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                <title>Share Market News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Share Market News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 200 अंक तक फिसलकर 76,550 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर पर बना रहा। बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों के साथ कई बड़े सेक्टरों पर भी दिखाई दिया। खास तौर पर आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रही। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक किसी भी बड़े निवेश से पहले सतर्क नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन शेयरों में अच्छी तेजी आई थी, उनमें निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि सभी सेक्टरों में एक जैसी स्थिति नहीं रही। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन उसका असर बाजार की समग्र दिशा बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निवेशकों का फोकस फिलहाल आगामी आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर बना हुआ है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निक्केई में करीब 0.93 प्रतिशत और कोस्पी में लगभग 0.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया और इसमें करीब 0.93 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित रुख का असर भी भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने सतर्कता बरतना बेहतर समझा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार से हालांकि सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में उसका सकारात्मक असर सीमित रहा। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू स्तर पर जारी मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल के सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 2,810 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं पिछले 30 दिनों के दौरान भी विदेशी निवेशकों की ओर से 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी दर्ज की गई है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में उन्होंने 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बीते एक महीने में लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को बड़े स्तर पर गिरने से रोकने में सहायक साबित हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 372 अंक की गिरावट के साथ 76,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,946 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी बने रहने से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है। यह गिरावट व्यापक घबराहट की नहीं बल्कि सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रखना चाहिए। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का असर बाजार की दिशा पर साफ दिखाई देगा। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। वहीं किसी भी बड़े वैश्विक घटनाक्रम या आर्थिक आंकड़े का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, इंफोसिस 8% तक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-crash-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में 19 जून को कारोबार की शुरुआत से ही भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट गहराती चली गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक टूटकर 23,950 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखा गया, जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। आईटी शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के मूड को कमजोर कर दिया। इंफोसिस के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस और टेक महिंद्रा में लगभग 6-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। एचसीएल टेक भी करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। बताया जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी के बाद करेक्शन जरूरी था, जो अब देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में नजर आया और करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी, जिससे टेक शेयरों को वैश्विक स्तर पर सपोर्ट मिला था, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार में टिक नहीं सका। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार पर भारी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों यानी FII की ओर से भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1025 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII ने खरीदारी की है, लेकिन वह एफआईआई की बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई। पिछले कई दिनों से एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ा है। बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का परिणाम है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र यानी 18 जून को बाजार में तेजी देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 82 अंक की बढ़त के साथ 24,168 के स्तर पर पहुंचा था। लेकिन यह तेजी अगले ही दिन दबाव में बदल गई।बाजार में फिलहाल अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और आईटी सेक्टर में कमजोरी ने पूरे बाजार को नीचे खींचा है। बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स में हल्की गिरावट, IT और मीडिया शेयर दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी फिसला, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/slight-fall-in-sensex-and-media-shares-under-pressure/article-56249"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-fall-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<p style="text-align:justify;">आज यानी 18 जून को घरेलू शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिली और कारोबार के दौरान बाजार सीमित दायरे में ही घूमता नजर आया। सुबह की शुरुआत से ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल था और इसका असर सीधे इंडेक्स पर दिखा। सेंसेक्स करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता रहा, जबकि निफ्टी भी लगभग 20 अंक टूटकर 24,050 के स्तर पर आ गया। पूरे सत्र में बाजार में बड़ी हलचल नहीं दिखी लेकिन IT और मीडिया सेक्टर में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे कुल मिलाकर सेंटीमेंट कमजोर रहा। कारोबार के दौरान देखा गया कि शुरुआती मिनटों में बाजार स्थिर था लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासकर टेक और मीडिया कंपनियों के शेयरों में दबाव ज्यादा रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेज़ी के बाद निवेशक अब थोड़ा मुनाफा निकाल रहे हैं, जिससे इंडेक्स पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता भी