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                <title>Airstrike - दैनिक जागरण</title>
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                <title>अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों का दावा, 36 नागरिकों की मौत; सीमा पर फिर बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान सरकार ने महिलाओं और बच्चों समेत 36 लोगों के मारे जाने का दावा किया, पाकिस्तान बोला- हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a423786ad3d6/article-57312"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/afghanistan-pakistan-conflict.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है। तालिबान सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से किए गए सीमा-पार हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन का कहना है कि पक्तिया, पक्तिका और कुनर प्रांतों में कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ। दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आरोपों के बीच अपनी कार्रवाई को हाल के आतंकी हमलों के जवाब में चलाया गया खुफिया-आधारित सैन्य अभियान बताया है। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बीती रात हुए हमलों में 36 नागरिकों की मौत हुई है और 163 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलों में तीन रिहायशी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। उनके मुताबिक मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अफगान प्रशासन ने इस घटना को नागरिक आबादी पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।<br /><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">फितरत ने आरोप लगाया कि पक्तिया प्रांत के चमकनी जिले के मंडोखेल गांव में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने एक नागरिक के घर को निशाना बनाया। इस हमले में एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे तो उसी स्थान पर दूसरी बार भी बमबारी की गई। तालिबान प्रशासन का दावा है कि इस दूसरी कार्रवाई में 28 ग्रामीणों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हो गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। तालिबान सरकार ने यह भी कहा कि पक्तिका प्रांत के गियान जिले के वालुस्त गांव में भी एक घर पर हमला किया गया। इस घटना में छह लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे बताए गए हैं। वहीं कुनर प्रांत के मनोगई जिले के बारोलो गांव में भी एक रिहायशी मकान को नुकसान पहुंचा। इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन मकान पूरी तरह तबाह हो गया और परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ की गई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सीमावर्ती क्षेत्र में सुनियोजित सैन्य अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए आतंकी हमलों के बाद यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसका निशाना केवल आतंकी ठिकाने थे, न कि आम नागरिक।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="Z"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">सीमा पर बढ़े तनाव की एक बड़ी वजह हाल में पाकिस्तान के कराची शहर में हुआ हमला भी माना जा रहा है। कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय पर शनिवार रात हमला हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार हमलावरों ने एक वाहन से मुख्य द्वार को टक्कर मारी, जिसके बाद गोलीबारी और विस्फोट हुए। इस हमले में तीन अर्द्धसैनिक जवान और तीन हमलावर मारे गए थे। पाकिस्तान ने इस हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया था। कराची हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग हुए एक संगठन ने ली है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की सीमा से संचालित आतंकी संगठन उसके भीतर हमलों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है और कहती है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद, आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कई बार सीमा पार गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं का सबसे अधिक असर सीमावर्ती गांवों में रहने वाले आम नागरिकों पर पड़ता है, जिन्हें बार-बार विस्थापन और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। यदि दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया मजबूत नहीं हुई तो सीमा पर हालात और जटिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पहले कई मौकों पर दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील कर चुका है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से अपने-अपने दावों पर कायम रहने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अफगानिस्तान में हुए इन हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तालिबान सरकार नागरिकों के मारे जाने की बात कह रही है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:55:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान का अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक दावा, 29 आतंकी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[कराची हमले के बाद पाकिस्तान का जवाबी ऑपरेशन, TTP और जमात-उल-अहरार के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistan-airstrike-in-afghanistan-claims-29-terrorists-killed/article-57256"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pakistan-afghanistan-strike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के भीतर तीन अलग-अलग ठिकानों पर एयरस्ट्राइक और जमीनी कार्रवाई की है, जिसमें कुल 29 आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही कराची में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई थी और जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों को मार गिराया गया था। सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर तेज हो गया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया है। शुरुआती कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में की गई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर एक जमीनी ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन में चार आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक कमांडर खान फरोश भी शामिल था। बताया गया कि इस इलाके में आतंकियों की गतिविधियों को लेकर लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे और हालात अचानक बिगड़ते जा रहे थे। इसके बाद पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अफगानिस्तान के भीतर पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित तीन अलग-अलग आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में 25 और आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई है। इस तरह कुल मिलाकर 29 आतंकियों के ढेर होने का दावा किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि इन ठिकानों पर मौजूद हथियारों और गोला-बारूद के बड़े जखीरे को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। हालांकि अफगानिस्तान की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कराची में इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार रात करीब 8.30 बजे सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकी हमला हुआ था। हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने अचानक परिसर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस हमले में चार रेंजर्स जवान शहीद हो गए थे। वहीं सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में छह हमलावर भी मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ा एक गुट माना जाता है। इस घटना ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को एक बार फिर गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img alt="2Q=="></img></p>
