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                <title>Commonwealth Games - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Commonwealth Games RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जर्मनी में अनिमेष कुजूर की ऐतिहासिक रफ्तार, विदेश में सबसे तेज 100 मीटर दौड़ने वाले भारतीय बने</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर में 10.14 सेकेंड में पूरी की रेस, भारत का दूसरा सबसे तेज समय दर्ज; कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बढ़ी उम्मीदें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/animesh-kujurs-historic-speed-in-germany-becomes-the-fastest-indian/article-58495"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/animesh-kujur.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय एथलेटिक्स के लिए जर्मनी से एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। देश के उभरते हुए धावक अनिमेष कुजूर ने वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विदेश की धरती पर सबसे तेज 100 मीटर दौड़ने वाले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया है। 23 वर्षीय अनिमेष ने 100 मीटर की दौड़ महज 10.14 सेकेंड में पूरी कर न केवल अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) दर्ज किया, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में भी अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जर्मनी में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में अनिमेष कुजूर ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। उन्होंने बेहतरीन स्टार्ट और आखिरी क्षण तक तेज रफ्तार बनाए रखते हुए 10.14 सेकेंड का समय निकाला। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के आर. म्लेंगा ने 10.03 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जबकि अनिमेष दूसरे स्थान पर रहे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन सबसे अधिक चर्चा में रहा, क्योंकि उन्होंने विदेश में किसी भारतीय द्वारा 100 मीटर में अब तक का सबसे तेज समय दर्ज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अनिमेष ने विदेश में सबसे तेज दौड़ने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है और अब वे भारतीय स्प्रिंट के सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल हो चुके हैं। उनकी यह उपलब्धि इस बात का संकेत भी है कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर स्प्रिंट स्पर्धाओं में भी मजबूत चुनौती पेश करने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अनिमेष का 10.14 सेकेंड का समय भारत के इतिहास में दूसरा सबसे तेज 100 मीटर प्रदर्शन भी बन गया है। देश का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 10.09 सेकेंड का है, जिसे इसी वर्ष गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप के दौरान बनाया था। दोनों खिलाड़ियों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय स्प्रिंट में इस साल मई के दौरान रिकॉर्ड टूटने का सिलसिला बेहद रोमांचक रहा था। फेडरेशन कप में पहले गुरिंदरवीर सिंह ने 10.17 सेकेंड का समय निकालकर नया रिकॉर्ड बनाया था। इसके तुरंत बाद अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकेंड दौड़कर उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन अगले ही दिन गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकेंड का समय निकालते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। महज 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड तीन बार टूटना भारतीय स्प्रिंट इतिहास की बड़ी घटना माना गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अनिमेष कुजूर की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वे पहले ही 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत की 100 मीटर और 200 मीटर टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। जर्मनी में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास निश्चित रूप से और मजबूत हुआ है। अब वे पोलैंड के स्पाला में भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर से जुड़ेंगे, जहां कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कोचों का मानना है कि यदि अनिमेष इसी तरह अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार करते रहे तो आने वाले समय में वे राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं। 10.14 सेकेंड का समय इस बात का संकेत है कि वे 10 सेकेंड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और उचित तैयारी के साथ इस बाधा को भी पार करने की क्षमता रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व एथलेटिक्स में 100 मीटर दौड़ सबसे प्रतिष्ठित स्पर्धाओं में गिनी जाती है। इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम है, जिन्होंने 2009 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 9.58 सेकेंड का अविश्वसनीय समय निकालकर इतिहास रचा था। आज भी उनका यह रिकॉर्ड कायम है और दुनिया भर के धावकों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">ओलंपिक खेलों के इतिहास पर नजर डालें तो 100 मीटर स्पर्धा हमेशा सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रही है। 1896 में आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत के बाद शुरुआती वर्षों में श्वेत एथलीटों का दबदबा रहा, लेकिन 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलंपिक चैंपियन बने। इसके बाद से इस स्पर्धा में लगातार नए रिकॉर्ड बनते रहे और आधुनिक दौर में यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एथलेटिक्स स्पर्धाओं में शामिल हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय एथलेटिक्स भी अब नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। नीरज चोपड़ा की सफलता के बाद ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में युवाओं का रुझान बढ़ा है और अब स्प्रिंट में भी भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। अनिमेष कुजूर का प्रदर्शन इसी बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है। उनकी उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 17:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>शूटिंग दिग्गज जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन</title>
