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                <title>Civil Services Exam - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Civil Services Exam RSS Feed</description>
                
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                <title>MPPSC मेंस परीक्षा से रोक हटी, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट ने दी परीक्षा कराने की अनुमति, लेकिन रिजर्वेशन और मेरिट विवाद पर अंतिम फैसला अभी बाकी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ban-on-mppsc-mains-exam-lifted-big-relief-for-candidates/article-56376"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mppsc-mains-exam-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद आखिरकार फिलहाल एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस परीक्षा पर लगी अंतरिम रोक को हटा दिया है, जिसके बाद अब परीक्षा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। करीब डेढ़ साल से अटकी इस प्रक्रिया से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से आगे की चयन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। यह फैसला हाईकोर्ट की युगलपीठ, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की बेंच ने सुनाया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल मुख्य परीक्षा को लेकर अंतरिम राहत है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मूल कानूनी एवं संवैधानिक मुद्दों पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को तय की गई है, जिसमें इन विवादों पर विस्तृत विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से यह मांग की गई थी कि परीक्षा पर लगी रोक हटाई जाए ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में न रहे। दलील दी गई कि भर्ती प्रक्रिया पहले ही काफी लंबी हो चुकी है और इसे और रोके रखना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर अदालत ने परीक्षा आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी, लेकिन सभी कानूनी प्रश्नों को सुरक्षित रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे विवाद की जड़ में प्रारंभिक परीक्षा 2025 से जुड़े कई अहम मुद्दे हैं। सबसे बड़ा सवाल वर्गवार कटऑफ सार्वजनिक न किए जाने को लेकर उठाया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने विस्तृत कटऑफ जारी नहीं किया, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत कटऑफ को खोलकर याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए थे। दूसरा बड़ा विवाद ओपन मेरिट सीटों को लेकर है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के वे अभ्यर्थी, जिन्होंने सामान्य वर्ग के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें अनारक्षित सीटों पर समायोजित किया जाना चाहिए। लेकिन आयोग की नीति को लेकर यह मुद्दा लगातार विवाद का कारण बना हुआ है। इसी तरह आयु सीमा में छूट पाने वाले अभ्यर्थियों के माइग्रेशन यानी सामान्य वर्ग में समायोजन के नियमों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने इन्हीं सभी बिंदुओं को गंभीर मानते हुए पहले मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी थी। अब रोक हटने के बाद परीक्षा प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी, लेकिन अंतिम निर्णय पर सबकी नजर बनी हुई है। इस मामले में यह भी कहा गया कि चयन प्रक्रिया लगातार लंबी होती जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों की तैयारी और करियर दोनों प्रभावित हो रहे हैं। पहले जहां चयन एक साल में पूरा हो जाता था, वहीं अब यह प्रक्रिया डेढ़ से दो साल तक खिंच रही है। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सेवा परीक्षाओं के पिछले संस्करण भी कानूनी विवादों में फंसे रहे हैं। 2019 और 2023 की परीक्षाओं के मामले भी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे, जहां लंबी सुनवाई के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ पाई थी। इस बार भी वही स्थिति बनती दिख रही है, जहां एक तरफ परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आरक्षण, मेरिट और माइग्रेशन जैसे मुद्दों पर अंतिम न्यायिक निर्णय का इंतजार जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:08:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूपीएससी ने जारी की सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 की आंसर-की, उम्मीदवारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार अंतिम परिणाम से पहले जारी हुई आंसर-की, अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/upsc-released-the-answer-key-of-civil-services-prelims-2026/article-54401"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आंसर-की जारी कर दी है। आयोग ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है, जब अंतिम परिणाम आने से पहले ही प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की सार्वजनिक की गई है। इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आंसर-की जारी होने के बाद अब लाखों उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान कर परीक्षा में संभावित प्रदर्शन का अनुमान लगा सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी की ओर से सामान्य अध्ययन पेपर-1 और सामान्य अध्ययन पेपर-2 यानी सीसैट की आंसर-की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने इसे पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, ताकि उम्मीदवार आसानी से डाउनलोड कर सकें। इसके साथ ही आयोग ने छात्रों को प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया भविष्य में परीक्षा प्रणाली को और अधिक जवाबदेह बना सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार आयोग के फैसले ने अभ्यर्थियों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। लंबे समय से उम्मीदवार मांग कर रहे थे कि प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की जल्दी जारी की जाए, ताकि वे अपने प्रदर्शन का सही आकलन कर सकें। पहले यूपीएससी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही आंसर-की जारी करता था। ऐसे में उम्मीदवारों को काफी इंतजार करना पड़ता था और कई बार उन्हें यह समझने में मुश्किल होती थी कि किन सवालों में गलती हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब आयोग के इस कदम से उम्मीदवारों को तैयारी की रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। जिन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी है, वे अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगाकर आगे की योजना बना सकेंगे। वहीं जिन उम्मीदवारों को कटऑफ को लेकर संशय है, उन्हें भी स्थिति स्पष्ट करने में आसानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीएससी का यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली पर उम्मीदवारों का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही अगर किसी प्रश्न या उत्तर में त्रुटि होती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी ने उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित प्रश्नों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भेज सकते हैं। इसके लिए आयोग ने प्रक्रिया और दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि सभी आपत्तियों की विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अंतिम उत्तरों में संशोधन किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली थी। कई राज्यों में गर्मी और मौसम की चुनौती के बावजूद छात्र परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही सोशल मीडिया और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म पर संभावित कटऑफ और उत्तरों को लेकर चर्चा चल रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कोचिंग संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा और परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी दिखाई देगी। कई शिक्षकों का मानना है कि भविष्य में अन्य भर्ती एजेंसियां भी इसी तरह की व्यवस्था अपना सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयन के लिए परीक्षा देते हैं। प्रारंभिक परीक्षा इस चयन प्रक्रिया का पहला चरण होती है, जिसके बाद मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उम्मीदवारों के बीच इस बार कटऑफ को लेकर भी काफी चर्चा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य अध्ययन पेपर-1 का स्तर मध्यम से कठिन रहा, जबकि सीसैट में गणित और तार्किक प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को चुनौती दी। हालांकि वास्तविक स्थिति अब आंसर-की जारी होने के बाद ज्यादा स्पष्ट होने लगी है। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों ने आयोग के इस फैसले की सराहना की है। छात्रों का कहना है कि इससे उन्हें तैयारी में दिशा मिलेगी और परिणाम का इंतजार करते समय अनिश्चितता कम होगी। कई उम्मीदवारों ने इसे छात्र हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि उम्मीदवार केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आंसर-की डाउनलोड करें और किसी भ्रामक जानकारी से बचें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम और कटऑफ बाद में अलग से जारी किए जाएंगे। अब अभ्यर्थियों की नजर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई है। वहीं शिक्षा जगत में यूपीएससी का यह कदम आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं के ढांचे में बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>UPSC प्रीलिम्स 2026 में नया नियम, रायपुर में ऐसी मिलेगी एंट्री, 22 सेंटरों में साढ़े 8 हजार कैंडिडेट्स देंगे परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में UPSC प्रीलिम्स 2026 के लिए फेस ऑथेंटिकेशन लागू। 22 केंद्रों में 8449 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, जानें जरूरी गाइडलाइन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/new-rule-in-upsc-prelims-2026-entry-will-be-available/article-54077"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-prelims-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संघ लोक सेवा आयोग (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPSC) <span lang="hi" xml:lang="hi">की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को होने जा रही है। रायपुर जिले में इस बार लगभग 8,500 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और सुरक्षा व्यवस्था पहले से और ज्यादा सख्त रखी गई है। खास बात ये है कि इस बार पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया है। यानी कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों का चेहरा स्कैन किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका मकसद फर्जी अभ्यर्थियों और परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को </span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:'Times New Roman', serif;">миним</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ाइज़ करना है। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर निगरानी बढ़ा दी जाएगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पुलिस की टीम लगातार पेट्रोलिंग करेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर जिले में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कुल 8,449 कैंडिडेट्स परीक्षा देंगे। यह परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहली शिफ्ट के लिए सुबह 9 बजे और दूसरी शिफ्ट के लिए दोपहर 2 बजे मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उम्मीदवारों से अनुरोध किया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थी आखिरी समय में पहुँचते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे अव्यवस्था होती है। इसी कारण इस बार समय को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन में परीक्षा केंद्रों के आसपास अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण रोकने के निर्देश दिए गए हैं। लाउडस्पीकर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनावश्यक भीड़ और अन्य गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री को जिला कोषालय से कड़ी सुरक्षा के बीच वितरित किया जाएगा। हर सेंटर पर मेटल डिटेक्टर से </span>frisking <span lang="hi" xml:lang="hi">भी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है और विभिन्न सेंटर प्रभारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह और थोड़ी चिंता दोनों देखी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि </span>UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रीलिम्स देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 17:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>UPSC  परीक्षा  होते ही जारी हो जाएंगी आंसर-की जारी, छात्रों को क्या मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[UPSC CSE 2026 में नया नियम लागू, परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी होगी। जानें आपत्ति प्रक्रिया और छात्रों को क्या फायदा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/answer-key-will-be-released-as-soon-as-upsc-exam/article-53780"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-cse-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPSC CSE Answer Key <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 के बारे में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ लोक सेवा आयोग ने आखिरकार एक लंबे समय से चल रही मांग को मान लिया है। अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. अजय कुमार ने इसे एक नई शुरुआत बताया है और कहा है कि इससे उम्मीदवारों के साथ संवाद और अधिक स्पष्टता के साथ किया जा सकेगा। पहले आंसर-की परीक्षा और रिजल्ट के काफी समय बाद जारी होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों को अपनी उत्तर कुंजी की जांच करने और किसी भी गलती पर आपत्ति दर्ज कराने का बहुत ही सीमित मौका मिलता था। कई उम्मीदवार लंबे समय से इस प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आयोग ने उसी दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस नए नियम के तहत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों को प्रोविजनल आंसर-की देखने का मौका मिलेगा और वे उस पर अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए आयोग ने 31 मई की शाम 6 बजे तक आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करने की एक समय सीमा निर्धारित की है। यह प्रक्रिया </span>UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">की आधिकारिक वेबसाइट </span>upsconline.nic.in <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मौजूद </span>‘Online Question Paper Representation Portal (QPRep)’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के माध्यम से की जाएगी। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि आपत्ति दर्ज करने के लिए केवल दावा करना ही काफी नहीं होगा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें अपने दावे के समर्थन में ठोस और प्रमाणिक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोत या समर्थन प्राप्त प्रूफ अपलोड करना अनिवार्य होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी भी उत्तर पर निष्पक्षता से पुनर्विचार किया जा सके। इसके बाद एक्सपर्ट्स की एक टीम सभी आपत्तियों की गहराई से समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर आंसर-की में संशोधन भी किया जाएगा। अंतिम आंसर-की तभी जारी की जाएगी जब सभी आपत्तियों की विस्तृत समीक्षा पूरी हो जाएगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति पर पड़ेगा। पहले</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां छात्रों को रिजल्ट आने तक यह पता नहीं चलता था कि उनके प्रदर्शन का क्या हाल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब परीक्षा के तुरंत बाद एक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी। खासकर उन छात्रों के लिए यह अच्छा होगा जो कट-ऑफ के आसपास होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि हर अंक उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अब वे जल्दी समझ सकेंगे कि उन्हें मेंस परीक्षा की तैयारी तेज करनी है या फिर फिर से प्रीलिम्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रतियोगी छात्रों की रणनीति बनाने में भी मदद करेगा। इससे अनिश्चितता की स्थिति कम होगी और तैयारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। कुल मिलाकर</span>, UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">का यह निर्णय परीक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लाखों उम्मीदवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:16:21 +0530</pubDate>
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