<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/transfer-policy/tag-14332" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Transfer Policy - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/14332/rss</link>
                <description>Transfer Policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मानसून सत्र से पहले साय सरकार की बड़ी बैठक आज, कई अहम फैसलों के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[शाम 4 बजे मंत्रालय में होगी मंत्रिपरिषद की बैठक, खरीफ सीजन, मानसून की स्थिति और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी होगा मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-government-meeting-today-before-monsoon-session-indications-of-many/article-58202"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-cabinet-meeting-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आज एक अहम कैबिनेट बैठक करने जा रही है। मंत्रालय स्थित महानदी भवन में शाम 4 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक को आगामी विधानसभा मानसून सत्र के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में सरकार सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों, चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट और कई नीतिगत प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दे सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में नई ट्रांसफर नीति पर भी फैसला होने की संभावना जताई जा रही है, जिसका लंबे समय से सरकारी कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले यह मंत्रिपरिषद की अंतिम महत्वपूर्ण बैठक होगी। ऐसे में सरकार सत्र के दौरान पेश होने वाले सभी प्रमुख प्रस्तावों और विधायी कार्यों पर अंतिम चर्चा करेगी। माना जा रहा है कि कई संशोधन विधेयकों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा होगी। विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार अतिरिक्त बजट आवंटन को मंजूरी दे सकती है। अनुपूरक बजट के जरिए विकास कार्यों, अधूरी परियोजनाओं और नई योजनाओं के लिए राशि उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके बाद इसे मानसून सत्र में सदन के सामने रखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक में प्रदेश में मानसून की मौजूदा स्थिति भी प्रमुख एजेंडा रहेगी। इस वर्ष अब तक राज्य में सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। सरकार इस स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय कर सकती है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग बैठक में खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर विस्तृत प्रस्तुति देगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों तक समय पर आवश्यक कृषि सामग्री पहुंचे और बुआई का काम प्रभावित न हो। यदि कम बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो वैकल्पिक फसल योजना, सिंचाई प्रबंधन और राहत उपायों पर भी निर्णय लिया जा सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और विभिन्न जिलों की वर्षा रिपोर्ट के आधार पर सरकार प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति तैयार कर सकती है। सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग, जल संरक्षण और सूखे की आशंका वाले इलाकों के लिए भी आवश्यक कदमों पर विचार होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी कर्मचारियों की नजर इस बैठक पर इसलिए भी टिकी हुई है क्योंकि नई स्थानांतरण नीति को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। पिछली नीति की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारी और विभाग दोनों नई व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट इस संबंध में अंतिम फैसला ले सकती है। यदि नीति को मंजूरी मिलती है तो जल्द ही प्रदेशभर में तबादला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नई ट्रांसफर नीति लागू होने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, लोक निर्माण और अन्य विभागों में लंबे समय से लंबित तबादलों का रास्ता साफ हो जाएगा। कई विभागों ने पहले ही स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं और सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में धान उपार्जन नीति से जुड़े कुछ प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य, खरीद व्यवस्था और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर विभागीय रिपोर्ट की समीक्षा कर सकती है। इसके अलावा कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया जा सकता है। मंत्रिपरिषद के सामने किसानों, श्रमिकों, उद्योगों और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। इनमें विभिन्न विभागों की नई योजनाएं, प्रशासनिक सुधार और नीतिगत बदलाव शामिल हो सकते हैं। कुछ विभागों ने अपने प्रस्ताव पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय आज की बैठक में लिया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को महंगाई, किसानों की समस्याओं, बारिश की कमी, कानून व्यवस्था और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सरकार चाहती है कि सत्र शुरू होने से पहले सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ सदन में जाएं और आवश्यक प्रस्तावों को समय रहते मंजूरी मिल जाए। कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की प्राथमिकताओं की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। विशेष रूप से किसानों, कर्मचारियों और विकास योजनाओं से जुड़े फैसलों पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। यदि नई ट्रांसफर नीति, अनुपूरक बजट और प्रमुख विधेयकों को मंजूरी मिलती है तो इसका असर आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कामकाज पर साफ दिखाई देगा। सरकार की कोशिश होगी कि मानसून सत्र के दौरान विकास, कृषि, वित्त और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस निर्णय लेकर प्रदेश के सामने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट रूप से रखी जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-government-meeting-today-before-monsoon-session-indications-of-many/article-58202</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-government-meeting-today-before-monsoon-session-indications-of-many/article-58202</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:53:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/chhattisgarh-cabinet-meeting-%281%29.jpg"                         length="164213"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी तबादला नीति में छूट से 17 हजार से अधिक ट्रांसफर हुए</title>
