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                <title>Balodabazar - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Balodabazar RSS Feed</description>
                
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                <title>मानसून तैयारियों पर सख्त हुए कलेक्टर, सभी पीएचसी में एंटीवेनम वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[बलौदाबाजार में स्वास्थ्य सेवाओं, बाढ़ प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा; अस्पतालों, क्विक रिस्पॉन्स टीम और कंट्रोल रूम को अलर्ट रहने के आदेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/collector-becomes-strict-on-monsoon-preparations-instructions-to-keep-antivenom/article-58200"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/balodabazar-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मानसून के दौरान संभावित स्वास्थ्य और आपदा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़े। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों, जरूरी उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार शुरू किया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने भी भाग लिया।</p>
<p>कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पूरे स्वास्थ्य अमले को अलर्ट मोड पर रखा जाए और किसी भी क्षेत्र से बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। विकासखंड स्तर पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव या मोहल्ले में अचानक बुखार, डायरिया, उल्टी या अन्य संक्रामक बीमारी के मामले सामने आते हैं तो टीम तुरंत मौके पर पहुंचे और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए। अधिकारियों के अनुसार समय रहते कार्रवाई होने से बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।</p>
<p>बैठक में मितानिनों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मितानिनें अपनी दवा पेटी में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखें और नियमित रूप से घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लें। यदि किसी परिवार में कोई व्यक्ति बीमार मिले या संक्रामक बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दी जाए। साथ ही लोगों को साफ-सफाई, हाथ धोने, उबला या स्वच्छ पानी पीने और खुले में रखे भोजन से बचने के बारे में जागरूक करने को भी कहा गया। प्रशासन का मानना है कि गांव स्तर पर सक्रिय निगरानी से कई बीमारियों को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p>बरसात के मौसम में पेयजल की शुद्धता भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल रही। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी पेयजल स्रोतों की जांच समय पर पूरी की जाए और जहां जरूरत हो वहां क्लोरीनीकरण कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि दूषित पानी के कारण डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल लगातार उपलब्ध हो।</p>
<p>बैठक के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा राहत दलों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिले के पांच चिन्हित पुलों पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर आवागमन अस्थायी रूप से रोकने की तैयारी रखने को कहा गया। जिला कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>कृषि क्षेत्र की तैयारियों की भी बैठक में समीक्षा की गई। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी समिति में उर्वरक या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई और पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>समय-सीमा बैठक में जिले में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। राजस्व प्रकरणों के निराकरण, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाइन, सीपी ग्राम्स और सड़क तथा पुल-पुलिया निर्माण से जुड़े मामलों की प्रगति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित मामलों का जल्द समाधान करने और आम नागरिकों की शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की भी सलाह दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान छोटी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए स्वास्थ्य, पेयजल, राहत एवं बचाव, कृषि और राजस्व विभाग लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहें और किसी भी स्थिति में तत्काल संयुक्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं बल्कि पहले से ऐसी तैयारी करना है जिससे लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:53:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बलौदाबाजार में 8 हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा, ‘जहर शराब’ से मारने वाला साइको किलर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[कुत्ते पर जहर का ट्रायल कर लोगों को पिलाई जहरीली शराब, अंतिम संस्कार में शामिल होकर छुपाता था अपनी पहचान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/sensational-revelation-of-8-murders-in-balodabazar-psycho-killer-who/article-56811"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/balodabazar-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में सामने आया मामला पूरे इलाके को हिला देने वाला है। पुलिस ने 8 लोगों की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए गांव के ही रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में ये सभी मौतें सामान्य या बीमारी से हुई बताई जा रही थीं, लेकिन लगातार बढ़ती संदिग्ध मौतों ने जब शक पैदा किया तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पिछले तीन महीनों के भीतर एक-एक कर 8 लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतारा। जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को पहले शराब में जहर मिलाकर पिलाता था और फिर उनके बीमार पड़ने या मौत के बाद खुद भी अंतिम संस्कार और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। गांव में जब पहली कुछ मौतें हुईं तो लोगों ने इसे प्राकृतिक कारण मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, और इसी का फायदा आरोपी ने उठाया। बाद में एक व्यक्ति कार्तिक नाम के शख्स ने जहरीली शराब पीने के बाद किसी तरह जान बचाई और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। यही बयान पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की। पहले चरण में 7 कब्रों से शव निकालकर रायपुर भेजे गए, जबकि एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतकों की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि उन्हें जहर दिया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की कड़ी को जोड़ना शुरू किया और जांच का दायरा बढ़ाया। कॉल रिकॉर्ड, मृतकों के संपर्क और घटनाओं के पैटर्न की जांच की गई तो सभी मृतकों का संबंध एक ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल से सामने आया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने चूहा मारने वाला जहर खरीदा था और उसी का इस्तेमाल इन हत्याओं में किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने पहले इस जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसका असर घातक है या नहीं। इसके बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने छोटी-छोटी बातों को लेकर रंजिश पाल ली थी और फिर योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम देता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि आरोपी की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी। उसने हत्या के पीछे कई कारण बताए हैं, जिनमें पुरानी रंजिश, जमीन विवाद, पैसों का लेनदेन, पत्नी पर शक और टोना-टोटका जैसी शंकाएं शामिल हैं। इन सभी वजहों को आधार बनाकर वह लोगों को अपना शिकार बनाता रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को गांव में किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह सामाजिक तौर पर सक्रिय रहता था और अंतिम संस्कार से लेकर अन्य कार्यक्रमों में शामिल होता था।ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगातार हो रही मौतों को लेकर पहले किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा। सभी ने इसे अलग-अलग कारणों से हुई मौत मान लिया था। लेकिन जब एक के बाद एक मौतों का पैटर्न एक जैसा दिखने लगा तो शक गहराया। इसके बाद ग्रामीणों ने 6 जून को कसडोल थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की और जांच शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस की सख्ती के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई तो वह पहले इन आरोपों से इनकार करता रहा। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी सबूतों के सामने आने के बाद वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर और योजनाबद्ध हत्याओं का है, जिसमें आरोपी ने लंबे समय तक गांव में डर और भ्रम की स्थिति बनाए रखी। इस पूरे मामले ने प्रशासन और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार तीन महीने तक हो रही मौतों के बावजूद शुरुआती स्तर पर जांच न होना कई तरह की लापरवाही की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। गांव में अब भी दहशत का माहौल है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि इतने लंबे समय तक एक व्यक्ति इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 14:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बलौदाबाजार में रिश्वत आरोप से हड़कंप, किसान ने कीटनाशक पीकर की आत्महत्या की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, किसान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, प्रशासन ने जांच के आदेश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/farmer-stirred-by-bribery-allegation-in-balodabazar-tried-to-commit/article-56473"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/balodabazar-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में रेत परिवहन को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। ग्राम चांटीपाली के एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने की घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। किसान के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया, जिसके बाद किसान मानसिक तनाव में आ गया और उसने कीटनाशक पी लिया। हालांकि जिस अधिकारी पर आरोप लगाए गए हैं, उन्होंने इन्हें पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। ग्राम चांटीपाली निवासी किसान कमल ओगरे का परिवार खेती-किसानी के साथ ट्रैक्टर के जरिए मजदूरी और परिवहन का काम भी करता है। शुक्रवार सुबह उनका बेटा राज ओगरे ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था। इसी दौरान प्रशासनिक टीम ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि मौके पर कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया और बाद में उसे छोड़ने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई। परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं था। इसी बात को लेकर लगातार तनाव बढ़ता गया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज ओगरे ने बताया कि उसके साथ दो अन्य ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे। उसका आरोप है कि अन्य वाहनों को छोड़ दिया गया, लेकिन उसका ट्रैक्टर थाने में खड़ा करा दिया गया। उसने यह भी दावा किया कि मामले को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान उसे डराया-धमकाया गया। जब उसने पूरी बात अपने पिता कमल ओगरे को बताई तो वे काफी परेशान हो गए। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजे के आसपास किसान मौके पर पहुंचे और कुछ समय बाद उन्होंने कीटनाशक पी लिया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसान को तत्काल कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई। चिकित्सकों ने बताया कि किसान की हालत अब स्थिर है और लगातार निगरानी में रखी गई है। अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही गांव के लोग और परिजन बड़ी संख्या में स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने लगे। घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई।  परिजनों का कहना है कि कमल ओगरे पहले से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे। खेती से अपेक्षित आय नहीं मिल रही थी और परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही थीं। ऐसे में ट्रैक्टर जब्त होने की सूचना और कथित रिश्वत की मांग ने उन्हें और ज्यादा तनाव में डाल दिया। परिवार का दावा है कि इसी मानसिक दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही कसडोल के कांग्रेस विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने किसान और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली या दबाव बनाने जैसी बात सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक के अस्पताल पहुंचने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। वहीं दूसरी ओर, नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की थी। किसी भी व्यक्ति से न तो पैसे मांगे गए और न ही किसी प्रकार की अवैध वसूली की गई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई की जा रही थी और इसी वजह से उन्हें कई तरह के दबाव और धमकियां भी मिल रही थीं। उनका कहना है कि जिन वाहनों को जब्त किया गया, उनके पास आवश्यक दस्तावेज और रॉयल्टी संबंधी कागजात उपलब्ध नहीं थे। मामले ने तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम को मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  किसान की हालत में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। एक तरफ परिजन रिश्वत मांगने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ संबंधित अधिकारी सभी आरोपों को बेबुनियाद बता रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 13:47:56 +0530</pubDate>
