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                <title>Stock Market News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Stock Market News RSS Feed</description>
                
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                <title>सरकारी OFS से कोल इंडिया में हलचल, शेयर 5% लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार 2% हिस्सेदारी बेचकर ₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी में, रिटेल निवेशकों को 29 मई को मिलेगा मौका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stir-in-coal-india-shares-fell-5-from-government-ofs/article-54326"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ofs.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बिक्री (OFS) योजना के तहत कोल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सरकार ने कंपनी में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है, जिसके तहत बाजार से करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस घोषणा के बाद निवेशकों में हलचल बढ़ गई और कंपनी के शेयरों में करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">27 मई को कारोबार के दौरान कोल इंडिया का शेयर 428 रुपये तक फिसल गया, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली और यह 446 रुपये के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि OFS में तय फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होने के कारण निवेशकों ने शुरुआती प्रतिक्रिया में बिकवाली की।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने इस OFS के लिए 412 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो पिछले बंद भाव से लगभग 11.2% कम है। यही कारण रहा कि बाजार में दबाव देखने को मिला। सरकार इस OFS के जरिए 1% बेस ऑफर और अतिरिक्त 1% ओवरसब्सक्रिप्शन के आधार पर हिस्सेदारी बेचने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">OFS प्रक्रिया 27 मई से शुरू होकर 29 मई तक चलेगी। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों के लिए समय तय किया गया है। 27 मई को केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) निवेशक बोली लगा सकेंगे, जबकि 29 मई को रिटेल निवेशकों और नॉन-रिटेल दोनों को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने शुरुआत में 6.16 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे हैं और यदि ओवरसब्सक्रिप्शन होता है तो अतिरिक्त 6.16 करोड़ शेयर भी बेचे जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बिक्री का उद्देश्य सरकारी खजाने को मजबूत करना और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना बताया जा रहा है। भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर लगातार धन जुटा रही है, और कोल इंडिया इसी रणनीति का हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार में गिरावट के बावजूद कंपनी के वित्तीय नतीजे मजबूत बने हुए हैं। मार्च तिमाही (Q4) में कोल इंडिया का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 11% बढ़कर 10,908 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 6% बढ़कर 46,490 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की भी घोषणा की है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5.25 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड प्रस्तावित किया है, जिसे आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी के बाद वितरित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। EBITDA 12% बढ़कर 17,917 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 36% से बढ़कर 39% हो गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी की लाभप्रदता में सुधार हुआ है, भले ही शेयर बाजार में अल्पकालिक दबाव देखा जा रहा हो।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस शेयर पर मिश्रित लेकिन सकारात्मक रुख बनाए रखा है। इलारा कैपिटल ने कोल इंडिया पर अपनी ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 458 रुपये से बढ़ाकर 522 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में यह शेयर स्थिर रिटर्न दे सकता है, खासकर डिविडेंड और मजबूत कैश फ्लो को देखते हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">OFS के दौरान अक्सर ऐसे उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं क्योंकि सरकार द्वारा तय फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होता है, जिससे निवेशक शॉर्ट टर्म प्रेशर में आ जाते हैं। हालांकि यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है और OFS खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा क्षेत्र में इसकी अहम भूमिका है। भारत की बिजली उत्पादन व्यवस्था में कोयले की हिस्सेदारी अभी भी सबसे अधिक है, ऐसे में कंपनी का प्रदर्शन देश की ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के समय में वैश्विक कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव, ऊर्जा मांग में बदलाव और सरकारी विनिवेश नीति ने इस स्टॉक पर असर डाला है। इसके बावजूद कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत बना हुआ है और यह लगातार लाभ कमाने वाली सरकारी कंपनियों में शामिल है। मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि रिटेल निवेशकों के लिए यह OFS एक अवसर भी हो सकता है, क्योंकि सरकार द्वारा तय फ्लोर प्राइस लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से आकर्षक माना जा सकता है। हालांकि अल्पकालिक वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:33:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान डील की खबर से शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक उछला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान डील की खबर से शेयर बाजार में जोरदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 1073 अंक चढ़ा और निफ्टी फिर 24 हजार के पार पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/there-was-a-strong-rise-in-the-stock-market-due/article-54177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/share-market-sensex-nifty.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने काफी जोरदार वापसी की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर कई दिनों की उथल-पुथल और वैश्विक तनाव के बीच। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने निवेशकों का भरोसा फिर से जगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बाजार में दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को और मजबूती दी। खासकर बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 1073 अंक बढ़कर 76,488 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 312 अंक बढ़कर 24,031 तक पहुंच गया। निफ्टी ने कई सत्रों बाद फिर से 24 हजार का स्तर पार किया। जैसे ही बाजार खुला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और दिनभर यही रुख बना रहा। दलाल स्ट्रीट पर माहौल पिछले कुछ दिनों की तुलना में काफी सकारात्मक नजर आया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">निफ्टी के प्रमुख शेयरों में आइशर मोटर्स</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलएंडटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजाज फाइनेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अडानी एंटरप्राइजेज और एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैक्स हेल्थकेयर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओएनजीसी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिंडाल्को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीसीएस और बजाज ऑटो जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार की तेजी केवल बड़े शेयरों तक ही सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मीडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। शुरुआती कारोबार में थोड़ी सावधानी जरूर दिखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान डील की खबरें मजबूत होती गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार में तेजी बढ़ती चली गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के चलते कच्चे तेल की कीमतें निरंतर बढ़ती जा रही थीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ रहा था। अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की बातचीत आगे बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी उम्मीद में ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। इससे निवेशकों को राहत मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि सस्ता कच्चा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे मजबूत होकर 95.23 पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात और बेहतर होते हैं और कच्चे तेल में गिरावट बनी रहती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:08:00 +0530</pubDate>
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