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                <title>Van Vihar - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Van Vihar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वीकेंड का नया ठिकाना: भोपाल के ये 4 इवेंट्स आपके हफ्ते को बना देंगे बेहद खास!</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून फोटोग्राफी वॉक, लाइव म्यूज़िक नाइट, स्ट्रेस हीलिंग टूर और बच्चों के लिए फार्म फन डे—जानिए इस वीकेंड भोपाल में कहाँ मिलेगा मनोरंजन, सुकून और नए अनुभवों का बेहतरीन संगम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/these-4-events-of-bhopal-the-new-weekend-destination-will/article-57964"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-weekend-events.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल, जिसे हम 'झीलों की नगरी' के नाम से जानते हैं, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और समृद्ध संस्कृति के लिए मशहूर है। मानसून की दस्तक के साथ ही इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। अगर आप भी इस बदलते मौसम में बोरियत महसूस कर रहे हैं और भोपाल में कुछ नया, रोमांचक या सुकून देने वाला तलाश रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है!</p>
<p>इस बार शहर में ऐसे कई शानदार इवेंट्स हो रहे हैं जो न केवल आपको मानसिक शांति देंगे, बल्कि आपके परिवार और बच्चों के लिए भी मनोरंजन का बेहतरीन जरिया बनेंगे। आइए जानते हैं भोपाल के इन 4 सबसे चर्चित इवेंट्स के बारे में, जहाँ आपको इस वीकेंड जरूर जाना चाहिए।</p>
<h5><strong>1. मानसून फोटोग्राफी वॉक (Monsoon Photography Walk)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: सुबह 05:30 बजे से शुरू</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वन विहार एंट्री गेट, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹99 </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>क्यों जाएं इस वॉक पर?</strong></h5>
<p>यह वॉक मानसून के मौसम में भोपाल की खूबसूरत प्रकृति और हरियाली को कैमरे में कैद करने का एक बेहतरीन मौका है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सुबह के समय शांत माहौल में सीखने और घूमने का यह शानदार अनुभव होगा। यहाँ आपको न केवल बेहतरीन तस्वीरें खींचने का मौका मिलेगा, बल्कि समान विचारधारा वाले लोगों से मिलने और फोटोग्राफी की बारीकियों को सीखने का अवसर भी मिलेगा। सुबह की पहली किरण के साथ धुंध और ओस की बूंदों के बीच घूमना आपके पूरे हफ्ते की थकान को मिटा देगा।</p>
<h5><strong>2. ज़ोका कैफ़े लाइव जैमिंग और एकोस्टिक नाइट (Zoca Café Live Jamming &amp; Acoustic Night)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 05:00 बजे से रात 08:00 बजे तक</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: ज़ोका कैफे, 10 नंबर मार्केट, भोपाल</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>क्यों है यह खास?</strong></h5>
<p>शाम को दोस्तों के साथ रिलैक्स करने और लाइव एकोस्टिक म्यूज़िक का आनंद लेने के लिए यह एक परफेक्ट जगह है। यहाँ आप बिना किसी एंट्री फीस के बेहतरीन संगीत के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का मज़ा ले सकते हैं। गिटार की धुनों और सुरीली आवाजों के बीच जब आप अपनी पसंदीदा कॉफी या स्नैक्स का आनंद लेते हैं, तो वो पल बेहद खुशनुमा बन जाता है। यदि आप खुद भी गाने या बजाने के शौकीन हैं, तो आप भी इस ओपन जैमिंग सेशन का हिस्सा बन सकते हैं।</p>
<h5><strong>3. वेलनेस विद काउज़: स्ट्रेस एंड एंग्जायटी हीलिंग टूर (Wellness with Cows: Stress &amp; Anxiety Healing Tour)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 04:00 बजे से (6 जुलाई 2026 से 22 जुलाई 2026 तक, अवधि: 1 घंटा)</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹249</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>मानसिक शांति का अनोखा जरिया:</strong></h5>
<p>यह अनोखा टूर मानसिक तनाव और चिंता से राहत पाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जहाँ आप गायों के बीच रहकर असीम शांति महसूस कर सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से भी यह सिद्ध हो चुका है कि गायों के साथ समय बिताने, उन्हें सहलाने और उनके करीब रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स (जैसे ऑक्सीटोसिन) रिलीज होते हैं। यह 1 घंटे का सेशन आपके मन को गहरी सकारात्मक ऊर्जा और थेरेपी देता है, जिससे आप खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।</p>
<h5><strong>4. फीड एंड प्ले: ए किड्स फार्म फन डे (Feed &amp; Play: A Kids Farm Fun Day)</strong></h5>
<ul>
<li>
<p>समय: शाम 04:00 बजे</p>
</li>
<li>
<p>स्थान: वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p>टिकट की कीमत: ₹249 (प्रति व्यक्ति)</p>
</li>
</ul>
<h5><strong>बच्चों के लिए क्यों जरूरी है यह इवेंट?</strong></h5>
