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                <title>Premanand Maharaj - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Premanand Maharaj RSS Feed</description>
                
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                <title>IPL जीत के बाद वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का, प्रेमानंद महाराज का लिया आशीर्वाद</title>
                                    <description><![CDATA[केली कुंज आश्रम में दो घंटे रहे, नंगे पैर पहुंचकर किया संतों का दर्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/virat-anushka-reached-vrindavan-after-ipl-win-took-blessings-of-premanand/article-54750"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/virat-kohli-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़े। मंगलवार सुबह दोनों वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम में उनकी मौजूदगी ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि दोनों ने सादगी बनाए रखते हुए चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बिना किसी विशेष तामझाम के आश्रम पहुंचे। जानकारी के अनुसार विराट कोहली और अनुष्का शर्मा सुबह करीब सात बजे वृंदावन पहुंचे। कार से उतरने के बाद दोनों नंगे पैर आश्रम की ओर बढ़े। आश्रम परिसर में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि दोनों करीब दो घंटे तक आश्रम में रहे और इस दौरान आध्यात्मिक चर्चा, सत्संग और दर्शन का लाभ लिया। जब वे आश्रम से बाहर निकले तो विराट कोहली के माथे पर चंदन और त्रिपुंड दिखाई दिया। उनके हाथ में एक धार्मिक पुस्तक भी नजर आई, जिसे लेकर लोगों के बीच चर्चा रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद विराट और अनुष्का यहीं नहीं रुके। दोनों केली कुंज आश्रम से लगभग 150 मीटर दूर स्थित बड़े गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम भी पहुंचे। खास बात यह रही कि इस पूरे रास्ते दोनों नंगे पैर ही चलते दिखाई दिए। श्रद्धा और सादगी से भरी उनकी यह यात्रा वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। आश्रम परिसर के बाहर कई श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक नजर आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का आध्यात्मिक झुकाव किसी से छिपा नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों कई धार्मिक स्थलों और संतों के आश्रमों में दर्शन करते हुए दिखाई दिए हैं। संत प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी विशेष श्रद्धा रही है। यही वजह है कि वे समय-समय पर वृंदावन पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। बताया जाता है कि यह दोनों की संत प्रेमानंद महाराज से सातवीं मुलाकात है। बीते तीन वर्षों में वे कई बार वृंदावन आ चुके हैं और हर बार उनकी यात्रा चर्चा का विषय बनी है। इस वर्ष भी यह उनकी तीसरी यात्रा बताई जा रही है। इससे पहले फरवरी में बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद और अप्रैल में अक्षय तृतीया के अवसर पर भी दोनों संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे। अप्रैल में उन्होंने सत्संग में भाग लिया था और आध्यात्मिक विषयों पर मार्गदर्शन भी प्राप्त किया था। लगातार हो रही इन यात्राओं से साफ है कि दोनों अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विराट कोहली के लिए यह समय पेशेवर रूप से भी बेहद खास रहा है। आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका बल्ला जमकर बोला और उन्होंने लगातार चौथे सीजन में 600 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी कायम रखा। इस सीजन में उन्होंने कुल 675 रन बनाए, जो उनकी टीम के लिए सबसे अधिक रहे। फाइनल मुकाबले में भी विराट कोहली का प्रदर्शन चर्चा में रहा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी आईपीएल करियर की सबसे तेज अर्धशतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी ने टीम की जीत की नींव मजबूत की और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला। खिताब जीतने के बाद क्रिकेट प्रेमियों ने विराट की जमकर सराहना की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">खेल जगत में सफलता हासिल करने के बाद विराट और अनुष्का का सीधे वृंदावन पहुंचना कई लोगों को प्रेरित करने वाला माना जा रहा है। अक्सर दोनों सार्वजनिक मंचों पर यह बताते रहे हैं कि जीवन में आध्यात्मिकता और मानसिक शांति का कितना महत्व है। उनके अनुसार सफलता और प्रसिद्धि के बीच भी व्यक्ति को अपने भीतर संतुलन बनाए रखना चाहिए। यही कारण है कि वे समय-समय पर धार्मिक स्थलों की यात्रा करते रहते हैं। वृंदावन में उनकी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा गया। हालांकि आश्रम प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरती। दोनों ने बिना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के शांतिपूर्वक दर्शन किए और कुछ समय आश्रम में बिताने के बाद वापस लौट गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:56:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खराब तबीयत के बीच भावुक हुए प्रेमानंद महाराज, बोले- ‘मेरी चिंता छोड़िए, भजन करते रहिए’</title>
