<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/monsoon/tag-13594" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Monsoon - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/13594/rss</link>
                <description>Monsoon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रायपुर में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 3 एकड़ की अवैध प्लाटिंग भी ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने जलभराव रोकने और अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाते हुए पंडरी, सुखराम नगर और ब्रम्हदेईपारा में अतिक्रमण हटाया, अवैध प्लाटिंग पर भी बड़ी कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bulldozer-runs-on-illegal-encroachments-in-raipur-illegal-plotting-of/article-58486"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रायपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया। निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए नालों पर किए गए अतिक्रमण हटाए, अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया और बिना अनुमति किए गए निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत पंडरी कपड़ा बाजार के दुर्गा नगर क्षेत्र में नाले पर बने अवैध पाटे को तोड़ा गया, जबकि सुखराम नगर में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नालों पर कब्जों के कारण जल निकासी बाधित होती है, जिससे आसपास की बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति किए गए कब्जों, अवैध प्लाटिंग और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर विभिन्न जोनों की टीमों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन का कहना है कि शहर को जलभराव मुक्त बनाने और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।</p>
<p>कार्रवाई की शुरुआत पंडरी स्थित प्रकाश होलसेल मार्केट के सामने से की गई, जहां नाले पर करीब 100 वर्गफीट का अवैध पाटा बनाकर कब्जा किया गया था। नगर निगम के अनुसार संबंधित दुकान संचालक ने नाले के ऊपर निर्माण कर लिया था, जिससे नाले की नियमित सफाई प्रभावित हो रही थी। बारिश के दौरान यही अतिक्रमण दुर्गा नगर और आसपास की बस्तियों में जलभराव की बड़ी वजह बन रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण को हटा दिया। अधिकारियों ने बताया कि मानसून में नालों की सफाई और पानी की निर्बाध निकासी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी कारण ऐसे सभी निर्माणों को हटाया जा रहा है, जो जल निकासी में बाधा बन रहे हैं। इसके साथ ही नगर निगम की जोन-1 नगर निवेश विभाग की टीम ने संत कबीर दास वार्ड क्रमांक-3 के सुखराम नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग तीन एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लाटिंग के लिए बनाई गई मुरम सड़क को काट दिया, प्रवेश मार्ग बंद कर दिया और तैयार की गई नींव को भी ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के विकास को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की कानूनी या मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम ने संबंधित भूमि के वास्तविक स्वामित्व की जानकारी प्राप्त करने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भी भेजा है। भूमि मालिक की जानकारी मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इसी अभियान के दौरान वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 के ब्रम्हदेईपारा क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यहां नाले के किनारे बनाई गई एक अवैध झोपड़ी को हटाया गया, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। निगम अधिकारियों के अनुसार मानसून में शहर के संवेदनशील इलाकों में जलभराव रोकने के लिए ऐसे सभी अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। नगर निगम का कहना है कि बिना अनुमति किए गए निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि बारिश के दौरान नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। इसलिए भविष्य में भी अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग न करें और नगर नियोजन से जुड़े नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षित आवासीय वातावरण के लिए अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। नगर निगम लगातार ऐसे क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है, जहां अवैध प्लाटिंग या नालों पर कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bulldozer-runs-on-illegal-encroachments-in-raipur-illegal-plotting-of/article-58486</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bulldozer-runs-on-illegal-encroachments-in-raipur-illegal-plotting-of/article-58486</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:49:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/raipur-news-%283%29.jpg"                         length="277550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली कटौती पर हाईकोर्ट की सख्ती, कहा- सिर्फ योजना नहीं, जनता को जमीन पर राहत दिखनी चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[बार-बार बिजली गुल होने पर शासन ने पेश किया एक्शन प्लान, हाईकोर्ट ने प्रगति रिपोर्ट मांगी; अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/high-courts-strictness-on-power-cuts-said-not-just/article-58286"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bilaspur-power-cut.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिलासपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के रवैये पर सख्त टिप्पणी की है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया गया है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट होने के बजाय स्पष्ट कहा कि केवल कागजों पर योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। जब तक उनका असर जमीन पर दिखाई नहीं देगा और आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे दावों का कोई खास महत्व नहीं रहेगा। कोर्ट ने प्रशासन को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने और प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से ऊर्जा सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रबंध निदेशक ने अपना जवाब अदालत में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तर पर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नौ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों के तहत बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की योजना तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल यह पूरा मामला बिलासपुर में कुछ दिनों पहले हुई भारी बारिश और तेज आंधी के बाद सामने आया था। शहर के कई हिस्सों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालात ऐसे थे कि वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले कलेक्ट्रेट और सिविल लाइन जैसे इलाकों में भी लंबे समय तक बिजली नहीं रही। इससे आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों ने लगातार बिजली गुल रहने, बार-बार फॉल्ट आने और विभाग की धीमी कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई थी। इस घटना के बाद मीडिया में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः जनहित याचिका के रूप में मामले की सुनवाई शुरू की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े सुधार प्रस्तावित हैं। शहर में अब पुराने और क्षतिग्रस्त सीमेंट के बिजली खंभों की जगह लोहे के पोल लगाए जाएंगे, ताकि तेज हवा या अन्य कारणों से बार-बार खंभे गिरने की समस्या कम हो सके। इसके अलावा जहां नए बिजली पोल लगाए जाएंगे, वहां भी स्टील के खंभों का ही उपयोग किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और स्थायी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से समाधान करने और बढ़ते लोड को नियंत्रित करने के लिए शहर में दो नए सप्लाई जोन बनाने की योजना भी तैयार की गई है। मंगला और