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                <title>Investment News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी तीन दिन में ₹22 हजार टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[सोना ₹2,156 सस्ता होकर ₹1.40 लाख पर पहुंचा, वैश्विक हालात और मुनाफावसूली से कीमती धातुओं पर बढ़ा दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-fall-in-gold-and-silver-silver-fell-by-%E2%82%B9/article-56910"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुवार, 25 जून 2026 को कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,156 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव घटकर करीब 1.40 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं चांदी की कीमत में एक ही दिन में 6,550 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है और इसका भाव 2.15 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गया है। खास बात यह है कि चांदी पिछले तीन कारोबारी दिनों में ही करीब 22 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो चुकी है, जिससे निवेशकों और कारोबारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सोना और चांदी दोनों में हाल के दिनों में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जून महीने की शुरुआत में सोना जहां करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं अब इसमें लगभग 16 हजार रुपए की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह चांदी का भाव भी महीने की शुरुआत में 2.63 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब घटकर 2.15 लाख रुपए के आसपास पहुंच गया है। यानी सिर्फ एक महीने में चांदी लगभग 48 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमतों में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा दिखाई देता है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद जनवरी के अंत तक इसमें जोरदार तेजी आई और कीमतें 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इसके बाद बाजार का रुख बदला और लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया। वर्तमान कीमतों को देखें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 हजार रुपए तक नीचे आ चुका है। चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही है। पिछले वर्ष के अंत में चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त उछाल आया और कीमत 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जाता है। लेकिन उसके बाद बाजार में आई कमजोरी ने चांदी की चमक फीकी कर दी। करीब पांच महीनों के भीतर ही चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1.70 लाख रुपए प्रति किलो तक टूट चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को भी हैरान किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक समझ और तनाव में आई कमी को माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में युद्ध और संघर्ष की आशंकाओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे थे। सोना और चांदी को परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए इनके दाम लगातार बढ़ रहे थे। लेकिन जैसे ही भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, निवेशकों ने इन धातुओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। दूसरा महत्वपूर्ण कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को माना जा रहा है। हाल के संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ तो यह भी मान रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश से दूरी बनाने लगते हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाने वाली एक अहम वजह बनी हुई है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने पर सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे दिखाई देते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी कीमतों में तेज गिरावट को बढ़ावा दिया है। बड़े फंड हाउस और संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर अपने निवेश का लाभ बुक किया, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी। गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ETF में भी हाल के दिनों में बिकवाली का दबाव देखा गया है। निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षण कम होने से इन फंड्स से पैसा निकलना शुरू हुआ है। इसका असर घरेलू बाजारों में भी दिखाई दे रहा है और कीमतों में गिरावट का एक कारण इसे भी माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों से पहले कीमतों में आई नरमी ग्राहकों को राहत दे सकती है। लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी होगा। सोना खरीदते समय ग्राहकों को हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। साथ ही खरीदारी से पहले विभिन्न स्रोतों से कीमतों की जांच करना भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के साथ किया गया निवेश भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।  घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा तय करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद बाजार में जबरदस्त उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक रैली और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 1100 अंक उछला, निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2f910dcfeae/article-55952"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-news-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">15 जून 2026, सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आई। वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजारों पर देखने को मिला। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का खत्म होना और 107 दिन चले संघर्ष के बाद शांति समझौता माना जा रहा है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने जोरदार छलांग लगाई और 1,112.70 अंकों की बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला और 335.55 अंकों की तेजी के साथ 23,956.40 पर कारोबार करता देखा गया। शुरुआती मिनटों में ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स हरे निशान में दिखाई दिए। