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                <title>Gujarat News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Gujarat News RSS Feed</description>
                
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                <title>दशकों पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म, चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; अमित शाह बोले- पानी का लाभ पूरे देश को मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर किए हस्ताक्षर, वर्षों से लंबित भुगतान और दावों का हुआ अंतिम निपटारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नई दिल्ली में मंगलवार को देश के सबसे लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक नर्मदा जल विवाद का महत्वपूर्ण समाधान सामने आया। सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत, मुआवजा और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय दावों को लेकर वर्षों से चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ परियोजना से जुड़े सभी लंबित वित्तीय मामलों के अंतिम निपटारे का रास्ता साफ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को सहकारी संघवाद की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पानी चाहे किसी भी राज्य में उपयोग हो, उसका लाभ अंततः भारत के किसानों और नागरिकों को ही मिलता है। उनके अनुसार राज्यों के बीच सहयोग की भावना से ही देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है और यही विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक विचार नहीं बल्कि व्यवहार में दिखाई देने वाला मॉडल बन चुका है। कई राज्यों में बेहतर समन्वय के कारण जल विवादों सहित अन्य जटिल मामलों का समाधान तेजी से हो रहा है। सरदार सरोवर परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाओं में गिनी जाती है। इस परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिली है जबकि अनेक शहरों और गांवों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। राजस्थान के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचने के बाद खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परियोजना के निर्माण के दौरान लागत, पुनर्वास, मुआवजा और हिस्सेदारी को लेकर चारों राज्यों के बीच लंबे समय तक मतभेद बने रहे। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसलों के बाद भी कई वित्तीय दावे लंबित थे, जिन पर लगातार चर्चा चल रही थी। अब वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए इन सभी विवादों को समाप्त करने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद हालांकि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बांध के कारण प्रभावित भूमि और मुआवजे के आधार पर लगभग 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। लेकिन नए समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश को उल्टे गुजरात सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस पहलू को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध पहली बार अपनी पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद मध्य प्रदेश के डूब क्षेत्र का वास्तविक आकलन सामने आया। पहले जहां 178 गांव प्रभावित बताए गए थे, वहीं बाद में यह संख्या बढ़कर 192 गांव हो गई। डूब क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जलमग्न हुई, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण बन गया था। इसी आधार पर मध्य प्रदेश ने संशोधित मुआवजे की मांग रखी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर अन्य अंतरराज्यीय जल विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद और किशाऊ बांध परियोजना जैसे मामलों में भी सहमति बनी है। उनका कहना था कि राज्यों के बीच विवाद जितनी जल्दी समाप्त होंगे, उतनी ही तेजी से विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>NEET री-एग्जाम के दबाव में बढ़ी चिंता, दो दिन में चार छात्रों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु और गुजरात में सामने आए नए मामले, परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के मानसिक दबाव पर फिर उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/concern-increased-due-to-pressure-of-neet-re-exam-four-students/article-56327"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-ug-2026-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश में NEET-UG परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच छात्रों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले दो दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से चार छात्रों की मौत के मामले सामने आए हैं, जिनमें तमिलनाडु और गुजरात की घटनाएं सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, परीक्षा व्यवस्था में अनिश्चितता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद कई छात्र तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। तमिलनाडु के कोयंबटूर में रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है। वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का सपना देख रही थी। परिवार के अनुसार उसने परीक्षा दी थी और परिणाम तथा काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रही थी। इसी बीच परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद वह काफी परेशान रहने लगी थी। बताया जा रहा है कि मौत से पहले उसने अपने कुछ करीबी रिश्तेदारों और चाचा को संदेश भेजा