कोनी क्षेत्रों को नए सप्लाई जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण एवं सामान्य विकास योजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से ऐसे क्षेत्रों में खुले बिजली तार हटाकर कवर्ड केबल बिछाई जाएगी, जहां बार-बार फॉल्ट की समस्या सामने आती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि शहर में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए नए सब-स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक मुख्य सब-स्टेशन और दो 33/11 केवी क्षमता वाले नए सब-स्टेशन बनाने के लिए जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। वहीं पेड़ों की शाखाओं से बिजली लाइनों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए अतिरिक्त स्काईलिफ्ट वाहन तैनात किए जाएंगे। विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियों की प्रक्रिया भी शुरू करने की जानकारी अदालत को दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से भी शपथ पत्र पेश किया गया। निगम आयुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विकास भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहां अधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निगम ने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 से ही शहर के सभी आठ जोनों में नालियों की सफाई और गाद निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य की जियो-टैग्ड तस्वीरें भी अदालत में प्रस्तुत की गई हैं। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए 14 विशेष वाहनों का बेड़ा भी चौबीसों घंटे तैयार रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन सभी दावों के बावजूद हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बनाई गई योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। यदि बारिश के दौरान फिर बिजली गुल होती है या सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनती है, तो इसका अर्थ होगा कि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हुआ। अदालत ने निर्देश दिया कि मानसून के पूरे दौर में बिजली आपूर्ति यथासंभव निर्बाध रखी जाए और किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान किया जाए। डिवीजन बेंच ने नगर निगम आयुक्त और ऊर्जा सचिव को निर्देश दिया है कि वे शपथ पत्र के साथ विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि अब तक घोषित योजनाओं पर कितना काम हुआ है और जनता को उसका क्या लाभ मिला है। अदालत ने यह भी कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाकर फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर शहर की व्यवस्था में साफ दिखाई देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/high-courts-strictness-on-power-cuts-said-not-just/article-58286</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/high-courts-strictness-on-power-cuts-said-not-just/article-58286</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bilaspur-power-cut.jpg"                         length="167834"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून तैयारियों पर सख्त हुए कलेक्टर, सभी पीएचसी में एंटीवेनम वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[बलौदाबाजार में स्वास्थ्य सेवाओं, बाढ़ प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा; अस्पतालों, क्विक रिस्पॉन्स टीम और कंट्रोल रूम को अलर्ट रहने के आदेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/collector-becomes-strict-on-monsoon-preparations-instructions-to-keep-antivenom/article-58200"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/balodabazar-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मानसून के दौरान संभावित स्वास्थ्य और आपदा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़े। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों, जरूरी उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार शुरू किया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने भी भाग लिया।</p>
<p>कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पूरे स्वास्थ्य अमले को अलर्ट मोड पर रखा जाए और किसी भी क्षेत्र से बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। विकासखंड स्तर पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव या मोहल्ले में अचानक बुखार, डायरिया, उल्टी या अन्य संक्रामक बीमारी के मामले सामने आते हैं तो टीम तुरंत मौके पर पहुंचे और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए। अधिकारियों के अनुसार समय रहते कार्रवाई होने से बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।</p>
<p>बैठक में मितानिनों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मितानिनें अपनी दवा पेटी में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखें और नियमित रूप से घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लें। यदि किसी परिवार में कोई व्यक्ति बीमार मिले या संक्रामक बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दी जाए। साथ ही लोगों को साफ-सफाई, हाथ धोने, उबला या स्वच्छ पानी पीने और खुले में रखे भोजन से बचने के बारे में जागरूक करने को भी कहा गया। प्रशासन का मानना है कि गांव स्तर पर सक्रिय निगरानी से कई बीमारियों को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p>बरसात के मौसम में पेयजल की शुद्धता भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल रही। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी पेयजल स्रोतों की जांच समय पर पूरी की जाए और जहां जरूरत हो वहां क्लोरीनीकरण कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि दूषित पानी के कारण डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल लगातार उपलब्ध हो।</p>
<p>बैठक के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा राहत दलों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिले के पांच चिन्हित पुलों पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर आवागमन अस्थायी रूप से रोकने की तैयारी रखने को कहा गया। जिला कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>कृषि क्षेत्र की तैयारियों की भी बैठक में समीक्षा की गई। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी समिति में उर्वरक या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई और पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>समय-सीमा बैठक में जिले में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। राजस्व प्रकरणों के निराकरण, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाइन, सीपी ग्राम्स और सड़क तथा पुल-पुलिया निर्माण से जुड़े मामलों की प्रगति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित मामलों का जल्द समाधान करने और आम नागरिकों की शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की भी सलाह दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान छोटी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए स्वास्थ्य, पेयजल, राहत एवं बचाव, कृषि और राजस्व विभाग लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहें और किसी भी स्थिति में तत्काल संयुक्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं बल्कि पहले से ऐसी तैयारी करना है जिससे लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/collector-becomes-strict-on-monsoon-preparations-instructions-to-keep-antivenom/article-58200</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/collector-becomes-strict-on-monsoon-preparations-instructions-to-keep-antivenom/article-58200</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:53:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/balodabazar-news-%282%29.jpg"                         length="181021"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल-राजगढ़ वैकल्पिक मार्ग बंद, पार्वती नदी का बढ़ा जलस्तर बना वजह</title>