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी शेयरों में खास तौर पर मजबूत खरीदारी का रुझान रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान शांति समझौते ने वैश्विक स्तर पर जोखिम की धारणा को कम किया है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है। इसका असर सीधे तौर पर एशियाई बाजारों पर पड़ा और भारतीय बाजार ने भी उसी रफ्तार को पकड़ लिया। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विदेशी बाजारों की बात करें तो एशिया के प्रमुख सूचकांक भी मजबूत बढ़त के साथ खुले। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी तेजी का माहौल रहा, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई। इस वैश्विक रैली का सीधा फायदा भारतीय बाजारों को मिला और निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में आक्रामक खरीदारी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू स्तर पर भी बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों का रुझान खासकर लार्जकैप शेयरों की ओर देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बैंकिंग सेक्टर में सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आईटी सेक्टर में भी विदेशी मांग की उम्मीद के चलते तेजी रही। ऑटो और एनर्जी सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे पूरे बाजार को सपोर्ट मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को इस तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड में नरमी आने से तेल आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल कंपनियों की लागत घटेगी, बल्कि महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी पूरी तरह स्थायी नहीं मानी जा सकती। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं और किसी भी तरह के नए तनाव से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, फिलहाल निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है और बाजार में खरीदारी का माहौल हावी है। देखा जाए तो 15 जून 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आया है। वैश्विक शांति संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की मजबूत धारणा ने मिलकर बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो बाजार में और तेजी की संभावना जताई जा रही है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:41:02 +0530</pubDate>
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                <title>SpaceX IPO के बाद Elon Musk बने दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर</title>
                                    <description><![CDATA[SpaceX शेयरों में 11% उछाल के बाद $150 पर ट्रेडिंग, 75 अरब डॉलर से अधिक की ब्लॉकबस्टर IPO ने टेक दुनिया में मचाई हलचल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2cf255a3be4/article-55791"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk-trillionaire-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एलन मस्क एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में हैं क्योंकि उनकी कंपनी SpaceX के शेयरों में भारी उछाल के बाद वे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। शुक्रवार, 12 जून 2026 को SpaceX के शेयरों ने अपने पहले दिन की ट्रेडिंग में 11% की बढ़त दर्ज की और $150 के स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी ने न केवल निवेशकों का ध्यान खींचा बल्कि वैश्विक टेक और फाइनेंशियल मार्केट में एक नया इतिहास भी रच दिया। यह IPO अब तक की सबसे बड़ी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश मानी जा रही है, जिसमें 75 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी जुटाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल SpaceX के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक टेक उद्योग के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। इस IPO के बाद आने वाले महीनों में कई बड़ी AI कंपनियों के भी बाजार में उतरने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद SpaceX के वैल्यूएशन में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिससे एलन मस्क की कुल संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस उछाल के बाद मस्क की नेटवर्थ ने ऐतिहासिक स्तर को छू लिया और वे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए। हालांकि, इस आंकड़े को लेकर अलग-अलग विश्लेषकों के बीच चर्चा भी जारी है, लेकिन बाजार में इस खबर का प्रभाव बेहद मजबूत रहा है। एलन मस्क ने इस मौके पर एक बार फिर अपने लंबे समय के मिशन का जिक्र किया और कहा कि उनका लक्ष्य मानवता को मंगल ग्रह तक पहुंचाना है। उन्होंने SpaceX को केवल एक कंपनी नहीं बल्कि एक “multi-planetary future” की दिशा में कदम बताया। निवेशकों के बीच भी इस विज़न को लेकर उत्साह देखा गया, जिसने शेयरों की मांग को और बढ़ा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस IPO को टेक इंडस्ट्री के इतिहास में एक “ब्लॉकबस्टर ऑपरेशन” कहा जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर फंड जुटाना और साथ ही मजबूत मार्केट डेब्यू करना यह दर्शाता है कि निवेशक अभी भी एयरोस्पेस और AI आधारित कंपनियों में भारी भरोसा रखते हैं। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है, SpaceX का प्रदर्शन इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। इस IPO का असर केवल SpaceX तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह अन्य टेक और AI कंपनियों के लिए भी रास्ता खोल सकता है। कई कंपनियां पहले से ही पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी में हैं और SpaceX की सफलता ने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया है।  