बाजार को ऊपर जाने से रोक रही है। कई ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि फिलहाल बाजार में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार पर असर डाला है। पिछले कुछ दिनों से FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है। बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,530 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन यह सपोर्ट उतना मजबूत नहीं है कि पूरे बाजार को ऊपर खींच सके। यही कारण है कि बाजार बार-बार ऊपर जाने की कोशिश करता है लेकिन फिर सीमित दायरे में लौट आता है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ ऊपर रहा और इसमें करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। लेकिन दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और इसमें करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि एशियाई बाजारों में भी निवेशकों की धारणा एक जैसी नहीं है और अलग-अलग संकेतों के चलते अस्थिरता बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&amp;P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए थे। इसका असर आज भारतीय बाजार पर भी दिखा क्योंकि ग्लोबल निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। घरेलू स्तर पर देखें तो पिछले कारोबारी दिन यानी 17 जून को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 347 अंक की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 97 अंक चढ़कर 24,086 पर पहुंचा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार उस तेजी को कायम नहीं रख सका और हल्की गिरावट में आ गया। यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड नहीं बना पा रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों के रुख, ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। अगर FII की बिकवाली कम होती है और वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है तो बाजार फिर से ऊपर की ओर जा सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है और किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। 18 जून का दिन शेयर बाजार के लिए हल्की सुस्ती और सावधानी भरा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली गिरावट दर्ज हुई और सेक्टोरल दबाव खासकर IT और मीडिया में देखने को मिला। </p>
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</div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:35:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में लुढ़के, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-falls-due-to-us-iran-tension-and-crude-oil/article-55589"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-india-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 11 जून 2026 को शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आया, जब वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला। सुबह के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 358.54 अंक गिरकर 73,624.64 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 117 अंक टूटकर 23,098.30 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में यह गिरावट लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल आर्थिक संकेतों की कमजोरी के कारण देखने को मिली।</p>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। बुधवार को ही FIIs ने करीब 2,124 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच दी थी, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। अमेरिका की तरफ से ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे कच्चे तेल के बाजार में तेजी देखी गई है और ब्रेंट क्रूड 1.70 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।</p>
<p>शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Eternal और Trent जैसे प्रमुख शेयर गिरावट में रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ बैंकिंग और एविएशन स्टॉक्स में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिनमें ICICI Bank, Bharti Airtel और InterGlobe Aviation शामिल रहे। वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का कमजोर रुख देखा गया। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार पहले ही बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डॉव जोंस 950 अंकों से ज्यादा गिर गया था।</p>
<p>भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई का मिश्रित असर निवेशकों के मूड को प्रभावित कर रहा है। अमेरिकी महंगाई दर में बढ़ोतरी ने यह संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे वैश्विक निवेश प्रवाह प्रभावित हो रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इससे न केवल महंगाई बढ़ने का खतरा है, बल्कि रुपये पर दबाव, कंपनियों के मुनाफे में गिरावट और राजकोषीय घाटे पर भी असर पड़ सकता है।</p>
<p>बुधवार को बाजार ने अंत में कुछ रिकवरी दिखाई थी और सेंसेक्स 64 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार की शुरुआत ने फिर से निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे बाजार की अनिश्चितता साफ दिखाई देती है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खासकर तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:51:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान-इजरायल तनाव से शेयर बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 900 अंक टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर दिखा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a265aa8a5d71/article-55252"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 8 जून 2026 को कारोबार की शुरुआत भारी दबाव के साथ हुई। मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच एक बार फिर बढ़े सैन्य तनाव ने दुनिया भर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 900 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 23,113 के स्तर तक फिसल गया। हालांकि बाद में कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी लौटने से बाजार ने अपने नुकसान का एक हिस्सा कम किया, लेकिन पूरे दिन निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा।</p>
<p>ईरान और इजरायल के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाने के लिए मजबूर किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके जवाब में ईरान की मिसाइल कार्रवाई ने पहले से संवेदनशील वैश्विक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। ऐसे हालात में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं और शेयर बाजारों से पैसा निकालने लगते हैं। यही वजह रही कि भारतीय बाजार में भी बिकवाली का दबाव बढ़ गया।</p>
