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                <title>NEET - दैनिक जागरण</title>
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                <description>NEET RSS Feed</description>
                
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                <title>NEET री-एग्जाम से पहले देशभर में NTA की मॉक ड्रिल, 551 शहरों में तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले NTA ने 551 शहरों में मॉक ड्रिल शुरू की, 22.79 लाख छात्रों के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/before-neet-re-exam-preparations-for-nta-mock-drill-intensified-in/article-56436"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-2026-mock-drill.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NEET-UG 2026 री-एग्जाम से एक दिन पहले देशभर में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास देश के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर किया गया, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जा सके। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने पूरे सिस्टम की जांच की और हर स्तर पर तैयारियों का आकलन किया। इस बार NEET परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए 5000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन के लिए करीब 2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें सिटी कोऑर्डिनेटर, ऑब्जर्वर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। NTA के अनुसार परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। यह पूरी व्यवस्था मल्टी-लेयर सुरक्षा मॉडल के तहत की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिसके तहत वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा लिख सकेंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें CCTV कैमरे और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं। दिल्ली सहित कई शहरों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और प्रवेश प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। NEET री-एग्जाम की जरूरत तब पड़ी जब 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। कई राज्यों में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठे, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने गड़बड़ियों की पुष्टि की। इसके बाद 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया गया। सरकार और एजेंसियों की समीक्षा के बाद 21 जून की नई तारीख तय की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि जिन छात्रों ने नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है, उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। पुराने एडमिट कार्ड मान्य नहीं होंगे क्योंकि कई उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र बदल दिए गए हैं। एक बार डाउनलोड किया गया नया एडमिट कार्ड ही परीक्षा में प्रवेश के लिए पर्याप्त होगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए NTA ने बताया कि प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए GPS ट्रैकिंग का उपयोग किया जाएगा। हर वाहन पर पुलिस एस्कॉर्ट मौजूद रहेगा और पूरे रास्ते की निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीलबंद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहेगा और कंट्रोल रूम से लगातार लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। बिजली, पंखे, पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की पूरी व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है। डायबिटिक छात्रों को आवश्यक खाद्य सामग्री साथ रखने की छूट दी गई है। वहीं, धार्मिक पोशाक या फुल स्लीव कपड़े पहनने वाले छात्रों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि जांच प्रक्रिया सुचारू रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि साइबर एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्रों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है। कई राज्यों ने भी छात्रों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है, वहीं मध्य प्रदेश और तेलंगाना में स्पेशल ट्रेनों और बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। महाराष्ट्र में लोकल ट्रेन सेवाओं को सामान्य रूप से चलाया जाएगा ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले देशभर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा और संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मॉक ड्रिल के जरिए हर व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:23:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET 21 जून: एमपी में जैमर, CCTV और स्पेशल ट्रेन की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश में NEET-UG परीक्षा को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक की बड़ी तैयारी, भोपाल में 13 हजार से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा, रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/neet-21-june-preparation-of-jammer-cctv-and-special-train/article-56375"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रों पर कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। NEET परीक्षा को लेकर सबसे ज्यादा फोकस सुरक्षा व्यवस्था और समय प्रबंधन पर रखा गया है क्योंकि लाखों की संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। राजधानी भोपाल में ही करीब 13 हजार 774 विद्यार्थी परीक्षा देंगे और इसे देखते हुए जिला प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। कई केंद्रों पर नाम और लोकेशन को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति न बने, इसके लिए भी खास निर्देश दिए गए हैं। कई जगह देखा गया है कि एक जैसे नाम वाले सेंटर होने से छात्र गलत जगह पहुंच जाते हैं, इस बार प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट साइन बोर्ड और दिशा-निर्देश लगाने को कहा है। परीक्षा केंद्रों पर इस बार सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक नकल या बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार हर सेंटर पर निगरानी सिस्टम को मजबूत किया गया है और कंट्रोल रूम से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा छात्रों को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए हर परीक्षा केंद्र के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाने का निर्णय लिया गया है। खास बात यह है कि कई केंद्र पुराने शहर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हैं, जहां ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बनता है। हमीदिया रोड और आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे गलत पार्किंग से छात्रों को देरी होने की आशंका रहती है, इसलिए पुलिस को सख्ती से वाहन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुराने शहर में चल रहे मेट्रो कार्य और बैरिकेडिंग की वजह से रास्ते भी प्रभावित हैं, ऐसे में सेंटर तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त मार्ग संकेतक लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी छात्र को परेशानी न हो। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दिन ट्रैफिक को लेकर विशेष प्लान लागू रहेगा और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्ट भी किए जाएंगे। इधर रेलवे ने भी छात्रों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए हैं। इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है ताकि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। यह ट्रेन 20 जून को इंदौर से सुबह 11:25 बजे रवाना होकर कई प्रमुख स्टेशनों से होते हुए भोपाल पहुंचेगी। वापसी में भी इसी तरह विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है जो परीक्षा के बाद छात्रों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। कुल 17 कोच की व्यवस्था की गई है जिसमें स्लीपर, जनरल और एसएलआर कोच शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि परीक्षा के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। प्रशासन, पुलिस और रेलवे मिलकर यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि NEET परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:15:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र का बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[21 जून को होने वाली NEET UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 22 जून तक टेलीग्राम की सेवाएं सीमित, मैसेज एडिटिंग फीचर पर भी रोक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a30ed62179ec/article-56056"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-ug-2026-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा और असाधारण फैसला लिया है। राष्ट्रीय परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह रोक 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। बताया जा रहा है कि यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत उठाया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं, कथित पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। लाखों छात्र हर वर्ष इस परीक्षा में शामिल होते हैं और इसके नतीजों पर उनके भविष्य की दिशा तय होती है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह, गलत सूचना या फर्जी दस्तावेज छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने परीक्षा के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर कई बार ऐसे दावे सामने आए, जिनमें परीक्षा शुरू होने या समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को एडिट करके उन्हें पेपर लीक का सबूत बताने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ मामलों में मैसेज एडिटिंग फीचर का इस्तेमाल करके मूल टाइमस्टैम्प को बरकरार रखा गया और बाद में सामग्री बदल दी गई। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलता है और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगते हैं। इसी कारण टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर को भी एक निर्धारित अवधि तक सीमित करने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों को एडिट करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद रखने को कहा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे किसी भी तरह के फर्जी सबूत तैयार करने की आशंका कम होगी और जांच एजेंसियों को भी वास्तविक तथ्यों की पुष्टि करने में आसानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि इस फैसले के बाद छात्रों, शिक्षकों और टेलीग्राम का नियमित उपयोग करने वाले लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का कहना है कि परीक्षा सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे उन लाखों यूजर्स को भी असुविधा होगी जो शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत संवाद के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर परीक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कदम सीमित अवधि और विशेष उद्देश्य के लिए उठाया गया है, तो इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत हो सकती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को आयोजित की जाएगी और परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाएंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के बजाय आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं पर ध्यान दें। डिजिटल युग में परीक्षा सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर तकनीक परीक्षा प्रबंधन को आसान बनाती है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना और साइबर दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:24:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसदीय समिति ने NTA और CBSE से पेपर लीक पर मांगे जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[NEET पेपर लीक और OSM सिस्टम विवाद पर दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने दोनों संस्थानों से कड़े सवाल पूछे, बैकग्राउंड जांच और परिभाषा पर उठे गंभीर प्रश्न]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/parliamentary-committee-seeks-answers-from-nta-and-cbse-on-paper/article-55242"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nta-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) से जुड़े परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पर कई गंभीर और सीधे सवाल उठाए हैं। NEET पेपर लीक विवाद और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रही जांच के बीच समिति की बैठक में माहौल काफी सख्त रहा और अधिकारियों से लिखित जवाब भी मांगे गए। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद (Digvijaya Singh) की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सबसे पहले यही सवाल किया कि आखिर ‘पेपर लीक’ की परिभाषा सरकारी परीक्षा एजेंसियों के हिसाब से क्या मानी जाती है, और क्या इस परिभाषा को लेकर किसी तरह की स्पष्ट गाइडलाइन मौजूद है या नहीं। बैठक में यह भी पूछा गया कि जब संस्थान खुद यह दावा करते हैं कि सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर अलग-अलग स्तर पर सामने आने वाली गड़बड़ियों और लीक जैसे आरोपों को किस श्रेणी में रखा जाए। इस पूरे सवाल-जवाब के दौरान समिति ने यह भी संकेत दिया कि केवल तकनीकी सफाई देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी स्पष्ट करना जरूरी है, क्योंकि देशभर में लाखों छात्र इन परीक्षाओं पर निर्भर हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति ने विशेष रूप से National Testing Agency से 2018 के बाद आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं का पूरा रिकॉर्ड मांगा है और पूछा है कि क्या कभी आधिकारिक रूप से किसी परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि हुई है या केवल अफवाह और तकनीकी गड़बड़ी के आधार पर ही ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। हाल ही में एजेंसी की ओर से यह दावा किया गया था कि उनके सिस्टम में वास्तविक पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल एक ‘गेस पेपर’ या अनुमानित प्रश्न पत्र प्रसारित हुआ था, जिस पर समिति ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह केवल अनुमानित सामग्री थी तो फिर परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की मजबूती पर सवाल क्यों खड़े होते हैं। इसके अलावा समिति ने NTA से उसके आंतरिक ढांचे, मानव संसाधन, तकनीकी टीम और पिछले तीन वर्षों में की गई सभी नियुक्तियों का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। बताया जा रहा है कि समिति यह समझने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी परीक्षा एजेंसी के भीतर स्टाफिंग, निगरानी और तकनीकी नियंत्रण की व्यवस्था कितनी मजबूत है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बार-बार सामने आने वाले विवाद केवल बाहरी समस्या हैं या फिर सिस्टम के भीतर कोई संरचनात्मक कमजोरी मौजूद है। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठा कि क्या परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या निगरानी की कमी रही है, जिसके कारण छात्रों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी समिति ने विस्तृत सवाल पूछे हैं। सबसे बड़ा सवाल कोएम्प्ट (Coempt) कंपनी को दिए गए ठेके और उसके चयन की प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। समिति ने पूछा कि क्या बोर्ड ने टेंडर देने से पहले कंपनी का विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया था या नहीं, और क्या यह जानकारी थी कि कंपनी के डायरेक्टर पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज से जुड़े रहे हैं, जिस पर पहले परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, समिति ने यह भी पूछा कि विवादित इतिहास वाली कंपनियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने की शर्त को तीसरे टेंडर में क्यों हटा दिया गया और क्या यह किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था या तकनीकी कारणों से। इसके अलावा 12वीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया में आधुनिक रोबोटिक स्कैनर के बजाय सामान्य स्कैनर के उपयोग की अनुमति देने पर भी सवाल उठाए गए। समिति का कहना है कि जब परीक्षा मूल्यांकन जैसे संवेदनशील कार्य में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, तो उसमें गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इसी बीच राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा तेजी से गरमाया हुआ है, खासकर जब कांग्रेस नेता (Rahul Gandhi) ने सार्वजनिक रूप से कोएम्प्ट कंपनी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। अब समिति की ओर से मांगे गए जवाबों के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण पर और अधिक राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:07:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET पेपर लीक होने में अंदर से मदद मिलने का शक! NTA अधिकारी की जांच कर रही है CBI </title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा, NTA अधिकारी CBI रडार पर। रद्द परीक्षा और नए आरोपों से बढ़ी हलचल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a09608135b65/article-53582"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-paper-leak-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>NEET-UG </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>2026:</strong> </span>नीट <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पेपर लीक के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span>CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">का ध्यान अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (</span>NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">के एक अनाम अधिकारी पर केंद्रित हो गया है। मामला और भी गंभीर हो गया है क्योंकि इस मामले में पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें मनीषा संजय वाघमारे और रसायन शास्त्र के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी शामिल हैं। इन्हें 10 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है और उनसे लगातार पूछताछ चल रही है। 3 मई को हुई परीक्षा को इस विवाद के चलते रद्द कर दिया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों में भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति बन गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों की बात करें तो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंदरूनी साजिश का पर्दाफाश होता जा रहा है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने अदालत में जो रिमांड आवेदन पेश किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसमें यह इशारा किया गया है कि यह सिर्फ बाहरी नेटवर्क का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंदरूनी मिलीभगत भी हो सकती है। आरोप है कि वाघमारे को एक संगठित नेटवर्क के जरिए 27 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर देकर दिए गए थे। इसमें एक </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">के अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वाघमारे की मुलाकात कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से एक अन्य लेक्चरर मनीषा मंडारे के जरिए हुई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़ी बताई जा रही हैं और उन्हें भी 14 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच एजेंसी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे उजागर हो रहा है और इसमें कई लोगों की भूमिका विभिन्न स्तरों पर पाए जाने की आशंका है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि वाघमारे ने कथित तौर पर कुलकर्णी से प्रश्न पत्र प्राप्त किए और फिर धनंजय लोकहांडे समेत अन्य लोगों तक पहुंचाए। लोकहांडे को 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था और उस पर पेपर को फैलाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के बाद कई लिखित प्रश्न और दस्तावेज नष्ट कर दिए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सबूत मिटाए जा सकें। कुछ स्रोतों से मिली जानकारी में यह भी पता चला है कि हाथ से लिखे गए प्रश्न पत्र भी गायब कर दिए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जांच में और मुश्किलें आ गई हैं। इस पूरे मामले में पैसे के लेन-देन की बातें भी सामने आ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने हालात को देखते हुए </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (</span>CBT) <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में कराने पर विचार किया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। हालांकि इस पूरे विवाद ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों और अभिभावकों में अब भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है और जांच एजेंसियों पर जल्द और पारदर्शी निष्कर्ष निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:33:05 +0530</pubDate>
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