                                    <description><![CDATA[मोहन सरकार की एक दिन की छूट में विभागों में ताबड़तोड़ तबादले, 16 दिन में बड़ी प्रशासनिक हलचल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/more-than-17-thousand-transfers-took-place-due-to-relaxation/article-56267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मोहन यादव सरकार द्वारा तबादलों पर दी गई अस्थायी छूट के बाद मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर जबरदस्त हलचल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश तबादला नीति के तहत 16 दिन के भीतर 17 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। खास बात यह रही कि केवल एक दिन की विशेष छूट के दौरान ही करीब ढाई हजार तबादले महज़ कुछ घंटों में पूरे कर दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम सोमवार और मंगलवार की रात के बीच अधिक सक्रिय रूप में देखा गया, जब विभागों ने देर रात तक आदेश जारी किए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 जून को तबादला अवधि समाप्त होने के बाद मंत्रियों की मांग पर एक दिन की विशेष रियायत दी गई थी, जो मंगलवार रात 12 बजे तक प्रभावी रही। इस अवधि में कई विभागों ने तेजी से अपने स्तर पर तबादला आदेश जारी किए। स्कूल शिक्षा विभाग में प्रक्रिया अभी ऑनलाइन आवेदन स्तर पर होने के कारण आदेश पूरी तरह जारी नहीं हुए हैं, लेकिन बाकी विभागों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुए हैं। आबकारी विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग जैसे अहम विभागों में तबादलों की लंबी सूची तैयार हुई है। इसके अलावा राजस्व, भू-संसाधन, पीएचई, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास, आयुष, किसान कल्याण, कृषि विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और सहकारिता विभागों में भी व्यापक स्तर पर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है। कई जगहों पर फाइलें देर रात तक चलती रहीं और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्तर पर विभागवार आंकड़ों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार राजस्व विभाग में लगभग 400, नगरीय विकास एवं आवास में करीब 900, पंचायत एवं ग्रामीण विकास में 1100 और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में लगभग 1700 तबादले हुए हैं। जनजातीय कार्य विभाग में करीब 1200, लोक निर्माण विभाग में 500 और वन विभाग में 200 से अधिक स्थानांतरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग में 200 से ज्यादा, आबकारी विभाग में 75, परिवहन विभाग में 50, वाणिज्यिक कर विभाग में लगभग 150 और जल संसाधन विभाग में 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर भी हजारों की संख्या में आदेश जारी होने से प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि कई जिलों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में फाइलें निपटाई गईं, जिससे विभागीय कामकाज की गति भी प्रभावित हुई। अधिकारियों के अनुसार तबादलों का आधिकारिक रिकॉर्ड सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नीति स्तर पर तैयार किया जाता है, लेकिन हर विभाग में वास्तविक संख्या का अलग-अलग संकलन होता है। यही वजह है कि कुल आंकड़े को जोड़ने में भी प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा अंतर देखा जाता है। बावजूद इसके, एक दिन की छूट के भीतर हुई यह तेज़ी इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार की रियायत के बाद विभागों में लंबित तबादलों को तेजी से निपटाया गया। अब आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश भी जारी होने की संभावना है, जिसके बाद कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/more-than-17-thousand-transfers-took-place-due-to-relaxation/article-56267</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/more-than-17-thousand-transfers-took-place-due-to-relaxation/article-56267</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:37:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/madhya-pradesh-transfer.jpg"                         length="158449"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक आज, तबादला अवधि बढ़ाने और स्वास्थ्य नीति पर बड़ा फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मिल सकती है मंजूरी, इंदौर मेट्रो, वन्यजीव पर्यटन और संविदा कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/chief-ministers-cabinet-meeting-today-big-decision-possible-on-extension/article-56076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार की मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण फैसलों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रस्तावों के साथ-साथ तबादला अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है। राज्य के विभिन्न विभागों और कर्मचारियों की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है क्योंकि कई ऐसे प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं जिनका सीधा असर प्रशासनिक व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है। कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए नई नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस प्रस्ताव के तहत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। सरकार इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि प्रदेश के कई हिस्सों