<p>सेंसेक्स में शामिल कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। टीसीएस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और इटरनल जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में प्रमुख नुकसान झेलने वालों में शामिल रहे। आईटी, ऑटो, वित्तीय सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े शेयरों पर दबाव अधिक दिखाई दिया। निवेशकों को डर है कि यदि मध्य पूर्व का संकट लंबा खिंचता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है।</p>
<p>सेक्टोरल स्तर पर भी अधिकांश सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक कमजोरी देखने को मिली और यह करीब दो प्रतिशत तक नीचे फिसल गया। इसके अलावा मेटल, ऑटो, आईटी और एफएमसीजी सेक्टरों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि फार्मा, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली। बाजार जानकारों के अनुसार अनिश्चित परिस्थितियों में निवेशक अक्सर डिफेंसिव सेक्टरों की ओर रुख करते हैं, इसलिए स्वास्थ्य और दवा कंपनियों के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए।</p>
<p>इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मध्य पूर्व दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक माना जाता है और वहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। इसी आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेज उछाल दर्ज किया गया और यह 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई और व्यापार घाटे को प्रभावित कर सकती है, इसलिए बाजार ने इस खबर पर भी नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर भी साफ दिखाई दिया। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार भारतीय शेयरों में बिकवाली की है। 5 जून को भी विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने कुछ हद तक बाजार को सहारा देने का काम किया, लेकिन विदेशी पूंजी की निकासी का दबाव अभी भी बना हुआ है। जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिति सामान्य नहीं होती, विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क बना रह सकता है।</p>
<p>एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक चार प्रतिशत से अधिक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई भी भारी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। हांगकांग के हैंगसेंग सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बड़ी गिरावट देखी गई थी। नैस्डैक, डॉव जोंस और एसएंडपी 500 जैसे प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी ने वैश्विक निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है।</p>
<p>विदेशी मुद्रा बाजार में भी तनाव का असर दिखाई दिया। सोमवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे कमजोर होकर 95.35 के स्तर पर पहुंच गया। जानकारों के अनुसार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भारतीय मुद्रा पर दबाव बना रही हैं। आने वाले दिनों में यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो रुपये में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर मध्य पूर्व से आने वाली खबरों और वैश्विक बाजारों के रुख पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 12:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,350 के करीब फिसला, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर मानसून अनुमान से बाजार पर दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a1fe1bfdc827/article-54853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ता गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 73,950 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंकों की गिरावट के साथ 23,350 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार के माहौल को प्रभावित किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंगलवार को बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था और निवेशकों को उम्मीद थी कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि बुधवार को शुरुआती कारोबार से ही तस्वीर बदलती नजर आई। कई बड़े शेयरों में बिकवाली शुरू हुई और इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर मौजूद अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर किया है। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर बनी हुई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। ऐसे समय में कई निवेशक मुनाफावसूली करना बेहतर समझ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरा बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है। हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में धन निकाला है। आंकड़ों के अनुसार मई महीने के दौरान विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। केवल पिछले कारोबारी सत्र में भी विदेशी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली दर्ज की गई। इससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। विदेशी निवेशक इस समय वैश्विक परिस्थितियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। ब्याज दरों, अंतरराष्ट्रीय तनाव और अन्य आर्थिक कारकों के चलते वे अपने निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं। इसका असर उभरते बाजारों पर देखने को मिल रहा है, जिनमें भारत भी शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरा महत्वपूर्ण कारण मौसम से जुड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून के अनुमान में हल्की कमी किए जाने के बाद कृषि और ग्रामीण मांग को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका बाजार के कुछ वर्गों में चिंता का कारण बनी हुई है। वास्तविक प्रगति आने वाले सप्ताहों में अधिक स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। वैश्विक मांग को लेकर चिंताओं और विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर इस क्षेत्र पर दिखाई दिया। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। निवेशकों ने कई प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कुछ शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, हालांकि चुनिंदा कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में व्यापक रूप से देखा जाए तो अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों का रुझान कमजोर दिखाई दिया। एशियाई बाजारों से मिले संकेत भी मिश्रित रहे। जापान के बाजार में मजबूती देखने को मिली, जबकि हांगकांग के बाजार में गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। इन मिश्रित संकेतों ने भी भारतीय बाजार को स्पष्ट दिशा देने में मदद नहीं की।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक प्रदर्शन किया था। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद भारतीय बाजार में घरेलू कारणों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर अधिक देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में घरेलू निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों पर भी बनी हुई है। निवेशकों को इस समय घबराने के बजाय संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अल्पकालिक घटनाएं अक्सर बाजार की दिशा को प्रभावित करती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना और सोच-समझकर निवेश करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:17:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज लाल निशान में खुला बाजार, कई कंपनियों के शेयर लुढ़के</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले। टाटा स्टील, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक समेत कई बड़े शेयरों में कमजोरी दिखी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/today-the-market-opened-in-the-red-shares-of-many/article-53664"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/stock-market-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Stock Market Today:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार एक बार फिर दबाव में दिखा। जैसे ही बाजार खुला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 430 अंक से ज्यादा गिरकर 74,807.97 पर खुला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं निफ्टी 50 भी 161 अंक से अधिक टूटा और 23,482.20 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में लगभग हर सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। बाजार की कमजोरी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की लगातार गिरावट को मुख्य कारण माना जा रहा है। शुरुआती घंटों में निवेशकों का रुख काफी सतर्क रहा और कई प्रमुख कंपनियों के शेयर नुकसान में ट्रेड करते दिखे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ 3 के शेयरों में बढ़त देखने को मिली</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी 27 शेयर लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी 50 कंपनियों में से केवल 5 के शेयरों में हल्की तेजी दिखाई दी। आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को थोड़ी सहारा देने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे कि इन्फोसिस का शेयर 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुला और यह सेंसेक्स में सबसे ज्यादा बढ़ने वाला शेयर रहा। इसके साथ ही टीसीएस और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी थोड़ी तेजी देखी गई। लेकिन कुल मिलाकर यह बढ़त बाजार की समग्र कमजोरी को संभाल नहीं सकी। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेटल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में तीव्र बिकवाली का सामना करना पड़ा। टाटा स्टील का शेयर सबसे ज्यादा 3.78 प्रतिशत गिरकर खुला। पावरग्रिड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी बड़ी गिरावट हुई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बाजार में जारी कमजोरी का असर बड़े शेयरों के साथ-साथ अन्य सेक्टर्स पर भी पड़ा। अडाणी पोर्ट्स</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजाज फाइनेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजाज फिनसर्व</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलएंडटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिंद्रा एंड महिंद्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मारुति सुजुकी और टाइटन जैसे शेयर दबाव में दिखे। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की चिंता साफ नजर आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक संकेत अभी बाजार के पक्ष में नहीं हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी दबाव बढ़ा रही है। पिछले हफ्ते भी शेयर बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी और सोमवार को भी वही स्थिति बनी रही। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ निवेशक मानते हैं कि इस गिरावट के दौर में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के मौके भी बन सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल बाजार का मूड कमजोर बना हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 11:51:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 213 अंक टूटकर खुला, निफ्टी में भी कमजोरी</title>
                                    <description><![CDATA[Stock Market Today 8 May 2026: सेंसेक्स 213 अंक और निफ्टी 93 अंक गिरावट के साथ खुले, बाजार में शुरुआती दबाव और कमजोर रुझान देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/fall-in-the-stock-market-sensex-opened-with-a-fall/article-52895"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t112712.918.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Stock Market Today 8 May 2026:</strong> शेयर बाजार में शुक्रवार 8 मई 2026 की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। स्टॉक मार्केट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">के शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बाजार दबाव में नजर आया। बीएसई सेंसेक्स 212.58 अंक यानी करीब 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,631.94 अंक पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी शुरुआती मिनटों में 93 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,233.65 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत ही लाल निशान में हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे निवेशकों के बीच हल्की सतर्कता का माहौल देखने को मिला। शुरुआती ट्रेडिंग में ही आधे से ज्यादा शेयर दबाव में चले गए और बाजार का सेंटिमेंट कमजोर नजर आया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि बाजार में ये दबाव लगातार दूसरे दिन देखने को मिला है। गुरुवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उससे पहले बुधवार को अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। ऐसे में लगातार उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को थोड़ा असमंजस में डाल दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 7 कंपनियों के शेयर ही हरे निशान में खुले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी 23 शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से केवल 14 शेयरों ने बढ़त के साथ शुरुआत की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि 36 कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। शुरुआती ट्रेडिंग में एशियन पेंट्स का शेयर करीब 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और यह करीब 1.28 प्रतिशत तक टूट गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मार्केट