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                <title>Ratanpur - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Ratanpur RSS Feed</description>
                
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                <title>250 साल पुराने बिकमा तालाब में निकले मगरमच्छ के बच्चे, वन विभाग ने सुरक्षित छोड़ा खूंटाघाट बांध</title>
                                    <description><![CDATA[रतनपुर के ऐतिहासिक तालाब में सुबह दिखा दुर्लभ नजारा, स्थानीय लोगों और वन विभाग की सतर्कता से छह मगरमच्छ शावकों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/crocodile-babies-hatched-in-250-year-old-bikma-pond-forest/article-55822"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bikma-talab-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित ऐतिहासिक बिकमा तालाब में शुक्रवार सुबह उस समय लोगों की उत्सुकता बढ़ गई, जब तालाब के किनारे मगरमच्छ के अंडों से बच्चों को निकलते हुए देखा गया। सुबह स्नान और दैनिक कार्यों के लिए पहुंचे स्थानीय लोगों ने यह दुर्लभ दृश्य देखा तो पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। कुछ ही देर में यह खबर आसपास के इलाके में फैल गई और तालाब के किनारे लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालात को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने समझदारी दिखाते हुए मगरमच्छ के नवजात बच्चों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की और तुरंत वन विभाग तथा पुलिस को सूचना दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह के समय तालाब के किनारे कुछ हलचल दिखाई दी। करीब जाकर देखने पर पता चला कि मगरमच्छ के अंडों से बच्चे बाहर निकल रहे हैं। चूंकि तालाब के आसपास लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने बिना किसी नुकसान के सभी बच्चों को सावधानीपूर्वक एक टब में रखा ताकि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न पहुंचे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि तालाब में मौजूद मगरमच्छों द्वारा दिए गए अंडों से इन बच्चों का जन्म हुआ है। बच्चों की उम्र कुछ ही घंटे आंकी गई। विशेषज्ञों की सलाह के बाद निर्णय लिया गया कि इन्हें ऐसे जलाशय में छोड़ा जाए जहां इनके सुरक्षित विकास की संभावना अधिक हो। इसके बाद सभी छह मगरमच्छ शावकों को खूंटाघाट बांध ले जाया गया और वहां प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के कर्मचारियों ने विशेष सावधानी बरती।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वार्ड पार्षद मनोज पाटले ने बताया कि बिकमा तालाब में लंबे समय से मगरमच्छों की मौजूदगी दर्ज की जाती रही है। वर्तमान में तालाब में तीन मगरमच्छ होने की जानकारी है, जिनकी समय-समय पर निगरानी भी की जाती है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ के बच्चों के निकलने की जानकारी मिलते ही वन विभाग से संपर्क किया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग किया। इस घटना ने एक बार फिर बिकमा तालाब को चर्चा में ला दिया है। रतनपुर का यह तालाब केवल जल स्रोत नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र भी माना जाता है। बताया जाता है कि इसका निर्माण करीब 250 वर्ष पहले मराठा शासनकाल में कराया गया था। इतिहासकारों के अनुसार छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र और प्रत्यक्ष शासन स्थापित करने वाले मराठा शासक विंबाजी राव भोसले ने इस तालाब का निर्माण करवाया था। वर्षों से यह तालाब क्षेत्र की पहचान बना हुआ है और स्थानीय लोगों की आस्था तथा इतिहास से जुड़ा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिकमा तालाब से जुड़ी कई लोक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की खुदाई के दौरान भगवान राम की एक प्रतिमा प्राप्त हुई थी। बाद में इस प्रतिमा को रतनपुर की रामटेकरी स्थित श्रीराम मंदिर में स्थापित किया गया। क्षेत्र के बुजुर्गों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े लोगों के बीच यह कथा लंबे समय से सुनाई जाती रही है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन लोगों की आस्था आज भी इस मान्यता से जुड़ी हुई है। रतनपुर निवासी अजय गुप्ता बताते हैं कि मंदिर में स्थापित प्रतिमा सालिगराम पत्थर से निर्मित मानी जाती है। प्रतिमा में भगवान श्रीराम को अजानुबाहू स्वरूप में दर्शाया गया है। यही कारण है कि तालाब और मंदिर दोनों स्थानीय धार्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। कई श्रद्धालु आज भी इस कथा को सुनने और मंदिर के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर पुरातत्व विशेषज्ञ इस मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कहते हैं। पुरातत्ववेत्ता राहुल सिंह के अनुसार बिकमा तालाब निश्चित रूप से ऐतिहासिक महत्व का स्थल है, लेकिन तालाब से भगवान राम की प्रतिमा मिलने संबंधी दावे के समर्थन में उनके पास कोई प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय परंपराओं और आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मगरमच्छ के बच्चों के जन्म की इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह संकेत है कि क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण अभी भी वन्यजीवों के लिए अनुकूल बना हुआ है। मगरमच्छ जैसे संवेदनशील जीवों का प्रजनन होना पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से सकारात्मक माना जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे वन्यजीवों के प्रति सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखें तथा किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:11:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अयोध्या यात्रा के नाम पर 75 ग्रामीणों से की ठगी, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के रतनपुर में अयोध्या तीर्थ यात्रा के नाम पर 75 ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया। आरोपी पुलिस गिरफ्त में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/police-arrested-the-accused-who-cheated-75-villagers-in-the/article-54120"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ayodhya-pilgrimage-fraud-against-ratanpur-villagers.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अयोध्या तीर्थ यात्रा के नाम पर ग्रामीणों से ठगी होने का मामला सामने आया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इलाके में काफी नाराजगी बढ़ गई है। रतनपुर थाना क्षेत्र के गोंदईया और बछालीखुर्द गांवों के करीब 75 ग्रामीणों ने लाखों रुपये आरोपी को जमा करवाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद वो अचानक गायब हो गया। जब लोगों को शक हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच शुरू होते ही पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से गांवों में जाकर लोगों का विश्वास जीत रहा था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्राम गोंदईया के हेमंत साहू ने ग्रामीणों की ओर से इसकी शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि होरीलाल अनंत उर्फ राज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र का रहने वाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले करीब साल भर से गांव में लगातार संपर्क में था। वह खुद को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताता था। धीरे-धीरे उसने गांव में एक धार्मिक माहौल बनाकर लोगों का विश्वास जीता। गांव के निवासियों का कहना है कि आरोपी अक्सर अयोध्या की बातें करता था और उन्हें राम मंदिर दर्शन का भरोसा देता था। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने यात्रा और सहयोग राशि के नाम पर पैसे वसूलने शुरू कर दिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आरोपी ने प्रति व्यक्ति 1501 रुपये लेकर अयोध्या तीर्थ यात्रा कराने का दावा किया था। ग्राम गोंदईया के 43 लोगों से करीब 64 हजार रुपये और बछालीखुर्द के 32 ग्रामीणों से लगभग 48 हजार रुपये इकट्ठा किए थे। कुल मिलाकर उसने 1 लाख 12 हजार 575 रुपये जुटा लिए। ग्रामीणों ने यह राशि बड़ी मुश्किल से इकट्ठा की थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">; <span lang="hi" xml:lang="hi">कई ने खेती और मजदूरी से बचाए गए पैसे दिए थे ताकि वो एक बार अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर सकें। गांव के कुछ बुजुर्गों ने भी यात्रा के लिए पैसे दिए थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ग्रामीणों के अनुसार यात्रा की तारीख 7 मई 2026 तय की गई थी। शुरुआत में आरोपी लगातार संपर्क में रहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जैसे-जैसे तारीख नजदीक आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका रवैया बदलने लगा। यात्रा के दिन के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह गांव आना भी बंद कर दिया। इससे ग्रामीणों को लगा कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। गांव में इस बात को लेकर चर्चा होने लगी। कुछ लोगों ने आरोपी के घर और आसपास तलाश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। फिर ये मामला थाने पहुंचा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रतनपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया गया। शुरुआती पूछताछ में यह सामने आया कि वह धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देता था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसने दूसरे इलाकों में भी ऐसी ठगी तो नहीं की।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने भरोसे में आकर पैसे दिए थे। कई परिवार अब भी सदमे में हैं क्योंकि उनके लिए यह रकम बहुत बड़ी थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है और वे अब ऐसे मामलों में सतर्क रहने की बात कर रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:04:53 +0530</pubDate>
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