                                    <description><![CDATA[प्रेमानंद महाराज ने खराब स्वास्थ्य के बीच भावुक संदेश जारी कर भक्तों से चिंता न करने और भजन-नाम जप में लगे रहने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/premanand-maharaj-became-emotional-amid-ill-health-and-said/article-54218"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/premanand-maharaj-vrindavan-saint-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों खराब सेहत के चलते चर्चा में हैं। उनकी पदयात्रा 17 मई से बंद होने के बाद भक्तों में चिंता की लहर बनी हुई थी। इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेमानंद महाराज ने एक आधिकारिक संदेश जारी किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने भावुकता के साथ भक्तों से अपील की है कि वे उनकी चिंता न करें और भजन-नाम जप में लगे रहें। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के बाद बड़ी संख्या में लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वीडियो में महाराज बेहद शांत नजर आ रहे हैं और उन्होंने धीमी आवाज में कहा कि उन्हें भक्तों की भीड़ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनका स्वस्थ और खुशहाल जीवन चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, “<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं रहूं या न रहूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिलूं या न मिलूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बारे में चिंता मत करो।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भक्तों को राधा रानी के आश्रित रहने और नियमित भजन करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उनकी तबीयत ठीक नहीं रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्राओं से दूरी बना ली है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने अपने संदेश में साफ कहा कि भक्त परेशान न हों और जो सेवा वे कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे जारी रखें। उनके वीडियो में भावनाओं से भरा अंदाज कई भक्तों को छू गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई लोग इसे गुरु-शिष्य के रिश्ते का प्रतीक मान रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि उनका मौन और एकांत केवल व्यक्तिगत साधना नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भक्तों के लिए भी एक साधना का समय है। महाराज ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा जो कुछ भी होना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब जो हो रहा है वह आप सबके लिए है।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान उन्होंने बार-बार नाम जप और भक्ति पर जोर दिया। सुनने में आ रहा है कि उनकी पदयात्रा बंद होने के बाद वृंदावन आने वाले कई श्रद्धालु निराश होकर लौटे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि लोग रोजाना उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में आते थे। इसीलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका यह संदेश भक्तों को सुकून पहुंचाने का एक प्रयास भी माना जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वीडियो वायरल होने के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर भक्त लगातार उनकी जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि महाराज का संदेश सुनकर उनकी आंखें नम हो गईं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रेमानंद महाराज हमेशा भक्ति को दिखावे से ऊपर रखते आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इस बार भी उन्होंने यही बात दोहराई है। इस वक्त उनकी सेहत के बारे में ज्यादा आधिकारिक जानकारी नहीं आई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भक्त लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 10:54:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11 महीने बाद भिलाई आश्रम में मिली मां, बेटी रोते हुए बोली- उम्मीद खत्म हो गई थी</title>