इतनी तेज वैल्यूएशन ग्रोथ के साथ जोखिम भी जुड़ा हुआ है। शेयरों में शुरुआती तेजी के बाद वोलैटिलिटी बढ़ सकती है और निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासकर जब कंपनी का फोकस अभी भी दीर्घकालिक मिशन जैसे मंगल मिशन और स्पेस टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है, तब रेवेन्यू मॉडल को लेकर सवाल बने रह सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> इसके बावजूद बाजार का मूड फिलहाल बेहद सकारात्मक है। SpaceX की तकनीकी उपलब्धियां, रॉकेट लॉन्च सिस्टम और भविष्य की अंतरिक्ष परियोजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इस IPO ने यह भी साबित किया है कि हाई-टेक कंपनियां अब केवल प्रयोगात्मक स्तर पर नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही हैं। एलन मस्क पहले ही टेस्ला, स्पेसएक्स और अन्य कंपनियों के जरिए टेक दुनिया में बड़ा प्रभाव बना चुके हैं, लेकिन इस नए मील के पत्थर ने उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया है। ट्रिलियनेयर बनने की यह उपलब्धि उन्हें वैश्विक आर्थिक इतिहास में एक अलग स्थान देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:39:10 +0530</pubDate>
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                <title>इस हफ्ते सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, निवेशकों में हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[चांदी ₹14,326 सस्ती होकर ₹2.43 लाख प्रति किलो, सोना ₹6,438 गिरकर ₹1.48 लाख पर, ऑल-टाइम हाई से अब तक भारी नुकसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2cee04ad65f/article-55790"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-silver-crash.jpg" alt=""></a><br /><p>सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹6,438 की गिरावट आई है और अब यह घटकर लगभग ₹1.48 लाख पर आ गया है। पिछले हफ्ते यही कीमत करीब ₹1.54 लाख के स्तर पर थी। वहीं चांदी के दाम में भी तेज गिरावट देखने को मिली है और यह ₹14,326 कम होकर ₹2.43 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है। इस गिरावट ने उन निवेशकों को खास तौर पर प्रभावित किया है जिन्होंने हाल के महीनों में ऊंचे दामों पर खरीदारी की थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की गिरावट अचानक नहीं है, बल्कि पिछले कई हफ्तों से बन रहे दबाव का परिणाम है। खासकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और निवेशकों के रुख में बदलाव ने इस ट्रेंड को और तेज कर दिया है। इस साल सोने और चांदी दोनों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोना करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर ₹1.76 लाख के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया और अब तक सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹28,000 तक सस्ता हो चुका है। चांदी के बाजार में भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में चांदी लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी, जो जनवरी में तेजी से बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद से लगातार प्रॉफिट बुकिंग और बाजार में बिकवाली के चलते चांदी के दामों में भारी गिरावट आई है और अब तक यह करीब ₹1.43 लाख तक नीचे आ चुकी है।</p>
<p>इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण निवेशकों का ‘कैश की ओर रुख’ बताया जा रहा है। मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में चल रहे तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित नकदी (liquidity) बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में कई बड़े निवेशक अपने सोने-चांदी के होल्डिंग्स को बेचकर कैश में बदल रहे हैं ताकि अनिश्चित समय में वित्तीय स्थिरता बनी रहे।इसके अलावा जनवरी में सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए थे, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी। इस प्रॉफिट बुकिंग के चलते बाजार में सप्लाई अचानक बढ़ गई और कीमतों पर दबाव बनने लगा। जब सप्लाई बढ़ती है और डिमांड तुलनात्मक रूप से स्थिर या कमजोर रहती है, तो कीमतों में गिरावट आना स्वाभाविक माना जाता है। दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक संकेतकों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी कीमती धातुओं पर दबाव डाला है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने-चांदी जैसी कमोडिटी में निवेश कम हो जाता है। भारत में भी इस गिरावट का असर बाजारों में साफ देखा जा रहा है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में गिरावट से शॉर्ट टर्म में खरीदारी बढ़ सकती है, लेकिन निवेशक अभी भी असमंजस की स्थिति में हैं। कई लोग आगे और गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं, इसलिए बड़ी खरीद से बच रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, निवेशकों में हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[चांदी ₹12,655 टूटकर ₹2.33 लाख किलो, सोना ₹5,373 गिरकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम; बाजार में उतार-चढ़ाव जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-fall-in-gold-and-silver-prices-stir-among-investors/article-55593"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-silver-price-fall-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ गई है। बुधवार, 10 जून 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कीमती धातुओं के दामों में अचानक गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के लिए यह गिरावट एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹5,373 टूटकर ₹1.47 लाख के स्तर पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और 1 किलो चांदी ₹12,655 गिरकर ₹2.33 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ दिनों में चांदी के दामों में लगातार गिरावट का रुख देखा जा रहा है। 