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                <title>Competitive Exams - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Competitive Exams RSS Feed</description>
                
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                <title>महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर टीईटी-2026 स्थगित, बिहार और हरियाणा के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bihar-connection-three-accused-arrested-in-maharashtra-tet-paper-leak/article-57212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/maharashtra-tet-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की सीमा हटेगी, सीएम ने ड्राफ्ट निरस्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विवादित प्रस्तावित नियम वापस लेने के निर्देश दिए, अब दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को अपात्र ठहराने वाला प्रावधान हटाकर नया मसौदा तैयार किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-limit-of-two-children-for-government-jobs-in-madhya/article-55515"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-government-jobs.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर बड़ा फैसला लेते हुए दो बच्चों की सीमा संबंधी विवादित प्रावधान को वापस लेने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम-2026 के उस प्रस्तावित मसौदे को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को शासकीय सेवा के लिए अपात्र घोषित करने का प्रावधान शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद सामान्य प्रशासन विभाग को तत्काल प्रभाव से ड्राफ्ट हटाने और संशोधित प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार के इस कदम को लाखों युवाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से इस प्रस्तावित नियम को लेकर प्रदेशभर में चर्चा चल रही थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच इस प्रावधान को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। कई लोगों का मानना था कि यह नियम बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए अवसर सीमित कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग ने 6 जून 2026 को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम-2026 का प्रारूप जारी किया था। इस मसौदे में यह प्रावधान शामिल किया गया था कि जिन उम्मीदवारों की दो से अधिक जीवित संतान होंगी, उन्हें सरकारी सेवा के लिए अयोग्य माना जा सकता है। जैसे ही यह प्रस्ताव सार्वजनिक हुआ, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। कई वर्गों ने इसे कठोर और विवादास्पद कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे जनसंख्या नियंत्रण से जोड़कर समर्थन भी किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरे मामले की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि सरकार को विभिन्न पक्षों से सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजूदा ड्राफ्ट को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और इसे सरकारी पोर्टल से हटाया जाए। साथ ही नया संशोधित मसौदा तैयार किया जाए, जिसमें दो बच्चों की अधिकतम सीमा से जुड़ा प्रावधान शामिल न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">भोपाल में प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर काफी चर्चा रही। अधिकारियों के अनुसार सरकार का उद्देश्य ऐसा नियम बनाना है जो व्यावहारिक हो और व्यापक जनहित को ध्यान में रखे। इसी वजह से नए प्रारूप पर दोबारा काम किया जाएगा। माना जा रहा है कि विभाग जल्द ही संशोधित मसौदा सार्वजनिक कर सकता है, जिस पर फिर से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन युवाओं पर पड़ेगा जो आने वाले समय में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन मंडल और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। प्रस्तावित नियम लागू होने की स्थिति में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की पात्रता प्रभावित हो सकती थी। ऐसे में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अभ्यर्थियों के बीच राहत का माहौल देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्तमान में कार्यरत कई सरकारी कर्मचारी भी इस प्रस्ताव को लेकर चिंतित बताए जा रहे थे। कर्मचारियों के बीच यह आशंका थी कि भविष्य में सेवा संबंधी नियमों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया था, लेकिन प्रस्ताव सामने आने के बाद चर्चाओं का दौर लगातार जारी था। अब ड्राफ्ट वापस लिए जाने के बाद इन आशंकाओं पर भी विराम लग गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार ने जनभावनाओं और विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है। हाल के वर्षों में कई राज्यों में दो बच्चों की नीति को लेकर अलग-अलग प्रकार की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में इसे लेकर कानूनी और सामाजिक बहस भी सामने आई है। मध्य प्रदेश में भी प्रस्तावित नियम के सार्वजनिक होते ही इसी तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनुसार नया मसौदा तैयार करते समय भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी वर्ग के साथ अनावश्यक भेदभाव जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि संशोधित प्रारूप तैयार करने से पहले सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस फैसले को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता भी काफी हद तक समाप्त हो गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:06:00 +0530</pubDate>
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                <title>यूपीएससी ने जारी की सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 की आंसर-की, उम्मीदवारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार अंतिम परिणाम से पहले जारी हुई आंसर-की, अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/upsc-released-the-answer-key-of-civil-services-prelims-2026/article-54401"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आंसर-की जारी कर दी है। आयोग ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है, जब अंतिम परिणाम आने से पहले ही प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की सार्वजनिक की गई है। इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आंसर-की जारी होने के बाद अब लाखों उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान कर परीक्षा में संभावित प्रदर्शन का अनुमान लगा सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी की ओर से सामान्य अध्ययन पेपर-1 और सामान्य अध्ययन पेपर-2 यानी सीसैट की आंसर-की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने इसे पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, ताकि उम्मीदवार आसानी से डाउनलोड कर सकें। इसके साथ ही आयोग ने छात्रों को प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया भविष्य में परीक्षा प्रणाली को और अधिक जवाबदेह बना सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार आयोग के फैसले ने अभ्यर्थियों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। लंबे समय से उम्मीदवार मांग कर रहे थे कि प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की जल्दी जारी की जाए, ताकि वे अपने प्रदर्शन का सही आकलन कर सकें। पहले यूपीएससी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही आंसर-की जारी करता था। ऐसे में उम्मीदवारों को काफी इंतजार करना पड़ता था और कई बार उन्हें यह