                                    <description><![CDATA[मनु भाकर के कोच और भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में शामिल जसपाल राणा का दिल्ली अस्पताल में इलाज के दौरान निधन, हाल ही में म्यूनिख वर्ल्ड कप के बाद कराया गया था हार्ट प्रोसीजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/shooting-legend-jaspal-rana-passes-away-at-the-age-of/article-55694"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jaspal-rana-death-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के निशानेबाजी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज शूटर और राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि राणा का निधन एक संक्षिप्त बीमारी के बाद हुआ। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लेकर लौटे थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका हार्ट से जुड़ा एक मेडिकल प्रोसीजर भी हुआ था। हालांकि इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने अंतिम सांस ली। जसपाल राणा न केवल भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में से एक थे, बल्कि वह एक बेहतरीन कोच और मेंटर के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने भारतीय शूटिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वर्तमान में वह ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच के रूप में भी कार्य कर रहे थे और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका खेल करियर तीन दशकों से अधिक समय तक फैला रहा। जसपाल राणा ने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए कई पदक जीते। वह भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट्स में गिने जाते हैं, जहां उन्होंने चार संस्करणों (1994 से 2006) में कुल 15 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल थे। 1994 में उन्होंने हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उसी वर्ष उन्होंने मिलान में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था। इसके बाद उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और पिस्टल शूटिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई। 2006 के दोहा एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन उनके करियर का सबसे शानदार दौर माना जाता है। वहां उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में 590 अंक हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की थी। यह उपलब्धि आज भी भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे बड़े क्षणों में गिनी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे जसपाल राणा बचपन से ही निशानेबाजी में प्रतिभाशाली थे। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उनके प्रदर्शन में निरंतरता और अनुशासन ने उन्हें भारतीय खेल जगत में एक विशेष स्थान दिलाया। खेल से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना करियर बनाया और कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद की। मनु भाकर जैसे उभरते सितारों को तराशने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी कोचिंग शैली अनुशासन, तकनीक और मानसिक मजबूती पर आधारित थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके निधन की खबर के बाद भारतीय शूटिंग फेडरेशन और खेल जगत के कई दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। NRAI ने कहा कि जसपाल राणा का योगदान भारतीय शूटिंग के विकास में हमेशा याद रखा जाएगा। खिलाड़ियों और उनके प्रशंसकों के बीच उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता था, जिन्होंने न केवल पदक जीते बल्कि एक मजबूत खेल संस्कृति भी विकसित की। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। जसपाल राणा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके निधन से खेल जगत में एक खालीपन आ गया है, जिसे भर पाना मुश्किल होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरिंदरवीर सिंह बने भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकंड में जीती 100 मीटर रेस</title>
                                    <description><![CDATA[गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड में 100 मीटर रेस जीतकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भी क्वालिफाई किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/gurinderveer-singh-becomes-indias-fastest-runner-wins-100-meter-race/article-54113"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/gurindervir-singh-india&#039;s-fastest-sprinter.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय एथलेटिक्स को शुक्रवार को एक नया सितारा मिला। पंजाब के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने नेशनल सीनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ऐसा प्रदर्शन किया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने देश के ट्रैक और फील्ड इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। उसने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ केवल 10.09 सेकंड में पूरी कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया और इसके साथ ही वह भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर बन गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस रेस के बाद सोशल मीडिया पर कई ने उन्हें भारत का </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">उसैन बोल्ट</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहना शुरू कर दिया। खास बात ये है कि गुरिंदरवीर 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर की दौड़ पूरी करने वाले पहले एथलीट भी बन गए हैं। उनका यह समय मौजूदा सीज़न में पूरे एशिया का दूसरा सबसे तेज रिकॉर्ड माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नेशनल सीनियर फेडरेशन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 मीटर की रेस काफी रोमांचक रही। मुकाबला मुख्य रूप से गुरिंदरवीर और ओडिशा के युवा स्प्रिंटर अनिमेष कूजुर के बीच था। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले अनिमेष को 10.18 सेकंड के नेशनल रिकॉर्ड के साथ सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सेमीफाइनल में पहले गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड तोड़ा। लेकिन कुछ ही मिनट बाद अनिमेष ने दूसरी हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया। ट्रैक पर रिकॉर्ड टूटने और बनने का ये सिलसिला दर्शकों के लिए बहुत रोमांचक रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाइनल में गुरिंदरवीर ने पूरी बाजी पलट दी। उन्होंने शुरुआत से ही शानदार गति पकड़ी और फिनिश लाइन तक बढ़त बनाए रखी। रेस खत्म होने तक वह अनिमेष से करीब दो फीट आगे थे। आधिकारिक टाइमिंग में गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकंड का समय दर्ज किया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अनिमेष उनसे 0.11 सेकंड पीछे रहे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस प्रदर्शन के साथ गुरिंदरवीर ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफिकेशन भी हासिल कर लिया है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 100 मीटर की स्पर्धा के लिए 10.16 सेकंड का क्वालीफाइंग मार्क तय किया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे गुरिंदरवीर ने आसानी से पार कर लिया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर मौजूदा एशियाई रैंकिंग की बात करें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इस सीज़न में उनसे आगे सिर्फ जापान के युवा धावक फुकुटो कोमुरो हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने 10.08 सेकंड का समय निकाला था। भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि लंबे समय से देश को विश्व स्तर पर चुनौती देने वाला स्प्रिंट करने वाला कोई मिल नहीं पाया था। अब गुरिंदरवीर के प्रदर्शन से उम्मीदें बढ़ गई हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:50:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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