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                <title>Maharashtra News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Maharashtra News RSS Feed</description>
                
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                <title>ठाणे अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद गिरफ्तार, डॉक्टर ने डर के कारण छोड़ा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने और मेडिकल स्टाफ से मारपीट के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार, घटना के बाद डॉक्टर ने नौकरी से दिया इस्तीफा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/thane-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ मौजूद तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए ठाणे छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि अब वह कभी इस शहर में वापस आकर काम नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना सोमवार को शास्त्री नगर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उस समय NICU के सभी बेड भरे हुए थे। इसी कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी ताकि बच्चे का समय पर इलाज हो सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल में फिलहाल जगह उपलब्ध नहीं है और मरीज के हित में दूसरे अस्पताल ले जाना बेहतर रहेगा। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की इस सलाह से परिजन नाराज हो गए। कुछ ही देर बाद उन्होंने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तीखी बहस करने लगे। विवाद कुछ ही मिनटों में हाथापाई में बदल गया। अस्पताल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की, थप्पड़ और घूंसे मारे तथा अस्पताल के कर्मचारियों को धमकाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान महिला डॉक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब महिला डॉक्टर किसी को फोन कर मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं, तभी आरोपी ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ भी मारा। इस पूरी घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि यहां ऐसा माहौल बन गया है, जहां डॉक्टर स्वतंत्र रूप से अपना काम नहीं कर सकते। उनका कहना था कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है और ऐसा महसूस हो रहा है कि आरोपी या उनके समर्थक उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर के इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से घटना की आलोचना की है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने जानकारी दी कि पार्टी ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>दशकों पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म, चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; अमित शाह बोले- पानी का लाभ पूरे देश को मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर किए हस्ताक्षर, वर्षों से लंबित भुगतान और दावों का हुआ अंतिम निपटारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नई दिल्ली में मंगलवार को देश के सबसे लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक नर्मदा जल विवाद का महत्वपूर्ण समाधान सामने आया। सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत, मुआवजा और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय दावों को लेकर वर्षों से चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ परियोजना से जुड़े सभी लंबित वित्तीय मामलों के अंतिम निपटारे का रास्ता साफ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को सहकारी संघवाद की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पानी चाहे किसी भी राज्य में उपयोग हो, उसका लाभ अंततः भारत के किसानों और नागरिकों को ही मिलता है। उनके अनुसार राज्यों के बीच सहयोग की भावना से ही देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है और यही विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक विचार नहीं बल्कि व्यवहार में दिखाई देने वाला मॉडल बन चुका है। कई राज्यों में बेहतर समन्वय के कारण जल विवादों सहित अन्य जटिल मामलों का समाधान तेजी से हो रहा है। सरदार सरोवर परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाओं में गिनी जाती है। इस परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिली है जबकि अनेक शहरों और गांवों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। राजस्थान के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचने के बाद खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परियोजना के निर्माण के दौरान लागत, पुनर्वास, मुआवजा और हिस्सेदारी को लेकर चारों राज्यों के बीच लंबे समय तक मतभेद बने रहे। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसलों के बाद भी कई वित्तीय दावे लंबित थे, जिन पर लगातार चर्चा चल रही थी। अब वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए इन सभी विवादों को समाप्त करने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद हालांकि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बांध के कारण प्रभावित भूमि और मुआवजे के आधार पर लगभग 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। लेकिन नए समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश को उल्टे गुजरात सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस पहलू को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध पहली बार अपनी पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद मध्य प्रदेश के डूब क्षेत्र का वास्तविक आकलन सामने आया। पहले जहां 178 गांव प्रभावित बताए गए थे, वहीं बाद में यह संख्या बढ़कर 192 गांव हो गई। डूब क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जलमग्न हुई, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण बन गया था। इसी आधार पर मध्य प्रदेश ने संशोधित मुआवजे की मांग रखी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर अन्य अंतरराज्यीय जल विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद और किशाऊ बांध परियोजना जैसे मामलों में भी सहमति बनी है। उनका कहना था कि राज्यों के बीच विवाद जितनी जल्दी समाप्त होंगे, उतनी ही तेजी से विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