                                    <description><![CDATA[बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर अस्थायी डायवर्जन जलमग्न, प्रशासन ने आवागमन पर तत्काल रोक लगाई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-rajgarh-alternative-route-closed-due-to-increased-water-level-of/article-58066"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-news-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर बारिश का असर साफ दिखाई देने लगा है। पार्वती नदी पर बने अस्थायी वैकल्पिक मार्ग को प्रशासन ने अगले आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिया है। सोमवार देर रात बैरसिया के एसडीएम आशुतोष शर्मा ने आदेश जारी करते हुए इस मार्ग से सभी प्रकार के आवागमन पर रोक लगा दी। प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे नदी के बीच बनाया गया अस्थायी डायवर्जन पूरी तरह पानी में डूब गया है। तेज बहाव को देखते हुए इस रास्ते से गुजरना बेहद जोखिमपूर्ण माना गया है। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर निर्मित अस्थायी वैकल्पिक रास्ता अब सुरक्षित नहीं है। नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तेज बहाव के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा संकेतक स्पष्ट रूप से स्थापित किए जाएं ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम उठाकर इस मार्ग का उपयोग न करे। अधिकारियों को मौके पर लगातार निगरानी रखने और लोगों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासन ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस विभाग, जनपद पंचायत और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को सौंपी है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाए, ताकि कोई भी वाहन या व्यक्ति बंद किए गए रास्ते से गुजरने का प्रयास न कर सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह आदेश आगामी निर्देश जारी होने तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह अस्थायी वैकल्पिक मार्ग उस समय तैयार किया गया था जब पार्वती नदी पर बना करीब 49 वर्ष पुराना पुल जनवरी 2025 में क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल के एक हिस्से में धंसाव आने के बाद एहतियातन उस पर आवागमन रोक दिया गया था। इसके बाद स्टॉप डैम से पानी खाली कर नदी के बीच अस्थायी डायवर्जन बनाया गया, जिससे बैरसिया और नरसिंहगढ़ के बीच यातायात फिर से शुरू हो सका। बारिश शुरू होने से पहले तक इसी मार्ग से बसें, ट्रक, कारें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और दोपहिया वाहन नियमित रूप से गुजर रहे थे। लेकिन अब नदी का जलस्तर बढ़ने से यह रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से कई वाहन चालक खतरा उठाकर पानी से भरे इस मार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा था। पिछले वर्ष भी इसी मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं। अक्टूबर में एक यात्री बस पानी के बीच तिरछी होकर फंस गई थी, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था। वहीं हाल ही में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी अस्थायी सड़क से फिसलकर स्टॉप डैम के पानी में गिर गई थी। सौभाग्य से उसमें सवार चारों लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन इन घटनाओं ने इस मार्ग की जोखिमपूर्ण स्थिति को फिर उजागर कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पार्वती नदी पर बना यह पुल केवल भोपाल और राजगढ़ जिलों के बीच संपर्क का माध्यम नहीं है, बल्कि कई अन्य जिलों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यह पुल भोपाल, राजगढ़, गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए प्रमुख रास्ता रहा है। साथ ही यह आगरा-बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ता है। जब पुल पूरी तरह चालू था, तब प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और मालवाहक वाहन इस मार्ग का उपयोग करते थे। पुल बंद होने के बाद भी अस्थायी डायवर्जन से हजारों लोगों की आवाजाही जारी रही, लेकिन अब बारिश के कारण यह विकल्प भी बंद हो गया है। पार्वती नदी का यह पुल वर्ष 1976 में बनाया गया था। पिछले करीब पांच दशकों में इसकी केवल दो बार मरम्मत हुई। अंतिम बार वर्ष 2019-20 में पुल की मरम्मत कराई गई थी। नियमित रखरखाव की कमी और समय के साथ बढ़ते दबाव के कारण पुल की स्थिति लगातार खराब होती गई। जनवरी 2025 में पुल के धंसने के बाद इसकी जर्जर हालत सामने आई और सुरक्षा कारणों से इसे बंद करना पड़ा। अब स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि हर मानसून में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-rajgarh-alternative-route-closed-due-to-increased-water-level-of/article-58066</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-rajgarh-alternative-route-closed-due-to-increased-water-level-of/article-58066</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:37:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-news-%284%29.jpg"                         length="132072"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीकेंड का नया ठिकाना: भोपाल के ये 4 इवेंट्स आपके हफ्ते को बना देंगे बेहद खास!</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून फोटोग्राफी वॉक, लाइव म्यूज़िक नाइट, स्ट्रेस हीलिंग टूर और बच्चों के लिए फार्म फन डे—जानिए इस वीकेंड भोपाल में कहाँ मिलेगा मनोरंजन, सुकून और नए अनुभवों का बेहतरीन संगम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/these-4-events-of-bhopal-the-new-weekend-destination-will/article-57964"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-weekend-events.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल, जिसे हम 'झीलों की नगरी' के नाम से जानते हैं, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और समृद्ध संस्कृति के लिए मशहूर है। मानसून की दस्तक के साथ ही इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। अगर आप भी इस बदलते मौसम में बोरियत महसूस कर रहे हैं और भोपाल में कुछ नया, रोमांचक या सुकून देने वाला तलाश रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है!</p>
<p>इस बार शहर में ऐसे कई शानदार इवेंट्स हो रहे हैं जो न केवल आपको मानसिक शांति देंगे, बल्कि आपके परिवार और बच्चों के लिए भी मनोरंजन का बेहतरीन जरिया बनेंगे। आइए जानते हैं भोपाल के इन 4 सबसे चर्चित इवेंट्स के बारे में, जहाँ आपको इस वीकेंड जरूर जाना चाहिए।</p>
<h5><strong>1. मानसून फोटोग्राफी वॉक (Monsoon Photography Walk)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: सुबह 05:30 बजे से शुरू</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वन विहार एंट्री गेट, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹99 </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>क्यों जाएं इस वॉक पर?</strong></h5>
<p>यह वॉक मानसून के मौसम में भोपाल की खूबसूरत प्रकृति और हरियाली को कैमरे में कैद करने का एक बेहतरीन मौका है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सुबह के समय शांत माहौल में सीखने और घूमने का यह शानदार अनुभव होगा। यहाँ आपको न केवल बेहतरीन तस्वीरें खींचने का मौका मिलेगा, बल्कि समान विचारधारा वाले लोगों से मिलने और फोटोग्राफी की बारीकियों को सीखने का अवसर भी मिलेगा। सुबह की पहली किरण के साथ धुंध और ओस की बूंदों के बीच घूमना आपके पूरे हफ्ते की थकान को मिटा देगा।</p>
<h5><strong>2. ज़ोका कैफ़े लाइव जैमिंग और एकोस्टिक नाइट (Zoca Café Live Jamming &amp; Acoustic Night)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 05:00 बजे से रात 08:00 बजे तक</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: ज़ोका कैफे, 10 नंबर मार्केट, भोपाल</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>क्यों है यह खास?</strong></h5>