31 मई को जहां चांदी की कीमत ₹2.63 लाख प्रति किलो थी, वहीं अब यह करीब ₹30 हजार तक सस्ती हो चुकी है। इसी अवधि में सोने की कीमतों में भी करीब ₹9 हजार की गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशक सुरक्षित संपत्तियों से मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिकी आर्थिक संकेतों ने भी इस अस्थिरता को बढ़ाया है। सोने और चांदी की कीमतें आमतौर पर संकट के समय बढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में निवेशकों की रणनीति बदल रही है। कई निवेशक ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूल रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">घरेलू बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन की तैयारी भी शुरू हो रही है। आमतौर पर इस समय मांग बढ़ने से कीमतों में मजबूती आती है, लेकिन फिलहाल अंतरराष्ट्रीय दबाव ज्यादा प्रभावी दिखाई दे रहा है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में इस तरह की तेज गिरावट से अल्पकालिक खरीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, लंबे समय के निवेशक अभी भी बाजार की दिशा को लेकर सतर्क बने हुए हैं। इसी बीच वैश्विक बाजारों में भी सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर भी सामने आई है। मेटा और रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में पहला AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने की योजना पर काम कर रही हैं। यह साझेदारी भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकती है। यह प्रोजेक्ट भारत को डिजिटल इकोनॉमी में एक मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगा और डेटा प्रोसेसिंग तथा AI सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:51:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोना ₹4,090 और चांदी ₹9,658 टूटी, 10 दिन में निवेशकों को बड़ा झटका</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना 1.48 लाख और चांदी 2.36 लाख रुपए पर पहुंची, निवेशकों का रुझान कैश की ओर बढ़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a29097e81a7d/article-55493"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-rate-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बुधवार 10 जून को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 4,090 रुपए टूटकर 1,48,429 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली तथा इसकी कीमत 9,658 रुपए घटकर 2,36,280 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। बुलियन बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालात इसलिए अलग हैं क्योंकि इस बार निवेशक अनिश्चितता के दौर में अपनी पूंजी को नकदी के रूप में रखना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपने सोने और चांदी के निवेश बेच रहे हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे, जिसके बाद अब बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग भी की जा रही है। बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब घटकर 2,36,280 रुपए रह गई है। यानी सिर्फ दस दिनों में चांदी करीब 27 हजार रुपए सस्ती हो गई। इसी अवधि में सोना भी लगभग 8 हजार रुपए कमजोर हुआ है। निवेशकों के लिए यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी महीने में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी। उस समय लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए बड़ी संख्या में निवेशकों ने खरीदारी की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल की शुरुआत में सोना 29 जनवरी को 1,76,121 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। उस रिकॉर्ड स्तर से अब तक सोने की कीमत में लगभग 28 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं चांदी ने भी 29 जनवरी को 3,85,933 रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया था। उस स्तर से तुलना करें तो चांदी अब करीब 1.50 लाख रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बुलियन बाजार के इतिहास में हाल के वर्षों की बड़ी गिरावटों में शामिल मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में नरमी दिखाई दी। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,49,010 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। मुंबई, कोलकाता और रायपुर में इसकी कीमत 1,48,860 रुपए रही। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में सोना 1,48,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर की चाल का असर आने वाले दिनों में भी भारतीय बाजार पर दिखाई दे सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कारोबारियों के मुताबिक ग्राहकों की खरीदारी में भी फिलहाल थोड़ी सुस्ती देखने को मिल रही है। कई लोग अभी और गिरावट की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं। हालांकि कुछ निवेशक इसे लंबे समय के निवेश के लिए अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन से पहले यदि कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो मांग में सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तो बाजार की प्रतिक्रिया बदल सकती है। वहीं यदि हालात सामान्य होते हैं तो निवेशकों का रुझान दोबारा इक्विटी और अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 13:25:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इस हफ्ते सोना-चांदी हुआ सस्ता, निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर</title>
                                    <description><![CDATA[एक सप्ताह में सोने के दाम 2,225 रुपए और चांदी 6,442 रुपए तक फिसली, हालांकि सालभर के आंकड़े अब भी मजबूत तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-and-silver-became-cheaper-this-week-investors-are-eyeing/article-55066"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार करने के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई इस नरमी ने निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में पिछले एक सप्ताह के दौरान 2,225 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। वहीं चांदी के दाम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है और इसकी कीमत 6,442 रुपए प्रति किलोग्राम तक घट गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अभी भी लंबे समय के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंकड़ों के मुताबिक 30 मई को 24 कैरेट सोना 1,56,463 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 1,54,238 रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,908 रुपए रह गई है। हालांकि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचकर निवेशकों को चौंका दिया था। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला है। कैरेट के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना 1,54,238 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,41,282 रुपए और 18 कैरेट सोना 1,15,679 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं 14 कैरेट सोने का भाव 90,229 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और अन्य स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,55,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि भोपाल, पटना और अहमदाबाद में इसका भाव 1,55,810 रुपए के आसपास दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता और रायपुर जैसे शहरों में सोना अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि एक सप्ताह की गिरावट के बावजूद यदि पूरे साल का आंकड़ा देखा जाए तो सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत में 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वर्तमान स्तर की तुलना करें तो सोना अब भी करीब 21 हजार रुपए से अधिक महंगा है। इसी तरह चांदी भी 2,30,420 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,56,908 रुपए तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत की तुलना में चांदी अब भी करीब 27 हजार रुपए महंगी बनी हुई है। इस साल सर्राफा बाजार ने कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं। जनवरी महीने में सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद बाजार में सुधार और गिरावट का दौर भी देखने को मिला। फरवरी और मार्च में कीमतों में नरमी आई, लेकिन अप्रैल और मई में फिर तेजी लौटती नजर आई। अब जून के पहले सप्ताह में आई गिरावट को बाजार सामान्य करेक्शन के रूप में देख रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय मांग सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कई निवेशक मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग आगे की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है और ग्राहकों को गुणवत्ता को लेकर भरोसा प्रदान करता है। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने का ताजा भाव जांच लेना भी जरूरी माना जाता है। इससे ग्राहकों को सही कीमत पर खरीदारी करने में मदद मिलती है। बाजार में आई ताजा गिरावट ने ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर दी है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में नरमी को खरीदारी के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोना ₹1,030 और चांदी ₹3,300 सस्ती, निवेशकों की नजर बाजार के अगले रुख पर</title>
                                    <description><![CDATA[ऑल टाइम हाई से सोना ₹21 हजार और चांदी ₹1.24 लाख नीचे, मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a1fe49c3cb6f/article-54854"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देशभर के सर्राफा बाजार में बुधवार 3 जून को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज सोने की कीमत में 1,030 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई, जबकि चांदी 3,300 रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना अब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत घटकर 2.62 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सर्राफा कारोबारियों के अनुसार बाजार में इस समय निवेशकों का रुख काफी सतर्क बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और निवेश रणनीतियों में बदलाव के चलते कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। यही वजह है कि इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाले सोना और चांदी अब अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। अगर सोने की बात करें तो वर्ष 2026 की शुरुआत में इसमें लगातार तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को जहां 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त उछाल आया। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। उस समय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की मांग को बढ़ाया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इसके बाद बाजार का रुख बदलना शुरू हुआ। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा। मौजूदा समय में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 21 हजार रुपए नीचे आ चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में बड़े निवेशकों की बिकवाली और नकदी की बढ़ती मांग इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला है। साल की शुरुआत में चांदी करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी। इसके बाद तेजी का दौर आया और 29 जनवरी 2026 को चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर दर्ज किया। लेकिन इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट शुरू हुई और अब चांदी 2.62 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंकड़ों के अनुसार चांदी अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 1.24 लाख रुपए प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। पिछले करीब चार महीनों में यह गिरावट निवेशकों और कारोबारियों दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। चांदी में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली हुई, जिसका असर कीमतों पर साफ दिखाई दिया। आमतौर पर जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध जैसी परिस्थितियां बनती हैं, तब निवेशक सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच कई निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कीमती धातुओं की होल्डिंग कम कर रहे हैं और नकद राशि बढ़ा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनिश्चित परिस्थितियों में तुरंत उपलब्ध नकदी अधिक उपयोगी साबित हो सकती है। यही वजह है कि सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ी है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना रहा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में भी मांग और आपूर्ति के समीकरणों ने कीमतों को प्रभावित किया है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में आमतौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ती है, लेकिन वर्तमान समय में ग्राहक कीमतों की दिशा को लेकर इंतजार की स्थिति में हैं। कई खरीदारों को उम्मीद है कि कीमतों में और नरमी आ सकती है, इसलिए वे खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं निवेशकों का एक वर्ग इसे खरीदारी का अवसर भी मान रहा है। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना और चांदी अब भी मजबूत विकल्प बने हुए हैं। कीमतों में आई गिरावट से नए निवेशकों को बाजार में प्रवेश करने का मौका मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश से पहले बाजार की परिस्थितियों और व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियां, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:17:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी ₹2.66 लाख किलो पहुंची</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में लगातार तेजी, इस साल अब तक चांदी ₹36 हजार और सोना ₹23 हजार महंगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-rise-in-gold-and-silver-silver-reached-%E2%82%B9-266/article-54766"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सोने और चांदी के दामों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। 25 मई के ताजा कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 760 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी में भी तेज बढ़त देखने को मिली है और 1 किलो चांदी की कीमत 2,950 रुपये बढ़कर 2.66 लाख रुपये हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मांग में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस साल की शुरुआत से अब तक सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपये पर था, जो अब बढ़कर 1.56 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इसी अवधि में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.66 लाख रुपये पर पहुंच गई है। यानी इस साल सोना लगभग 23 हजार रुपये और चांदी करीब 36 हजार रुपये महंगी हो चुकी है। वहीं कुछ समय पहले 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था, जब सोना 1.76 लाख रुपये और चांदी 3.86 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाजार में लगातार हो रही इस तेजी ने निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ा दी है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। खासकर शादी और त्योहारों के सीजन में इनकी मांग और बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर भी असर पड़ता है। हालांकि मौजूदा स्तर पर आम खरीदारों के लिए ज्वेलरी खरीदना महंगा साबित हो रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी बीच विशेषज्ञों ने सोना खरीदने वाले ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। ज्वेलर्स का कहना है कि सोना खरीदते समय सबसे पहले BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से यह सुनिश्चित होता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। आमतौर पर यह अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की पहचान की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है कीमत की क्रॉस चेकिंग। विशेषज्ञों के अनुसार ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोने के ताजा दाम कई स्रोतों से जांच लेने चाहिए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली से बचा जा सके। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसे मान्यता प्राप्त स्रोतों की दरों को आधार माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ रहा है। निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बनी हुई है। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।</p>
<p>स्थानीय बाजारों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कई ज्वेलरी शोरूम में ग्राहकों की संख्या में हल्की कमी देखी गई है, लेकिन निवेश के उद्देश्य से खरीदारी जारी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें और नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:58:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नक्सलवाद कमजोर पड़ते ही छत्तीसगढ़ में टाटा की एंट्री, पर्यटन सेक्टर में 500 करोड़ निवेश की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर और सरगुजा में लक्जरी रिसॉर्ट्स, होटल और इको टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/tatas-entry-in-chhattisgarh-as-soon-as-naxalism-weakens-preparation/article-54465"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक नक्सलवाद की वजह से पिछड़े माने जाने वाले इलाकों में अब विकास और पर्यटन की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार अब बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों को देश के बड़े पर्यटन नक्शे पर लाने की तैयारी में है। इसी बीच टाटा समूह की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने राज्य में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करने में रुचि दिखाई है। माना जा रहा है कि यह निवेश सीधे तौर पर होटल, रिसॉर्ट, इको टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपनी योजना साझा की।