में निजी और सामाजिक संस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे में यदि उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग दिया जाता है तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल के विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अब अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती तथा चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं पहले से संचालित हैं। ऐसे में नई स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति को सरकार की स्वास्थ्य सुधार रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा तबादला अवधि को लेकर है। राज्य सरकार ने इस वर्ष एक जून से 15 जून तक स्थानांतरण की अवधि निर्धारित की थी। हालांकि कई विभागों में अब तक तबादलों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों ने तबादला अवधि बढ़ाने की मांग रखी है ताकि लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कई बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि इस बार तबादला अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके बावजूद प्रशासनिक जरूरतों और विभागों की मांग को देखते हुए कैबिनेट में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना बनी हुई है। यदि अवधि बढ़ाने का फैसला होता है तो हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका लाभ मिल सकता है। वहीं यदि सरकार अपने पुराने रुख पर कायम रहती है तो स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर ही समाप्त मानी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल इंदौर मेट्रो को लेकर सरकार पहले ही कई चरणों में मंजूरी दे चुकी है। अब परियोजना की लागत में संशोधन के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की गति और तेज हो सकती है। वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के कारण वन्यजीव पर्यटन का बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है। सरकार इन योजनाओं को आगे बढ़ाकर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन देना चाहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा गांवों के पुनर्वास से जुड़े मामलों में मुआवजा स्वीकृति पर भी चर्चा होने की संभावना है। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने और स्थानीय निधि संपरीक्षा से संबंधित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासनिक दृष्टि से यह फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इनका असर बड़ी संख्या में हितग्राहियों पर पड़ता है। कैबिनेट के एजेंडे में रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन से जुड़ा एक पायलट प्रोजेक्ट भी शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार इन केंद्रों का संचालन आउटसोर्स प्रणाली के माध्यम से किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सामाजिक न्याय विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इसके तहत विभाग की शासकीय संस्थाओं में मानदेय के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष प्रकरण मानते हुए संविदा कर्मचारी घोषित करने पर विचार किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो संबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है। मंगलवार की कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण बेहद अहम मानी जा रही है। स्वास्थ्य नीति, तबादला अवधि, इंदौर मेट्रो, पर्यटन, पुनर्वास और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर होने वाले फैसले आने वाले समय में प्रदेश की प्रशासनिक और विकास संबंधी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/chief-ministers-cabinet-meeting-today-big-decision-possible-on-extension/article-56076</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/chief-ministers-cabinet-meeting-today-big-decision-possible-on-extension/article-56076</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/madhya-pradesh-cabinet-meeting.jpg"                         length="194889"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटवारियों के लिए नई संविलयन नीति जारी, गृह तहसील में नहीं मिलेगी पोस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व विभाग ने संविलयन नीति 2026 लागू की, नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता, 2022 परीक्षा वाले पटवारियों के लिए विशेष शर्तें निर्धारित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-merger-policy-issued-for-patwaris-posting-will-not-be/article-55804"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-patwari-policy-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजस्व विभाग मध्य प्रदेश ने पटवारियों के अंतर जिला संविलयन को लेकर नई संविलयन नीति 2026 जारी कर दी है। तबादला अवधि समाप्त होने से ठीक पहले जारी इस नीति में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। साथ ही संविलयन के बाद संबंधित पटवारी की वरिष्ठता नए जिले की सीनियरिटी सूची के आधार पर तय होगी। विभाग का कहना है कि पटवारी जिला संवर्ग का पद होने के कारण उसके लिए अलग से संविलयन नीति लागू की गई है ताकि जिलेवार प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो। नई नीति के अनुसार पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्त हुए कर्मचारी अंतर जिला संविलयन के लिए पात्र होंगे। हालांकि वर्ष 2022 की परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए पटवारियों को भी कुछ विशेष परिस्थितियों में आवेदन करने का अवसर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संविलयन प्रक्रिया पूरी तरह रिक्त पदों की उपलब्धता और आरक्षण नियमों के पालन के आधार पर होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नीति में कहा गया है कि यदि किसी पटवारी का पति या पत्नी शासकीय कर्मचारी है और दोनों की एक ही जिले में पदस्थापना आवश्यक है, तो रिक्त पद होने की स्थिति में संबंधित जिले में संविलयन किया जा सकेगा। इसी तरह विवाहित महिला, विधवा, तलाकशुदा अथवा परित्यकता महिला पटवारियों को