<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/mp-news/tag-148" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>mp news - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/148/rss</link>
                <description>mp news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दतिया में धारा-163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक; प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[टिकट विवाद के बाद हुए बवाल और हाईवे जाम की घटना के बाद प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन, रैली और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-163.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे चक्का जाम और हिंसक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार उपचुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश लागू होने के बाद अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी सभा, जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य सार्वजनिक प्रसारण उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे, भाषण या अन्य माध्यमों से ऐसी किसी भी सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के पालन के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी आवश्यक है। इसलिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं से भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने अपने आदेश में हाल ही में झांसी-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए चक्का जाम का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार 10 जुलाई की रात हुए प्रदर्शन के दौरान लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए एहतियात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। आदेश के तहत भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीआरपीएफ और अन्य प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। धारा-163 लागू होने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/datia-163.jpg"                         length="191947"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में आज होगा ‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’, 5 हजार युवा लेंगे विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल, खेल और नवाचार जैसे विषयों पर युवाओं से सीधा संवाद होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/my-youth-my-pride-conclave.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर आज प्रदेशभर के हजारों युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और नए विचारों का साक्षी बनने जा रहा है। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में<strong> </strong>‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब पांच हजार युवा भाग लेंगे। ‘वन स्टेट, वन जनरेशन, वन संकल्प’ थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके विचारों को नीति निर्माण की दिशा में स्थान देना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुबह से ही प्रतिभागियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं ताकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले युवाओं को बेहतर अनुभव मिल सके। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि युवाओं के विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने का एक बड़ा मंच माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 12 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर युवाओं से संवाद करेंगे। इस दौरान वे विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। आयोजन में शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, खेल, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और जनभागीदारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल होंगे। पूरे दिन अलग-अलग विषयों पर संवाद सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रतिभागी अपने अनुभव, सुझाव और नए विचार साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी विशेषता पांच समानांतर विषयगत कार्यशालाएं होंगी। इन कार्यशालाओं में युवा केवल चर्चा ही नहीं करेंगे, बल्कि व्यवहारिक और क्रियान्वयन योग्य सुझाव भी तैयार करेंगे। इन सुझावों को संकलित कर प्रदेश के युवाओं का सामूहिक ‘युवा संकल्प’ दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में विकास की योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल श्रोता बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी सोच के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और युवा उद्यमी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जो प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉन्क्लेव में केवल संवाद और कार्यशालाएं ही नहीं, बल्कि कई प्रेरणादायी और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत मोटर साइकिल और साइकिल रैली से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, म्यूजिक स्टेज, संवादात्मक सत्र और इंदौरी फूड स्ट्रीट भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और उन्हें समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के समापन पर सभी पांच हजार युवा एक साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेंगे। यह संकल्प केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के भविष्य को लेकर युवाओं की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाएगा। राज्य सरकार का भी मानना है कि विकसित मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब युवाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ेगी और उनके सुझावों को योजनाओं में स्थान मिलेगा। यही वजह है कि इस कॉन्क्लेव को केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं और शासन के बीच संवाद का प्रभावी मंच माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/my-youth-my-pride-conclave.jpg"                         length="142810"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का बवाल, NH-44 जाम; पुलिस पर पथराव, एसपी-एएसपी समेत 6 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की ओर से विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। एनएच-44 पर लंबा जाम लगा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर रात और शनिवार तड़के हिंसक रूप ले बैठा। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात किया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे से बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र होने लगे थे। प्रशासन का कहना है कि तीन हजार से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले बाजार बंद कराने का प्रयास किया और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दतिया के साथ-साथ आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कई बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों के मुताबिक तड़के करीब चार बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और पुलिस टीम पर पत्थर फेंके जाने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन पथराव जारी रहने पर अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विरोध प्रदर्शन की वजह भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया जाना बताया जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी एक बार फिर उन्हें टिकट देगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन की तैयारी भी शुरू कर दी थी। जैसे ही पार्टी ने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा की, समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई और वे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और पार्टी नेतृत्व से फैसला बदलने की मांग की। दूसरी ओर भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने दावा किया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और पूरी रात रामधुन गाकर पार्टी नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई, जिससे हालात बिगड़ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और भीड़ द्वारा पहले हिंसक व्यवहार किया गया। इस बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और अभिभावक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और डॉ. मिश्रा का मार्गदर्शन उन्हें मिलता रहेगा। हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया जा रहा है, जबकि पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/datia-news-%281%29.jpg"                         length="179876"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को लहार दौरे पर, लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त करेंगे जारी</title>
                                    <description><![CDATA[भिण्ड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम से मुख्यमंत्री लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करेंगे। साथ ही भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा की माताजी के निधन पर उनके निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/chief-minister-dr-mohan-yadav-will-release-the-38th-installment/article-58452"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mohan-yadav-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को भिण्ड जिले के लहार के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश की महत्वाकांक्षी <strong>लाड़ली बहना योजना</strong> की 38वीं किस्त की राशि प्रदेशभर की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और लाभार्थी महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री लहार पहुंचने के बाद भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा (गुड्डू) के निवास भी जाएंगे, जहां वे उनकी माताजी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले मेहगांव में प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव कर इसे लहार स्थानांतरित कर दिया गया। गुरुवार देर रात इस बदलाव की आधिकारिक जानकारी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने नई व्यवस्थाओं के अनुसार तैयारियां तेज कर दीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री का कार्यक्रम दोपहर करीब 1 बजे शुरू होगा और वे लगभग दो घंटे तक लहार में रहेंगे। इस दौरान उनका सार्वजनिक कार्यक्रम दोपहर 3 बजे तक प्रस्तावित है। गुरुवार शाम तक कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। प्रशासन की ओर से बारिश की संभावना को देखते हुए ऐसे स्थान की तलाश की जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद आयोजन सुचारु रूप से कराया जा सके। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम के लिए पक्के और सुरक्षित स्थल को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे पहले जब कार्यक्रम मेहगांव में प्रस्तावित था, तब भी संबंधित अधिकारियों ने मंडी परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए थे। अब कार्यक्रम स्थल बदलने के बाद पूरी तैयारियों को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है।</p>
<p>लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलती है। योजना की प्रत्येक किस्त का लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिलता है और लाभार्थी हर माह निर्धारित तिथि का इंतजार करती हैं। 12 जुलाई को जारी होने वाली 38वीं किस्त भी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान योजना से जुड़ी अन्य जानकारियां भी साझा की जा सकती हैं। वहीं, मुख्यमंत्री का भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा के निवास पहुंचकर उनकी माताजी को श्रद्धांजलि देना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। हाल ही में विधायक की माताजी का निधन हुआ था, जिसके बाद मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त करने के लिए उनके निवास जाने वाले हैं। मुख्यमंत्री के लहार आगमन की सूचना मिलते ही विधायक अम्बरीश शर्मा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर प्रशासन भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहीं लाभार्थी महिलाओं के लिए भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान उनके खातों में नई किस्त की राशि हस्तांतरित की जाएगी। ऐसे में 12 जुलाई का यह दौरा भिण्ड जिले के साथ-साथ प्रदेशभर की लाखों महिलाओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/chief-minister-dr-mohan-yadav-will-release-the-38th-installment/article-58452</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/chief-minister-dr-mohan-yadav-will-release-the-38th-installment/article-58452</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:01:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mohan-yadav-%283%29.jpg"                         length="140889"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg"                         length="207452"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में 40 रूटों पर शुरू होगी सरकारी बस सेवा, ई-टिकट और लाइव ट्रैकिंग मिलेगी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने नई परिवहन योजना का मसौदा जारी किया, 30 दिन तक मांगे सुझाव और आपत्तियां; पीपीपी मॉडल पर होगा बसों का संचालन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-bus-service-will-start-on-40-routes-in-mp/article-58262"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-bus-service.