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                <title>Kondagaon - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Kondagaon RSS Feed</description>
                
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                <title>ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन, डिप्टी CM के निर्देश के बाद दो EE को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर दौरे में पेयजल संकट की शिकायत सामने आने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सख्त, दंतेवाड़ा और कोंडागांव के अधिकारियों से सात दिन में मांगा जवाब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-on-villagers-complaint-notice-to-two-ees-after-instructions/article-55734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/arun-sao.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर संभाग के ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजनाओं के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उनके सामने ही पेयजल संकट की समस्या रखी थी। लोगों का कहना था कि गांवों में करोड़ों रुपए खर्च कर नल-जल योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायत मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई थी और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब इसी मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। मामला उस समय सामने आया जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव जल अर्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव और दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी परेशानी बताई। लोगों का कहना था कि जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई, टंकियां बनाई गईं और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है। कई परिवारों को आज भी पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण कराना नहीं है, बल्कि लोगों तक उसका लाभ पहुंचाना भी है। यदि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम की ओर से दोनों जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नोटिस में कहा गया है कि कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल-जल योजना का संचालन और संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया है। इसके कारण ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। विभाग ने माना है कि यह स्थिति शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। साथ ही योजना के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करती है। विभाग का कहना है कि यदि योजना पूरी तरह तैयार है तो फिर ग्रामीणों को पानी क्यों नहीं मिल रहा, इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। दूसरी ओर दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में भी स्थिति कुछ ऐसी ही पाई गई। जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के एक मोहल्ले में कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग के अनुसार तकनीकी मानकों के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होना इस बात का संकेत है कि योजना के संचालन और निगरानी में कहीं न कहीं कमी रही है। यही वजह है कि दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता से भी जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों को जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारियों में भी हलचल देखी जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकार अब जल जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं के संचालन को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का अभियान चलाया गया है। बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में भी इस योजना के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई है। हालांकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संचालन और रखरखाव की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल पाइपलाइन बिछा देने या टंकी बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक पानी नियमित रूप से घरों तक नहीं पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:20:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी झुलसाने वाली गर्मी, 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन भीषण गर्मी बढ़ने के आसार, गरियाबंद समेत 4 जिलों में येलो अलर्ट और तेज हवाओं की चेतावनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/scorching-heat-will-increase-in-chhattisgarh-yellow-alert-issued-in/article-53737"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-weather-update-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में गर्मी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले कुछ दिनों में हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को गरियाबंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धमतरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस्तर और कोंडागांव जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इससे गर्मी में ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मतलब अभी जो गर्मी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आने वाले दिनों में वो और बढ़ने वाली है। दोपहर में सड़कों पर निकलना मुश्किल हो सकता है। कई स्थानों पर सुबह से ही तेज धूप है और शाम तक गर्म हवाएं चल रही हैं। लोग उमस से भी परेशान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर शहरों में हालात और गंभीर हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि प्रदेश में सबसे कम है। रायपुर में भी गर्मी का असर दिखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री और न्यूनतम 29.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर की तेज धूप और उमस से लोग बेहाल दिखे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम विभाग का कहना है कि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसका असर सीमित रहेगा। गर्मी से राहत की उम्मीद अभी कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बड़े पैमाने पर बारिश संभव हो सके। यही कारण है कि तापमान लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">येलो अलर्ट के संदर्भ में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह शुरुआती चेतावनी होती है। इसका मतलब ये नहीं कि स्थिति बहुत गंभीर हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मौसम अचानक बिगड़ सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए सावधानी जरूरी है। गर्मियों में येलो अलर्ट तब जारी किया जाता है जब लू चलने या सामान्य से अधिक तापमान बढ़ने की संभावना होती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार पानी पिएं और धूप से बचें।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुछ जिलों में आंधी और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। तेज हवाओं की वजह से खुले में रखी फसल और हल्के ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर नई चेतावनी जारी की जा सकती है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:05:15 +0530</pubDate>
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