<p style="text-align:justify;">कराची हमले के बाद ही सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार मौजूद आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई थी। खुफिया रिपोर्टों में यह संकेत मिला था कि अफगानिस्तान सीमा के अंदर कई ऐसे ठिकाने सक्रिय हैं, जहां से पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाई जाती है। इसी आधार पर यह संयुक्त जमीनी और हवाई कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान कई स्थानों पर भारी विस्फोट हुए और इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि देश में हाल के महीनों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है और इसके पीछे सीमा पार से संचालित नेटवर्क जिम्मेदार हैं। सूचना मंत्री तरार ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नागरिक सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लगातार क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की कोशिश करता रहा है, लेकिन हालात उसे मजबूर कर रहे हैं कि वह कठोर कदम उठाए। पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बीच संघर्ष कोई नया नहीं है। इसकी जड़ें 2001 के बाद शुरू हुए अफगानिस्तान युद्ध और पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा नीतियों से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ टीटीपी ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े हमले किए हैं और उसका नेटवर्क खासकर खैबर पख्तूनख्वा और अफगान सीमा के पास सक्रिय माना जाता है। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो गई है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान टीटीपी को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराता है, जबकि अफगानिस्तान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। इसी विवाद के चलते दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 10:33:47 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की कार्रवाई से क्षेत्र में हालात और गंभीर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-retaliatory-attack-on-american-bases-increases-tension-in-the/article-55550"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-us-conflict-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान ने बुधवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरान की ओर से दावा किया गया कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुल 21 हमले किए गए हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि ईरान नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। फिर भी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब मध्य पूर्व की बदलती स्थिति पर टिक गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है। ईरानी पक्ष का कहना है कि हाल के दिनों में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास उसके कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी रडार और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शामिल थे। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उसके सैन्य ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और ताजा हमला उसी रणनीति का हिस्सा था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तनाव की शुरुआत उस घटना के बाद और बढ़ गई जब होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का एक एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर समुद्र में गिर गया था। घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए थे। ट्रम्प ने कहा था कि हेलिकॉप्टर को ईरान समर्थित ताकतों ने निशाना बनाया और अमेरिका इस कार्रवाई का जवाब जरूर देगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि जिम्मेदार लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि ईरान ने हेलिकॉप्टर गिराने में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका ने हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ समय बाद ही जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिकी सेना का कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य संभावित खतरों को समाप्त करना और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती चली गई। अब ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच अमेरिकी राजनीति में भी ईरान मुद्दा प्रमुख बन गया है। हाल ही में आयोजित एक रिपब्लिकन रैली में ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह के भीतर अमेरिका "पूरी जीत" की घोषणा कर सकता है। ट्रम्प ने यह भी कहा था कि क्षेत्र में स्थिरता लौटने के बाद वैश्विक तेल बाजार को राहत मिलेगी और तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर इजराइल ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है। इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने हाल ही में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इजराइल ईरान के खिलाफ और बड़े सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है। उनका कहना था कि हालिया सैन्य कार्रवाई केवल शुरुआत थी और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्रीय शक्तियां भी इस संघर्ष पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी दौरान अमेरिका और इजराइल के रिश्तों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ईरान को लेकर अमेरिका और इजराइल की रणनीतियों में कुछ मतभेद सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प ने इजराइली नेतृत्व को संघर्ष को और अधिक न बढ़ाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव नियंत्रण से बाहर हुआ तो इसके व्यापक भू-राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।  बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी मिसाइल हमला, 13 की मौत; दोनों देशों में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान ने बच्चों और नागरिकों को निशाना बनाने का लगाया आरोप, पाकिस्तान बोला- 26 आतंकवादी मारे गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistani-missile-attack-on-afghanistan-kills-13-tension-increases-between/article-55551"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pakistan-afghanistan-conflict.