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                <title>महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर टीईटी-2026 स्थगित, बिहार और हरियाणा के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bihar-connection-three-accused-arrested-in-maharashtra-tet-paper-leak/article-57212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/maharashtra-tet-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:39:48 +0530</pubDate>
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                <title>पुणे केतन मर्डर केस में नए खुलासे, परिवार ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[लोहगढ़ किले हादसे में सिया गोयल पर हत्या का आरोप, पिता ने पुलिस दावे और व्यवहार पर जताई गंभीर शंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a3f586ddf12b/article-57083"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ketan-agarwal-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं और मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। लोहगढ़ किले पर हुई घटना को शुरुआत में एक हादसा बताया गया था, लेकिन अब परिवार और पुलिस दोनों की जांच के बाद यह मामला कथित साजिश और हत्या की ओर जाता दिख रहा है। मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल के व्यवहार पर शक हो गया था और वहीं से पूरी कहानी पर सवाल खड़े होने लगे। परिवार का कहना है कि 18 जून को जब सिया की मां का फोन आया कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है, तब वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि केतन को खाई से निकाला जा चुका था और उसका चेहरा ढका हुआ था। पहचान के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने परिवार को अंदर तक हिला दिया। पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि जब एक महिला पुलिसकर्मी ने कहा कि केतन अभी जिंदा है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तभी सिया के हावभाव अचानक बदल गए और वह घबरा गई। परिवार का दावा है कि इसी समय से शक और गहरा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">विशाल अग्रवाल ने यह भी कहा कि सिया सवालों का जवाब देने से बच रही थी और उसकी चुप्पी असामान्य लग रही थी। केतन की बहन ने भी कई सवाल पूछे, लेकिन सिया ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परिवार का आरोप है कि बाद में जब सिया की बुआ उसे वहां से ले गई, तभी उनका शक और मजबूत हुआ। अगले दिन घर पर भी जब उससे सवाल किए गए, तो वह लगातार चुप रही। परिवार ने इसके बाद सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज देखने शुरू किए और पूरी घटना को जोड़कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मोबाइल चैट डिलीट कर दी और डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की। इसके अलावा पुलिस को एक ऐसे नंबर का भी पता चला है जिस पर सिया की हजारों बार कॉल की गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि 18 जून से पहले दोनों ने लोहगढ़ किले पर कई बार जाने की योजना बनाई थी और वहां के अलग-अलग स्थानों की रेकी भी की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;"> यह मामला अचानक हुआ हादसा नहीं बल्कि पहले से तैयार की गई योजना का हिस्सा था। हालांकि, सिया के परिवार ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह शादी को लेकर खुश थी और किसी दबाव में नहीं थी। सिया की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सच्चाई की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। इधर, महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मंजूरी दे दी है। पुलिस लगातार साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह केस तेजी से चर्चा में है और लोग इस घटना के हर नए मोड़ पर नजर बनाए हुए हैं।  सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां इस मामले को कई एंगल से देख रही हैं, जिसमें रिश्तों में तनाव, प्रेम संबंध और संभावित साजिश सभी पहलू शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:51:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी के 48 दिन बाद डॉक्टर की पत्नी ने दी जान, दहेज प्रताड़ना का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ठाणे के अंबरनाथ में 26 वर्षीय महिला की मौत से सनसनी, पति, सास और देवर गिरफ्तार; परिवार ने लगाया मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/doctors-wife-commits-suicide-alleging-dowry-harassment/article-56328"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/thane-suicide-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 48 दिन बाद एक नवविवाहिता ने कथित तौर पर प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका की पहचान 26 वर्षीय विशाखा तिलकर के रूप में हुई है, जिसकी शादी इसी वर्ष 30 अप्रैल को अंबरनाथ निवासी डॉक्टर नितिन तिलकर के साथ हुई थी। मामले में पुलिस ने पति, सास और देवर को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, विशाखा मूल रूप से पुणे की रहने वाली थी। उसकी शादी पारिवारिक सहमति से हुई थी और शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही उसके जीवन में समस्याएं बढ़ने लगीं। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। इसके अलावा दहेज को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी में दहेज नहीं दिए जाने से ससुराल पक्ष नाराज था। शादी के कुछ समय बाद पति और उसके परिवार ने विशाखा पर मायके से 50 ग्राम सोना लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे इतनी बड़ी मांग पूरी कर पाते। विशाखा के पिता पुणे में रिक्शा चालक हैं और सीमित आय के सहारे परिवार का पालन-पोषण करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">परिजनों के अनुसार, दहेज की मांग के साथ-साथ विशाखा को मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता था। आरोप है कि उसके पति को उस पर लगातार शक रहता था। इसी कारण घर के अंदर और बाहर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। विशाखा को किसी से बात करने या पड़ोसियों से मिलने-जुलने तक की स्वतंत्रता नहीं थी। परिवार का दावा है कि उसे लगभग हर समय निगरानी में रखा जाता था। मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि यदि विशाखा किसी से बात करती दिखाई देती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों का कहना है कि 14 जून को पड़ोस की एक महिला से बातचीत करने पर उसके पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसकी पिटाई की थी। इस घटना के बाद विशाखा काफी डरी हुई और मानसिक रूप से टूट चुकी थी। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विशाखा ने अपने माता-पिता को फोन कर पूरी स्थिति की जानकारी दी थी। उसने कथित रूप से बताया था कि वह ससुराल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है और लगातार प्रताड़ना झेल रही है। इसके बाद उसके माता-पिता अंबरनाथ जाकर बेटी को अपने साथ वापस लाने की तैयारी कर रहे थे। परिवार का कहना है कि वे जल्द ही ससुराल पक्ष से बातचीत करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">16 जून को विशाखा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति नितिन तिलकर, उसकी मां छाया तिलकर और भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया। तीनों पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। मृतका के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। साथ ही पड़ोसियों और परिवार के अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और घरेलू प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। शिक्षित परिवारों में भी इस तरह की घटनाएं होना चिंता का विषय है। विवाह के बाद महिलाओं के साथ होने वाली मानसिक प्रताड़ना कई बार इतनी गंभीर हो जाती है कि वे खुद को असहाय महसूस करने लगती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:55:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद पर फिर झुके कॉमेडियन प्राणित मोरे, बोले- नफरत का हकदार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[शो में आपत्तिजनक टिप्पणी पर हंसने को बताया बड़ी गलती, राष्ट्रीय महिला आयोग के समन और पुलिस जांच के बीच मांगी दूसरी बार माफी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/comedian-pranit-more-bows-down-again-on-370-rupees-biryani/article-55849"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pranit-more-controversy-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्टैंड-अप कॉमेडियन प्राणित मोरे एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। ‘370 रुपए बिरयानी’ टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेल रहे मोरे ने शनिवार को दूसरी बार सार्वजनिक माफी जारी की। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर हंसना उनकी “गलत सोच और निर्णय में चूक” थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बातें मंच पर कही गईं, उन्हें वहीं रोक देना चाहिए था, लेकिन वह माहौल में बह गए और यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। पूरा विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप शो के दौरान शुरू हुआ था। शो में दर्शकों से बातचीत के दौरान वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का अनुभव साझा किया। उसने बताया कि उसने एक महिला के लिए 370 रुपए की चिकन बिरयानी खरीदी थी। बाद में जब महिला ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा तो उसने कथित तौर पर उस खर्च के बदले यौन संबंधों की मांग कर दी। इस टिप्पणी पर प्राणित मोरे हंसते दिखाई दिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और गैर-सहमति वाले व्यवहार को बढ़ावा देने वाला बताया। आलोचकों का कहना था कि मंच पर मौजूद कॉमेडियन की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनके मंच से किस तरह के संदेश समाज में जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर कई दिनों तक बहस चलती रही। विवाद बढ़ने के बाद सबसे पहले हिमांशु जांगड़ा और फिर प्राणित मोरे ने माफी मांगी थी। हालांकि आलोचना थमने के बजाय और बढ़ गई। शनिवार को जारी अपने नए बयान में मोरे ने कहा कि वह लोगों के गुस्से को समझते हैं और खुद को इस आलोचना का पात्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने मंच पर कई अपमानजनक बातें कहीं, लेकिन वहां मौजूद लोग हंस रहे थे और वह भी उसी माहौल का हिस्सा बन गए। उनके मुताबिक यदि वह उसी समय टिप्पणी का विरोध करते और बातचीत को रोक देते तो शायद मामला इतना नहीं बढ़ता।</p>
<p style="text-align:justify;">मोरे ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने अनजाने में उस व्यक्ति को मंच और महत्व दे दिया, जिससे विवाद और बड़ा हो गया। उन्होंने उन सभी लोगों से माफी मांगी जो इस घटना से आहत हुए हैं। साथ ही उन्होंने समाज से एक और मौका देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनका काम और व्यवहार यह साबित करेगा कि उन्होंने इस घटना से सीख ली है। इस विवाद के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय महिला आयोग ने गुरुवार को प्राणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों को समन जारी किया। आयोग का कहना है कि दोनों के बयान और व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि गैर-सहमति वाले यौन व्यवहार और दबाव को सामान्य या स्वीकार्य बनाने की कोशिश की गई। आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों से जवाब मांगा है। विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर मामला उछलने के बाद उनकी नौकरी समाप्त कर दी गई। वहीं प्राणित मोरे के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने को लेकर साइबर पुलिस में मामला भी दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच विवाद में एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार मेडिकल शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों और पुरुष शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती दिखाई दीं। इस वीडियो पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में सेजल पवार ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। मामले को गंभीर मानते हुए मुंबई के केईएम अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृत व्यक्तियों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता, नफरत या महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कलाकारों, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है