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                <title>Arun Sao - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Arun Sao RSS Feed</description>
                
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                <title>PWD अफसरों पर भड़के डिप्टी सीएम अरुण साव, बोले- मजाक कर रहे हैं या नौकरी?</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र के निरीक्षण में मिली कई खामियां, 9 साल से अधूरे कार्यों पर जताई नाराजगी, 15 दिन में रिपोर्ट मांगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/deputy-cm-arun-saav-angry-at-pwd-officers-said/article-56297"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/_deputy-cm-arun-sao.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर में बुधवार को उस समय अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया जब प्रदेश के डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव अचानक बहतराई स्थित स्वर्गीय बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान खेल परिसर की हालत देखकर वे खासे नाराज नजर आए। करीब नौ साल पहले शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कई काम अब तक अधूरे पाए गए, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान हॉकी स्टेडियम की अधूरी गैलरी, इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का लंबित काम और विभिन्न निर्माण कार्यों में सुस्ती सामने आई। अधिकारियों से जवाब मांगने पर जब कार्यपालन अभियंता बीबीएस गौतम फाइलों में जानकारी तलाशते नजर आए तो डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा, “वेरी गुड, ढूंढते रहो।” इसके बाद उन्होंने साफ शब्दों में पूछा कि आखिर काम करना है या नहीं, क्योंकि सालों से परियोजना अधूरी पड़ी है और जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई में लगे हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान अरुण साव ने कहा कि यदि समय पर निगरानी की जाती तो इतनी बड़ी परियोजना वर्षों तक अधूरी नहीं रहती। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर 2017 से लंबित कामों की समीक्षा क्यों नहीं हुई और जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि खेल सुविधाएं खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं तो यह गंभीर लापरवाही है। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं चलेगा, जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को लेकर संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाएं और स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं दोबारा निरीक्षण के लिए आएंगे और यदि तब भी स्थिति में सुधार नहीं मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान खेल प्रशिक्षण केंद्र के हॉस्टल की स्थिति भी डिप्टी सीएम की नाराजगी का कारण बनी। उन्होंने पाया कि जिला खनिज न्यास (DMF) से राशि मिलने के बावजूद कई जरूरी मरम्मत कार्य समय पर नहीं किए गए हैं। कमरों, सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि खेल प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए बनाए गए केंद्रों की ऐसी स्थिति चिंताजनक है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हॉस्टल और खेल परिसर से जुड़ी सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी दौरान डिप्टी सीएम ने एसईसीएल की ओर से लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा आउटडोर स्टेडियम में लगी हाईमास्ट लाइट लंबे समय से खराब होने की शिकायत पर उसे तत्काल ठीक कराने के लिए कहा। अधिकारियों को पूरे स्टेडियम का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। हॉकी मैदान में निर्माणाधीन पैवेलियन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों के लिए अलग शौचालय और दर्शकों के लिए अतिरिक्त शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डिप्टी सीएम अरुण साव के साथ विभागीय सचिव मुकेश बंसल भी बिलासपुर पहुंचे थे। उन्होंने जिले में चल रही सड़क परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी। सचिव ने स्पष्ट कहा कि जब तक निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार पूरा नहीं होगा, तब तक भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने रतनपुर से कबीर चौरा तक बन रही 97 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का भी निरीक्षण किया, जिसकी लागत लगभग 510 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा सात किलोमीटर लंबे रतनपुर बाइपास निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समीक्षा बैठक में भूमि अधिग्रहण से जुड़े कुछ मामलों के कारण परियोजनाओं की गति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। इस पर सचिव ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है, इसलिए सभी विभाग समय-सीमा के भीतर काम पूरा करें। बिलासपुर दौरे के दौरान डिप्टी सीएम और विभागीय सचिव की सख्ती ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य सरकार अब अधूरे निर्माण कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन, डिप्टी CM के निर्देश के बाद दो EE को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर दौरे में पेयजल संकट की शिकायत सामने आने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सख्त, दंतेवाड़ा और कोंडागांव के अधिकारियों से सात दिन में मांगा जवाब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-on-villagers-complaint-notice-to-two-ees-after-instructions/article-55734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/arun-sao.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर संभाग के ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजनाओं के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उनके सामने ही पेयजल संकट की समस्या रखी थी। लोगों का कहना था कि गांवों में करोड़ों रुपए खर्च कर नल-जल योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायत मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई थी और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब इसी मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। मामला उस समय सामने आया जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव जल अर्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव और दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी परेशानी बताई। लोगों का कहना था कि जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई, टंकियां बनाई गईं और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है। कई