<p>शाम को दोस्तों के साथ रिलैक्स करने और लाइव एकोस्टिक म्यूज़िक का आनंद लेने के लिए यह एक परफेक्ट जगह है। यहाँ आप बिना किसी एंट्री फीस के बेहतरीन संगीत के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का मज़ा ले सकते हैं। गिटार की धुनों और सुरीली आवाजों के बीच जब आप अपनी पसंदीदा कॉफी या स्नैक्स का आनंद लेते हैं, तो वो पल बेहद खुशनुमा बन जाता है। यदि आप खुद भी गाने या बजाने के शौकीन हैं, तो आप भी इस ओपन जैमिंग सेशन का हिस्सा बन सकते हैं।</p>
<h5><strong>3. वेलनेस विद काउज़: स्ट्रेस एंड एंग्जायटी हीलिंग टूर (Wellness with Cows: Stress &amp; Anxiety Healing Tour)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 04:00 बजे से (6 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक, अवधि: 1 घंटा)</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹249</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>मानसिक शांति का अनोखा जरिया:</strong></h5>
<p>यह अनोखा टूर मानसिक तनाव और चिंता से राहत पाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जहाँ आप गायों के बीच रहकर असीम शांति महसूस कर सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से भी यह सिद्ध हो चुका है कि गायों के साथ समय बिताने, उन्हें सहलाने और उनके करीब रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स (जैसे ऑक्सीटोसिन) रिलीज होते हैं। यह 1 घंटे का सेशन आपके मन को गहरी सकारात्मक ऊर्जा और थेरेपी देता है, जिससे आप खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।</p>
<h5><strong>4. फीड एंड प्ले: ए किड्स फार्म फन डे (Feed &amp; Play: A Kids Farm Fun Day)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 04:00 बजे</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹249 (प्रति व्यक्ति)</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>बच्चों के लिए क्यों जरूरी है यह इवेंट?</strong></h5>
<p>यह बच्चों के लिए एक बेहद मनोरंजक और सीख देने वाला इवेंट है, जहाँ वे फार्म के जानवरों से करीब से जुड़ सकते हैं। यहाँ बच्चे सुरक्षित माहौल में जानवरों को अपने हाथों से चारा खिलाने और उनके साथ खेलने की गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इस तरह के अनुभव से बच्चों में दयाभाव, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित होता है। साथ ही, खुले मैदान में दौड़ने-भागने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। भोपाल में हो रहे ये चारों इवेंट्स अपने आप में बेहद अलग और खास हैं। जहाँ एक तरफ मानसून फोटोग्राफी वॉक आपको प्रकृति के करीब ले जाती है, वहीं ज़ोका कैफ़े की शाम आपकी सोशल लाइफ को मजेदार बनाती है। दूसरी ओर, वृंदावन आश्रम गौशाला में होने वाले दोनों इवेंट्स (वेलनेस टूर और किड्स फन डे) आत्मा को सुकून देने वाले और परिवार के लिए एकदम सही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/these-4-events-of-bhopal-the-new-weekend-destination-will/article-57964</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/these-4-events-of-bhopal-the-new-weekend-destination-will/article-57964</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:04:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-weekend-events.jpg"                         length="136769"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में स्किन इंफेक्शन से बचना है? जानिए एक्सपर्ट्स का सही स्किनकेयर रूटीन</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं त्वचा संबंधी समस्याएं, जानिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए आसान उपाय और स्किन केयर टिप्स जो त्वचा को रखेंगे स्वस्थ और सुरक्षित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/adopt-proper-skincare-in-monsoon-to-avoid-fungal-infections-and/article-57958"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/monsoon-skin-care-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह त्वचा संबंधी कई समस्याओं को भी साथ लेकर आता है। लगातार बढ़ी हुई नमी, पसीना, गीले कपड़े और बैक्टीरिया-फंगस के तेजी से पनपने के कारण मानसून में स्किन इंफेक्शन, खुजली, रैशेज, दाद, फंगल संक्रमण और एलर्जी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। यदि इस मौसम में त्वचा की सही देखभाल न की जाए तो छोटी-सी समस्या भी गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में स्किन को साफ, सूखा और हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी होता है। सही स्किनकेयर रूटीन अपनाकर न केवल संक्रमण से बचा जा सकता है, बल्कि त्वचा को स्वस्थ और चमकदार भी बनाए रखा जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नमी बढ़ने से क्यों बढ़ता है स्किन इंफेक्शन?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक रहती है। इससे त्वचा पर पसीना लंबे समय तक बना रहता है। गीली त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से विकसित होते हैं, जिससे खुजली, लाल चकत्ते, फंगल इंफेक्शन और दाद जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। पैरों की उंगलियों के बीच, बगल, गर्दन और कमर जैसे हिस्सों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दिन में दो बार करें त्वचा की सफाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान चेहरे और शरीर को दिन में कम से कम दो बार साफ करना चाहिए। अपनी त्वचा के अनुसार माइल्ड फेसवॉश और बॉडी क्लेंजर का उपयोग करें। बाहर से घर लौटने के बाद चेहरे और हाथ-पैरों की सफाई अवश्य करें ताकि धूल, पसीना और बैक्टीरिया त्वचा पर जमा न रहें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>त्वचा को हमेशा सूखा रखें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही कपड़े बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। खासकर पैरों की उंगलियों, बगल और त्वचा की सिलवटों को अच्छी तरह पोंछें। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से फंगल संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हल्का मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कई लोग सोचते हैं कि बारिश में मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, जबकि ऐसा नहीं है। ऑयल-फ्री या जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर त्वचा को हाइड्रेट रखता है और उसकी प्राकृतिक नमी बनाए रखने में मदद करता है। इससे त्वचा रूखी होने और जलन की समस्या भी कम होती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">सनस्क्रीन का इस्तेमाल जारी रखें</h5>
<p style="text-align:justify;">बादल छाए रहने के बावजूद सूरज की यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए मानसून में भी बाहर निकलते समय एसपीएफ़ युक्त सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। यह त्वचा को टैनिंग, पिगमेंटेशन और समय से पहले बूढ़ा होने से बचाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूती कपड़े पहनें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा विकल्प है। सूती कपड़े पसीना जल्दी सोख लेते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं। सिंथेटिक या टाइट कपड़े पहनने से त्वचा में रगड़ बढ़ती है, जिससे रैशेज और संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैरों की सफाई पर दें विशेष ध्यान</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश में सबसे ज्यादा संक्रमण पैरों में होता है। बाहर से आने के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। यदि जूते गीले हो जाएं तो उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा पहनें। रोज साफ और सूखे मोजे पहनने की आदत डालें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संतुलित आहार भी है जरूरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार भी जरूरी है। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दही, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ त्वचा की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्किन इंफेक्शन होने पर क्या करें?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, पानी वाले दाने या फंगल संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम या दवाओं का इस्तेमाल करने से संक्रमण और गंभीर हो सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किन बातों का रखें विशेष ध्यान?</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गीले कपड़े तुरंत बदलें।</li>