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कई सीमावर्ती इलाकों में किए गए मिसाइल हमलों के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अफगान तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इसके अलावा कई महिलाएं और अन्य नागरिक घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन का आरोप है कि हमले रिहायशी इलाकों पर किए गए, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने घटना के बाद पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया। तालिबान ने हमले के बाद घायलों और मृतकों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं, जिनमें बच्चों के घायल होने और मारे जाने के दावे किए गए हैं। अफगान प्रशासन का कहना है कि सीमा पार इस तरह की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी तरफ पाकिस्तान ने तालिबान सरकार के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं और पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक सैन्य अभियान पूरी तरह लक्षित था और इसमें चार बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में 26 भारत समर्थित आतंकवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें प्रशिक्षण केंद्र, हथियारों के गोदाम और आतंकी कमांडरों के संचालन केंद्र शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस हमले की पृष्ठभूमि में एक दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई हिंसक घटना को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 9 जून को सीमा के पास एक चौकी पर हुए हमले में छह पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि हमलावरों ने चौकी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में आठ आतंकवादियों के मारे जाने का दावा भी किया गया। इसके बाद से ही पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं और सीमा क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी गई थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान लंबे समय से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी को अपने लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानता रहा है। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में घुसपैठ और हमले करते हैं। पाकिस्तान कई बार तालिबान सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग कर चुका है। हालांकि काबुल स्थित तालिबान प्रशासन लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। तालिबान का कहना है कि वह किसी भी विदेशी या क्षेत्रीय आतंकी संगठन को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों देशों के बीच तनाव पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ता जा रहा है। फरवरी में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में एयरस्ट्राइक की थी। उस समय पाकिस्तान ने दावा किया था कि टीटीपी के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गए। इसके कुछ दिनों बाद अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इसके बाद सीमा क्षेत्रों में कई बार गोलीबारी और सैन्य झड़पों की खबरें सामने आती रहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तालिबान सरकार का दावा है कि मार्च 2026 में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक बड़े हवाई हमले में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। अफगान अधिकारियों के अनुसार काबुल में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर बमबारी के कारण भारी जनहानि हुई थी। उस समय भी दोनों देशों के बीच गंभीर विवाद पैदा हो गया था। हालांकि पाकिस्तान ने उस घटना में नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि कार्रवाई केवल सैन्य और आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे टीटीपी, क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और राजनीतिक अविश्वास जैसे कई मुद्दे जुड़े हुए हैं। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों में कमी आएगी, लेकिन इसके उलट दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ता गया। ताजा मिसाइल हमले के बाद क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और वास्तविक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:28:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इजरायल ने हमास मिलिट्री चीफ को किया ढ़ेर, 7 अक्टूबर हमले का था मास्टरमाइंड</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल ने गाजा एयरस्ट्राइक में हमास के सैन्य प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार गिराने का दावा किया। 7 अक्टूबर हमले से जुड़ा बड़ा अपडेट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/israel-kills-hamas-military-chief-mastermind-of-october-7-attack/article-53604"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/israel-hamas-gaza-airstrike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इजरायल-हमास के बीच चल रहे युद्ध में गाजा से एक बड़ी खबर आई है। इजरायल ने दावा किया है कि उसने हवाई हमले में हमास की मिलिट्री विंग के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार गिराया है। इस एयरस्ट्राइक को बीते शुक्रवार रात को गाजा पट्टी में अंजाम दिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अल-हद्दाद को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल-हद्दाद उन चुनिंदा और आखिरी शीर्ष कमांडरों में से एक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए भीषण हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह हमला पूरे मध्य पूर्व में हालात को बदलने वाला साबित हुआ था और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को और बढ़ा दिया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमास ने भी सोशल मीडिया पर अल-हद्दाद की मौत की पुष्टि की है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अल-हद्दाद लंबे समय से संगठन की सैन्य रणनीति का नेतृत्व कर रहा था और उसने कई बड़े हमलों की योजना में भी भाग लिया था। 7 अक्टूबर 2023 के इस हमले में दक्षिणी इजरायल में लगभग 1200 लोगों की जान गई थी और 250 से ज्यादा लोग बंधक बन गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। कहा जा रहा है कि अल-हद्दाद ने मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद हमास की मिलिट्री विंग की कमान संभाली और जमीनी स्तर पर ऑपरेशन का प्रबंधन किया। इजरायल का भी आरोप है कि उसने युद्ध के दौरान कई बार बंधकों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि हमास ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजा में हुए इस हवाई हमले में अल-हद्दाद के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए हैं। स्थानीय परिवारों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस हमले में उसकी पत्नी और बेटी की भी मौत हो गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुल मिलाकर 6 अन्य लोगों की भी जान गई। अल-हद्दाद के दो बेटे पहले ही संघर्ष में मारे जा चुके थे। शनिवार को गाजा में उसका अंतिम संस्कार किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उसके शव को हमास और फिलिस्तीन के झंडों में लपेटकर दफनाया गया। इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इजरायल-हमास युद्ध के बीच सीजफायर की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन के लगातार आरोप लगा रहे हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीजफायर लागू होने के बाद भी गाजा में 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:03:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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