की चौड़ाई पर नजर डालें तो यह साफ दिखता है कि बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के कई बड़े स्टॉक्स शुरुआत में ही कमजोर रहे। एक्सिस बैंक में करीब 1.18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं एचडीएफसी बैंक लगभग 1.07 प्रतिशत नीचे खुला। रिलायंस इंडस्ट्रीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोटक महिंद्रा बैंक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मारुति सुजुकी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलएंडटी और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयर भी शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। दूसरी तरफ आईटी सेक्टर में इन्फोसिस और टीसीएस जैसे कुछ स्टॉक्स में मामूली हलचल देखने को मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कुल मिलाकर सेक्टर में मजबूत रफ्तार नहीं बन पाई। कुछ ऑटो और मेटल शेयरों में भी हल्की गिरावट ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर किया। शुरुआती कारोबार में ऐसा माहौल रहा कि हर सेक्टर में हल्का-हल्का दबाव दिखाई दिया और कोई भी बड़ा सपोर्ट नहीं मिल पाया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि बाजार के जानकारों का कहना है कि यह शुरुआती ट्रेंड है और दिन के दूसरे हिस्से में स्थिति बदल भी सकती है। ग्लोबल संकेतों और घरेलू निवेशकों की चाल पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। फिलहाल लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले हफ्ते भी बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बीच में तेज तेजी के बाद फिर से मुनाफावसूली हावी हो गई। ऐसे में शुक्रवार का दिन भी बाजार के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि हफ्ते के आखिरी सत्र में निवेशक आमतौर पर पोजिशन क्लोजिंग करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर इंडेक्स पर देखने को मिलता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:49:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी में 100 अंकों की तेजी; IT और फार्मा शेयरों में जोरदार खरीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल; पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार में सुधार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-400-points-nifty-rises-100-points-and-strong/article-52178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/sensex-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सोमवार को सेंसेक्स करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 77,050 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 100 अंक चढ़कर 24,050 के स्तर पर पहुंच गया। आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में खरीदारी के चलते बाजार में सकारात्मक रुख बना रहा।</p>
<p>कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान आईटी और फार्मा कंपनियों की ओर अधिक रहा। बाजार जानकारों के अनुसार, इन सेक्टरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद और वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। मेटल शेयरों में भी अंतरराष्ट्रीय मांग के संकेतों के चलते तेजी देखी गई।</p>
<p>वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों ने भी घरेलू बाजार को सहारा दिया। एशियाई बाजारों में साउथ कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग हल्की गिरावट में रहा। इस मिश्रित लेकिन सकारात्मक रुख का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।</p>
<p>अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मिला-जुला रुख देखने को मिला था। टेक शेयरों में मजबूती के चलते नैस्डैक और S&amp;P 500 में बढ़त रही, जबकि डाउ जोन्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।</p>
<p>इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। वैश्विक मांग में बढ़ोतरी और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर बढ़ती चिंता के कारण तेल की कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>गौरतलब है कि पिछले कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 1000 अंक गिरकर 76,664 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 275 अंक टूटकर 23,898 के स्तर पर आ गया था। ऐसे में सोमवार की तेजी को बाजार की रिकवरी के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। निवेशकों को सतर्क रहते हुए संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:08:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 852 अंक गिरकर 77,664 पर बंद, निफ्टी 24,173 पर</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार गिरावट में ऑटो और बैंकिंग सेक्टर दबाव में, सेंसेक्स में भारी बिकवाली शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्लोबल तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-852-points-and-closed-at-77664-nifty-closed/article-51936"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-23t155915.807.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 23 अप्रैल को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">BSE Sensex</span></span> 852 अंकों यानी 1.09% की गिरावट के साथ 77,664 पर बंद हुआ, जबकि <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Nifty 50</span></span> 205 अंक फिसलकर 24,173 के स्तर पर आ गया। दिनभर के कारोबार में बाजार पर दबाव बना रहा, जिसमें खासकर ऑटो और सरकारी बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।</p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। हालांकि फार्मा और मीडिया सेक्टर में सीमित खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश की।</p>
<h5><strong>ग्लोबल असर बढ़ा</strong></h5>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Donald Trump</span></span> द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी है, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों को कब्जे में लिया है।</p>
<p>इस घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता घटी है और वे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।</p>
<h5><strong>सेक्टरवार स्थिति</strong></h5>
<p>आज के कारोबार में ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि सरकारी बैंकिंग शेयर भी गिरावट में रहे। इसके उलट फार्मा और मीडिया शेयरों में हल्की खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला।</p>
<p>एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जहां कुछ इंडेक्स में तेजी और कुछ में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 22 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन उसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।</p>