<p>यह बच्चों के लिए एक बेहद मनोरंजक और सीख देने वाला इवेंट है, जहाँ वे फार्म के जानवरों से करीब से जुड़ सकते हैं। यहाँ बच्चे सुरक्षित माहौल में जानवरों को अपने हाथों से चारा खिलाने और उनके साथ खेलने की गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इस तरह के अनुभव से बच्चों में दयाभाव, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित होता है। साथ ही, खुले मैदान में दौड़ने-भागने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। भोपाल में हो रहे ये चारों इवेंट्स अपने आप में बेहद अलग और खास हैं। जहाँ एक तरफ मानसून फोटोग्राफी वॉक आपको प्रकृति के करीब ले जाती है, वहीं ज़ोका कैफ़े की शाम आपकी सोशल लाइफ को मजेदार बनाती है। दूसरी ओर, वृंदावन आश्रम गौशाला में होने वाले दोनों इवेंट्स (वेलनेस टूर और किड्स फन डे) आत्मा को सुकून देने वाले और परिवार के लिए एकदम सही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:04:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में गिद्धों की गिनती अंतिम दौर में, संख्या 14 हजार पार होने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में गिद्धों की गणना अंतिम चरण में पहुंची। शुरुआती रिपोर्ट में संख्या 14 हजार के पार जाने का अनुमान जताया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/in-the-last-round-of-vulture-counting-in-mp-the/article-54093"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-vulture-census.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में गिद्धों की गणना का काम रविवार को तीसरे दिन भी चलता रहा। अब सबकी नजर फाइनल आंकड़ों पर है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बार राज्य के 16 वन वृत्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">9 टाइगर रिजर्व और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गिनती की गई है। खास बात यह है कि पहली बार ऑनलाइन एप के जरिए पूरी निगरानी और डेटा एंट्री की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे रिपोर्ट तैयार करना काफी आसान हो गया है। सुबह सूरज निकलने के तुरंत बाद टीमें जंगलों और गिद्धों के घोंसले वाले इलाकों में पहुंचीं। कई जगहों पर लाल सिर वाले और सफेद पीठ वाले गिद्ध नजर आए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पन्ना क्षेत्र में रेड हेडेड वल्चर यानी लाल सिर वाले गिद्ध मिले हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्धों की मौजूदगी देखी गई। फरवरी में हुए सर्वे में प्रदेश में करीब सात प्रजातियों के गिद्ध पाए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें भारतीय गिद्ध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिनेरियस गिद्ध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिस्र गिद्ध और हिमालयन ग्रिफॉन प्रमुख रहे। वन विभाग का कहना है कि पिछले लगभग दस साल में प्रदेश में गिद्धों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2019 में इनकी संख्या करीब 8 हजार थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि 2025 की गणना में यह बढ़कर 12,981 तक पहुंच गई थी। इस बार तो संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गणना की प्रक्रिया भी काफी ध्यानपूर्वक की जा रही है। गणनाकर्मी और स्वयंसेवक घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों और उनके बच्चों की गिनती कर एप में जानकारी दर्ज कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उड़ते हुए गिद्धों को गिनती में शामिल नहीं किया जाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि दोबारा गिनने में गलती न हो। कई इलाकों में सुबह 9 बजे तक ही सर्वे का काम पूरा कर लिया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि उसके बाद तापमान बढ़ने लगता है और गिद्ध ऊंचाई पर उड़ने लगते हैं। बताया जा रहा है कि इस बार टाइगर रिजर्व क्षेत्रों से भी अच्छी संख्या सामने आ सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि गिद्ध कभी विलुप्त होने की कगार पर थे। एक वक्त था जब भारत में इनकी संख्या करोड़ों में थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाली डाइक्लोफेनाक दवा के कारण बड़ी संख्या में गिद्धों की मौत होने लगी। इसके बाद इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया और उससे धीरे-धीरे इनकी संख्या में सुधार दिखने लगा। मध्य प्रदेश में संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। भोपाल के वन विहार में करीब तीन साल पहले हरियाणा से सफेद पीठ वाले 20 गिद्ध लाए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें संरक्षण केंद्र में रखा गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गिद्धों की प्रजनन प्रक्रिया भी काफी धीमी मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये पक्षी साल में सिर्फ एक बार अंडा देते हैं और बच्चे के जीवित निकलने की संभावना लगभग 50 फीसदी होती है। यही वजह है कि उनकी संख्या बढ़ने में समय लगता है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश में लगातार बढ़ती संख्या को वन विभाग ने सकारात्मक संकेत माना है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन शुरुआती आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 11:15:31 +0530</pubDate>
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