भी आवेदन की अनुमति होगी। गंभीर बीमारियों से पीड़ित पटवारी जैसे कैंसर, किडनी रोग, डायलिसिस पर निर्भर कर्मचारी या ओपन हार्ट सर्जरी से गुजर चुके कर्मचारियों को भी विशेष श्रेणी में संविलयन का लाभ मिल सकेगा। विभाग ने आपसी सहमति के आधार पर संविलयन के मामलों को भी मान्यता दी है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार संविलयन के बाद परिवीक्षा अवधि से जुड़ी समस्त कार्रवाई नए जिले में पूरी की जाएगी। हालांकि कर्मचारी को विभागीय नियमों और सेवा शर्तों का पालन पहले की तरह करना होगा। किसी पटवारी के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच, दंडात्मक कार्रवाई, विशेष दायित्व या व्यक्तिगत सेवा अभिलेख की जानकारी पुराने जिले द्वारा नए जिले को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संविलयन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। आयुक्त भू संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश द्वारा आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदन करते समय कर्मचारियों को अपनी श्रेणी से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें सामान्य, पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओपन वर्ग, महिला वर्ग, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग श्रेणी जैसी जानकारियां शामिल होंगी। विभाग ने साफ किया है कि ऑनलाइन आवेदन के साथ कोई दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे और सभी जानकारी कर्मचारी को स्वयं दर्ज करनी होगी। नीति में कुछ अपात्रता की शर्तें भी तय की गई हैं। जिन पटवारियों के खिलाफ लोकायुक्त या किसी अन्य एजेंसी द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज है, वे संविलयन के लिए पात्र नहीं होंगे। ऐसे मामलों में आवेदन स्वतः निरस्त माना जा सकता है। संविलयन संबंधी अंतिम आदेश आयुक्त भू संसाधन प्रबंधन द्वारा जारी किए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलयन केवल उसी स्थिति में किया जाएगा जब संबंधित जिले में उस वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध हों। आरक्षण नियमों और जिला स्तरीय रोस्टर का पालन करना अनिवार्य रहेगा। किसी भी जिले में आरक्षित पदों की संख्या से अधिक पदस्थापना नहीं की जाएगी और न ही आरक्षण नियमों के विपरीत किसी कर्मचारी को समायोजित किया जाएगा। जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार कलेक्टर के पास रहेगा, लेकिन नई नीति के अनुसार किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे प्रशासनिक निष्पक्षता और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहेगी। संविलयन आदेश जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारी को 15 दिनों के भीतर नए जिले में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। नीति में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक बार संविलयन के माध्यम से जिला आवंटित हो जाने के बाद दोबारा जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं रहेगी। नए जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद कर्मचारी की वरिष्ठता वहीं की संचालित वरिष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इससे कई कर्मचारियों की वरीयता स्थिति में बदलाव भी संभव माना जा रहा है। राजस्व विभाग का कहना है कि नई संविलयन नीति का उद्देश्य पारदर्शी, व्यवस्थित और नियम आधारित पदस्थापना व्यवस्था सुनिश्चित करना है ताकि जिलेवार प्रशासनिक जरूरतों और कर्मचारियों की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-merger-policy-issued-for-patwaris-posting-will-not-be/article-55804</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-merger-policy-issued-for-patwaris-posting-will-not-be/article-55804</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:40:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/mp-patwari-policy-2026.jpg"                         length="201523"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचायत सचिवों के तबादलों पर नई सख्त गाइडलाइन जारी, गृहग्राम में पोस्टिंग पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में 23 हजार से अधिक पंचायत सचिवों के लिए नई स्थानांतरण नीति लागू, 10 साल से अधिक पदस्थ कर्मचारियों का प्राथमिकता से होगा ट्रांसफर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-strict-guidelines-issued-on-transfers-of-panchayat-secretaries-ban/article-55559"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchayat-secretary-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर नई और सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। तबादला सीजन के बीच जारी इस आदेश के बाद अब राज्य की हजारों पंचायतों में कार्यरत सचिवों की तैनाती व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नई नीति के अनुसार अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही यदि किसी सचिव के रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच चुने जाते हैं तो ऐसी स्थिति में संबंधित सचिव का तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदेश में यह निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। राज्य में वर्तमान में 23 हजार से अधिक पंचायत सचिव कार्यरत हैं, जिन पर इस नई नीति का सीधा असर पड़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">जारी आदेश के अनुसार 15 जून तक केवल जिले के भीतर ही पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किए जा सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानांतरण प्रस्ताव जिला कलेक्टर की अनुशंसा और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद ही लागू होंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया 1 जून से प्रभावी मानी जाएगी। सभी स्थानांतरण आदेश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही जिला और अंतरजिला स्तर पर स्थानांतरण की विस्तृत प्रक्रिया भी तय कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार के इस निर्णय के पीछे लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक और स्थानीय स्तर की समस्याएं प्रमुख कारण बताई जा रही हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 1994 से 1996 के बीच पंचायत कर्मियों की नियुक्ति ग्राम सभा के अनुमोदन से की गई थी, जो आज पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उस समय कई मामलों में सरपंच, उपसरपंच या प्रभावशाली व्यक्तियों के रिश्तेदारों को ही नियुक्त किया गया था। इसके कारण कई जगहों पर हितों के टकराव और प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रशासन का मानना है कि कई मामलों में जनप्रतिनिधि और सचिवों के बीच पारिवारिक संबंधों या व्यक्तिगत समीकरणों के कारण कार्य निष्पक्ष तरीके से प्रभावित हुआ है। जांचों में भी कई बार यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर सरपंच, उपसरपंच और सचिवों की मिलीभगत से वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं हुई हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने यह सख्त नीति लागू करने का निर्णय लिया है ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई गाइडलाइन के अनुसार कुछ परिस्थितियों में स्थानांतरण को अनिवार्य किया गया है। यदि किसी ग्राम पंचायत में सचिव का कोई रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच बन जाता है, तो वहां से तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा। इसके अलावा किसी भी सचिव को उसके गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रखा जाएगा। साथ ही जो सचिव 10 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही पंचायत में कार्यरत हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर तबादला किया जाएगा। यदि स्थानांतरण की सीमा से अधिक ऐसे सचिव पाए जाते हैं जो लंबे समय से एक ही जगह कार्यरत हैं, तो सबसे अधिक अवधि से पदस्थ सचिव का पहले स्थानांतरण किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक स्थिरता के साथ-साथ निष्पक्ष कार्य प्रणाली को बढ़ावा देना बताया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंध अवधि के दौरान भी स्थानांतरण संभव होगा। इनमें भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता या गंभीर शिकायतों से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित होने, लोकायुक्त या ईओडब्ल्यू जैसी जांच एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़े मामलों में भी सचिवों का स्थानांतरण किया जा सकेगा। उच्च प्राथमिकता वाले प्रशासनिक मामलों में शासन स्तर से निर्देश मिलने पर भी तबादला किया जा सकता है। ऐसे सभी मामलों में विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद आयुक्त या पंचायत राज संचालनालय द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गंभीर मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई में कोई देरी न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">अंतरजिला स्थानांतरण को लेकर नीति में स्पष्ट किया गया है कि यह केवल स्वैच्छिक आधार पर ही किया जाएगा। महिला पंचायत सचिवों को विशेष सुविधा दी गई है, जिसके तहत विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाएं अपने पति, ससुराल या माता-पिता के जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त सचिव भी अपने मूल जिले में स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानांतरण के लिए आवेदन वर्तमान पदस्थ जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को देना होगा। इसके बाद रिक्त पदों की उपलब्धता की जांच की जाएगी। यदि संबंधित जिले में पद खाली होता है तो प्रस्ताव पंचायत राज संचालनालय भोपाल भेजा जाएगा। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। स्थानांतरण के बाद संबंधित सचिव को वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा और यह सुविधा केवल एक बार ही दी जाएगी। नई नीति के लागू होने के बाद पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-strict-guidelines-issued-on-transfers-of-panchayat-secretaries-ban/article-55559</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-strict-guidelines-issued-on-transfers-of-panchayat-secretaries-ban/article-55559</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 09:58:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/panchayat-secretary-transfer.jpg"                         length="182540"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, ट्रांसफर नीति और CM हेल्पलाइन पर फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[नवा रायपुर में हुई बैठक में तबादलों से रोक हटाने, किसानों से जुड़े प्रस्तावों और CM हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत पर चर्चा, कई बड़े फैसलों की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-meeting-of-sai-cabinet-today-decision-on-transfer-policy/article-55392"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sai-cabinet-meeting-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रही। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित इस बैठक को सरकार की प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा तबादलों पर लगी रोक और नई ट्रांसफर नीति को लेकर रही। लंबे समय से अधिकारी और कर्मचारी स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही तबादलों का रास्ता खोल सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नई स्थानांतरण नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले शुरू हो सकते हैं।</p>
<p>प्रदेश में पिछले कुछ समय से तबादलों पर लगी रोक के कारण कई विभागों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे। कई कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से अपनी पसंद या जरूरत के अनुसार स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट का यह फैसला प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार नई नीति में पारदर्शिता और जरूरत आधारित स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। बैठक शुरू होने से पहले मंत्रालय परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा रही और विभिन्न विभागों के कर्मचारी फैसले का इंतजार करते नजर आए।</p>