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि पिछले कुछ समय में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी है। ऐसे में अब पर्यटन सेक्टर को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, जंगलों, जलप्रपातों और आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है, लेकिन अब तक इसे उस स्तर की पहचान नहीं मिल पाई जिसकी यह हकदार है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में बस्तर, सरगुजा और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की एक हाई लेवल टीम जल्द ही बस्तर, सरगुजा, वन क्षेत्रों और राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दौरा करेगी। टीम यहां पर्यटकों की आवाजाही, सड़क संपर्क, स्थानीय सुविधाओं और जमीन की उपलब्धता का आकलन करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, मोटल और विला विकसित करने की योजना तैयार होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर और सरगुजा को लेकर सबसे ज्यादा फोकस इसलिए किया जा रहा है क्योंकि नई पर्यटन और औद्योगिक नीति में इन इलाकों के लिए कई तरह की छूट दी गई है। नियमों के मुताबिक रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरों में पांच सितारा होटल बनाने के लिए कम से कम 150 कमरों की जरूरत होती है, लेकिन बस्तर और सरगुजा के सुदूर इलाकों में सिर्फ 50 कमरों के तीन सितारा लक्जरी रिसॉर्ट्स बनाने की अनुमति दी जा रही है। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यावरण पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा और निवेशक भी आसानी से आगे आएंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">नई नीति में टैक्स छूट और अतिरिक्त सब्सिडी का भी प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाया है। 500 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को बी-स्पोक पॉलिसी के तहत अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक सरकार टाटा समूह को छह अलग-अलग प्राइम लोकेशन पर जमीन का विकल्प भी दे रही है। इनमें मैनपाट, सिरपुर, अमृतधारा जलप्रपात, खुटाघाट, कोदार जलाशय और बलौदाबाजार क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग का मानना है कि बस्तर और सरगुजा में पहले से मौजूद सरकारी रिसॉर्ट्स को भी बड़े होटल समूहों के जरिए नए रूप में विकसित किया जा सकता है। इनमें चित्रकोट का दंडामी रिसॉर्ट, मैनपाट का कर्मा एथनिक रिसॉर्ट और कोंडागांव का धंकुल एथनिक रिसॉर्ट प्रमुख हैं। ये सभी जगहें प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति की वजह से पहले से पर्यटकों के बीच पहचान रखती हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यहां बड़े स्तर पर पर्यटन नहीं बढ़ पाया। अब सरकार चाहती है कि निजी निवेश के जरिए इन जगहों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर वैली और सरगुजा के मैनपाट जैसे इलाकों को इको टूरिज्म के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। वहीं दंतेवाड़ा, रतनपुर और सूरजपुर जैसे धार्मिक स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर होटल और कनेक्टिविटी बेहतर होती है तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">हालांकि इस पूरी योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि पर्यटन विकास के नाम पर आदिवासी इलाकों की मूल संस्कृति और जमीन प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि सभी परियोजनाएं पर्यावरणीय नियमों को ध्यान में रखकर ही तैयार की जाएंगी और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">राज्य में पहले कई बार पर्यटन परियोजनाओं को निवेश नहीं मिल पाया था। कुछ रिसॉर्ट्स के टेंडर लगातार फ्लॉप होते रहे। लेकिन अब नियमों में ढील और सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद बड़े कॉर्पोरेट समूहों की रुचि बढ़ी है। माना जा रहा है कि अगर टाटा समूह की यह योजना जमीन पर उतरती है तो छत्तीसगढ़ के पर्यटन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे इलाके, जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब पर्यटन और निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>444 दिन की इस FD में जमा करें 4 लाख रुपये, मैच्योरिटी पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न</title>
                                    <description><![CDATA[Bank of Baroda की 444 दिनों की FD में ₹4 लाख जमा करने पर सामान्य, वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को कितना रिटर्न मिलेगा, जानिए पूरी डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/see-calculation-to-see-how-much-return-you-will-get/article-53803"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bank-of-baroda-fd,-444-days-fd.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकारी बैंकिंग सेक्टर के बड़े बैंकों में से एक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, Bank of Baroda, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन दिनों अपनी 444 दिनों वाली स्पेशल एफडी स्कीम को लेकर चर्चा में है। इस बैंक की </span>‘bob Square Drive Deposit Scheme’ <span lang="hi" xml:lang="hi">पर ग्राहकों को सामान्य एफडी की तुलना में ज्यादा ब्याज मिल रहा है। खास बात ये है कि इस स्कीम में वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ भी है। ऐसे में कई लोग जानना चाह रहे हैं कि अगर वे 4 लाख रुपये इस एफडी में लगाते हैं तो मैच्योरिटी पर उन्हें कुल कितनी रकम मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">444 दिनों की इस स्पेशल एफडी स्कीम पर सामान्य नागरिकों को 6.45 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.95 फीसदी और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.05 फीसदी है। बैंक ऑफ बड़ौदा इस अवधि की एफडी पर सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा है। हाल के दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की बढ़ती संख्या के चलते इस स्कीम में ग्राहकों की रुचि भी काफी बढ़ गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर कोई सामान्य नागरिक बैंक ऑफ बड़ौदा की 444 दिनों वाली एफडी में 4 लाख रुपये जमा करता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 32,377 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। मतलब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुल राशि बढ़कर 4,32,377 रुपये हो जाएगी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों को इसी निवेश पर लगभग 34,972 रुपये का ब्याज मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मैच्योरिटी अमाउंट 4,34,972 रुपये तक पहुंच जाएगा। अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह रिटर्न थोड़ा और ज्यादा है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">4 लाख रुपये जमा करने पर उन्हें करीब 35,492 रुपये ब्याज मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुल मैच्योरिटी राशि 4,35,492 रुपये हो जाएगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर हम बैंक की अन्य एफडी योजनाओं की बात करें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो 7 से 45 दिनों की अवधि पर सबसे कम 3.50 फीसदी से 4 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है। 