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                <title>Dehydration - दैनिक जागरण</title>
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                <title>शिशुकुंज स्कूल मामला: बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद घर-घर पहुंची डॉक्टरों की टीम</title>
                                    <description><![CDATA[लंच के बाद 150 से अधिक छात्रों में दिखे बीमारी के लक्षण, किचन सील; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की निगरानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shishukunj-school-indore.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्कूल में लंच करने के बाद 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने के मामले ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद अब डॉक्टरों की टीमें प्रभावित बच्चों के घर-घर जाकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही हैं। शुरुआती जांच में कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है और सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।मामला सामने आने के बाद मंगलवार को स्कूल का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर से टिफिन देकर स्कूल भेजा। कई छात्रों ने स्कूल का भोजन लेने के बजाय घर का बना खाना ही खाना उचित समझा। वहीं कुछ अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, जिसके चलते उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। स्कूल प्रबंधन ने भी अभिभावकों को ई-मेल भेजकर फिलहाल बच्चों के लिए घर से भोजन भेजने का अनुरोध किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला शनिवार को सामने आया था। स्कूल में दोपहर का भोजन करने के कुछ समय बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत की। धीरे-धीरे प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। अभिभावकों को सूचना मिलने के बाद वे बच्चों को अस्पताल और क्लीनिक लेकर पहुंचे। देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। प्रभावित छात्रों में बड़ी संख्या चौथी कक्षा तक के बच्चों की बताई जा रही है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम गठित की गई। मंगलवार को टीम ने करीब 30 बच्चों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बच्चों की स्थिति का आकलन किया और अभिभावकों से बीमारी के लक्षणों तथा वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य प्रभावित बच्चों के घर भी जाकर जांच की जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित भोजन या पानी के सेवन से ऐसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल डॉक्टर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देने और स्वास्थ्य पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। इस घटना के बाद सोमवार को अभिभावकों का गुस्सा भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और पूरे मामले को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि बच्चों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कई अभिभावकों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। सोमवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। करीब चार घंटे तक चली जांच के दौरान किचन और खाद्य भंडारण व्यवस्था की पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री और मसालों की एक्सपायरी डेट समाप्त होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल के किचन को सील कर दिया। जांच दल ने किचन से विभिन्न खाद्य पदार्थों और पेय सामग्री के नमूने भी एकत्र किए हैं। इनमें पनीर, दूध, आइसक्रीम, दाल, तैयार भोजन, मसाले और पानी के नमूने शामिल हैं। कुल 23 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि विभाग को अब तक कई अभिभावकों की ओर से शिकायतें और जानकारी प्राप्त हुई हैं। स्कूल प्रशासन ने भी अस्वस्थ महसूस करने वाले करीब 85 विद्यार्थियों को एहतियातन घर भेजा था। फिलहाल किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अभिभावक, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। तब तक स्वास्थ्य विभाग बच्चों की निगरानी जारी रखेगा और एहतियाती कदम उठाता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 12:17:20 +0530</pubDate>
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                <title>गर्मी में थकान और कमजोरी बढ़ा सकती हैं ये गलतियां, डाइट में शामिल करें ये चीजें</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी में थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए जानिए क्या खाएं, क्या नहीं और किन आसान आदतों से शरीर को रखें एक्टिव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/these-mistakes-can-increase-fatigue-and-weakness-in-summer-include/article-53615"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/summer-health-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जैसे ही गर्मी का मौसम आता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को थकान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमजोरी और आलस्य जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि बिना ज्यादा काम किए ही शरीर थक गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिर भारी होने लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और थोड़ी देर धूप में रहने पर चक्कर भी आ सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका सबसे बड़ा कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है। तेज धूप और लगातार पसीना बहाने से शरीर धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन की ओर बढ़ने लगता है। और अगर सही खानपान न हो तो कमजोरी और बढ़ जाती है। गर्मियों में थोड़ी सतर्कता बरतकर डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। डॉक्टर भी यही कहते हैं कि इस मौसम में हल्का</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पौष्टिक और पानी से भरपूर भोजन शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गर्मी में कमजोरी के कुछ सामान्य लक्षण भी होते हैं। बहुत से लोगों को दिन भर आलस्य होता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम में मन नहीं लगता और आराम करने के बाद भी शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता। डिहाइड्रेशन बढ़ने पर सिरदर्द और चक्कर आना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। कुछ लोगों की भूख भी कम हो जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्यादा पसीना बहने के कारण इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। कभी-कभी हाथ-पैरों में कमजोरी या हल्की ऐंठन तक महसूस होने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी कम पीना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नींद पूरी न लेना और अनियमित खानपान इन समस्याओं को बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में खानपान में लापरवाही करना हानिकारक हो सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऐसे मौसम में पानी से भरपूर फल खाना काफी फायदेमंद होता है। जैसे तरबूज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खरबूजा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संतरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनानास और स्ट्रॉबेरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सारे फल शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देने में मददगार साबित होते हैं। सुबह का हेल्दी नाश्ता भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नाश्ते में दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंडा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्प्राउट्स या पनीर जैसी चीजें शामिल करनी चाहिए ताकि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और ऊर्जा मिल सके। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ड्राई फ्रूट्स और बीज भी शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं। गर्मियों में नारियल पानी और नींबू पानी भी बहुत फायदेमंद होते हैं क्योंकि ये शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं। हाल के कुछ समय में गोंद कतीरा का इस्तेमाल भी बढ़ गया है। आयुर्वेद में इसे शरीर को ठंडक देने वाला माना गया है और कई लोग इसे दूध या शरबत में मिलाकर पीते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि सिर्फ खानपान ही नहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी हैं। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे अहम होता है। कोशिश करें कि धूप में ज्यादा देर न रहें और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाकर रखें। अच्छी नींद भी शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है। गर्मियों में लोग अक्सर देर रात तक जागते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो शरीर की ऊर्जा पर असर डालता है। सुबह की हल्की वॉक या योग भी शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बहुत गर्मी में भारी एक्सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तली-भुनी और मसालेदार चीजों का सेवन कम करना चाहिए। ज्यादा चाय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉफी और कोल्ड ड्रिंक पीने से भी शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है। पैकेटबंद और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना बेहतर होता है क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:18:56 +0530</pubDate>
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