<p>बैठक के एजेंडे में खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को भी अहम स्थान दिया गया। आगामी खरीफ विपणन वर्ष को देखते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा कस्टम मिलिंग नीति और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए सरकार खेती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दे रही है। सूत्रों के मुताबिक किसानों के हित में कुछ नए प्रस्तावों पर भी विचार किया गया, जिनकी घोषणा आने वाले दिनों में की जा सकती है।</p>
<p>इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत रही। सुशासन तिहार के समापन के बाद सरकार ने लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए इस नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। अब आम नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही वेब पोर्टल, मोबाइल एप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा।</p>
<p>सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिकायतें और सुझाव प्राप्त हुए थे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में इन फीडबैक पर भी चर्चा हुई है। सरकार विभिन्न जिलों से मिले सुझावों का अध्ययन कर प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और अन्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए थे। ऐसे में सरकार इन समस्याओं के समाधान को लेकर भी रणनीति तैयार कर सकती है।</p>
<p>बैठक में कर्मचारियों, उद्योगों और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुछ नई पहल पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बैठक समाप्त होने तक सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई थी, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आज लिए जाने वाले फैसले आने वाले महीनों में प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं की दिशा तय कर सकते हैं।</p>
<p>सरकार एक ओर जहां प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता देने के संकेत दे रही है। यही वजह है कि साय कैबिनेट की इस बैठक को केवल नियमित सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के मंच के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक निर्णयों पर टिकी हुई है, जिनका असर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों पर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-meeting-of-sai-cabinet-today-decision-on-transfer-policy/article-55392</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-meeting-of-sai-cabinet-today-decision-on-transfer-policy/article-55392</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:56:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sai-cabinet-meeting-%281%29.jpg"                         length="143458"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक जून से पांच जून के बीच थानों में बड़े पैमाने पर होंगे तबादले, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने नया आदेश जारी किया है। अब किसी भी पुलिसकर्मी की एक थाने में अधिकतम पोस्टिंग 5 साल और दोबारा तैनाती नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/there-will-be-large-scale-transfers-in-police-stations-between/article-53984"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-police-transfers--2026-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नए निर्देशों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी पुलिसकर्मी की एक ही थाने में तैनाती की अवधि पांच साल से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कर्मचारी किसी थाने में पहले से तैनात रह चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो दोबारा उस थने में नहीं लौटेगा। इस फैसले के बाद प्रदेशभर के थानों में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर तक की नियुक्तियों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि किसी पुलिसकर्मी को एक ही थाने में एक पद पर अधिकतम चार साल तक रखा जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुल मिलाकर उसकी सेवा का समय पांच साल से अधिक नहीं हो सकता। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक ही पुलिस अनुभाग में अलग-अलग पदों पर भी कुल कार्यकाल दस साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह कदम लंबे समय से एक ही जगह काम कर रहे पुलिसकर्मियों के मुद्दों को हल करने के लिए उठाया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह आदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी पुलिस आयुक्तों और इंदौर-भोपाल समेत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजा है। निर्देश में कहा गया है कि सभी जिलों में थाने में तैनात कर्मचारियों की तत्काल समीक्षा की जाए और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">1<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून से </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> के बीच स्थानांतरण के आदेश जारी किए जाएं। इसके बाद </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून तक सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को नई तैनाती वाले थानों में जॉइन करना होगा। मतलब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरी प्रक्रिया को बहुत कम समय में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस आदेश के पीछे एक ही थाने में लंबे समय तक बचे रहने वाले कर्मचारियों की कार्यशैली और जवाबदेही पर उठ रहे सवाल भी एक बड़ा कारण हैं। कई बार एक ही जगह ज्यादा समय रहने से कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब यह रोटेशन नीति सख्ती से लागू की जाएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरित कर्मचारियों से संबंधित सभी लंबित जांच और मामलों की जानकारी नए थाना प्रभारियों को दी जाएगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी स्तर पर जांच या कामकाज पर कोई असर न पड़े। इसके साथ सभी जिलों को </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक पूरी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस निर्णय के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ये माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में थानों की कार्यप्रणाली और टीमों में बड़े बदलाव होंगे। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक सुधारात्मक कदम माना जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पुलिसिंग सिस्टम को और अधिक निष्पक्ष और प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/there-will-be-large-scale-transfers-in-police-stations-between/article-53984</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/there-will-be-large-scale-transfers-in-police-stations-between/article-53984</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:06:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/mp-police-transfers--2026-%282%29.jpg"                         length="120629"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP की नई तबादला नीति जारी, टारगेट पूरे नहीं करने वालों पर होगी पहले कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश सरकार ने नई तबादला नीति 2026 जारी की। लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले प्राथमिकता से होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mps-new-transfer-policy-released-first-action-will-be-taken/article-53985"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-transfer-policy-2026-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नई तबादला नीति 2026 पेश की। इस बार की नीति में सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रावधान की हो रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कहा गया है कि जो अधिकारी और कर्मचारी तय लक्ष्य पूरे नहीं करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका तबादला प्राथमिकता के आधार पर होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके अनुसार 1 जून से 15 जून 2026 तक राज्यभर में तबादलों की प्रक्रिया चलेगी। उम्मीद है कि इस बार काफी संख्या में प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई नीति के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारियों को एक ही जिले में तीन साल पूरे होने के बाद बाहर भेजा जा सकेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ये नियम तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीन साल की अवधि पूरी होना कोई अनिवार्य शर्त नहीं है। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी का प्रदर्शन खराब पाया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या उसने वित्तीय वर्ष के लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे तय समय से पहले भी हटाया जा सकता है। यही कारण है कि इस बार कई विभागों में प्रदर्शन आधारित तबादलों की चर्चा जोरों पर है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि केवल समय अवधि के आधार पर तबादले न किए जाएं। गंभीर शिकायतें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट के आदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिक्त पदों की जरूरत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पदोन्नति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रतिनियुक्ति से वापसी जैसे मामलों में भी तबादले किए जा सकेंगे। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिक्त पद भरने के नाम पर लंबी चेन बनाकर तबादले करने पर पाबंदी रहेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बार की नीति में महिला कर्मचारियों और रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को राहत दी गई है। जिनकी सेवानिवृत्ति में एक साल या उससे कम समय बचा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका सामान्यतः तबादला नहीं किया जाएगा। अविवाहित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विधवा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पदस्थ करने का भी प्रावधान है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पोस्टिंग देने के लिए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अंतिम फैसला प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से होगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए भी राहत का प्रावधान है। कैंसर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डायलिसिस और ओपन हार्ट सर्जरी जैसे मामलों में चिकित्सा बोर्ड की सिफारिश पर स्थानांतरण किया जा सकेगा। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारियों का सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि वे चाहें तो स्थानांतरण ले सकेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने कर्मचारी संगठनों के नेताओं को भी राहत दी है। मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को दो कार्यकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी चार साल तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तबादले से छूट रहेगी। वहीं दूसरी तरफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर वित्तीय अनियमितता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गबन या सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सही पाए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें तुरंत संबंधित पद से हटाने का प्रावधान भी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नीति में यह भी कहा गया है कि शासन की हाई प्रायोरिटी योजनाओं में लगे कर्मचारियों के तबादले कम से कम किए जाएं। जबकि जिन अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले या विभागीय जांच लंबित हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें कार्यपालिक पद पर नहीं रखा जाएगा। सभी तबादला आदेश ऑनलाइन जारी होंगे और 15 जून के बाद जारी आदेश अमान्य माने जाएंगे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस नीति को प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना ये है कि विभाग किस स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर कार्रवाई करते हैं और आने वाले दिनों में किन अफसरों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदलती हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mps-new-transfer-policy-released-first-action-will-be-taken/article-53985</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mps-new-transfer-policy-released-first-action-will-be-taken/article-53985</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:06:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/mp-transfer-policy-2026-%282%29.jpg"                         length="133567"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में तबादलों पर नई व्यवस्था तय, कल CM मोहन यादव कैबिनेट में लगेगी मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में तबादला नीति 2026 को बुधवार को कैबिनेट मंजूरी दे सकती है। प्रशासनिक और स्वैच्छिक ट्रांसफर नियमों में बदलाव संभव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-system-on-transfers-in-madhya-pradesh-will-be-approved/article-53805"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-transfer-policy-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>MP Transfer Policy 2026:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में काफी समय से इंतजार कर रही तबादला नीति को </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव ने प्रस्ताव के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा कर ली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब इसे मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जाएगा। अगर कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके बाद विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस बार की तबादला नीति में सबसे ज्यादा बातचीत स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के अलग-अलग लिमिट को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू कर सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहले की नीतियों में कुल कर्मचारियों का एक सीमित प्रतिशत ही ट्रांसफर किया जा सकता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रशासनिक और स्वैच्छिक दोनों तरह के तबादले शामिल होते थे। कई बार जरूरी पद खाली होने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर नहीं हो पाता था। इस बार सरकार उस व्यवस्था में बदलाव कर सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक आधार पर तबादलों की गुंजाइश बढ़ाने पर सहमति बनी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्वैच्छिक तबादलों के लिए अलग नियम बनाने की तैयारी है। मंत्री विजय शाह ने पिछली कैबिनेट बैठक में स्वैच्छिक तबादलों की लिमिट को खत्म करने का सुझाव दिया था। उस समय मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि अगली बैठक में पूरी नीति का प्रस्ताव लाया जाए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक स्थगित होने के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब बुधवार सुबह </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे मंत्रालय में बैठक होने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की क्षेत्रीय परिषद बैठक में व्यस्त रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उस दिन भी कैबिनेट नहीं हो पाई। अब ये उम्मीद की जा रही है कि बुधवार की बैठक में तबादला नीति के साथ कुछ और प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। कर्मचारियों के बीच नई नीति को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कई विभागों में पिछले कई महीनों से ट्रांसफर रुके हुए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कर्मचारी नई सूची का इंतजार कर रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि इस बार सभी विभागों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति अलग रखने की योजना है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे हर साल होता आया है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनजातीय कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा और राजस्व विभाग भी अलग गाइडलाइन जारी कर सकते हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामान्य प्रशासन विभाग के मूल नियमों से अलग कोई विभाग नीति नहीं बना सकेगा। प्रस्ताव में ये भी शामिल किया गया है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले जिले के भीतर प्रभारी मंत्री और कलेक्टर की मंजूरी से किए जाएंगे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की स्वीकृति जरूरी होगी। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले एक साल में ट्रांसफर हो चुके कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में फिर से स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ाने का आदेश भी जारी कर दिया है। अब राज्य मंत्री जरूरतमंदों के लिए </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए तक की सहायता राशि मंजूर कर सकेंगे। इससे पहले ये सीमा </span>16 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए थी। कैबिनेट मंत्रियों के लिए यह राशि पहले ही </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए कर दी गई थी। </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले को आगामी प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक संतुलन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-system-on-transfers-in-madhya-pradesh-will-be-approved/article-53805</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-system-on-transfers-in-madhya-pradesh-will-be-approved/article-53805</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 17:58:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/mp-transfer-policy-2026.jpg"                         length="103557"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        