46 से 60 दिनों की एफडी पर 5 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। लेकिन 444 दिनों वाली स्कीम इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके लिए ये स्कीम एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश करने से पहले आपको बैंक शाखा या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर ब्याज दरें चेक कर लेनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इनमें समय-समय पर बदलाव होता रहता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 00:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>चांदी 11,620 रुपये उछली, 24 कैरेट सोना 1.52 लाख के पार पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[Gold Silver Rate 12 May में सोना-चांदी के दामों में भारी उछाल दर्ज हुआ। 24 कैरेट सोना 1.52 लाख और चांदी 2.68 लाख प्रति किलो पहुंची।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/silver-rose-by-rs-11620-24-carat-gold-crossed-rs/article-53206"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/मध्य-भारत-के-सबसे-बड़े-मैथ्स-कैलकुलेशन-महाकुंभ-में-विनर-वर्ल्ड-एबाकस-का-शानदार-प्रदर्शन.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को काफी उछाल देखने को मिला। जैसे ही सर्राफा बाजार खुला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सभी की नजरें सीधे गोल्ड और सिल्वर रेट पर टिक गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (</span>IBJA) <span lang="hi" xml:lang="hi">के नए रेट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चांदी ने एक बार में </span>11,620<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की बढ़ोतरी की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इसकी कीमत </span>2.68<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं</span>, 24<span lang="hi" xml:lang="hi"> कैरेट सोने की कीमत भी </span>1,592<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये बढ़कर </span>1.52<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये प्रति </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्राम हो गई। इस अचानक आई तेजी ने न सिर्फ कारोबारियों बल्कि आम ग्राहकों को भी चौंका दिया है। कई शहरों के ज्वैलर्स का कहना है कि सुबह से ही लोग नए रेट पूछने आ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि खरीदारी को लेकर थोड़ा सतर्कता बरती जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की तलाश के चलते सोने-चांदी में ये तेजी बनी हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IBJA <span lang="hi" xml:lang="hi">के रेट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोना अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये पीछे चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि चांदी में रिकॉर्ड स्तर से गिरावट पहले से ही देखी जा रही थी। लेकिन सोमवार की उछाल ने बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। सुनने में आया है कि ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के चलते निवेशकों का आकर्षण फिर से कीमती धातुओं की तरफ बढ़ा है। </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> कैरेट गोल्ड की कीमत में भी </span>1,458<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की वृद्धि हुई और अब इसका रेट </span>1,39,190<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्राम है। जीएसटी जोड़ने पर ये कीमत करीब </span>1,43,365<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये हो जाती है। वहीं</span>, 18<span lang="hi" xml:lang="hi"> कैरेट सोना </span>1,194<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये महंगा होकर </span>1,13,966<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्राम तक पहुंच गया है। कई ज्वैलर्स का कहना है कि लगातार बदलते रेट के कारण ग्राहक फिलहाल छोटे निवेश को तरजीह दे रहे हैं। शादी और त्योहारों के मौसम में मांग और बढ़ने की संभावनाएं हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">23 <span lang="hi" xml:lang="hi">कैरेट और </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">कैरेट सोने के दाम में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। </span>23 <span lang="hi" xml:lang="hi">कैरेट गोल्ड </span>1,486 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये चढ़कर </span>1,51,246 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्राम तक पहुंच गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">कैरेट सोना </span>931 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये की वृद्धि के साथ </span>88,893 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्राम पर पहुंच गया। जीएसटी जोड़ने पर इनकी कीमतें और बढ़ जाती हैं। सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलग-अलग शहरों में सोने के दामों में विविधता की बड़ी वजह लोकल टैक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ढुलाई खर्च</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेकिंग चार्ज और स्थानीय मांग मानी जाती है। शादी या त्योहारों के दौरान कई शहरों में गोल्ड पर प्रीमियम भी बढ़ जाता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेस प्राइस अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की स्थिति से तय होती है। सोमवार को बाजार में आई तेजी ने छोटे निवेशकों के बीच भी हलचल बढ़ा दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:24:10 +0530</pubDate>
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