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                <title>Abu Dhabi - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Abu Dhabi RSS Feed</description>
                
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                <title>रीवा का सुंदरजा आम बना ग्लोबल ब्रांड, अबूधाबी जाएगी बड़ी खेप</title>
                                    <description><![CDATA[जीआई टैग से मिली नई पहचान, बेमिसाल मिठास और खुशबू के दम पर विदेशों में बढ़ी मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/rewas-sundarja-mango-becomes-global-brand-large-consignment-will-go/article-55991"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sundarja-mango-rewa.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के रीवा जिले का विश्व प्रसिद्ध सुंदरजा आम अब देश की सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी खास पहचान बना रहा है। अपनी अनोखी मिठास, मनमोहक खुशबू और रेशा-मुक्त बनावट के कारण यह आम लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है। रीवा की धरती पर पैदा होने वाला यह खास आम अब वैश्विक बाजार में एक प्रीमियम उत्पाद के रूप में देखा जा रहा है। इस साल इसकी एक बड़ी खेप अबूधाबी भेजी जाने की तैयारी है, जिसकी अग्रिम बुकिंग पहले ही हो चुकी है। इससे न केवल रीवा के किसानों और बाग मालिकों में उत्साह है, बल्कि पूरे क्षेत्र को आर्थिक रूप से भी फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सुंदरजा आम का इतिहास रीवा की रियासतकालीन विरासत से जुड़ा हुआ है। कभी यह आम केवल गोविंदगढ़ किले के शाही बगीचों तक सीमित था और राजघरानों की पसंद माना जाता था। समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और अब यह आम देश के कई बड़े शहरों के साथ विदेशों तक पहुंच चुका है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से हर साल बड़ी संख्या में लोग सुंदरजा आम की अग्रिम बुकिंग कराते हैं। इसके अलावा फ्रांस, इंग्लैंड, अमेरिका और खाड़ी देशों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा स्थित कुठुलिया फल अनुसंधान केंद्र में आम की लगभग 237 प्रजातियों पर शोध कार्य किया जाता है। इन सभी प्रजातियों में सुंदरजा आम को विशेष महत्व प्राप्त है। इसकी गुणवत्ता और विशिष्ट पहचान को देखते हुए इसे भौगोलिक संकेतक यानी जीआई टैग भी मिल चुका है। जीआई टैग मिलने के बाद इस आम की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग से न केवल उत्पाद की विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य भी मिलता है। सुंदरजा आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी रेशा-मुक्त बनावट है। आमतौर पर कई आमों में रेशे अधिक होते हैं, लेकिन सुंदरजा पूरी तरह मुलायम गूदे वाला होता है। इसके अलावा इसमें मिठास का स्तर संतुलित माना जाता है। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जाता है कि मधुमेह के मरीज सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं, हालांकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सलाह के लिए विशेषज्ञ की राय जरूरी होती है। इसकी सुगंध इतनी खास होती है कि आम खाने के बाद लंबे समय तक हाथों में इसकी खुशबू महसूस की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गोविंदगढ़ और कुठुलिया अनुसंधान केंद्र में उगाए जाने वाले सुंदरजा आमों के रंग में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। गोविंदगढ़ का सुंदरजा आम हल्की सफेद आभा लिए होता है, जबकि अनुसंधान केंद्र में उगने वाला आम हल्के हरे रंग का दिखाई देता है। हालांकि स्वाद और सुगंध दोनों ही जगहों के आमों की सबसे बड़ी पहचान हैं। फल वैज्ञानिकों का मानना है कि गोविंदगढ़ क्षेत्र की मिट्टी और वहां की जलवायु इस आम को विशिष्ट स्वाद प्रदान करती है। बाजार में बढ़ती मांग का असर बगीचों की नीलामी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिन बगीचों की बोली कुछ साल पहले एक लाख रुपये के आसपास लगती थी, उनकी कीमत अब कई गुना बढ़ चुकी है। इस वर्ष कुछ बगीचों की नीलामी 20 लाख रुपये से अधिक में हुई है। ठेकेदारों और व्यापारियों का कहना है कि सुंदरजा आम की मांग इतनी अधिक है कि उपलब्ध उत्पादन उसकी तुलना में कम पड़ रहा है। यही वजह है कि हर साल इसकी कीमत और लोकप्रियता दोनों बढ़ रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल ही में इंदौर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी सुंदरजा आम की चर्चा हुई थी। वहां मौजूद कई विदेशी प्रतिनिधियों ने इसके स्वाद और गुणवत्ता की सराहना की। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि और बढ़ी है। अबूधाबी भेजी जा रही खेप को इसी बढ़ती मांग का परिणाम माना जा रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में सुंदरजा आम की पहुंच और अधिक देशों तक होगी। फल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि उत्पादन और निर्यात को व्यवस्थित रूप से बढ़ाया जाए तो सुंदरजा आम रीवा की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत कर सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नया आधार मिलेगा। फिलहाल सुंदरजा आम की सफलता यह साबित कर रही है कि स्थानीय उत्पाद भी गुणवत्ता और पहचान के दम पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग जगह बना सकते हैं। रीवा का यह खास आम अब केवल एक फल नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और कृषि विरासत का प्रतीक बन चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>UAE संग हुई बड़ी डील, अब भारत के रिजर्व में रहेगा 3 करोड़ बैरल तेल</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी के UAE दौरे में भारत और UAE के बीच बड़ी ऊर्जा डील हुई. अब भारत के रिजर्व में 3 करोड़ बैरल तक कच्चा तेल स्टोर होगा.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-deal-made-with-uae-now-3-crore-barrels-of/article-53533"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-uae-oil-deal.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबू धाबी दौरे के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UAE) <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस डील के तहत अब </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 3 करोड़ बैरल तक कच्चा तेल स्टोर कर सकेगा। जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी साझा की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कहा गया कि दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के बीच इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (</span>ADNOC) <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच रणनीतिक सहयोग समझौता किया गया है। इसके जरिए </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">की भागीदारी भारत के तेल भंडारण ढांचे में और भी बढ़ जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे भारत को किसी भी वैश्विक संकट या सप्लाई रुकने की स्थिति में राहत मिल सकती है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच ये डील और भी महत्वपूर्ण हो जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इस समुद्री मार्ग से बड़े हिस्से का तेल व्यापार होता है। भारत और </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने इस दौरान समुद्र में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही पर भी जोर दिया। बातचीत में कहा गया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत ने हाल में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">पर हुए हमलों की निंदा भी की और उसके साथ एकजुटता जताई। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों के बीच केवल कच्चे तेल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>LNG <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्लाई को लेकर भी अहम सहमति बनी है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और </span>ADNOC <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच लॉन्ग टर्म </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्लाई एग्रीमेंट पर भी बातचीत आगे बढ़ी है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में स्ट्रैटेजिक गैस रिजर्व तैयार करने को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की बात की गई है। विदेश मंत्रालय ने </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">को भारत की ऊर्जा सुरक्षा का "महत्वपूर्ण साझेदार" बताया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार और तेजी से बढ़ सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऊर्जा क्षेत्र के अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे में निवेश और रक्षा सहयोग पर भी कई महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं। </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने भारत में करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर में होगा। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री सहयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिपबिल्डिंग और एडवांस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी समझौते हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक हालात को देखते हुए भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है और </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">के साथ हुआ ये डील उसी रणनीति का हिस्सा है। कहा जा रहा है कि आने वाले महीनों में भारत अपने स्ट्रैटेजिक रिजर्व को और मजबूत करने पर भी ध्यान दे सकता है ताकि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का असर घरेलू बाजार पर कम पड़े।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:34:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत और UAE के बीच हुई LPG और डिफेंस फ्रेमवर्क डील, 5 अरब डॉलर निवेश पर भी सहमति बनी</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी के UAE दौरे में LPG सप्लाई डील, डिफेंस फ्रेमवर्क और 5 अरब डॉलर निवेश पर सहमति बनी। भारत-यूएई रिश्ते और मजबूत हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/lpg-and-defense-framework-deal-signed-between-india-and-uae/article-53430"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-uae-relations-lpg-agreement.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात दौरा इस बार काफी महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक निर्णयों के लिए जाना गया। पाँच देशों की यात्रा के पहले चरण में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी शुक्रवार को यूएई की राजधानी अबू धाबी पहुंचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उनका शानदार स्वागत राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने किया। यह मुलाकात उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से ही मजबूत थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार की बातचीत ने इसे नए स्तर पर पहुंचा दिया। प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों के बीच ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्लाई डील और डिफेंस फ्रेमवर्क शामिल हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और यूएई ने एक नई रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने पर सहमति जताई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर एक एमओयू साइन किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लिक्विड पेट्रोलियम गैस (</span>LPG) <span lang="hi" xml:lang="hi">की आपूर्ति पर भी एक बड़ा समझौता हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत में ऊर्जा की आवश्यकताओं को स्थिर करने में मदद मिलने की संभावना है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात के वडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर विकसित करने पर भी सहमति बनी। निवेश के मोर्चे पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर</span>, RBL <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक और सम्मान कैपिटल में करीब 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इन निर्णयों को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे का माहौल कूटनीतिक गर्मजोशी से भरा रहा। जैसे ही </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ</span>, UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">वायुसेना के </span>F-<span lang="hi" xml:lang="hi">16 लड़ाकू विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सम्मान के रूप में देखा गया। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी का स्वागत करते हुए दोनों देशों की दोस्ती को "विशेष और ऐतिहासिक" बताया। वहीं</span>, PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी ने इस मुलाकात को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए कहा कि वे यूएई को अपना "दूसरा घर" मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल हालात में यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल जो तरीके से की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह सराहनीय है। बातचीत के दौरान</span>, PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी ने यूएई पर हाल के हमलों की निंदा की और इसे अस्वीकार्य बताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयम और संवाद की जरूरत पर जोर दिया। यूएई ने भी इस दौरे के दौरान भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञ इस दौरे को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा सहयोग और निवेश साझेदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। खासकर </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">डील और डिफेंस फ्रेमवर्क को आने वाले समय में रणनीतिक साझेदारी की रीढ़ माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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