<li>तौलिया और कपड़े किसी के साथ साझा न करें।</li>
<li>रोजाना साफ कपड़े पहनें।</li>
<li>त्वचा को ज्यादा देर तक गीला न रहने दें।</li>
<li>संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करें।</li>
<li>संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मानसून में सही स्किनकेयर ही सबसे बड़ा बचाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश का मौसम आनंद और ताजगी लेकर आता है, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। यदि नियमित सफाई, सही स्किनकेयर, संतुलित खानपान और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो मानसून में भी त्वचा को स्वस्थ, सुरक्षित और संक्रमण मुक्त रखा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/adopt-proper-skincare-in-monsoon-to-avoid-fungal-infections-and/article-57958</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/adopt-proper-skincare-in-monsoon-to-avoid-fungal-infections-and/article-57958</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/monsoon-skin-care-%282%29.jpg"                         length="216491"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, टूटा पुल-कीचड़ में अंतिम यात्रा; तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सूरजपुर में बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने को मजबूर ग्रामीण, सक्ती में सड़क न होने से एक किलोमीटर कीचड़ में निकली शवयात्रा; कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/rain-became-a-disaster-in-chhattisgarh-bridge-broken-last-journey/article-57892"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-rain.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के बीच कई जिलों से सामने आई तस्वीरें ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी उजागर कर रही हैं। सूरजपुर जिले के खड़गवा-गुडरूडांड गांव में पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए उफनती नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में परिजन छोटे-छोटे बच्चों को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते दिखाई दे रहे हैं। तेज बहाव के बीच बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की यह मजबूरी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और इसकी जानकारी कई बार प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ। पुल खराब होने से स्कूल, अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर सक्ती जिले के सोंठी गांव से भी एक मार्मिक तस्वीर सामने आई। यहां श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। गांव में एक बुजुर्ग महिला का निधन होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव को करीब एक किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा। बारिश के कारण रास्ता पूरी तरह फिसलन भरा हो गया था, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है। श्मशान तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।</p>
<p style="text-align:justify;">कबीरधाम जिले में भी बारिश के कारण बड़ा हादसा टल गया। ढोलढोली रपटा मार्ग पर तेज बहाव के बीच यात्रियों से भरी एक पिकअप वाहन फंस गई। वाहन में करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तुमान में खेत में काम कर रहे 75 वर्षीय किसान धनीराम पटेल की बिजली गिरने से मौत हो गई। इस हादसे में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार जारी है। इससे पहले सक्ती जिले में भी बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में काम करने से बचने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य संभागों में भी कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हुई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सक्रिय मानसून के कारण वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर में भी शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की गई है। साथ ही भारी बारिश वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। लगातार हो रही बारिश ने जहां किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति भी उजागर कर दी है। क्षतिग्रस्त पुल, कीचड़ भरे रास्ते और जलभराव जैसी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/rain-became-a-disaster-in-chhattisgarh-bridge-broken-last-journey/article-57892</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/rain-became-a-disaster-in-chhattisgarh-bridge-broken-last-journey/article-57892</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 18:45:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/chhattisgarh-rain.jpg"                         length="164903"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्यप्रदेश में अल्पवर्षा की आशंका पर सरकार अलर्ट, हर जिले में बनेगी जल संकट आकस्मिक योजना</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभावित कम बारिश से निपटने के लिए सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। जल डैशबोर्ड, कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान, जल संरक्षण अभियान और किसानों के लिए वैज्ञानिक खेती पर विशेष जोर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/government-alert-on-possibility-of-short-rainfall-in-madhya-pradesh/article-57709"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश में संभावित अल्पवर्षा की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जल संकट, कृषि, सिंचाई और पेयजल प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट से निपटने के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग और पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए आधुनिक जल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जिससे जलाशयों, भूजल और पेयजल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। सरकार का कहना है कि समय रहते वैज्ञानिक योजना और विभागों के बेहतर समन्वय से संभावित अल्पवर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संभावित कम बारिश को केवल संकट के रूप में नहीं बल्कि बेहतर योजना और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसानों तक समय पर सही जानकारी और तकनीकी सलाह पहुंचाई जाए ताकि मौसम की चुनौती के बावजूद कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर न्यूनतम असर पड़े। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित कई विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर, कोदो और कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देती हैं और किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हो सकती हैं। इसके साथ ही किसानों से जल्दबाजी में बुआई नहीं करने की अपील करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार चाहती है कि खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए ताकि फसलों को शुरुआती नुकसान से बचाया जा सके। बैठक में आधुनिक कृषि तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की सलाह गांव-गांव तक पहुंचाई जाए ताकि किसान अपने क्षेत्र की जल उपलब्धता और मौसम के अनुसार उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाने की योजना तैयार की गई है। साथ ही कम अवधि में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत बीज किस्मों के उपयोग को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जल प्रबंधन को लेकर सरकार ने कई दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम शुरू करने का फैसला किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक गांव की समीक्षा की जाएगी और बंद या अधूरी नल-जल योजनाओं की मरम्मत के लिए 90 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं शहरी निकायों में वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान कर टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार की जाएगी। अमृत 2.0 योजना के तहत लंबित जल प्रदाय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने "जलाभिषेक 2.0" अभियान के तहत प्रदेश के पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का सर्वे और पुनर्जीवन करने की योजना बनाई है। मनरेगा के समन्वय से प्रत्येक विकासखंड में कम से कम 100 जल संरचनाओं को अगले दो वर्षों में पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके अलावा भूजल पुनर्भरण अभियान के अंतर्गत रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम और खेत-तालाब निर्माण को मिशन मोड में पूरा किया जाएगा। सरकार "खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में" की अवधारणा को भी व्यापक स्तर पर लागू करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के सभी प्रमुख जलाशयों जैसे इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर और गांधीसागर में जल उपयोग के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय की जाएगी। सरकार ने पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके बाद सिंचाई और फिर जलविद्युत उत्पादन के लिए जल उपयोग किया जाएगा। साथ ही नहरों की सफाई और मरम्मत रबी सीजन से पहले पूरी करने तथा अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी जाएगी। कृषि क्षेत्र के लिए प्रत्येक जिले में कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जाएगा। कम जल मांग वाली फसलों, दलहन, तिलहन और श्रीअन्न को बढ़ावा देने के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। धान उत्पादक क्षेत्रों में डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) और वैकल्पिक गीला-सूखा (AWD) तकनीक को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई गई है। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी आधारित फसल क्षति आकलन और फसल बीमा दावों के त्वरित निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच सरकार की तैयारियों को लेकर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यदि संभावित अल्पवर्षा के संकेत पहले से मौजूद थे तो अप्रैल और मई में ही तैयारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय रहते प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है और अब समीक्षा बैठकों के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने और किसानों के लिए जमीनी स्तर पर तत्काल राहत उपाय लागू करने की मांग की। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं और संभावित जल संकट से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/government-alert-on-possibility-of-short-rainfall-in-madhya-pradesh/article-57709</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/government-alert-on-possibility-of-short-rainfall-in-madhya-pradesh/article-57709</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/madhya-pradesh.jpg"                         length="185301"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई की बारिश बनी आफत, अश्नूर कौर के लग्जरी घर में घुसा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[तेज बारिश के बीच परिवार के साथ घर से पानी निकालती नजर आईं अभिनेत्री, सोशल मीडिया पर लिखा- मेरे ऊपर लगी हर नजर खुशियों, सफलता और तरक्की में बदल जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/mumbais-rains-become-a-disaster-water-enters-ashnoor-kaurs-luxury/article-57654"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ashnoor-kaur.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुंबई में लगातार हो रही बारिश का असर आम लोगों के साथ-साथ फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों पर भी देखने को मिल रहा है। तेज बारिश और जलभराव के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच टीवी और फिल्म अभिनेत्री अश्नूर कौर ने अपने घर की एक झलक सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसमें उनके लग्जरी घर के अंदर बारिश का पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों ने चिंता जताई है और जल्द सब कुछ सामान्य होने की कामना की है। अश्नूर कौर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनके परिवार के सदस्य और घर में काम करने वाले लोग मिलकर घर से पानी निकालते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि घर के फर्श पर काफी मात्रा में पानी जमा हो गया है। सभी लोग बाल्टियों, पोछों और अन्य सामान की मदद से पानी बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान घर के फर्नीचर और अन्य सामान को भी सुरक्षित स्थान पर रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नुकसान कम से कम हो। वीडियो के साथ अश्नूर ने एक भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने बताया कि उन्हें एक इवेंट के लिए घर से निकलना था, लेकिन ठीक उसी समय यह स्थिति बन गई। उन्होंने लिखा, "मुझे एक इवेंट के लिए निकलना था और तभी घर पर ये हो गया। मेरे ऊपर लगी हर नजर खुशियों, सफलता और तरक्की में बदल जाए।" उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे सकारात्मक सोच का उदाहरण बताते हुए उनके लिए शुभकामनाएं दीं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अभिनेत्री ने यह नहीं बताया कि पानी घर में किस वजह से भरा, लेकिन लगातार हो रही तेज बारिश को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। मुंबई में पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं और कई रिहायशी परिसरों में भी बारिश का पानी पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। अश्नूर के घर का वीडियो भी इसी स्थिति की एक तस्वीर पेश करता है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने अभिनेत्री और उनके परिवार के लिए चिंता जताई, जबकि कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशंसकों ने यह भी कहा कि मुश्किल समय में अश्नूर ने जिस तरह सकारात्मक संदेश दिया, वह काफी प्रेरणादायक है। कई लोगों ने उनके पोस्ट पर हौसला बढ़ाने वाले कमेंट भी किए। मुंबई की बारिश का असर केवल अश्नूर कौर तक सीमित नहीं रहा। अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शहर के भारी ट्रैफिक से बचने के लिए मेट्रो से सफर करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वे साधारण यात्रियों की तरह मेट्रो में यात्रा करते दिखाई दिए। उन्होंने अपना चेहरा भी ढक रखा था ताकि भीड़ में आसानी से सफर कर सकें। उनके इस अंदाज की भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने बारिश का अलग ही अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने बारिश के मौसम का आनंद लेते हुए अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें वे मानसून का लुत्फ उठाती नजर आईं। इससे साफ है कि जहां एक ओर भारी बारिश कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी है, वहीं कुछ लोगों ने इस मौसम का आनंद भी लिया। मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर साल भारी बारिश शहर की रफ्तार पर असर डालती है। सड़क यातायात, लोकल ट्रेन सेवाएं और दैनिक जीवन कई बार प्रभावित हो जाता है। कई रिहायशी इलाकों में भी पानी भरने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। अश्नूर कौर की बात करें तो उन्होंने कम उम्र में ही टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत करने वाली अश्नूर कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों का हिस्सा रह चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है, जहां वे अपने निजी जीवन और पेशेवर गतिविधियों से जुड़े अपडेट साझा करती रहती हैं। हाल के