<p>बुधवार, 22 अप्रैल को भी बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 757 अंक और निफ्टी 199 अंक नीचे बंद हुए थे। लगातार दो दिन की गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 22 अप्रैल को करीब 2,000 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं इस महीने अब तक कुल 44,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली हो चुकी है।विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए चिंता का विषय है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंका है। इसका असर आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट मुनाफे और बाजार की चाल पर पड़ सकता है।</p>
<p>विश्लेषकों के मुताबिक, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं है, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-852-points-and-closed-at-77664-nifty-closed/article-51936</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:01:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 757 अंक लुढ़का, निफ्टी भी फिसला</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, विदेशी निवेशकों की निकासी जारी भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए, जबकि आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/fall-in-stock-market-sensex-fell-by-757-points-nifty/article-51865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-22t161716.772.jpg" alt=""></a><br /><p>शेयर बाजार में 22 अप्रैल को कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 757 अंक गिरकर 78,516 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 199 अंक टूटकर 24,378 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते देखी गई।</p>
<p>दिनभर के कारोबार में FMCG और मीडिया सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी जरूर देखने को मिली, लेकिन आईटी सेक्टर की कमजोरी ने पूरे बाजार पर दबाव बनाए रखा। निवेशकों ने इस दौरान सतर्क रुख अपनाया।</p>
<p>एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p>अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में कमजोरी रही थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों ही प्रमुख इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।</p>
<p>विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण रही। मंगलवार को उन्होंने करीब 1,919 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे पहले भी लगातार बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे बाजार की धारणा कमजोर बनी हुई है।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता से निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</p>
<p>तकनीकी स्तर पर निफ्टी के लिए 23,940 से 24,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 24,400 से 24,650 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि जब तक बाजार इन स्तरों को पार नहीं करता, तब तक स्पष्ट तेजी या गिरावट का रुझान बनना मुश्किल है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ ट्रेडिंग करने की सलाह दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:18:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुरुआती तेजी के बाद बाजार फिसला, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में, निवेशकों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में। वैश्विक संकेतों और तेल कीमतों के असर से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/after-the-initial-rise-the-market-slipped-sensex-nifty-in-red/article-51658"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/stock-market-today-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती मजबूती ज्यादा देर टिक नहीं पाई और बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में आ गया। सुबह करीब 9:44 बजे बीएसई सेंसेक्स 33 अंक टूटकर 78,460 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी 37 अंकों की गिरावट के साथ 24,315 के आसपास आ गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 236 अंकों की तेजी के साथ 78,730 तक पहुंच गया था और निफ्टी भी 24,420 के स्तर तक गया था। बाजार में इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">दिन की शुरुआत में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में तेजी आई। आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, अदानी एंटरप्राइजेज और एलएंडटी जैसे शेयरों ने शुरुआती बढ़त में योगदान दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हालांकि, जल्द ही मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार में गिरावट आ गई। जियो फाइनेंशियल, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज ऑटो जैसे शेयरों में दबाव देखने को मिला।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती बनी रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5% ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल स्तर पर पूंजीगत वस्तुएं, मीडिया, PSU बैंक और बिजली सेक्टर में हल्की तेजी देखने को मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">वैश्विक संकेतों का असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">बाजार पर दबाव का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ता है, जिसका सीधा असर इक्विटी बाजारों पर पड़ता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रुपया और फॉरेक्स बाजार</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सोमवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 13 पैसे की बढ़त के साथ 92.78 पर पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 92.73 पर खुला और 92.70 तक मजबूत हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">विश्लेषकों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी और रिजर्व बैंक के कदमों से रुपये को समर्थन मिला है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बड़ी तेजी की संभावना सीमित मानी जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">विशेषज्ञों की राय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। एक निवेश रणनीतिकार ने कहा कि संघर्ष-विराम की समयसीमा नजदीक आने के साथ बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, निवेशक फिलहाल जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं और बड़े फैसले लेने से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पावधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने और सेक्टर-आधारित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:31:42 +0530</pubDate>
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