<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/mainpat/tag-14857" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Mainpat - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/14857/rss</link>
                <description>Mainpat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरगुजा में दो भीषण सड़क हादसे, चार लोगों की मौत; मैनपाट में तीन युवकों ने गंवाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत, नेशनल हाईवे-43 पर ट्रक की चपेट में आने से महिला की जान गई; पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/four-people-died-in-two-horrific-road-accidents-in-surguja/article-58490"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/surguja-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शुक्रवार रात दो अलग-अलग सड़क हादसों ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के मैनपाट क्षेत्र में तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि कुछ ही घंटों बाद नेशनल हाईवे-43 पर एक अज्ञात ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला की जान चली गई। दोनों हादसों के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में मैनपाट हादसे में तेज रफ्तार को प्रमुख वजह माना जा रहा है, जबकि हाईवे हादसे में ट्रक चालक की लापरवाही की आशंका जताई गई है। मृतकों की पहचान अर्जुन लोहार (23), विफल कुमार माझी (21), गुड्डू राम (22) और रीता एक्का (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>पहला हादसा कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के नर्मदापुर-बिजलहवा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे हुआ। पुलिस के अनुसार दो तेज रफ्तार बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सवार कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन लुंड्रा निवासी अर्जुन लोहार और सीतापुर के कोट गांव निवासी गुड्डू राम की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। तीसरे युवक विफल कुमार माझी को गंभीर हालत में पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि विफल कुमार अपने दोस्त गुड्डू राम के साथ मैनपाट घूमने गया था और लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। वहीं अर्जुन लोहार अपनी ससुराल नर्मदापुर जा रहा था। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और परिवार में उसकी अचानक मौत से मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में मौसम सामान्य होने की बात सामने आई है, इसलिए दुर्घटना की प्रमुख वजह तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरी घटना की पड़ताल कर रही है।</p>
<p>दूसरा हादसा नेशनल हाईवे-43 पर सेदम बाजार के पास हुआ, जहां बाइक से घर लौट रहे दंपती को पीछे से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में देवरी निवासी 48 वर्षीय रीता एक्का की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति सुखन एक्का गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों सीतापुर से अपने घर लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।  सरगुजा जिले में एक ही रात चार लोगों की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/four-people-died-in-two-horrific-road-accidents-in-surguja/article-58490</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/four-people-died-in-two-horrific-road-accidents-in-surguja/article-58490</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:50:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/surguja-news.jpg"                         length="144845"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक मित्र गायब, पेंशन रुकी… छत्तीसगढ़ में 500 रुपये पेंशन के लिए 5 किमी सास को पीठ पर ढोकर बैंक पहुंची बहू</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बहू 90 साल की सास को 5 किमी पीठ पर ढोकर बैंक ले गई। 500 रुपये पेंशन के लिए संघर्ष और सिस्टम की खामियां उजागर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/bank-mitra-missing-pension-stopped%E2%80%A6-in-chhattisgarh-daughter-in-law-carried-her/article-54076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/daughter-in-law-carries-mother-in-law-on-her-back-to-the-bank.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक तस्वीर सामने आई है जिसने सिस्टम और वास्तविकता के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को मैनपाट ब्लॉक के कुनिया गांव में जंगलपारा में एक बहू ने अपनी 90 साल की सास को पीठ पर उठाकर लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक तक पहुंचाया। ये सब उसने इसलिए किया क्योंकि उसे वृद्धावस्था पेंशन का 500 रुपए निकालना था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पिछले कुछ महीनों से रुकी हुई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखकर लोग एक तरफ भावुक हो रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी तरफ नाराज भी हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और गांव में पक्की सड़क तक की सुविधा नहीं है। घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से आगे कोई वाहन नहीं जा सकता। इसके बाद फिर से करीब साढ़े तीन किलोमीटर कठिन पैदल रास्ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे पार करना आसान नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब आपको 90 साल की बुजुर्ग महिला को अपने साथ ले जाना हो। इस मुश्किल समय में बहू सुखमनिया ने अपनी सास सोनवारी को पीठ पर लादकर बैंक की दिशा में चलना शुरू किया। ग्रामीण बताते हैं कि ये पहली बार नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उन्होंने अपनी सास को इस तरह से बैंक ले जाया है। रास्ते में नाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चा रास्ता और गर्मी</span>—<span lang="hi" xml:lang="hi">इन सब से हालात बहुत मुश्किल होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परिवार के पास कोई और चारा नहीं था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले बैंक मित्र घर पर पेंशन पहुंचा देते थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बुजुर्गों को राहत मिलती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से ये सुविधा बंद कर दी गई है। इसके साथ ही </span>KYC <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रक्रिया पूरी ना होने के कारण भी पेंशन अटकती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तीन महीने तक कोई भुगतान नहीं हुआ। इसी बीच शुक्रवार को मजबूरी में बहू को ये कदम उठाना पड़ा। गांव में लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि अगर समय पर बैंक मित्र या सिस्टम सक्रिय होते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शायद ये स्थिति नहीं बनती। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि इसे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही कहा जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ इसे भौगोलिक कठिनाइयों से भी जोड़कर देख रहे हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंक पहुंचने के बाद बहू को तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए गए। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खाते में कुल चार महीने के लिए करीब 2000 रुपए जमा थे। बैंक मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग ने बताया कि इलाके में वृद्धावस्था पेंशन को घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से मौजूद है और इसके लिए बैंक के कई मित्र काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाभार्थियों या उनके परिजनों को सूचना देने पर बैंक मित्र को घर भेजा जा सकता है। लेकिन जमीन पर ये व्यवस्था कितनी प्रभावी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये घटना फिर से दिखा गई है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहू सुखमनिया ने कहा कि वह सिर्फ अपनी सास की पेंशन के लिए कई दिनों से परेशान थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे कोई समाधान नहीं मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद उसे ये कठिन रास्ता अपनाना पड़ा। गांव लौटने के बाद भी ये घटना लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/bank-mitra-missing-pension-stopped%E2%80%A6-in-chhattisgarh-daughter-in-law-carried-her/article-54076</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/bank-mitra-missing-pension-stopped%E2%80%A6-in-chhattisgarh-daughter-in-law-carried-her/article-54076</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 17:58:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/daughter-in-law-carries-mother-in-law-on-her-back-to-the-bank.jpg"                         length="201571"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        