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में सरकारी बसों के संचालन के लिए 40 प्रमुख लंबी दूरी के बस रूट तय कर दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने राज्य सड़क परिवहन योजना का मसौदा जारी करते हुए इस पर आम लोगों, बस संचालकों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा और फिर योजना को अंतिम रूप देकर सरकारी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।</p>
<p>नई योजना के तहत यात्रियों को कई डिजिटल सुविधाएं भी मिलेंगी। बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे टिकट लेने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। इसके साथ ही हर बस में आधुनिक जीपीएस आधारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे। इन डिवाइसों की मदद से बस की लाइव लोकेशन हर दस सेकेंड में अपडेट होगी और यात्री वेबसाइट के माध्यम से यह जान सकेंगे कि उनकी बस इस समय किस स्थान पर है। इससे बसों की समय-सारिणी पर नजर रखना आसान होगा और यात्रियों को लंबे समय तक बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>परिवहन विभाग के अनुसार जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक होगी, वहां जरूरत के अनुसार ज्यादा बसें चलाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि मांग के अनुसार बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को नियमित और भरोसेमंद बस सेवा मिलेगी। इससे निजी और सरकारी परिवहन के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।</p>
<p>विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि इन बसों का संचालन मध्य प्रदेश यात्री बस परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। राज्य परिवहन उपक्रम के नाम पर बसों के परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत निजी बस संचालकों के साथ समझौते किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से निजी क्षेत्र के अनुभव और सरकारी निगरानी का संतुलन बनेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता की सेवा मिल सकेगी।</p>
<p>नई परिवहन नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से सरकारी बस सेवा को आधुनिक स्वरूप देने की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब नई तकनीक और डिजिटल सुविधाओं के साथ बस संचालन शुरू होने से यात्रियों को अधिक भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी। योजना को अंतिम रूप दिए जाने के सात दिन बाद बसों का संचालन शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>सरकार द्वारा जिन 40 इंटरसिटी मार्गों को अधिसूचित किया गया है, वे प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और जिलों को आपस में जोड़ेंगे। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर समेत कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इन मार्गों पर नियमित बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों को फायदा होगा जहां वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।</p>
<p>योजना के अनुसार अलग-अलग मार्गों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बसों की क्षमता भी तय की गई है। सामान्य मार्गों पर 23 से 34 सीटों वाली मिडी बसें चलाई जाएंगी। ये बसें साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणी में उपलब्ध होंगी। वहीं लंबी दूरी और इंटरसिटी मार्गों पर 35 से 70 सीटों वाली स्टैंडर्ड बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सरकार का मानना है कि अलग-अलग श्रेणी की बसों से यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p>नई व्यवस्था में सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बसों की नियमित निगरानी, तय समय पर संचालन और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पूरे सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने की योजना है। यात्रियों को बसों की लोकेशन, समय और अन्य जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे शिकायतों में कमी आने के साथ-साथ बस संचालन की निगरानी भी आसान होगी। परिवहन विभाग का कहना है कि भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-bus-service-will-start-on-40-routes-in-mp/article-58262</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-bus-service-will-start-on-40-routes-in-mp/article-58262</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:07:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/madhya-pradesh-bus-service.jpg"                         length="166966"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट से CMHO डॉ. हसानी को बड़ी राहत: 62 नहीं, 65 वर्ष की उम्र में होंगे रिटायर</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर खंडपीठ का अहम फैसला, कहा- मेडिकल अधिकारियों की सेवाएं स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जरूरी; डॉ. हसानी 65 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रख सकेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-relief-to-cmho-dr-hasani-from-high-court-he/article-58179"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cmho-dr-madhav-prasad-hasani.