<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/marco-rubio/tag-14752" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Marco Rubio - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/14752/rss</link>
                <description>Marco Rubio RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ओमान के पास अमेरिकी स्ट्राइक में 3 भारतीयों की मौत, भारत ने जताया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर कहा—व्यावसायिक जहाजों पर घातक कार्रवाई उचित नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/3-indians-killed-in-us-strike-near-oman-india-protests/article-55789"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jaishankar-rubio-call.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ओमान के तट के पास हाल ही में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय समुद्री कर्मियों की मौत के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। यह घटना उस समय सामने आई जब कई वाणिज्यिक जहाजों को लक्षित किया गया था, जिनमें भारतीय चालक दल मौजूद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला उस क्षेत्र में हुआ जहां समुद्री सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील मानी जाती है और लगातार निगरानी रखी जाती है। अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के दौरान एक वाणिज्यिक टैंकर पर हमला किया गया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। घटना के बाद से ही भारत सरकार ने इस पूरे मामले पर गंभीर रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क साधते हुए इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि भारत ने अमेरिका से इस तरह की कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब भी मांगा है, क्योंकि इसमें नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा जुड़ा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की और भारत की चिंता को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराई जा सकती। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए भारत की “strong protest” को दोहराया। उनका कहना था कि भारतीय नागरिकों की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी पूरी जांच जरूरी है। इस घटना के बाद भारत ने दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उच्च अधिकारी को भी तलब किया और औपचारिक रूप से विरोध पत्र सौंपा। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि समुद्री मार्गों पर इस तरह की हिंसक कार्रवाई से न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। घटना को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक, यह हमला उस व्यापक समुद्री अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है जिसमें अमेरिका ने कुछ जहाजों को निशाना बनाया है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि ये जहाज प्रतिबंधित क्षेत्र या ईरान से जुड़े तेल परिवहन में शामिल थे। हालांकि, भारत ने इस पूरे तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी स्थिति में नागरिक चालक दल की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से इस मामले में और सख्त रुख अपनाने की मांग की है। वहीं समुद्री क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने भी चिंता जताई है कि इस तरह की घटनाएं भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री श्रम आपूर्तिकर्ता देशों में से एक है। ओमान क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव देखने को मिला है, लेकिन इस बार मामला और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। यदि स्थिति को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो यह कूटनीतिक स्तर पर और जटिल हो सकती है। भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विदेश मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि भारत इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठा सकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/3-indians-killed-in-us-strike-near-oman-india-protests/article-55789</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/3-indians-killed-in-us-strike-near-oman-india-protests/article-55789</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:37:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/jaishankar-rubio-call.jpg"                         length="304985"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Quad बैठक के बाद जयशंकर का बड़ा ऐलान, भारत-अमेरिका बनाएंगे खास मिनरल फ्रेमवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में हुई Quad बैठक के बाद एस जयशंकर ने भारत-अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं पर नए फ्रेमवर्क का ऐलान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/jaishankars-big-announcement-after-quad-meeting-india-america-will-create-special/article-54231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/quad,-s.-jaishankar-india-us-relations.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में मंगलवार को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Quad <span lang="hi" xml:lang="hi">देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका खास खनिजों और दुर्लभ धातुओं की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नया द्विपक्षीय ढांचा तैयार कर रहे हैं। इस बैठक में अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने भी भाग लिया। चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री सहयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर सुरक्षा</span>, AI <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन पर गहराई से बात की गई। वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की स्थितियों का असर भी प्रमुख विषय रहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संयुक्त प्रेस बयान में जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि समुद्री निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉजिस्टिक्स नेटवर्क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंडरसी केबल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और इसे और भी मजबूत किया जाएगा। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा से रही है। उन्होंने ये भी बताया कि वर्तमान वैश्विक हालात के मद्देनज़र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाना बहुत जरूरी हो गया है। इसी दिशा में भारत और अमेरिका के बीच नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद दो बड़ी समुद्री सुरक्षा पहलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सदस्य देशों के बीच समुद्री सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा। इसके अलावा</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का विस्तार किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय देशों को रियल टाइम समुद्री डेटा मिल सके। रुबियो ने भारत को </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">क्वाड एट सी</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन के अगले चरण की मेज़बानी के लिए धन्यवाद भी दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Quad <span lang="hi" xml:lang="hi">की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि क्षेत्र में रणनीतिक तनाव बढ़ रहा है और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात का हवाला देते हुए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के खनन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जयशंकर ने कहा कि यह ढांचा सप्लाई चेन को और अधिक लचीला और सुरक्षित बनाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक व्हीकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेमीकंडक्टर और हाईटेक सेक्टर में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस समझौते को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/jaishankars-big-announcement-after-quad-meeting-india-america-will-create-special/article-54231</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/jaishankars-big-announcement-after-quad-meeting-india-america-will-create-special/article-54231</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:19:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/quad%2C-s.-jaishankar-india-us-relations.jpg"                         length="160211"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. जयशंकर और मार्क रुबियो के बीच हुई प्रेस वार्ता, भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद हाउस में डॉ. एस जयशंकर और मार्को रुबियो की बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, वैश्विक मुद्दों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/press-conference-between-dr-jaishankar-and-mark-rubio-laid-emphasis/article-54129"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-us-relations-s.-jaishankar-marco-rubio.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत और अमेरिका के बीच की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए रविवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई। दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की और साफ तौर पर संकेत दिए कि भविष्य में दोनों देशों का सहयोग और भी बढ़ने वाला है। यह मार्को रुबियो का अमेरिका के विदेश मंत्री के रूप में भारत का पहला दौरा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें टिकी हुई हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सिर्फ एक सामान्य रिश्ता नहीं है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सोच और हित एक समान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर दुनिया के अन्य क्षेत्रों पर भी होता है। जयशंकर ने यह भी कहा कि इस समय बहुत सारी चुनौतियाँ हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन एक मजबूत साझेदार के रूप में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे। वार्ता में वेस्ट एशिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्व एशिया के हालात पर भी चर्चा की गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्को रुबियो के बीच हुई मुलाकात में भी कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में तेज़ी से बदलती स्थितियों पर भी दोनों पक्षों ने गंभीरता से चर्चा की। विदेश मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार संवाद बना हुआ है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी वजह से दोनों देश बड़े पैमाने पर सहयोग को आगे बढ़ा पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रुबियो के पदभार संभालने के पहले दिन से ही दोनों देशों के बीच निरंतर संपर्क बना हुआ है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी भारत को अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ होने के नाते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई मामलों में एक-दूसरे के हितों से जुड़े हुए हैं। रुबियो ने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह वैश्विक स्तर पर कई मुद्दों के लिए साझेदारी को मजबूत कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक रणनीतिक साझेदारी का मतलब सिर्फ सहयोग नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि साझा चुनौतियों के समाधान करने के लिए मिलकर काम करना भी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उन्होंने यह भी कहा कि भारत का यह दौरा उनके लिए बहुत मायने रखता है। रुबियो ने माना कि दुनिया में बदलते हालात में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है और अमेरिका भारत के साथ मिलकर कई वैश्विक चुनौतियों पर काम करना चाहता है। प्रेस वार्ता के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों नेताओं ने रक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रौद्योगिकी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा की।