था, जिसमें उसने भविष्य को लेकर चिंता और दोबारा परीक्षा देने के डर का जिक्र किया था। उसने यह भी लिखा था कि परिवार ने उसकी पढ़ाई पर काफी खर्च किया है और उसे उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाने की चिंता सता रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">परिजनों के मुताबिक छात्रा लंबे समय से डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी। कोयंबटूर के कोवईपुदुर क्षेत्र में रहने वाली अनुकीर्तना ने एक निजी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और रिश्तेदारों में शोक की लहर फैल गई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और छात्रा का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद छात्रा के परिवार ने परीक्षा प्रक्रिया और हालिया घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कोयंबटूर में कई लोगों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को कम करने की मांग की। परिवार का कहना है कि छात्रों को केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर गुजरात के अहमदाबाद से भी एक दुखद मामला सामने आया है। यहां 17 वर्षीय एक छात्र की मौत हुई, जो NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार घटना की जांच जारी है और अभी तक किसी स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं हुई है। छात्र के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके। इस मामले ने भी स्थानीय स्तर पर लोगों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र इसी तरह के दबाव से गुजरते हैं। इससे पहले देहरादून और लखनऊ से भी दो छात्रों की मौत की खबरें सामने आई थीं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शिक्षा विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और अभिभावकों को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का दबाव पहले से ही काफी अधिक होता है। ऐसे में परीक्षा रद्द होने, अनिश्चितता बढ़ने या दोबारा परीक्षा की घोषणा जैसी परिस्थितियां कई छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। जांच एजेंसियों द्वारा मामले की समीक्षा के बाद परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले का असर लाखों छात्रों पर पड़ा, जो पहले से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। कई छात्रों और अभिभावकों ने दोबारा परीक्षा को लेकर चिंता भी जताई है। NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसके माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए यह परीक्षा अनिवार्य मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और बेहतर रैंक हासिल करने के लिए लंबे समय तक तैयारी करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:54:30 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात के कच्छ में 1180 करोड़ की कोकीन जब्त, तीन विदेशी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ब्राजील से आए कंटेनर में छिपी थी 118 किलो ड्रग्स की खेप, दिल्ली डिलीवरी की थी योजना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cocaine-worth-rs-1180-crore-seized-in-kutch-gujarat-three/article-54320"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/gujarat-cocaine-seizure.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा पोर्ट के पास सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 1180 करोड़ रुपये कीमत की 118 किलो कोकीन जब्त की है। इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया। यह खेप ब्राजील से होते हुए भारत पहुंची थी और इसे दिल्ली तक पहुंचाने की योजना थी। इस कार्रवाई ने देश के तटीय सुरक्षा तंत्र और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस, एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने मुंद्रा पोर्ट के पास संयुक्त अभियान चलाकर इस खेप को पकड़ा। गुजरात के डीजीपी डॉ. केएलएन राव के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध जहाज पर नजर रखी जा रही थी। यह जहाज ब्राजील, लैटिन अमेरिका, मेक्सिको, अमेरिका और कराची होते हुए गुजरात के तट तक पहुंचा था। एजेंसियों ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां देखीं, तुरंत कार्रवाई करते हुए जहाज को घेर लिया गया और तलाशी शुरू की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>समुद्र में फेंके जा रहे थे ड्रग पैकेट</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जहाज पर मौजूद चालक दल समुद्र में संदिग्ध बैग फेंक रहा था। आशंका है कि यह सबूत नष्ट करने की कोशिश थी। कोस्ट गार्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को घेर लिया और देर रात ऑपरेशन चलाकर जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया। बाद में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कोकीन बरामद की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तीन विदेशी गिरफ्तार, एक फरार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में अब तक तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्लैविन चुकवुमा (तंजानिया) और ब्यारुहांगा जेम्स (युगांडा) के रूप में हुई है। इसके अलावा एक नाइजीरियाई नागरिक जुम्मा नासिर उमर को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया, जिसकी तलाश अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए समुद्री क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली कनेक्शन की जांच</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह ड्रग्स खेप दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने वाले दो व्यक्तियों तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस नेटवर्क के पूरे रूट और भारत में इसके वितरण तंत्र की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई देशों के लोग शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>समुद्री सुरक्षा पर सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मुंद्रा तट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर यह जहाज लंगर डाले हुए था। कोस्ट गार्ड ने घंटों तक इसकी निगरानी की और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की। यह घटना एक बार फिर भारत की समुद्री सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब तस्कर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर लगातार नई रणनीतियां अपना रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में पोरबंदर के पास 300 किलो ड्रग्स जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 1800 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले में भी तस्करों ने समुद्र में ड्रग्स फेंककर भागने की कोशिश की थी, लेकिन कोस्ट गार्ड ने सफलतापूर्वक खेप बरामद कर ली थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क दक्षिण अमेरिका से लेकर अफ्रीका और भारत तक फैला हुआ है। ब्राजील और मेक्सिको जैसे देशों से आने वाले कंटेनरों का इस्तेमाल अक्सर ऐसे अवैध कारोबार के लिए किया जाता है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि भारत में इस खेप को प्राप्त करने वाला स्थानीय नेटवर्क कौन था और इसकी फाइनेंसिंग कैसे हो रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड की टीमें संयुक्त रूप से इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:18 +0530</pubDate>
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                <title>‘जयेशभाई जोरदार’ का एक्टर निकला फरार कैदी, 12 साल बाद हुआ गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने हत्या के मामले में फरार हेमंत मोदी को गिरफ्तार किया। आरोपी फिल्मों में स्पंदन मोदी नाम से काम कर रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/jayeshbhai-jordaar-actor-turns-out-to-be-an-absconding-prisoner/article-54047"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/hemant-modi-spandan-modi-absconding-convict-arrested.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक अभिनेता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पिछले कुछ सालों से छोटे-छोटे रोल निभा रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसकी असली पहचान सामने आने पर कई लोगों को हैरानी हुई। गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम हेमंत मोदी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में वह </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">स्पंदन मोदी</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के नाम से जाना जाता था। पुलिस के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और 2014 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वापस जेल नहीं लौटा। इसके बाद उसने मुंबई जाकर अपनी पहचान बदल ली और फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया। आरोपी कई प्रोजेक्ट्स जैसे </span>Jayeshbhai Jordaar, Thugs of Hindostan <span lang="hi" xml:lang="hi">और गुजराती फिल्म </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">53वां पन्ना</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">में नजर आ चुका है। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला 2005 का है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब अहमदाबाद के नरोडा इलाके में एक हत्या हुई थी। जांच के बाद हेमंत मोदी को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा दी थी। बाद में उसे मेहसाणा जेल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जेल में रहते हुए उसकी व्यक्तिगत जिंदगी भी पूरी तरह बिखर गई और उसकी पत्नी से तलाक हो गया। कुछ साल बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2014 में उसे पैरोल मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बाहर आकर उसने जेल लौटने के बजाय फरार होने की योजना बना ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह मुंबई पहुंचा और वहां खुद को एक संघर्ष कर रहे कलाकार के तौर पर पेश करने लगा। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने अपना नाम बदलकर स्पंदन मोदी रख लिया। छोटे-छोटे रोल करके उसने कई लोगों से पहचान बना ली थी। हैरानी की बात थी कि इतने सालों तक किसी को उसके आपराधिक अतीत की भनक तक नहीं लगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्राइम ब्रांच को हाल ही में सूचना मिली कि फरार आरोपी अहमदाबाद में किसी से मिलने आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की और उसके पुराने संपर्कों पर ध्यान रखा। शुक्रवार को घी कांटा मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय उसने अपने आपको बचाने और पहचान छिपाने की कोशिश की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। अब पुलिस उसे फिर से जेल भेजने की तैयारी कर रही है। इस पूरे मामले ने लोगों को चौंका दिया क्योंकि एक तरफ वह एक फरार सजायाफ्ता अपराधी था और दूसरी तरफ फिल्मी दुनिया में एक अभिनेता के रूप में पहचान बना चुका था। इस गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:57:38 +0530</pubDate>
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