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                <title>Terror Network - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Terror Network RSS Feed</description>
                
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                <title>पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा, आतंकियों के मोबाइल कराची और लाहौर तक पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए की जांच में सामने आए नए तथ्य, मोबाइल में बैसरन घाटी की लोकेशन और स्क्रीनशॉट मिले, सप्लाई चेन के जरिए पाकिस्तान पहुंचाए गए थे फोन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-revelation-in-the-investigation-of-pahalgam-terrorist-attack-terrorists/article-54751"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pahalgam-terror-attack.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मामले में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। जांच के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एजेंसी के अनुसार आतंकियों के कब्जे से मिले दोनों मोबाइल फोन चीन की एक कंपनी की सप्लाई चेन के माध्यम से पाकिस्तान पहुंचे थे और बाद में इन्हें कराची तथा लाहौर के पतों पर डिलीवर किया गया था। जांच एजेंसी का मानना है कि यह जानकारी हमले की पूरी साजिश और आतंकियों के नेटवर्क को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एनआईए के अनुसार पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को पिछले वर्ष जुलाई में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। मुठभेड़ के बाद उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनमें एक रेडमी 9टी और दूसरा रेडमी नोट 12 मॉडल का फोन था। जब इन उपकरणों की डिजिटल और फोरेंसिक जांच की गई तो इनके इस्तेमाल और वितरण से जुड़े कई तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि दोनों मोबाइल पाकिस्तान के कराची और लाहौर क्षेत्रों तक पहुंचाए गए थे। एजेंसी ने तकनीकी माध्यमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर इनकी सप्लाई चेन का पता लगाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान मोबाइल फोन में मौजूद डाटा ने भी कई महत्वपूर्ण संकेत दिए। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल के नेविगेशन एप में बैसरन घाटी की लोकेशन पहले से सेव थी। इसके अलावा बैसरन क्षेत्र के कई स्क्रीनशॉट भी फोन में मिले, जिन्हें हमले से कुछ दिन पहले लिया गया था। इससे यह संकेत मिलता है कि हमले की तैयारी पहले से की जा रही थी और लक्ष्य स्थल की रेकी तथा डिजिटल निगरानी भी की गई थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले की योजना किस स्तर पर बनाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार यह एक सुनियोजित आतंकी हमला था, जिसमें आतंकियों ने पहले से तय रणनीति के तहत कार्रवाई की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों ने अब इस बात को और मजबूत किया है कि हमले की तैयारी कई दिन पहले शुरू हो चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इससे पहले जांच एजेंसी ने एक अन्य खुलासा भी किया था, जिसमें बताया गया था कि आतंकियों के पास से एक हाई-टेक एक्शन कैमरा भी बरामद हुआ था। जांच में यह जानकारी सामने आई कि कैमरा अंतरराष्ट्रीय वितरण नेटवर्क के जरिए चीन पहुंचा और वहां से किसी माध्यम से आतंकियों तक पहुंचा। एजेंसी का मानना है कि ऐसे उपकरणों का उपयोग आतंकी घटनाओं की रिकॉर्डिंग, प्रचार और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाता है। यही कारण है कि इन उपकरणों की सप्लाई और उपयोग से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा आधुनिक तकनीक और डिजिटल उपकरणों के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मोबाइल फोन, जीपीएस आधारित एप्लीकेशन, एक्शन कैमरे और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल अब आतंकवादी गतिविधियों का हिस्सा बन चुका है। इससे जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं, हालांकि डिजिटल फोरेंसिक तकनीकों की मदद से कई महत्वपूर्ण सुराग भी प्राप्त हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एनआईए द्वारा दाखिल चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी संचालक था, जो लगातार हमलावरों के संपर्क में था। जांच में यह दावा किया गया है कि हमले के दौरान आतंकियों को रियल टाइम निर्देश दिए जा रहे थे और लक्ष्य क्षेत्र की जानकारी भी पहले से साझा की गई थी। एजेंसी ने हमले से जुड़े कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण अभी भी जारी है। जांच में दो स्थानीय टूरिस्ट गाइडों की भूमिका भी सामने आई थी। एजेंसी के अनुसार दोनों ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी थीं, लेकिन समय रहते इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तक नहीं पहुंचाई। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की गई और दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि यदि समय पर सूचना मिल जाती तो संभव है कि हमले को रोका जा सकता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है और कई अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, संचार नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य केवल हमले के दोषियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि उन नेटवर्कों को भी उजागर करना है जो सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराते हैं। एनआईए का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से मिले नए सुराग इस मामले में आगे की जांच को नई दिशा देंगे। आने वाले समय में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो इस पूरे आतंकी नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:56:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राजौरी के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई शुरू, 2-3 आतंकियों के घिरे होने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। दोरिमाल जंगल में 2-3 आतंकियों के फंसे होने की आशंका जताई गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/encounter-begins-between-security-forces-and-terrorists-in-the-forests/article-54059"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rajouri-indian-army-jammu-&amp;-kashmir-encounter.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से शुक्रवार दोपहर एक बड़ी खबर आई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां दोरिमाल के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हो रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलाके में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की संभावना जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सेना और अन्य सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खबर है कि तलाशी अभियान के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। देर शाम तक इलाके में गोलीबारी चलती रही। फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये ऑपरेशन एक बेहद संवेदनशील इलाके में चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जंगल और पहाड़ों की वजह से आतंकियों को छिपने में आसानी होती है। सुरक्षा बल लगातार ड्रोन और अन्य आधुनिक उपकरणों से इलाके की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आतंकियों के एक छोटे समूह की सक्रियता की पहले से जानकारी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसी आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब तक किसी आतंकी के मारे जाने या किसी जवान के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को भी जंगल की तरफ जाने से रोका गया है। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन को बड़ी सतर्कता से चला रही हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस साल फरवरी में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">White Knight Corps <span lang="hi" xml:lang="hi">ने किश्तवाड़ में आतंकी नेटवर्क खत्म करने का दावा किया था। उस समय सेना ने कई आतंकियों को मार गिराने की जानकारी दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें जैश से जुड़े आतंकी सैफुल्लाह का नाम भी शामिल था। हाल के महीनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। पिछले सप्ताह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह कहते हुए कि अगर आतंकवाद को समर्थन जारी रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। इस समय राजौरी में चल रही मुठभेड़ पर पूरे इलाके की नजर बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां ऑपरेशन खत्म होने तक लगातार जानकारी हासिल कर रही हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:20:40 +0530</pubDate>
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