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                <title>जेल से छूटते ही निकाला रोड शो, स्टंटबाजी करने वाले 9 आरोपी फिर जेल पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[बलौदाबाजार में जमानत पर रिहा आरोपियों ने कारों और बाइकों का काफिला निकालकर मचाया हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a267a8779108/article-55284"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/balodabazar-news.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जमानत पर रिहा हुए कुछ आरोपियों का जेल से बाहर आते ही सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करना भारी पड़ गया। भाटापारा शहर में आरोपियों ने कारों और बाइकों का काफिला निकालकर न केवल सड़क पर हुड़दंग मचाया, बल्कि खतरनाक स्टंटबाजी करते हुए वीडियो भी बनवाए। यह पूरा घटनाक्रम अब चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जमानत का मतलब कानून हाथ में लेने की छूट नहीं है और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक सभी आरोपी हाल ही में अलग-अलग मामलों में जेल भेजे गए थे और 5 जून की रात जमानत पर रिहा हुए थे। जेल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने इसे जश्न की तरह मनाने की योजना बनाई। रात करीब 10 बजे शहर के कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड इलाके में कारों और बाइकों का लंबा काफिला निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई वाहन तेज रफ्तार में दौड़ाए गए और सड़क पर शोर-शराबा किया गया। इस दौरान कुछ युवक कारों की खिड़कियों से बाहर लटकते दिखाई दिए। कई वाहन चालकों ने बीच सड़क पर स्टंट किए, जिससे वहां मौजूद लोगों में असहजता और डर का माहौल बन गया।</p>
<p>वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपियों के समर्थक या परिचित लोग उनका स्वागत कर रहे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें फूल मालाएं पहनाईं, जबकि कई जगह आतिशबाजी भी की गई। वीडियो में जश्न का माहौल दिखाई देता है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कुछ आरोपियों ने राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया। वीडियो सामने आते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और संबंधित स्थानों पर दबिश दी गई। देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर नौ आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आदित्य साहू, सागर धीवर, मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या, वसीम अली, संतोष उर्फ छोटू मनहरे, सागर यादव, आशीष ध्रुव, हेमंत भाट और ओम ध्रुव शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले भी मारपीट, सार्वजनिक शांति भंग करने, हुड़दंग और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इन्हीं मामलों में उन्हें जेल भेजा गया था और हाल ही में उन्हें जमानत मिली थी। लेकिन जेल से बाहर आते ही फिर से कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल होने के कारण उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर फिर से जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि वीडियो या अन्य साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त अपराध सामने आते हैं तो नई धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।</p>
<p>इस पूरे मामले पर जिले के पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि जमानत किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं बनाती। यदि कोई व्यक्ति जमानत मिलने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर दबंगई दिखाने, लोगों में भय का माहौल बनाने या सोशल मीडिया के माध्यम से अपराधी छवि को बढ़ावा देने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की रैलियां और शक्ति प्रदर्शन किसी उपलब्धि का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि दोबारा कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करने जैसा है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। कई लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने या दबदबा दिखाने के लिए कुछ युवक कानून की सीमाएं पार कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 14:31:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बलौदाबाजार में तेल गोदाम में लगी भीषण आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक</title>
                                    <description><![CDATA[बलौदाबाजार के लवन रोड स्थित तेल गोदाम में देर रात भीषण आग लगी। करोड़ों का सामान जलकर राख, पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/a-massive-fire-broke-out-in-an-oil-warehouse-in/article-53863"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/massive-fire-breaks-out-at-oil-warehouse-in-balodabazar.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में देर रात एक बड़े आगजनी हादसे ने हड़कंप मचा दिया। लवन रोड पर दीपल ट्रेडर्स के तेल गोदाम में अचानक भयंकर आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने तेजी से पूरे गोदाम को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं के बादल दिखाई दे रहे थे। यह घटना देर रात के समय हुई जब ज्यादातर लोग अपने घरों में थे। आग की सूचना फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस हादसे में करोड़ों रुपए का सामान जलकर राख हो गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गोदाम में भारी मात्रा में तेल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">घी के पीपे और अन्य किराना सामग्री रखी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण आग ने तेजी से फैलाव किया और हालात जल्दी बेकाबू हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को जानकारी दी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ज्वलनशील सामान की भरपूर मौजूदगी के चलते आग पर काबू पाना काफी मुश्किल हो गया। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आसपास के सीमेंट संयंत्रों से भी मदद लेनी पड़ी और रायपुर से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाने का काम भी शुरू कर दिया गया। देर रात तक आग बुझाने का कार्य चला।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दुकान के संचालक ने बताया कि वह रात करीब 9 बजे दुकान और गोदाम बंद कर घर चले गए थे। उन्हें रात के करीब 3 से 4 बजे फोन आया कि गोदाम में आग लगी हुई है। जब तक वह मौके पर पहुंचे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा गोदाम आग की चपेट में आ चुका था। उन्होंने कहा कि अंदर रखा लगभग सारा सामान जल गया है और नुकसान करोड़ों में हो सकता है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है और जांच प्रारंभ कर दी गई है। शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि अधिकारियों का कहना है कि असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर जल्दी आग पर काबू नहीं पाया जाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आस-पास की दुकानों और मकानों तक भी आग फैल सकती थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:14:52 +0530</pubDate>
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