतें अधिक होती हैं। बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से थोड़ा राहत भी मिलती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के साथ ही रायपुर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ब्लैक मार्केटिंग और ज्यादा कीमत वसूलने के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई अवैध बिक्री या ज्यादा पैसे मांगने की शिकायत करता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे प्रशासन को सूचित कर सकते हैं। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह के चलते कई पंपों पर लंबी लाइने भी देखी गई थीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है और कीमतों में इजाफा हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात नहीं सुधरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महंगे होते ईंधन का असर मालभाड़े और रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किराए में बदलाव करना पड़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:24:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा की प्राथमिकता योजनाएं घर-घर पहुंचाना: छतरपुर में बोले हेमंत खंडेलवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने छतरपुर में कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना भाजपा की प्राथमिकता है। फ्यूल कीमतों पर भी दिया बयान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/hemant-khandelwal-said-in-chhatarpur-that-bjps-priority-schemes-should/article-54147"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/hemant-khandelwal-bjp-chhatarpur.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रविवार को मध्यप्रदेश के छतरपुर में भाजपा के जिला स्तरीय अभ्यास वर्ग में प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल ने संगठन और सरकार की योजनाओं पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उनका कहना था कि भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता ये है कि सरकार की योजनाएं हर एक व्यक्ति तक पहुंचें। इस कार्यक्रम में पार्टी के ढेर सारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करते हुए संगठन को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा लगातार प्रशिक्षण</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और बूथ स्तर पर संपर्क अभियान चला रही है ताकि कार्यकर्ता सक्रिय रहें। उनके अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संगठन तभी मजबूत होगा जब सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अभ्यास वर्ग के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हेमन्त खंडेलवाल ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली कुछ सालों में करोड़ों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और केंद्र की योजनाओं का लाभ गांवों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावी राजनीति नहीं कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लगातार जनसंपर्क और सेवा के माध्यम से लोगों के बीच सक्रिय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सोशल मीडिया तक सीमित न रहें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि गांव और वार्ड स्तर पर लोगों से सीधे जुड़ें। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और बूथ प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछा गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कई अन्य देशों की तुलना में कम बढ़ी हैं। उन्होंने पाकिस्तान और यूरोप के कुछ देशों का उदाहरण दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां फ्यूल की कीमतों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। खंडेलवाल ने बताया कि भारत कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर यहां भी दिखता है। उनका कहना था कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यक्रम के अंत में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि भाजपा का ध्यान सिर्फ सत्ता तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि संगठन और जनता के बीच संवाद बनाए रखना भी पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। छतरपुर में आयोजित इस अभ्यास वर्ग को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:33:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिन में हुई तीसरी बार बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में पेट्रोल 105.19 और डीजल 98.29 रुपए लीटर पहुंचा। 9 दिन में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने से लोगों पर असर बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-prices-increased-again-in-raipur-third-increase/article-54036"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-petrol-diesel-fuel-prices.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार सुबह रायपुर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए। तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। अब राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत लगभग 105.19 रुपए प्रति लीटर और डीजल 98.29 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 और 19 मई को भी कीमतें बढ़ी थीं। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों को सुबह कई पेट्रोल पंपों पर बढ़ी हुई कीमतों के बारे में चर्चा करते हुए देखा गया। कुछ का कहना था कि रोज़-रोज़ बढ़ती कीमतों से उनके घर का बजट गड़बड़ा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राज्य के अन्य शहरों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। सरगुजा में पेट्रोल 106.52 रुपए और डीजल 99.68 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर में पेट्रोल की कीमत 106 रुपए से भी ऊपर जा चुकी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल महंगा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति यही बनी रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। हाल ही में रायपुर में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ भी देखी गई थी। उस समय सप्लाई प्रभावित होने और फ्यूल की कमी की अफवाहें थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रशासन ने बाद में स्थिति सामान्य बताई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण सब्जियों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि ज्यादा कीमत वसूलने या अवैध बिक्री की शिकायतें तुरंत दर्ज की जा सकें। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट किए जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिफाइनिंग लागत और राज्य सरकार के वैट जैसी कई बातें शामिल होती हैं। यही वजह है कि विभिन्न राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भिन्न होती हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:06:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CNG फिर हुई महंगी, 10 दिन में तीसरी बढ़ोतरी से बढ़ी लोगों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[देश में CNG की कीमत फिर बढ़ी। दिल्ली में अब CNG 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंची। पेट्रोल-डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cng-becomes-expensive-again-due-to-third-increase-in-10/article-54014"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cng-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>CNG Price Hike:</strong> देश भर में महंगाई का असर अब ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर आ रहा है। शनिवार को</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल के बाद</span>, CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमतों में भी फिर से बढ़ोतरी की गई। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में अब </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। बढ़ती हुई कीमतों से खासतौर पर उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जो रोजाना सफर के लिए </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">वाहनों पर निर्भर हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले 15 मई को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ था। फिर 18 मई को 1 रुपये की और बढ़ोतरी हुई। अब इस ताजा बढ़ोतरी के साथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले 10 दिनों में </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">कुल 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट और ऑटो किराए पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर और कई बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">वाहनों का इस्तेमाल होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में आम लोगों का मासिक बजट प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी शनिवार को बढ़ोतरी देखने को मिली है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। नई कीमतों के हिसाब से दिल्ली में अब पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले 15 मई को दोनों ईंधनों की कीमत में 3-3 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिर 19 मई को भी दाम बढ़ाए गए थे। इस तरह से पिछले करीब 10 दिनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल लगभग 5 रुपये तक महंगे हो चुके हैं। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विपक्ष ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार को घेराव किया और महंगाई के मुद्दे पर सवाल उठाए। पार्टी ने यह आरोप लगाया कि आम जनता पर लगातार बोझ डाला जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि तेल कंपनियों के फायदे का ध्यान रखा जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में जनता को राहत देने की कोशिश की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमारे यहां तो ईंधन के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़ती कीमतों के बीच लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिन राहत मिलते हैं या महंगाई का दबाव और बढ़ता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा, 9 दिन में तीसरी बढ़ोतरी, भोपाल में पेट्रोल 111.71 रुपये लीटर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोलियम कंपनियों ने 9 दिन में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए। भोपाल में पेट्रोल 111.71 रुपए प्रति लीटर पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-became-costlier-by-87-paise-and-diesel-by-91/article-54009"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-rates.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। शनिवार सुबह नए दामों के ऐलान के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल और मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत एक रुपए से ज्यादा बढ़ गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 111.71 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। कीमतों में लगातार हो रही इस वृद्धि ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लोग रोजाना गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे इसे लेकर काफी नाराज दिख रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्र बताते हैं कि यह मई में तीसरी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को दाम में लगभग 3 रुपए और 19 मई को करीब 90 पैसे का इजाफा हुआ था। नए दामों के बाद इस महीने पेट्रोल-डीजल की कीमत लगभग 5 रुपए तक बढ़ चुकी है। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट्स पर चर्चा करते नजर आए। कुछ ड्राइवरों का कहना था कि पहले से ही महंगाई का असर उनके घर के बजट पर पड़ रहा था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब ईंधन के महंगे होने से रोजाना के खर्चे बढ़ने की आशंका है। भोपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में इन नई कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और बाजार पर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच का बढ़ता तनाव क्रूड ऑयल की कीमत को 100 डॉलर प्रति बैरल के पार ले गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ हफ्ते पहले यही कीमत करीब 70 डॉलर थी। तेल कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत अपनी जरूरत के अधिकांश कच्चे तेल का आयात करता है। इसीलिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजार का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। कच्चे तेल की खरीद के बाद उसे रिफाइनरी में प्रोसेस करना पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिर उस पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट जोड़ा जाता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में दाम अलग-अलग होते हैं। मध्य प्रदेश में वैट अधिक होने के कारण यहां की कीमतें कई अन्य राज्यों की तुलना में ऊंची रहती हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिलचस्प बात यह है कि मार्च 2024 के बाद काफी समय तक ईंधन के दाम स्थिर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेल कंपनियां लगातार घाटे की बात कह रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी बिक्री पर हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा है। इसलिए कंपनियों पर दाम बढ़ाने का काफी दबाव रहा है। अब आम जनता की नज़र इस पर है कि आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलेगी या फिर ईंधन और महंगा होगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:46:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक हफ्ते में दूसरी बार झटका, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, देखें नए रेट </title>