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में हुई इस बैठक को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात के मद्देनज़र</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों का करीबी सहयोग आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक और वैश्विक राजनीति पर असर डाल सकता है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में कई और बड़े स्तर की बैठकों और समझौतों की संभावना बनी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/press-conference-between-dr-jaishankar-and-mark-rubio-laid-emphasis/article-54129</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/press-conference-between-dr-jaishankar-and-mark-rubio-laid-emphasis/article-54129</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:57:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/india-us-relations-s.-jaishankar-marco-rubio.jpg"                         length="164009"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत आते ही मिशनरीज ऑफ चैरिटी पहुंचे मार्को रूबियो, फिर चर्चा में आया FCRA विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे पर कोलकाता पहुंचे और मिशनरीज ऑफ चैरिटी गए। FCRA कानून फिर चर्चा में आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/marco-rubio-reached-missionaries-of-charity-as-soon-as-he/article-54026"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/marco-rubio-india-visit-missionaries-of-charity-fcra-controversy.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को अपनी चार दिन की भारत यात्रा की शुरुआत कोलकाता से की। जैसे ही वह कोलकाता पहुंचे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने अपनी पत्नी जेनेट रूबियो के साथ सीधे </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मदर हाउस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का दौरा किया। यह मदर टेरेसा की संस्था </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशनरीज ऑफ चैरिटी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का मुख्यालय भी है। रूबियो ने यहां कुछ अधिकारियों से मुलाकात की और पास के चिल्ड्रन्स होम का भी दौरा किया। इसे पिछले 14 साल में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का पहला कोलकाता दौरा बताया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि इससे पहले 2012 में हिलेरी क्लिंटन यहां आई थीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस यात्रा के साथ ही </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशनरीज ऑफ चैरिटी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और उसके </span>FCRA <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद की चर्चा फिर से तेज हो गई है। यह वही संस्था है जिसके विदेशी चंदे को लेकर 2021 में बड़ा विवाद खड़ा हुआ था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब भारत सरकार ने </span>FCRA <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत इसका लाइसेंस नवीनीकरण रोक दिया था। गृह मंत्रालय ने उस समय </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिकूल इनपुट्स</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का जिक्र किया था। हालांकि बाद में जरूरी दस्तावेज जमा होने के बाद लाइसेंस बहाल कर दिया गया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उस समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था और दावा किया था कि क्रिसमस के दिन संस्था से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वहां रहने वाले हजारों मरीज और कर्मचारियों पर असर पड़ा। हालाँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाद में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि खातों को फ्रीज करने का अनुरोध खुद संस्था की ओर से </span>SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">को भेजा गया था। उस समय मामला काफी राजनीतिक हो गया था और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब इस मुद्दे की फिर से चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि केंद्र सरकार संसद के अगले मॉनसून सत्र में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">FCRA <span lang="hi" xml:lang="hi">कानून में संशोधन के लिए नया बिल लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर किसी विदेशी फंड पाने वाली संस्था का लाइसेंस रद्द होता है या नवीनीकरण नहीं होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसकी संपत्तियों को एक नामित प्राधिकरण अपने नियंत्रण में ले सकेगा। इसमें अस्पताल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल और बैंक खाते जैसी संपत्तियां भी शामिल हो सकती हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रूबियो के भारत दौरे से पहले</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी सांसद क्रिस स्मिथ ने भी इस मामले को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने एक लेख में विदेश मंत्री से अनुरोध किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ होने वाली बैठकों में इस मुद्दे को उठाएं। स्मिथ का कहना है कि नए कानून से ईसाई चैरिटी संस्थाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों और अस्पतालों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी तकनीकी गलतियों के कारण संस्थाओं की संपत्तियां जब्त होने का खतरा हो सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मार्को रूबियो की यह यात्रा राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोलकाता के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह आगरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। 26 मई को नई दिल्ली में </span>QUAD <span lang="hi" xml:lang="hi">देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी के अलावा कुछ संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या </span>FCRA <span lang="hi" xml:lang="hi">और मिशनरीज ऑफ चैरिटी का मुद्दा आधिकारिक बातचीत का हिस्सा बनेगा या नहीं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/marco-rubio-reached-missionaries-of-charity-as-soon-as-he/article-54026</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/marco-rubio-reached-missionaries-of-charity-as-soon-as-he/article-54026</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:29:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/marco-rubio-india-visit-missionaries-of-charity-fcra-controversy.jpg"                         length="108157"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        