समय में वह रियलिटी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय नजर आई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/mumbais-rains-become-a-disaster-water-enters-ashnoor-kaurs-luxury/article-57654</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/mumbais-rains-become-a-disaster-water-enters-ashnoor-kaurs-luxury/article-57654</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:05:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/ashnoor-kaur.jpg"                         length="155532"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतमा फॉल में डूबे युवक का शव दो दिन बाद बरामद, एसडीईआरएफ ने तेज बहाव के बीच चलाया कठिन रेस्क्यू अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे चित्रकूट निवासी 21 वर्षीय युवक का शव तेज बहाव के बीच फंसा मिला, एसडीईआरएफ ने जोखिम उठाकर बाहर निकाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/body-of-youth-drowned-in-itma-fall-recovered-after-two/article-57446"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/waterfall-accident.mp4" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे युवक का शव आखिरकार मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तेज बहाव और चट्टानों के बीच फंसे शव तक पहुंचना बेहद मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) की टीम ने कई घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बाहर निकाल लिया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं इलाके में भी इस हादसे की चर्चा बनी हुई है।  मृतक की पहचान सोनू खान (21 वर्ष) पिता बन्ने खान, निवासी बरगढ़, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोनू अपने साथियों के साथ घूमने के लिए रीवा जिले के इतमा फॉल पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में उतर गया और अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में वह आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन तेज धारा और गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीईआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ खोज अभियान शुरू किया। लगातार दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों ने फॉल के विभिन्न हिस्सों में तलाश की। पानी का स्तर अधिक होने और लगातार बहाव के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा। कई स्थानों पर चट्टानों के बीच गहराई अधिक होने से गोताखोरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू टीम ने मौसम और जलधारा की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया। मंगलवार को खोज अभियान के दौरान टीम को फॉल के बीचों-बीच चट्टानों के बीच एक शव फंसा हुआ दिखाई दिया। शव जिस स्थान पर था, वहां तक पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में लगभग असंभव माना जा रहा था। तेज बहते पानी और फिसलन भरी चट्टानों के कारण किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसके बावजूद एसडीईआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने रस्सियों, सुरक्षा बेल्ट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से धीरे-धीरे शव तक पहुंच बनाई।<br /><br /></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/waterfall-accident.mp4" controls=""></video>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काफी प्रयासों के बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी जवान की जान जोखिम में न पड़े। शव बाहर लाने के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आगे की वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ की टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि जिस स्थान पर शव फंसा हुआ था, वहां पहुंचना बेहद कठिन था। यदि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो शव को निकालना और अधिक मुश्किल हो सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आपदा राहत बल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। आसपास मौजूद लोगों ने भी परिवार को सांत्वना दी। पूरे क्षेत्र में हादसे के बाद शोक का माहौल बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इतमा फॉल रीवा जिले का प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि मानसून के दौरान यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील करता है। इसके बावजूद कई पर्यटक चेतावनी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस व होमगार्ड की तैनाती भी की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जलप्रपातों और नदी-नालों के पास विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/body-of-youth-drowned-in-itma-fall-recovered-after-two/article-57446</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/body-of-youth-drowned-in-itma-fall-recovered-after-two/article-57446</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:03:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/waterfall-accident.mp4"                         length="18011348"                         type="video/mp4"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में तेज बहाव वाले नाले से बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, आधी रात चला रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बारिश के बीच नाले में फंसे बुजुर्ग की पुलिस जवानों ने जान बचाई। मौके पर सीपीआर देकर सांसें लौटाईं और अस्पताल पहुंचाकर समय पर इलाज कराया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार और रविवार की दरमियानी रात इंसानियत और पुलिस की सतर्कता की एक मिसाल देखने को मिली। हनुमानगंज थाना क्षेत्र में तेज बहाव वाले नाले में फंसे करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान पुलिस जवानों ने जोखिम उठाकर बचा ली। देर रात हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी तेज बहाव और दलदल के बीच उतरकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। समय रहते किए गए इस प्रयास की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे की है। हनुमानगंज थाना की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल स्थित अग्रवाल तिराहा के पास से गुजरते समय उन्हें नाले की तरफ से किसी के मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। दोनों पुलिसकर्मी तुरंत मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग तेज बहाव वाले नाले में गिर गया था। उसके सिर पर चोट भी लगी थी और वह खुद को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लगातार बढ़ते पानी और दलदल के कारण ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। लगातार बारिश के चलते नाले का जलस्तर बढ़ चुका था। पानी का बहाव इतना तेज था कि बुजुर्ग धीरे-धीरे बहते हुए आगे बने संकरे पुल की दिशा में जा रहा था। आसपास की पीली मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी, जिससे वह और ज्यादा फंसता चला गया। हालात हर मिनट गंभीर होते जा रहे थे। यदि कुछ देर और हो जाती तो तेज बहाव उसे काफी दूर तक बहा ले जाता और उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था। स्थिति को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने बिना समय गंवाए खुद नाले में उतरने का फैसला किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बुजुर्ग तक पहुंचकर उसे संभाला ताकि तेज बहाव में वह आगे न बह सके। दूसरी ओर आरक्षक राजेंद्र रघुवंशी ने तुरंत अन्य पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में रात्रि अधिकारी उप निरीक्षक रामसजीवन और एफआरवी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को सुरक्षित नाले से बाहर निकालने में सफल रही। हालांकि बाहर निकालने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने काफी मात्रा में पानी निगल लिया था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में मौके पर मौजूद आरक्षक मोहित शिवहरे ने तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद बुजुर्ग की सांसें सामान्य होने लगीं और उनके मुंह से पानी भी बाहर निकाला गया। प्राथमिक राहत मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने बिना एंबुलेंस का इंतजार किए ऑटो की मदद से उन्हें हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। शुरुआती जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रेस्क्यू और मौके पर दिए गए सीपीआर की वजह से बुजुर्ग की जान बच सकी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि घटना के समय उनके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि जिस तरह बारिश, अंधेरा और तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू किया, वह साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। यदि पुलिस टीम कुछ मिनट देर से पहुंचती तो शायद परिणाम अलग हो सकता था। बारिश के मौसम में भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि तेज बारिश के दौरान उफनते नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें। विशेष रूप से रात के समय ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhopal-news-%283%29.jpg"                         length="123166"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में बाल हो रहे हैं फ्रिज़ी और कमजोर? अपनाएं ये आसान उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून के मौसम में नमी, पसीना और स्कैल्प इंफेक्शन बढ़ाते हैं बालों की समस्याएं, सही देखभाल से रोका जा सकता है हेयर फॉल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/hair-is-becoming-frizzy-and-weak-during-monsoon-adopt-these/article-56340"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/hair-care.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन यह मौसम बालों के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे बाल बेजान, रूखे और फ्रिज़ी नजर आने लगते हैं। कई लोगों को इस मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हेयर फॉल की शिकायत भी रहती है। बाल धोने के बाद उलझना, स्कैल्प में खुजली, डैंड्रफ और बालों का कमजोर होना मानसून की आम समस्याएं हैं। हेयर एक्सपर्ट्स का मानना है कि बारिश के मौसम में बालों की देखभाल का तरीका बदलना जरूरी हो जाता है। थोड़ी सी लापरवाही बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती है और लंबे समय में बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मानसून के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए ताकि बाल स्वस्थ, चमकदार और मजबूत बने रहें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्यों बढ़ जाता है हेयर फॉल?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में हवा में मौजूद अत्यधिक नमी बालों की प्राकृतिक संरचना को प्रभावित करती है। नमी के कारण बाल अतिरिक्त पानी सोख लेते हैं, जिससे वे कमजोर और टूटने लगते हैं। इसके अलावा बारिश का पानी कई बार प्रदूषण और धूल-मिट्टी से मिला हुआ होता है, जो स्कैल्प पर जमा होकर संक्रमण का कारण बन सकता है। मानसून में स्कैल्प अधिक ऑयली हो जाती है। इससे डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस मौसम में बाल झड़ने की समस्या आमतौर पर अधिक देखने को मिलती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बारिश में भीगने के बाद क्या करें?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर आप बारिश में भीग गए हैं तो घर पहुंचते ही बालों को साफ पानी से धोना जरूरी है। कई लोग भीगे बालों को ऐसे ही छोड़ देते हैं, जिससे स्कैल्प पर गंदगी और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं। गीले बालों में जोर-जोर से रगड़ने से बाल टूट सकते हैं। यदि संभव हो तो बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें। हेयर ड्रायर का अधिक इस्तेमाल भी बालों को कमजोर बना सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सही शैंपू और कंडीशनर का करें चुनाव</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मानसून में बालों की जरूरतें बदल जाती हैं। ऐसे में माइल्ड और सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार बाल धोना पर्याप्त होता है। इससे स्कैल्प साफ रहती है और अतिरिक्त तेल जमा नहीं होता। शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना भी जरूरी है। कंडीशनर बालों में नमी बनाए रखता है और उन्हें फ्रिज़ी होने से बचाता है। हालांकि कंडीशनर को स्कैल्प पर लगाने से बचना चाहिए और केवल बालों की लंबाई पर ही लगाना चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ऑयलिंग से मिल सकती है राहत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कई लोग मानसून में तेल लगाना बंद कर देते हैं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित मात्रा में ऑयलिंग बालों को पोषण देने में मदद करती है। नारियल तेल, बादाम तेल या आर्गन ऑयल से हल्की मालिश करने से स्कैल्प में रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ें मजबूत बनती हैं। हालांकि तेल लगाकर लंबे समय तक छोड़ना सही नहीं माना जाता। कुछ घंटों बाद बालों को धो लेना बेहतर विकल्प है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>खानपान भी है बेहद जरूरी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। पोषण की कमी भी बाल झड़ने का बड़ा कारण बन सकती है। मानसून के दौरान प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन से भरपूर आहार लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दालें, अंडे, दूध, दही, मेवे और मौसमी फल बालों को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी बालों की सेहत पर असर डाल सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गीले बालों में कंघी करने से बचें</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। ऐसे में गीले बालों में कंघी करने से वे आसानी से टूट सकते हैं। बाल थोड़ा सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा हेयर स्टाइलिंग, स्ट्रेटनिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से भी बचना चाहिए। मानसून के दौरान बाल पहले से ही संवेदनशील होते हैं, इसलिए अतिरिक्त गर्मी और केमिकल्स उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>प्राकृतिक हेयर मास्क भी फायदेमंद</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बालों को अतिरिक्त पोषण देने के लिए घर पर बने प्राकृतिक हेयर मास्क का उपयोग किया जा सकता है। दही, एलोवेरा, मेथी और अंडे से बने हेयर मास्क बालों को मजबूती और चमक प्रदान करते हैं। सप्ताह में एक बार इनका उपयोग करने से फ्रिज़ और ड्राईनेस की समस्या कम हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कब लें विशेषज्ञ की सलाह?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि सामान्य देखभाल के बावजूद बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा है या स्कैल्प में खुजली, लालिमा और संक्रमण की समस्या बनी हुई है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या हेयर एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। कई बार हार्मोनल बदलाव, पोषण की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हेयर फॉल का कारण हो सकती हैं। मानसून का मौसम बालों के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही देखभाल और संतुलित जीवनशैली अपनाकर बालों को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी आपके बालों को फ्रिज़, डैंड्रफ और हेयर फॉल जैसी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/hair-is-becoming-frizzy-and-weak-during-monsoon-adopt-these/article-56340</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/hair-is-becoming-frizzy-and-weak-during-monsoon-adopt-these/article-56340</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:26:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/hair-care.jpg"                         length="229817"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        