<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/padayatra/tag-15130" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Padayatra - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/15130/rss</link>
                <description>Padayatra RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिग्विजय सिंह का ऐलान: महाकाल से अयोध्या तक करेंगे 1000 किमी पदयात्रा, राम मंदिर चंदे का हिसाब मांगेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[2 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा, कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी; यात्रा को गैर-राजनीतिक बताते हुए सोशल मीडिया से दूरी बनाने की घोषणा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/digvijaya-singh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे की पारदर्शिता को लेकर बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह आगामी 2 अक्टूबर से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या की राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी और इसका उद्देश्य किसी दल या संगठन के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे का सार्वजनिक हिसाब मांगना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान कांग्रेस का प्रचार नहीं किया जाएगा और न ही वे फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे। उनके अनुसार उन्होंने स्वयं भी राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का योगदान दिया था और आज भी उस दान की रसीद तथा चेक की प्रति उनके पास सुरक्षित है। उनका कहना है कि जिन श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया है, उन्हें यह जानने का अधिकार है कि उस धन का उपयोग किस प्रकार किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिग्विजय सिंह ने बताया कि पदयात्रा शुरू होने से पहले वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह लेंगे। उन्होंने कहा कि 5 या 6 जुलाई को वकीलों से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर अदालत में याचिका दायर करने की तैयारी है। उनका कहना है कि न्यायालय से राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित धन का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की मांग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय न्यायालय और जांच प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के प्रति लोगों की आस्था बहुत गहरी होती है, इसलिए आर्थिक मामलों में भी स्पष्टता बनी रहनी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पदयात्रा में उन सभी लोगों का स्वागत होगा जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आम नागरिक को यदि चंदे के उपयोग में पारदर्शिता की अपेक्षा है तो वह इस यात्रा में शामिल हो सकता है। उनके अनुसार यात्रा के दौरान वह अपने साथ दान की रसीद और चेक की प्रतियां भी रखेंगे ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्होंने स्वयं भी इस अभियान में योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने भगवान राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए स्वेच्छा से दान दिया था और ऐसे में यदि चंदे के उपयोग को लेकर कोई सवाल उठते हैं तो उनका समाधान भी पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अदालत में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी साबित होती है तो वह अपना दिया गया चंदा वापस लेकर उसे किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान कर देंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिग्विजय सिंह ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर क्षेत्र में बने एक गेस्ट हाउस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना और उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं पर भी पारदर्शिता होनी चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी सभी संस्थाओं और ट्रस्टों के आर्थिक लेन-देन का समय-समय पर सार्वजनिक विवरण उपलब्ध होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मांग केवल एक ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी धार्मिक ट्रस्टों के लिए समान रूप से पारदर्शिता लागू होनी चाहिए। उन्होंने अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाने की भी घोषणा की, जिस पर लिखा होगा कि "मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।" इसे उन्होंने प्रतीकात्मक संदेश बताया। दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि उनकी पूरी यात्रा शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं बल्कि दानदाताओं के मन में उठ रहे सवालों को उचित मंच पर रखना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/digvijaya-singh.jpg"                         length="120916"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खराब तबीयत के बीच भावुक हुए प्रेमानंद महाराज, बोले- ‘मेरी चिंता छोड़िए, भजन करते रहिए’</title>
                                    <description><![CDATA[प्रेमानंद महाराज ने खराब स्वास्थ्य के बीच भावुक संदेश जारी कर भक्तों से चिंता न करने और भजन-नाम जप में लगे रहने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/premanand-maharaj-became-emotional-amid-ill-health-and-said/article-54218"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/premanand-maharaj-vrindavan-saint-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों खराब सेहत के चलते चर्चा में हैं। उनकी पदयात्रा 17 मई से बंद होने के बाद भक्तों में चिंता की लहर बनी हुई थी। इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेमानंद महाराज ने एक आधिकारिक संदेश जारी किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने भावुकता के साथ भक्तों से अपील की है कि वे उनकी चिंता न करें और भजन-नाम जप में लगे रहें। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के बाद बड़ी संख्या में लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वीडियो में महाराज बेहद शांत नजर आ रहे हैं और उन्होंने धीमी आवाज में कहा कि उन्हें भक्तों की भीड़ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनका स्वस्थ और खुशहाल जीवन चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, “<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं रहूं या न रहूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिलूं या न मिलूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बारे में चिंता मत करो।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भक्तों को राधा रानी के आश्रित रहने और नियमित भजन करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उनकी तबीयत ठीक नहीं रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्राओं से दूरी बना ली है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने अपने संदेश में साफ कहा कि भक्त परेशान न हों और जो सेवा वे कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे जारी रखें। उनके वीडियो में भावनाओं से भरा अंदाज कई भक्तों को छू गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई लोग इसे गुरु-शिष्य के रिश्ते का प्रतीक मान रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि उनका मौन और एकांत केवल व्यक्तिगत साधना नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भक्तों के लिए भी एक साधना का समय है। महाराज ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा जो कुछ भी होना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब जो हो रहा है वह आप सबके लिए है।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान उन्होंने बार-बार नाम जप और भक्ति पर जोर दिया। सुनने में आ रहा है कि उनकी पदयात्रा बंद होने के बाद वृंदावन आने वाले कई श्रद्धालु निराश होकर लौटे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि लोग रोजाना उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में आते थे। इसीलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका यह संदेश भक्तों को सुकून पहुंचाने का एक प्रयास भी माना जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वीडियो वायरल होने के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर भक्त लगातार उनकी जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि महाराज का संदेश सुनकर उनकी आंखें नम हो गईं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रेमानंद महाराज हमेशा भक्ति को दिखावे से ऊपर रखते आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इस बार भी उन्होंने यही बात दोहराई है। इस वक्त उनकी सेहत के बारे में ज्यादा आधिकारिक जानकारी नहीं आई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भक्त लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/premanand-maharaj-became-emotional-amid-ill-health-and-said/article-54218</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/premanand-maharaj-became-emotional-amid-ill-health-and-said/article-54218</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 10:54:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/premanand-maharaj-vrindavan-saint-news.jpg"                         length="119183"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        