परिवारों को आज भी पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण कराना नहीं है, बल्कि लोगों तक उसका लाभ पहुंचाना भी है। यदि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम की ओर से दोनों जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नोटिस में कहा गया है कि कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल-जल योजना का संचालन और संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया है। इसके कारण ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। विभाग ने माना है कि यह स्थिति शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। साथ ही योजना के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करती है। विभाग का कहना है कि यदि योजना पूरी तरह तैयार है तो फिर ग्रामीणों को पानी क्यों नहीं मिल रहा, इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। दूसरी ओर दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में भी स्थिति कुछ ऐसी ही पाई गई। जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के एक मोहल्ले में कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग के अनुसार तकनीकी मानकों के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होना इस बात का संकेत है कि योजना के संचालन और निगरानी में कहीं न कहीं कमी रही है। यही वजह है कि दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता से भी जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों को जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारियों में भी हलचल देखी जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकार अब जल जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं के संचालन को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का अभियान चलाया गया है। बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में भी इस योजना के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई है। हालांकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संचालन और रखरखाव की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल पाइपलाइन बिछा देने या टंकी बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक पानी नियमित रूप से घरों तक नहीं पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:20:28 +0530</pubDate>
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                <title>8 साल बाद खुला कचना ओवरब्रिज, सीएम साय ने किया उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में 8 साल बाद कचना रेलवे ओवरब्रिज शुरू हुआ। CM विष्णुदेव साय ने लोकार्पण किया, लेकिन उद्घाटन के दिन ही शहर जाम से जूझता नजर आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/kachna-overbridge-opened-after-8-years-cm-sai-inaugurated-it/article-54037"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-raipur-kachna-overbridge-vishnudeo-sai.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर की ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों को आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज की सौगात मिल गई है। करीब 8 साल के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। 48 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बना ये ब्रिज राजधानी के सबसे अहम ट्रैफिक प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिलने की आस जताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इससे हर दिन करीब दो लाख लोगों को फायदा होगा। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही इलाके में हलचल मची रही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर पहुंचे। लेकिन शाम होते-होते हालात कुछ और ही नजर आने लगे और उद्घाटन के दिन ही शहर के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कचना रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से राजधानी की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक रही है। यहां हर रोज यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे फाटक बार-बार बंद करना पड़ता था। इस वजह से शंकर नगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खम्हारडीह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जोरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीआईपी कॉलोनी और भावना नगर जैसे इलाकों के लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। स्कूल बसें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एंबुलेंस और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नए ओवरब्रिज में सर्विस लेन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोड मार्किंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिफलेक्टिव साइन बोर्ड और लाइटिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं ताकि रात में भी यातायात सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में कहा कि ये क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे अब पूरा किया गया है। उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साओ ने भी कहा कि करीब 25 कॉलोनियों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही राजधानी की सड़कों पर भारी दबाव देखा गया। शुक्रवार शाम शंकर नगर से कचना फाटक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि वीआईपी मूवमेंट और उद्घाटन कार्यक्रम के कारण कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका गया था। इसी दौरान बीटीआई मैदान में लगे मेले से निकली भीड़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कई जगह गाड़ियां धीरे-धीरे चलती नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना था कि नए ओवरब्रिज से राहत की उम्मीद थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पहले ही दिन लोगों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक ने बताया कि शंकर नगर से घर पहुंचने में उसे करीब एक घंटा लग गया। राजीव भवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुपम नगर ओवरब्रिज और अशोका रतन इलाके में भी ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। पुलिसकर्मी लगातार अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन देर रात तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ की वजह से परेशानी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आने वाले दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:45:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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