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत उन्हें 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त किया जाना था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि डॉ. हसानी 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने के पात्र हैं और राज्य सरकार को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि प्रदेश के चिकित्सा अधिकारियों के सेवा नियमों और सेवानिवृत्ति आयु से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित करने का उद्देश्य अनुभवी डॉक्टरों की सेवाओं का अधिक समय तक लाभ स्वास्थ्य व्यवस्था को उपलब्ध कराना है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 30 जनवरी 2026 को जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त करने के निर्देश दिए गए थे। याचिका में कहा गया कि उन्होंने वर्ष 1999 में संविदा ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। इसके बाद वर्ष 2005 में उनकी सेवाओं का नियमितीकरण किया गया और तब से उन्होंने लगातार चिकित्सा सेवाएं प्रदान की हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि डॉ. हसानी ने लंबे समय तक क्लीनिकल सेवाएं दीं और बाद में विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते हुए मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके अनुभव और सेवा अवधि को देखते हुए उन्हें 65 वर्ष तक सेवा का लाभ मिलना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह भी तर्क रखा गया कि मध्यप्रदेश सरकार पहले ही मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित कर चुकी है। इसके अलावा हाईकोर्ट पूर्व में भी डॉ. कांतिलाल साहू सहित कई मामलों में इसी प्रकार का फैसला दे चुका है। ऐसे में समान परिस्थितियों में डॉ. हसानी को अलग तरीके से सेवानिवृत्त करना न्यायसंगत नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि 65 वर्ष तक सेवा जारी रखने का लाभ केवल उन्हीं अधिकारियों को मिल सकता है, जो नियमों में निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करते हों। सरकार का कहना था कि याचिकाकर्ता उन निर्धारित शर्तों के अनुरूप पात्र नहीं हैं, इसलिए उन्हें 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने का आदेश जारी किया गया था। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने मामले का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि डॉ. हसानी वर्ष 1999 से लगातार चिकित्सा सेवाओं से जुड़े रहे हैं और उनके मामले के तथ्य पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों से काफी हद तक मेल खाते हैं। अदालत ने यह भी माना कि उन्होंने लंबे समय तक चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई है और स्वास्थ्य सेवाओं में उनका अनुभव महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का उद्देश्य केवल सेवा अवधि बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस नीति की भावना को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि 30 जनवरी 2026 को जारी किया गया सेवानिवृत्ति आदेश विधिसम्मत नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि डॉ. माधव प्रसाद हसानी को 65 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी जाए और राज्य सरकार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करे। इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जिन चिकित्सा अधिकारियों के मामले समान परिस्थितियों वाले हैं, वे भी इस निर्णय का हवाला देते हुए कानूनी राहत की मांग कर सकते हैं। हालांकि प्रत्येक मामले का निर्णय उसके तथ्यों और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर ही होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-relief-to-cmho-dr-hasani-from-high-court-he/article-58179</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-relief-to-cmho-dr-hasani-from-high-court-he/article-58179</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:54:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/cmho-dr-madhav-prasad-hasani.jpg"                         length="240902"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जबलपुर में पेयजल संकट: नलों से निकला काला और बदबूदार पानी, लोगों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[राजीव गांधी वार्ड में दूषित पेयजल से मचा हड़कंप, दर्जनों लोगों के बीमार होने का दावा; नगर निगम से तत्काल जांच और सुरक्षित जलापूर्ति की मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/drinking-water-crisis-in-jabalpur-black-and-smelly-water-comes/article-58178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/jabalpur-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटना के बाद अब जबलपुर में भी पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र के राजीव गांधी वार्ड में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों के घरों में नलों से काला, बदबूदार और गंदगी से भरा पानी आने लगा। अचानक बदले पानी के रंग और तेज दुर्गंध ने लोगों को दहशत में डाल दिया। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच, पाइपलाइन की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। बुधवार सुबह रोज की तरह लोगों ने घरेलू उपयोग और पीने के लिए नल खोले, लेकिन पानी की जगह काले रंग का गंदा और बदबूदार पानी निकलने लगा। कई लोगों ने शुरुआत में इसे बारिश का असर समझकर कुछ देर इंतजार किया, लेकिन 10 से 15 मिनट तक लगातार गंदा पानी आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने आसपास की जलापूर्ति लाइन का निरीक्षण किया और आरोप लगाया कि पेयजल पाइपलाइन का एक हिस्सा नाले के भीतर से होकर गुजर रहा है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन में कहीं लीकेज होने के कारण नाले का दूषित पानी सीधे पेयजल लाइन में मिल रहा है, जिससे घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से टैक्स और जलकर का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल रही है। नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और नगर निगम अधिकारियों से स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। क्षेत्र के निवासियों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से वार्ड में बड़ी संख्या में लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याओं से परेशान हैं। पहले लोगों को बीमारी का कारण समझ में नहीं आ रहा था, लेकिन अब नलों से दूषित पानी निकलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि जलजनित संक्रमण इसके पीछे की एक बड़ी वजह हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजीव गांधी वार्ड निवासी विजय नायडू ने बताया कि उन्होंने सुबह मोटर चलाकर घर की टंकी में पानी भर लिया था। बाद में जब पीने के लिए पानी निकाला गया तो उसमें कीचड़ और गंदगी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब पूरी टंकी का पानी अनुपयोगी हो गया है और उसे खाली कर साफ कराना पड़ेगा। उनका कहना है कि इस तरह की स्थिति में परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">दूषित पानी की आपूर्ति का असर केवल पीने तक सीमित नहीं रहा। जिन लोगों ने सुबह पानी की टंकियां भर ली थीं, अब उन्हें पूरी टंकी की सफाई कराने की चिंता सता रही है। इसके अलावा घरों में लगे वाटर फिल्टर, आरओ सिस्टम और वाटर कूलर भी प्रभावित होने की आशंका है। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर फिलहाल इन उपकरणों का उपयोग बंद कर दिया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि वास्तव में पेयजल पाइपलाइन नाले के भीतर या उसके संपर्क में होकर गुजर रही है तो यह लंबे समय से बनी एक गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही है। उनका कहना है कि पाइपलाइन की नियमित जांच और समय-समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे क्षेत्र की जलापूर्ति लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए और जहां भी लीकेज या क्षति हो, उसे तत्काल ठीक किया जाए। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तुरंत स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही पाइपलाइन की जांच, लीकेज की मरम्मत, पानी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में जलजनित बीमारियों का बड़ा प्रकोप फैल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/drinking-water-crisis-in-jabalpur-black-and-smelly-water-comes/article-58178</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/drinking-water-crisis-in-jabalpur-black-and-smelly-water-comes/article-58178</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:20:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/jabalpur-news.jpg"                         length="158099"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी SI-सूबेदार भर्ती का अंतिम रिजल्ट जारी, 500 में 436 अभ्यर्थियों का चयन</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी चयन मंडल ने घोषित किया अंतिम परिणाम, ओबीसी वर्ग के संजय परमार प्रदेश में टॉपर बने; महिला और आरक्षित श्रेणियों में पर्याप्त पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने से 64 पद खाली रह गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/final-result-of-mp-si-subedar-recruitment-released-436-candidates-selected/article-58134"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-si-result.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने लंबे इंतजार के बाद सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 500 पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं, लेकिन सभी पद नहीं भर सके। अंतिम परिणाम के अनुसार केवल 436 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जबकि 64 पद रिक्त रह गए। कर्मचारी चयन मंडल के मुताबिक महिला और अन्य आरक्षित श्रेणियों में निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी पदों पर चयन संभव नहीं हो पाया। रिजल्ट जारी होने के साथ ही पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कटऑफ भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण और नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पुलिस विभाग द्वारा पूरी की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस भर्ती परीक्षा में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी संजय परमार ने 595.98 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी मेरिट सूची के अनुसार टॉप-10 अभ्यर्थियों में पांच उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। इसके अलावा तीन अभ्यर्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और दो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग से शामिल हैं। टॉप-10 में ओबीसी वर्ग की मजबूत मौजूदगी इस बार के परिणाम की प्रमुख विशेषताओं में गिनी जा रही है। परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है, जबकि कई उम्मीदवार अब आगे की चयन प्रक्रिया की तैयारी में जुट गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कर्मचारी चयन मंडल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा के बाद कुल 5,113 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए पात्र घोषित किया गया था। भर्ती नियमों के अनुसार रिक्त पदों के लगभग तीन गुना यानी 1,692 उम्मीदवारों को पुलिस विभाग ने शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) और साक्षात्कार के लिए बुलाया। अंतिम चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के संयुक्त आधार पर किया गया। इसी प्रक्रिया के बाद अंतिम मेरिट सूची तैयार की गई और चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिला और अन्य विशेष आरक्षित वर्गों में पर्याप्त पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण सभी पद भरना संभव नहीं हो सका। कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि नियमों के अनुसार कुछ रिक्त पदों का वर्गीकरण बदलने की प्रक्रिया भी अपनाई गई, ताकि अधिक से अधिक पद भरे जा सकें। इसके बावजूद निर्धारित पात्रता और चयन मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हुए। परिणामस्वरूप कुल 500 पदों में से केवल 436 पदों पर ही अंतिम चयन किया जा सका। शेष पद फिलहाल रिक्त रह गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के अंक समान रहे, उनकी वरीयता भर्ती नियमों के अनुसार तय की गई। समान अंक की स्थिति में आयु और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को आधार बनाया गया। इसके अलावा पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को शासन के नियमों के अनुसार मुख्य चयन प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण में पांच प्रतिशत अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया। इससे पहले भी भर्ती प्रक्रिया के दौरान इन नियमों की जानकारी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतिम परिणाम के साथ विभिन्न पदों के कटऑफ अंक भी घोषित किए गए हैं। जारी सूची के अनुसार सूबेदार पद के लिए अंतिम कटऑफ 571.16 अंक रहा। विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) सब इंस्पेक्टर पद के लिए कटऑफ 497.27 अंक निर्धारित किया गया, जबकि जिला पुलिस बल के सब इंस्पेक्टर पद के लिए अंतिम कटऑफ 505.206 अंक रहा। अभ्यर्थी अपनी श्रेणी और संबंधित पद के अनुसार कटऑफ का मिलान कर सकते हैं। विस्तृत परिणाम और मेरिट सूची कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब चयनित उम्मीदवारों के लिए अगला चरण दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण का होगा। पुलिस विभाग नियुक्ति से पहले सभी प्रमाण-पत्रों की जांच करेगा। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को प्रशिक्षण और नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कर्मचारी चयन मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार मंडल के पास सुरक्षित रहेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी समय-समय पर प्राप्त करते रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी होने के साथ हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। पिछले कई महीनों से उम्मीदवार लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार के बाद अंतिम मेरिट सूची का इंतजार कर रहे थे। अब चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया की ओर बढ़ेंगे, जबकि जिन उम्मीदवारों का चयन नहीं हो सका, वे भविष्य की भर्तियों की तैयारी में जुटेंगे। इस भर्ती के जरिए प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे पुलिस बल को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/final-result-of-mp-si-subedar-recruitment-released-436-candidates-selected/article-58134</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/final-result-of-mp-si-subedar-recruitment-released-436-candidates-selected/article-58134</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:15:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mp-si-result.jpg"                         length="144079"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कालापीपल में कुएं से मिले 13 हिरण और एक कुत्ते के शव, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[खरदौनकलां गांव के खेत में बने कुएं से सड़े-गले शव मिलने से हड़कंप, प्रारंभिक जांच में कुत्ते से बचने के दौरान हिरणों के गिरने की आशंका; वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bodies-of-13-deer-and-a-dog-found-in-a/article-58067"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kalapipal-deer-death.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शाजापुर जिले के शुजालपुर अनुभाग की कालापीपल तहसील स्थित खरदौनकलां गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक खेत के कुएं से 13 हिरणों और एक आवारा कुत्ते के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। रविवार को खेत मालिक के परिजन फसल पर कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें कुएं की तरफ से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो अंदर बड़ी संख्या में सड़े-गले शव दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर उन्होंने तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में मामला पूरे गांव में फैल गया और सरपंच के माध्यम से पुलिस तथा वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हिरणों का झुंड किसी आवारा कुत्ते से बचने के दौरान भागते हुए कुएं में गिर गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह कुआं खरदौनकलां निवासी कृष्णाबाई पति राजेश पाटीदार के खेत में स्थित है। खेत मालिक के परिजन जब खेत पहुंचे तो पहले उन्हें दुर्गंध महसूस हुई। शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई जानवर आसपास मरा होगा, लेकिन जब उन्होंने कुएं के भीतर देखा तो एक साथ कई हिरणों और एक कुत्ते के शव दिखाई दिए। शवों की स्थिति देखकर अनुमान लगाया गया कि घटना एक-दो दिन पहले हुई होगी। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने बताया कि कुएं की मुंडेर का एक हिस्सा टूटा हुआ मिला है। आशंका है कि तेज रफ्तार में भागते समय हिरण उसी क्षतिग्रस्त हिस्से से सीधे कुएं में गिर गए होंगे। कुएं की गहराई अधिक होने और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण सभी वन्यजीवों की मौत हो गई। जिस आवारा कुत्ते से बचने की कोशिश की जा रही थी, उसके भी कुएं में गिरने की बात सामने आई है। उसके शव भी हिरणों के साथ मिले हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। सभी हिरण संरक्षित वन्यजीव श्रेणी में आते हैं और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ही पंचनामा और शव निकालने की कार्रवाई की जाती है। बताया गया कि रविवार को सूचना मिलने के समय संबंधित एसडीओ विभागीय कार्य से बाहर थे। इसी वजह से शव निकालने की कार्रवाई सोमवार को नायब तहसीलदार और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद घटनास्थल के पास ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान आम लोगों और ग्रामीणों को सुरक्षा कारणों से घटनास्थल से दूर रखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटनास्थल की जांच के दौरान वन विभाग ने आसपास के हालात का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टूटी हुई मुंडेर, कुएं की संरचना और आसपास के पैरों के निशानों का परीक्षण किया। प्रारंभिक तौर पर ऐसा माना जा रहा है कि हिरणों का झुंड किसी खतरे से बचने के लिए तेजी से भाग रहा था और अंधेरे या घबराहट में कुएं को नहीं देख पाया। हालांकि अभी यह भी जांच का विषय है कि घटना रात के समय हुई या दिन में। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस घटना के बाद ग्रामीणों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खेतों के बीच बने कई पुराने कुएं खुले हैं या उनकी सुरक्षा दीवारें पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले और क्षतिग्रस्त कुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने घटना की जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की, हालांकि अधिकारियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कालापीपल और शुजालपुर क्षेत्र लंबे समय से हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। यहां खेतों और खुले इलाकों में अक्सर हिरणों के झुंड दिखाई देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए करीब दो महीने पहले वन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर बोमा पद्धति के माध्यम से हेलीकॉप्टर की सहायता से लगभग 800 हिरणों को दूसरे वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया था। इसके बावजूद क्षेत्र में बड़ी संख्या में हिरण मौजूद हैं। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा और खुले कुओं जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रभावी उपायों की जरूरत एक बार फिर महसूस की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bodies-of-13-deer-and-a-dog-found-in-a/article-58067</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bodies-of-13-deer-and-a-dog-found-in-a/article-58067</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:37:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/kalapipal-deer-death.jpg"                         length="155385"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, FTL क्षेत्र से फार्म हाउस और बंगले हटाने शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[एनजीटी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई तेज, पहले चरण में छह अवैध निर्माण हटाए जाएंगे; 21 चिन्हित अतिक्रमणों पर चलेगा अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-action-on-encroachment-on-the-banks-of-bada-talab/article-57879"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-big-lake.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भोपाल के ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने शनिवार से व्यापक अभियान शुरू कर दिया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों और नगर निगम की कार्ययोजना के तहत फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउस, बंगले और अन्य निर्माणों को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य भोज वेटलैंड और बड़ा तालाब के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखना है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार सुबह से ही जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमें गौरागांव, बिशनखेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अभियान के पहले दिन छह अतिक्रमणों को हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूरे अभियान की निगरानी नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता कर रहे हैं, जबकि टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राउत सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। नगर निगम ने कुछ दिन पहले ही एनजीटी में अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि बड़ा तालाब के आसपास एफटीएल क्षेत्र में चिन्हित 21 अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसी योजना के तहत अब अभियान को धरातल पर लागू किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन के अनुसार जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, वे फुल टैंक लेवल और उसके निर्धारित सुरक्षा दायरे के भीतर आते हैं। संबंधित भवन मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि भोज वेटलैंड के सीमांकन के बाद एफटीएल से 50 मीटर के भीतर आने वाले सभी अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद जब अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, तब प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू किया। नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सेवनिया गौंड, गौरा विशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में कुल 21 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से तीन निर्माण वर्ष 2022 से पहले के बताए गए हैं, जबकि शेष 18 निर्माण वर्ष 2022 के बाद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश निर्माण बिना किसी वैध भवन अनुमति के किए गए हैं, इसलिए नियमानुसार इन्हें हटाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ा तालाब भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान माना जाता है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। यहां अनेक दुर्लभ पक्षियों का निवास है और यह शहर के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि तालाब के कैचमेंट और एफटीएल क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध निर्माणों से जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण समय-समय पर न्यायालयों और पर्यावरण संस्थाओं ने अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया है। हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब बड़ा तालाब क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही हो। जानकारी के अनुसार इस वर्ष सीमांकन अभियान के दौरान प्रशासन ने कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए थे, लेकिन अब तक केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हटाए जा सके थे। इनमें टीटी नगर क्षेत्र के 39 और बैरागढ़ क्षेत्र के 12 निर्माण शामिल थे। अभी भी लगभग 296 अतिक्रमण शेष हैं, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, उनके पास वैध स्वीकृति या भवन निर्माण की अनुमति उपलब्ध नहीं है। प्रशासन का दावा है कि अभियान पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर संचालित किया जा रहा है। बड़ा तालाब के आसपास भू-माफियाओं की सक्रियता भी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। आरोप हैं कि कई क्षेत्रों में कम कीमत पर प्लॉट बेचने के नाम पर लोगों को गुमराह किया गया। इतना ही नहीं, एफटीएल सीमा को लेकर भ्रम पैदा करने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग प्रकार की सीमांकन मुनारें भी स्थापित कर दी गईं। मौके पर पांच प्रकार की मुनारें मिलने की बात सामने आई है, जिनमें केवल कुछ पर ही नगर निगम का स्पष्ट चिन्ह अंकित है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की भी जांच की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ा तालाब की सीमा निर्धारण को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई सर्वे किए जा चुके हैं। वर्ष 2016 में डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (DGPS) तकनीक से सर्वे कराया गया था, जिसमें तालाब का क्षेत्रफल पहले की तुलना में अधिक दर्ज किया गया। इसके बाद एनजीटी के निर्देश पर सीमांकन हुआ, जिसमें कई मुनारें गायब मिलीं। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद भी नया सर्वे कराया गया, हालांकि उसकी विस्तृत रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। राज्य सरकार भी बड़ा तालाब संरक्षण को लेकर गंभीरता जता चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले संबंधित विभागों को नए सिरे से सर्वे कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। वहीं भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भी बड़ा तालाब के संरक्षण के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि दीर्घकालिक योजना के बिना तालाब क्षेत्र को सुरक्षित रखना कठिन होगा। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि भोपाल की इस ऐतिहासिक जल धरोहर को सुरक्षित और संरक्षित रखना भी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व का लाभ उठा सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-action-on-encroachment-on-the-banks-of-bada-talab/article-57879</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-action-on-encroachment-on-the-banks-of-bada-talab/article-57879</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:19:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-big-lake.jpg"                         length="187129"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुरहानपुर में 3 जुलाई को कई इलाकों में बिजली कटौती, मेंटेनेंस कार्य के चलते घंटों बंद रहेगी सप्लाई</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शहर के कई फीडरों पर रखरखाव कार्य के कारण निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखने का फैसला किया है। मंडी चौराहा, मटका बाजार, मोमिनपुरा सहित कई प्रमुख इलाके प्रभावित रहेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/due-to-power-cut-in-many-areas-in-burhanpur-on/article-57711"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बुरहानपुर शहर के लोगों को शुक्रवार 3 जुलाई को कुछ घंटों तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शहर के विभिन्न इलाकों में विद्युत लाइनों के निर्धारित रखरखाव और तकनीकी सुधार कार्य के चलते बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखने की जानकारी दी है। बिजली कंपनी के अनुसार यह कटौती पूर्व निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के लिए की जा रही है, ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अनुसार अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना पहले से बना लें और आवश्यक विद्युत उपकरणों का उपयोग समय रहते पूरा कर लें।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि शुक्रवार को 11 केवी जय स्तंभ फीडर, 11 केवी शाही किला फीडर और 11 केवी कोतवाली फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कारण इन तीनों फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने और तकनीकी खराबियों की संभावना को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यदि मौसम सामान्य रहा और कार्य समय पर पूरा हो गया तो निर्धारित अवधि के बाद बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन फीडरों से जुड़े जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी उनमें खानका वार्ड, सिटीजन बैंक क्षेत्र, नेहरू प्रतिमा, मांडा बाजार, टैंपो स्टैंड, जय स्तंभ, पानी की टंकी क्षेत्र, प्रकाश टॉकीज, खान भाई आइस फैक्ट्री, सिटी कंट्रोल रूम, मंडी पावर हाउस, मंडी चौराहा, ढोली वाड़ा, मटका बाजार, टांगा स्टैंड, मिलन होटल क्षेत्र, गांधी चौक, दीदार टॉवर, जामा मस्जिद, अंडा बाजार और साड़ी बाजार जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, व्यापारियों और दुकानदारों को लगभग एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र में भी अलग से मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। बिजली कंपनी के अनुसार 11 केवी मोमिनपुरा फीडर की विद्युत आपूर्ति शुक्रवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान पोद्दार वाली डीपी, रोशन साइजिंग, गणपति नाका थाना क्षेत्र, मोमिनपुरा, टेड़ी इमली, स्वर्गीय ठाकुर शिवकुमार सिंह के निवास क्षेत्र के आसपास का इलाका, हनुमान साइजिंग के पास का क्षेत्र, बड़ी मजार और लोहार मंडी में बिजली उपलब्ध नहीं रहेगी। विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में तकनीकी सुधार और आवश्यक रखरखाव कार्य किए जाएंगे ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति मिल सके। नियमित अंतराल पर मेंटेनेंस कार्य कराना आवश्यक होता है। समय पर लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच एवं मरम्मत से अचानक आने वाली तकनीकी खराबियों और लंबे समय तक होने वाली बिजली बाधित होने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम को देखते हुए भी बिजली नेटवर्क को मजबूत बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि इस दौरान तेज हवा, नमी और अन्य कारणों से विद्युत लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित रहने को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरे कर लें। जिन लोगों को पानी की मोटर, कंप्यूटर, व्यावसायिक मशीनें या अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग करना है, वे बिजली बंद होने से पहले आवश्यक तैयारी कर लें। विभाग ने यह भी सलाह दी है कि बिजली बहाल होने के बाद संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें और यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विद्युत कार्यालय को सूचना दें।</p>
<p class="isSelectedEnd">व्यापारिक क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर बाजारों की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। मंडी चौराहा, मटका बाजार, गांधी चौक, साड़ी बाजार और अन्य प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में सुबह के समय कई दुकानें और प्रतिष्ठान संचालित रहते हैं। ऐसे में कारोबारियों को निर्धारित समय के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिजली बंद रहने के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने और बिजली बहाल होने तक अनावश्यक रूप से विद्युत उपकरण चालू न रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p>मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बिजली कटौती केवल निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के लिए की जा रही है और इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक सुरक्षित, स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। यदि किसी कारणवश तकनीकी कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है तो बिजली आपूर्ति भी पहले बहाल की जा सकती है। वहीं मौसम या अन्य तकनीकी परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव होने की स्थिति में विभाग द्वारा आवश्यक सूचना जारी की जाएगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अल्पकालिक असुविधा भविष्य में बेहतर और भरोसेमंद बिजली सेवा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/due-to-power-cut-in-many-areas-in-burhanpur-on/article-57711</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/due-to-power-cut-in-many-areas-in-burhanpur-on/article-57711</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:09:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special-%281%29.jpg"                         length="123109"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        