और स्टैंड-अप कॉमेडी मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी दूसरे व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की अभिव्यक्ति दूसरे व्यक्ति के सम्मान और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में फिर महंगी हुई CNG, 15 दिन में दूसरी बढ़ोतरी से बढ़ी यात्रियों और चालकों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू गैस की कमी और बढ़ती लागत का असर, ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/cng-becomes-expensive-again-in-mumbai-second-increase-in-15/article-54560"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mumbai-cng-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुंबई और उसके आसपास रहने वाले लाखों लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 29 और 30 मई की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है। साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 13 और 14 मई को भी कंपनी ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो रोजमर्रा के परिवहन के लिए CNG आधारित वाहनों पर निर्भर हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में लाखों निजी वाहन, ऑटो-रिक्शा, टैक्सियां और बसें CNG से संचालित होती हैं। ऐसे में इसका सीधा असर आम लोगों और परिवहन क्षेत्र दोनों पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी आने के कारण लागत लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि पहले की तुलना में कम मात्रा में घरेलू गैस उपलब्ध हो रही है, जिसके चलते कंपनी को अधिक महंगे वैकल्पिक स्रोतों से गैस खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी गैस आपूर्ति की लागत को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों का असर उपभोक्ताओं तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">CNG के दाम बढ़ने के साथ ही मुंबई की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग भी तेज कर दी है। यूनियनों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है। वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और अन्य खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं। अब CNG की नई कीमतों ने चालकों की आय पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। कई यूनियन प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे सरकार और परिवहन विभाग के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव रख सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में CNG आधारित वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 5 लाख से अधिक निजी कारें, लगभग 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा और 1.6 लाख से ज्यादा टैक्सियां CNG पर चल रही हैं। इसके अलावा हजारों टेम्पो, निजी बसें और सार्वजनिक परिवहन वाहन भी इसी ईंधन पर निर्भर हैं। पिछले एक वर्ष में करीब 2 लाख नए CNG वाहन सड़कों पर जुड़े हैं, जिसके बाद इस क्षेत्र में ऐसे वाहनों की कुल संख्या 12 लाख के पार पहुंच गई है। यही कारण है कि कीमतों में होने वाला हर बदलाव सीधे बड़ी आबादी को प्रभावित करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि कंपनी का कहना है कि बढ़ोतरी के बावजूद CNG अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में अधिक किफायती ईंधन बनी हुई है। MGL के अनुसार मौजूदा दरों पर भी CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिक पेट्रोल की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत और डीजल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं। यही वजह है कि लगातार मूल्य वृद्धि के बावजूद CNG की मांग में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर राजधानी दिल्ली में भी CNG उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। हाल के दिनों में वहां भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने बीते दो सप्ताह के दौरान कई बार दरों में संशोधन किया है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण गैस खरीद की लागत में वृद्धि हो रही है, जिसका प्रभाव स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है।</p>
<p>आम उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर और बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यदि गैस की उपलब्धता और आयात लागत में सुधार नहीं हुआ तो परिवहन क्षेत्र के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 14:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में बेटे ने मां को जिंदा जलाया, पूरा मामला जान रह जाएंगे हैरान !</title>
                                    <description><![CDATA[धुले जिले में शादी को लेकर विवाद के बाद बेटे ने अपनी बुजुर्ग मां को जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसी महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/son-burns-mother-alive-in-maharashtra-you-will-be-shocked/article-54128"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/maharashtra-crime-news-son-murders-mother.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महाराष्ट्र के धुले जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। यहां एक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">45<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय रिक्शा चालक पर अपनी बुजुर्ग मां को जिंदा जलाने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से झुलसी महिला के इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद महिंदले गांव में सन्नाटा और गुस्सा फैल गया है। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है। पहले की जांच में पता चला है कि शादी न होने की वजह से आरोपी अपनी मां से बहुत समय से नाराज था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मृतक महिला को जिजाबाई भटू खैरनार-पाटील कहा जाता है। पुलिस का कहना है कि यह घटना देर रात की है। बताया जा रहा है कि जिजाबाई अपने बेटे प्रदीप उर्फ दगडू खैरनार का घर लौटने का इंतज़ार कर रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और मां से झगड़ा शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि घर से तेज आवाजें और बहस की बातें सुनाई दीं। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ अपनी मां पर डालकर आग लगा दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और चंद क्षणों में महिला आग की लपटों में फंस गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आस-पास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल ले जाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वह इलाज के दौरान दम तोड़ गई। बताया गया है कि महिला काफी झुलस चुकी थीं। जैसे ही इस घटना की सूचना फैली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गांव में भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिजाबाई शांत स्वभाव की महिला थीं और इलाके में सभी के साथ अच्छे संबंध थे। उनकी मौत की खबर से गांववाले सदमे में हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धुले तालुका पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और कई ज़रूरी सबूत इकट्ठा किए हैं। आरोपी प्रदीप उर्फ दगडू खैरनार को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरुआती पूछताछ में परिवार के विवाद का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपी को संदेह था कि उसकी मां जानबूझकर उसकी शादी नहीं होने दे रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वह मानसिक तनाव और गुस्से में रहा। ये भी सामने आया है कि घटना के समय वह शराब के प्रभाव में था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में डर और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पारिवारिक तनाव और शराब की लत के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई लोगों ने इसे अमानवीय बताते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:06:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>नासिक TCS केस में 1500 पन्नों की चार्जशीट हुई दाखिल, चैट्स और मेडिकल रिपोर्ट भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[नासिक TCS उत्पीड़न केस में SIT ने 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। WhatsApp चैट, मेडिकल रिपोर्ट और 17 गवाहों के बयान शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/1500-page-charge-sheet-filed-in-nashik-tcs-case-chats/article-54043"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/nashik-tcs-case-charge-sheet.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">TCS <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण मामले में अब जांच में बड़ा मोड़ आया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (</span>SIT) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने इस मामले में पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें करीब 1500 पन्ने हैं। इस चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे डिजिटल सबूत</span>, WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">चैट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल रिपोर्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं। मामला अप्रैल 2026 में तब सामने आया जब कुछ महिला कर्मचारियों ने </span>Tata Consultancy Services <span lang="hi" xml:lang="hi">के नासिक </span>BPO <span lang="hi" xml:lang="hi">यूनिट में यौन उत्पीड़न</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए थे। शुरुआती शिकायतों के बाद मामला तेजी से बढ़ा और पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया। अब तक इस केस में कुल 9</span> FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज की जा चुकी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि अभी तक पहली चार्जशीट सिर्फ एक ही मामले में प्रस्तुत की गई है। नासिक पुलिस के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच अभी भी जारी है और आगे सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चार्जशीट में चार आरोपियों के नाम शामिल हैं: दानिश शेख</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तौसिफ बिलाल अख्तर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निदा इजाज खान और मदीन मजीद पटेल। बताया जाता है कि </span>HR <span lang="hi" xml:lang="hi">मैनेजर रहीं निदा खान फिलहाल फरार हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ महिला कर्मचारियों ने यह आरोप लगाया था कि कार्यालय के अंदर मानसिक दबाव डाला जाता था और शिकायत करने पर नौकरी पर प्रभाव डालने की धमकी दी जाती थी। कुछ पीड़िताओं ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और धार्मिक दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इस मामले में </span>SC/ST <span lang="hi" xml:lang="hi">एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। </span>SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">ने जांच के दौरान 17 गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए हैं। पुलिस के सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल डेटा की जांच में कई बातचीत और दस्तावेज मिले हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें अब कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें बलात्कार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यौन उत्पीड़न</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपराधिक साजिश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धोखे से संबंध बनाना और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसी धाराएं शामिल हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कथित घटनाएं 2022 से 2026 के बीच हुई हैं। इस दौरान कई पीड़िताओं ने अलग-अलग समय पर शिकायतें दीं। मामला सामने आने के बाद यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी बहस हुई। </span>SIT <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि जांच में कुछ संगठित गतिविधियों के संकेत मिले हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस पर अंतिम निष्कर्ष कोर्ट की प्रक्रिया के बाद ही साफ होगा। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सभी आरोपियों को जमानत नहीं मिली है और पुलिस बाकी मामलों की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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