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                <title>Panchayat Elections - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Panchayat Elections RSS Feed</description>
                
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                <title>ओरछा में 18-19 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक, चुनावी रणनीति पर होगा मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[नई प्रदेश टीम पहली बार एक मंच पर आएगी, केंद्रीय नेतृत्व को भी भेजा गया आमंत्रण; संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और निकाय-पंचायत चुनाव रहेंगे बैठक के प्रमुख एजेंडे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-first-meeting-of-bjp-state-working-committee-will-be/article-58145"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-bjp.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक 18 और 19 जुलाई को निवाड़ी जिले के धार्मिक और पर्यटन नगर ओरछा में आयोजित की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक मानी जा रही है। दो दिवसीय बैठक का आयोजन राजमहल होटल में होगा, जहां प्रदेशभर से पार्टी पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य, सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक को आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। संगठन ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं और स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रण भेजा गया है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा तय होता है तो अध्यक्ष बनने के बाद मध्य प्रदेश में यह उनका पहला बड़ा संगठनात्मक कार्यक्रम होगा। केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में प्रदेश संगठन को आगामी राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस बैठक को संगठन के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक के दौरान प्रदेश संगठन की नई कार्यसमिति पहली बार एक मंच पर दिखाई देगी। हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हाल ही में नई कार्यसमिति का गठन किया गया था। ऐसे में यह आयोजन नई टीम के औपचारिक परिचय और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे का अवसर भी माना जा रहा है। प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों के बीच संगठन की आगामी कार्ययोजना साझा की जाएगी और विभिन्न विभागों तथा प्रकोष्ठों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भाजपा के सामने आने वाले महीनों में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव जैसी महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में चुनावी रणनीति सबसे अहम मुद्दा रहने की उम्मीद है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, सदस्यता अभियान को गति देने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने को लेकर भी मंथन किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संगठनात्मक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि चुनावी मैदान में कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ उतर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के मुद्दों पर संगठन की रणनीति तय की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश चुनाव समिति और अनुशासन समिति के गठन को अंतिम रूप दिए जाने की भी संभावना है। पार्टी के भीतर संगठनात्मक अनुशासन, चुनावी प्रबंधन और भविष्य की गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों और मोर्चों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बड़े आयोजन को देखते हुए ओरछा में ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। प्रदेशभर से आने वाले नेताओं और पदाधिकारियों के लिए शहर के तीन प्रमुख होटलों में 300 से अधिक कमरे आरक्षित किए जा रहे हैं। इनमें राजमहल होटल, ओरछा पैलेस और ओरछा क्लब एंड रिजॉर्ट प्रमुख हैं। स्थानीय संगठन के कार्यकर्ता आवास, परिवहन, भोजन और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। बैठक में बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह बैठक केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि आगामी चुनावी दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हो सकती है। प्रदेश में भाजपा लगातार संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है। पिछले कुछ महीनों में सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक अभियानों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की कोशिश की गई है। अब कार्यसमिति की बैठक में इन अभियानों की समीक्षा के साथ नई रणनीति तैयार की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिक लाभ भी संगठन को मिल सके। इसी के साथ विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब देने और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने की रणनीति भी तैयार की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ओरछा का चयन भी संगठन की विशेष रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह शहर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। भाजपा इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यसमिति और प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश करती रही है। इस बार ओरछा में होने वाला आयोजन संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने का भी अवसर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:15:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>कांकेर में 56 सरपंचों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, चक्काजाम करने की चेतावनी दी</title>
                                    <description><![CDATA[कांकेर के अंतागढ़ ब्लॉक में 56 सरपंचों ने फंड और विकास कार्यों की मांग को लेकर इस्तीफा दिया, धरना जारी, चक्काजाम की चेतावनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/56-sarpanches-in-kanker-gave-mass-resignation-and-warned-of/article-53862"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/kanker-antagarh-sarpanch-association-protest-demonstration.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पंचायत व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विरोध देखने को मिला है। अंतागढ़ ब्लॉक की 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा देकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। फंड की कमी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">महीनों से मानदेय न मिलना और विकास कार्यों का ठप होना सरपंचों की नाराज़गी की वजह बनी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते वे पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को स्थिति और बिगड़ गई जब सरपंच संघ ने चक्काजाम की चेतावनी दे दी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते इलाके में हलचल मच गई है और प्रशासनिक स्तर पर भी बेचैनी देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतागढ़ ब्लॉक के गोल्डन चौक पर सरपंच 18 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। धरने में शामिल जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले साल से पंचायतों में किसी भी नए विकास कार्य को मंजूरी नहीं मिली है। कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और गांवों में सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। सरपंचों का कहना है कि वे प्रशासन को लगातार ज्ञापन और पत्र भेजते रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि ग्रामीण अब पंचायत प्रतिनिधियों से सवाल पूछ रहे हैं और उनके पास जवाब नहीं है। कुछ सरपंचों ने यहां तक कहा है कि बिना बजट और स्वीकृति के गांवों का काम चलाना मुश्किल हो गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धरने के दौरान सरपंचों ने प्रशासन पर पंचायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर जल्द फंड जारी नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सामूहिक इस्तीफे के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों ने सरपंच संघ से बातचीत की कोशिशें शुरू कर दी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीणों में भी इस मुद्दे पर नाराज़गी बढ़ती जा रही है। कई गांवों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच संघ का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन की योजना बना सकते हैं और सड़क पर उतरकर चक्काजाम भी कर सकते हैं। इस समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांकेर का अंतागढ़ इलाका राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:15:05 +0530</pubDate>
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