                                    <description><![CDATA[देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ीं। 91 पैसे प्रति लीटर इजाफा, दिल्ली समेत बड़े शहरों में ईंधन महंगा, महंगाई का दबाव बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a0bf560b28a2/article-53741"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/petrol-diesel-price-hike-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Petrol Diesel Price Hike:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब देश में फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में औसतन </span>91<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब कुछ ही दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी करीब </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। अब दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत </span>98.64<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि डीजल </span>91.58<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी रोजमर्रा की लागत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले कुछ हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर-नीचे हो रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन घरेलू स्तर पर कंपनियां लंबे समय से पुराने दामों पर ही ईंधन बेच रही थीं। इसी कारण उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ा। बताया जा रहा है कि लगभग </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> हफ्तों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (</span>OMCs) <span lang="hi" xml:lang="hi">पर काफी दबाव बढ़ गया था। अब जब बढ़ोतरी शुरू हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका असर शहरों में साफ दिख रहा है। मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी ईंधन की कीमतें </span>80<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे से लेकर करीब </span>96<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर तक बढ़ी हैं। मुंबई में पेट्रोल </span>107.59<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये और डीजल </span>94.08<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं कोलकाता में यह </span>109.70<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर के आसपास बताया जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले हफ्ते हुई </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">3<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की बढ़ोतरी के बाद भी कंपनियों का पूरा घाटा नहीं कवर हो पाया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा जानकारों का मानना है। अब मंगलवार को हुई इस नई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोग ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि डीजल की कीमतों में इजाफा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर सब्जियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज और रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा। छोटे व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही बाजार में मांग कमजोर है और अब ईंधन के महंगे होने से लागत और बढ़ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्सी और निजी वाहनों की संचालन लागत भी धीरे-धीरे ऊपर जा रही है।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहीं या और भी बढ़ गईं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में एक और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। रोजमर्रा की चीजों की कीमतें पहले से ही अधिक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में यह नई बढ़ोतरी आम बजट पर और भी भारी पड़ सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:33:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपये पहुंचा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल, इंदौर समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-diesel-again-expensive-petrol-reached-rs-11075-in-bhopal-price/article-53732"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मंगलवार से फिर से बढ़ा दी गई हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">90<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी कंपनियों ने तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। भोपाल में पेट्रोल </span>110.75<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर और डीजल </span>95.91<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए तक पहुंच गया है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर में पेट्रोल </span>110.79<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>95.97<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। उज्जैन में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा </span>111.27<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए तक पहुंच गई। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट पर चर्चा करते हुए नजर आए। कुछ का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बनी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जो कच्चा तेल </span>70<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल के आसपास था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अब </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर के पार पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इंडियन ऑयल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत पेट्रोलियम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी में बताया गया कि कंपनियों को हर महीने करीब </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था। ऐसे में कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आम लोगों को इससे राहत मिलती नहीं दिख रही। शहरों में ऑटो और बस किराए बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर सब्जियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और रोजमर्रा के सामान पर पड़ेगा। किसानों की चिंता भी बढ़ी हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई के लिए डीजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आखिर इतनी ज्यादा क्यों हो जाती हैं। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल की कीमत केवल शुरुआत होती है। इसके बाद रिफाइनिंग खर्च</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंपनियों का मार्जिन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्यों का वैट जुड़ जाता है। यही वजह है कि बेस प्राइस से कई गुना ज्यादा कीमत उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की अलग-अलग दरें होने की वजह से भोपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी रेट बदल जाते हैं। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान भी चर्चा में है जिसमें उन्होंने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को जरूरत के अनुसार करने की बात कही थी। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन का जिम्मेदारी से उपयोग करना जरूरी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 09:50:33 +0530</pubDate>
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