समझने में मुश्किल होती थी कि किन सवालों में गलती हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब आयोग के इस कदम से उम्मीदवारों को तैयारी की रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। जिन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी है, वे अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगाकर आगे की योजना बना सकेंगे। वहीं जिन उम्मीदवारों को कटऑफ को लेकर संशय है, उन्हें भी स्थिति स्पष्ट करने में आसानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीएससी का यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली पर उम्मीदवारों का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही अगर किसी प्रश्न या उत्तर में त्रुटि होती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी ने उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित प्रश्नों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भेज सकते हैं। इसके लिए आयोग ने प्रक्रिया और दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि सभी आपत्तियों की विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अंतिम उत्तरों में संशोधन किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली थी। कई राज्यों में गर्मी और मौसम की चुनौती के बावजूद छात्र परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही सोशल मीडिया और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म पर संभावित कटऑफ और उत्तरों को लेकर चर्चा चल रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कोचिंग संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा और परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी दिखाई देगी। कई शिक्षकों का मानना है कि भविष्य में अन्य भर्ती एजेंसियां भी इसी तरह की व्यवस्था अपना सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयन के लिए परीक्षा देते हैं। प्रारंभिक परीक्षा इस चयन प्रक्रिया का पहला चरण होती है, जिसके बाद मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उम्मीदवारों के बीच इस बार कटऑफ को लेकर भी काफी चर्चा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य अध्ययन पेपर-1 का स्तर मध्यम से कठिन रहा, जबकि सीसैट में गणित और तार्किक प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को चुनौती दी। हालांकि वास्तविक स्थिति अब आंसर-की जारी होने के बाद ज्यादा स्पष्ट होने लगी है। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों ने आयोग के इस फैसले की सराहना की है। छात्रों का कहना है कि इससे उन्हें तैयारी में दिशा मिलेगी और परिणाम का इंतजार करते समय अनिश्चितता कम होगी। कई उम्मीदवारों ने इसे छात्र हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि उम्मीदवार केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आंसर-की डाउनलोड करें और किसी भ्रामक जानकारी से बचें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम और कटऑफ बाद में अलग से जारी किए जाएंगे। अब अभ्यर्थियों की नजर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई है। वहीं शिक्षा जगत में यूपीएससी का यह कदम आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं के ढांचे में बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:47:51 +0530</pubDate>
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                <title>एमपी में भर्ती नियम बदलने की तैयारी, अब एक स्कोर कार्ड से कई नौकरियों में मिलेगा मौका</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश सरकार ईएसबी और पीएससी भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। अब पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड सिस्टम से भर्तियां होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/preparation-to-change-recruitment-rules-in-mp-now-one-score/article-53943"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-recruitment-rules.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश सरकार सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है। इसके तहत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हम ईएसबी भी कहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">के भर्ती नियमों का एक नया ड्राफ्ट तैयार किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब अधिकांश सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने की योजना है। सरकार ने इन नियमों पर 5 जून तक आम लोगों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभ्यर्थियों और संबंधित संस्थाओं से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की खबर के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच चर्चा बढ़ गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रस्तावित नियमों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भर्ती प्रक्रिया अब </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">पात्रता परीक्षा</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">स्कोर कार्ड सिस्टम</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">के आधार पर चलेगी। इसका मतलब यह है कि उम्मीदवारों को हर भर्ती के लिए अलग-अलग प्रारंभिक परीक्षा नहीं देनी होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें सामान्य पात्रता परीक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी पात्रता परीक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और शिक्षक पात्रता परीक्षा शामिल होंगी। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें स्कोर कार्ड दिया जाएगा। इस स्कोर कार्ड की मदद से उम्मीदवार विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड दो साल तक मान्य रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की पात्रता जीवनभर के लिए मानी जाएगी। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नौकरी के लिए आवेदन करते समय स्कोर कार्ड की वैधता सीमित अवधि तक होगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया और भी पारदर्शी और सरल होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे परीक्षाओं की संख्या भी कम हो सकती है। ड्राफ्ट में परीक्षा पैटर्न के बारे में भी जानकारी दी गई है। सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सामान्य ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करंट अफेयर्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गणित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉजिकल रीजनिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से संबंधित होंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इनमें से 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से पूछे जाएंगे। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026 का प्रारूप भी जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग की वेबसाइट पर इसका ड्राफ्ट उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं 5 जून 2026 तक ई-मेल और ऑनलाइन माध्यम से सुझाव भेज सकते हैं। इसके बाद आए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 10:48:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSC  परीक्षा  होते ही जारी हो जाएंगी आंसर-की जारी, छात्रों को क्या मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[UPSC CSE 2026 में नया नियम लागू, परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी होगी। जानें आपत्ति प्रक्रिया और छात्रों को क्या फायदा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/answer-key-will-be-released-as-soon-as-upsc-exam/article-53780"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-cse-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPSC CSE Answer Key <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 के बारे में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ लोक सेवा आयोग ने आखिरकार एक लंबे समय से चल रही मांग को मान लिया है। अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. अजय कुमार ने इसे एक नई शुरुआत बताया है और कहा है कि इससे उम्मीदवारों के साथ संवाद और अधिक स्पष्टता के साथ किया जा सकेगा। पहले आंसर-की परीक्षा और रिजल्ट के काफी समय बाद जारी होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों को अपनी उत्तर कुंजी की जांच करने और किसी भी गलती पर आपत्ति दर्ज कराने का बहुत ही सीमित मौका मिलता था। कई उम्मीदवार लंबे समय से इस प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आयोग ने उसी दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस नए नियम के तहत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों को प्रोविजनल आंसर-की देखने का मौका मिलेगा और वे उस पर अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए आयोग ने 31 मई की शाम 6 बजे तक आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करने की एक समय सीमा निर्धारित की है। यह प्रक्रिया </span>UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">की आधिकारिक वेबसाइट </span>upsconline.nic.in <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मौजूद </span>‘Online Question Paper Representation Portal (QPRep)’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के माध्यम से की जाएगी। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि आपत्ति दर्ज करने के लिए केवल दावा करना ही काफी नहीं होगा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें अपने दावे के समर्थन में ठोस और प्रमाणिक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोत या समर्थन प्राप्त प्रूफ अपलोड करना अनिवार्य होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी भी उत्तर पर निष्पक्षता से पुनर्विचार किया जा सके। इसके बाद एक्सपर्ट्स की एक टीम सभी आपत्तियों की गहराई से समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर आंसर-की में संशोधन भी किया जाएगा। अंतिम आंसर-की तभी जारी की जाएगी जब सभी आपत्तियों की विस्तृत समीक्षा पूरी हो जाएगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति पर पड़ेगा। पहले</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां छात्रों को रिजल्ट आने तक यह पता नहीं चलता था कि उनके प्रदर्शन का क्या हाल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब परीक्षा के तुरंत बाद एक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी। खासकर उन छात्रों के लिए यह अच्छा होगा जो कट-ऑफ के आसपास होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि हर अंक उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अब वे जल्दी समझ सकेंगे कि उन्हें मेंस परीक्षा की तैयारी तेज करनी है या फिर फिर से प्रीलिम्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रतियोगी छात्रों की रणनीति बनाने में भी मदद करेगा। इससे अनिश्चितता की स्थिति कम होगी और तैयारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। कुल मिलाकर</span>, UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">का यह निर्णय परीक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लाखों उम्मीदवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:16:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अब अगले साल से ऑनलाइन होगी नीट की परीक्षा, 21 जून को होगा दोबारा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द, अब 21 जून को रीएग्जाम होगा। शिक्षा मंत्री ने अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा का ऐलान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-neet-exam-will-be-online-from-next-year-re-exam/article-53453"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-re-exam-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस साल हुई परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुष्टि हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">का रीएग्जाम 21 जून को होगा। यह परीक्षा पहले की तरह पेपर-पेंसिल के तरीके से ही आयोजित की जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अगले साल से इसे ऑनलाइन कराने की तैयारी चल रही है। सरकार इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का दबाव है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">7 मई को गड़बड़ी की पहली जानकारी मिली थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद एनटीए ने सरकार को रिपोर्ट भेजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार यह नहीं चाहती थी कि किसी भी गलत तरीके से फायदा उठाने वाले उम्मीदवार का चयन हो। उन्होंने माना कि यह निर्णय आसान नहीं था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हालात ऐसे थे कि परीक्षा रद्द करना पड़ा। रीएग्जाम में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा और वे अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र का चुनाव कर सकेंगे। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो दूसरे राज्यों में सेंटर मिलने की परेशानी का सामना कर रहे थे। इस साल 3 मई को परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की समस्याएं सामने आई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सोशल मीडिया पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मामला जांच एजेंसियों तक पहुंच गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिक्षा मंत्री ने कहा कि राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद इतनी बड़ी चूक कैसे हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बार सरकारी मशीनरी को पहले से ज्यादा सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दोबारा कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने अपने आप को सिर्फ मंत्री नहीं बल्कि एक अभिभावक भी बताया और कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए यह कठिन निर्णय लेना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की यात्रा और सुविधा को लेकर राज्य सरकारों से बातचीत की जाएगी। कई राज्यों में छात्रों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी की जा सकती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक मामले में </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की जांच तेजी से चल रही है। एजेंसी अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें राजस्थान से मांगी लाल बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनेश बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। इन सभी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से सात दिन की कस्टडी मंजूर हुई। इससे पहले पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और नासिक के धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी भी हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसियों को कई राज्यों में फैले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की उम्मीद की जा रही है। इस पूरे मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 16:51:30 +0530</pubDate>
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