                                    <description><![CDATA[भागलपुर की महिला 11 महीने बाद भिलाई के आश्रम में मिली। बेटी पूजा मां से मिलते ही फूट-फूटकर रो पड़ी, वीडियो भी सामने आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/mother-and-daughter-found-in-bhilai-ashram-after-11-months/article-53621"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhagalpur-bhilai-missing-woman.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भागलपुर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार की रहने वाली पूजा की ज़िंदगी पिछले 11 महीनों से बस एक खोज में बदल गई थी। उनकी मां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बबीता देवी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अचानक लापता हो गई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि वह कहां गईं। अब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगभग 11 महीने बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के भिलाई के एक आश्रम में मां के मिलने की खबर आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पूजा खुद को रोक नहीं पाई। आश्रम पहुंचते ही मां-बेटी ने एक-दूसरे को गले लगाकर रोना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। इस पूरे दृश्य का वीडियो भी सामने आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पूजा अपनी मां को पकड़कर लगातार रोती नजर आ रही हैं। बताया गया है कि बबीता देवी 3 जून 2025 को अपने मायके जगतपुर बांका जाने के लिए घर से निकली थीं। उन्होंने परिवार को कहा था कि 10 दिन में लौटेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। शुरू में परिवार को लगा कि शायद वो किसी रिश्तेदार के पास रुक गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी चिंता बढ़ती गई। पूजा ने रेलवे स्टेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस स्टैंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिरों और वृद्धाश्रमों में मां को खोजा। उन्होंने पोस्टर लगवाए और पुलिस थानों के चक्कर लगाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई खाता नहीं मिला।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूजा ने बताया कि धीरे-धीरे परिवार की उम्मीदें कम होने लगीं। इसी दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह मथुरा और वृंदावन गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जाकर अपनी परेशानी बताई। पूजा का कहना है कि वहां उन्हें एक विशेष पाठ करने की सलाह दी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे वह रोज लगभग ढाई से तीन घंटे तक करती थीं। उनका कहना है कि जब हर रास्ता बंद हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उन्होंने सिर्फ भगवान पर भरोसा रखा। कुछ दिन पहले अचानक बांका थाने से फोन आया कि उनकी मां छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">फील परमार्थम</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">आश्रम में हैं। यह सुनते ही पूजा रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि उस समय वह कोचिंग इंस्टिट्यूट में थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बिना समय गंवाए नौकरी छोड़कर ट्रेन पकड़ ली। रिजर्वेशन नहीं मिलने पर जनरल डिब्बे में सफर कर भिलाई पहुंचीं। पूजा के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे रास्ते एक ही डर था कि कहीं मां को फिर से न खो दें। जब वह आश्रम पहुंचीं और अपनी मां को देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो विश्वास ही नहीं हुआ। वह लगातार मां का चेहरा देखती रहीं और रोते हुए कहती रहीं कि अब कहीं मत जाना।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बबीता देवी भिलाई के पास कचांदुर मोड़ इलाके में भटकती मिली थीं। इसके बाद </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">फील परमार्थम</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">आश्रम के लोगों ने उन्हें अपने पास रखा और उनकी देखभाल की। आश्रम के लोगों ने बताया कि बबीता देवी अक्सर सिर्फ यही कहती थीं कि उन्हें घर जाना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन्हें अपना पूरा पता याद नहीं था। बाद में बातचीत के दौरान उन्हें </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">जगतपुर बांका</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम याद आया। इसी जानकारी के आधार पर आश्रम ने पुलिस से संपर्क किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आखिरकार परिवार को सूचना मिल गई। पूजा ने आश्रम के लोगों का आभार जताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा कि उन्होंने उनकी मां को सुरक्षित रखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरना शायद वह कभी नहीं मिल पातीं। पूजा ने बताया कि उनके पिता का अपहरण उनके जन्म से पहले हो गया था और तभी से उनका कोई सुराग नहीं मिला। मां ने ही उन्हें अकेले पाला और दोनों एक-दूसरे के लिए पूरी दुनिया थे। ऐसे में मां का अचानक गायब हो जाना उनके लिए एक बड़े सदमे जैसा था। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मां अब बेटी के साथ बिहार लौट चुकी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और परिवार इसे भगवान का आशीर्वाद मान रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:52:44 +0530</pubDate>
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