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                <title>Bakrid - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बकरीद पर भोपाल में दिखा भाईचारे का माहौल, मस्जिदों में अदा हुई नमाज</title>
                                    <description><![CDATA[ताज-उल-मसाजिद समेत शहरभर की मस्जिदों में जुटे लोग, कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करने की अपील]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/an-atmosphere-of-brotherhood-was-seen-in-bhopal-on-bakrid/article-54378"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bakrid-bhopal.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ताज-उल-मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद समेत कई इलाकों की मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और इंसाफ कायम रहने की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुराने भोपाल से लेकर नए शहर तक सुबह का माहौल पूरी तरह त्योहार के रंग में नजर आया। कई जगह नमाज के लिए लोग तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। ताज-उल-मसाजिद में सुबह करीब 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सौहार्द और समाज में शांति बनाए रखने की दुआ की। नमाज में छोटे बच्चे भी अपने परिवार के साथ शामिल हुए। मस्जिदों के बाहर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नमाज के बाद इमाम ने खास दुआ कराई, जिसमें समाज और देश से जुड़े कई मुद्दों का जिक्र किया गया। दुआ में कहा गया कि मुल्क में इंसाफ का मजबूत निजाम कायम रहे और लोगों के बीच मोहब्बत और भाईचारा बना रहे। साथ ही समाज में फैल रही बुराइयों और नफरत से बचाने की भी दुआ मांगी गई। इमाम ने लोगों से कहा कि देश की तरक्की एकता और भाईचारे से ही संभव है। प्रदेश में खुशहाली, बेरोजगारों को रोजगार और बीमार लोगों को शिफा मिलने की भी दुआ की गई। दीन की खिदमत में लगे लोगों और धार्मिक संस्थाओं की हिफाजत की कामना भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">त्योहार के दौरान प्रशासन और वक्फ बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का भी असर देखने को मिला। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने बकरीद के मौके पर कुर्बानी को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए। खुले स्थानों या सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से बचने की अपील की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कुर्बानी वाले स्थान को चारों तरफ से ढंककर रखा जाए और वहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वक्फ बोर्ड ने लोगों से खास तौर पर सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी तरह की ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट न की जाए, जिससे विवाद की स्थिति बने। प्रशासन ने लोगों से संयम और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की बात कही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के निपटान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि अवशेष खुले में न छोड़ें और इसके लिए नगर निगम के कर्मचारियों से समन्वय बनाए रखें। साफ-सफाई को धार्मिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर के कई इलाकों में सुबह से बाजारों में भी रौनक दिखाई दी। लोग नए कपड़ों में नजर आए और बच्चों ने ईदी मिलने की खुशी जाहिर की। कई परिवारों में रिश्तेदारों और दोस्तों का आना-जाना लगा रहा। घरों में पारंपरिक पकवान और खाने-पीने की तैयारी भी की गई। दिनभर लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर त्योहार की बधाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी कई जगह नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने बताया कि पूरे शहर में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया और कहीं से किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">बकरीद के मौके पर भोपाल में जिस तरह लोगों ने आपसी भाईचारे और शांति का संदेश दिया, उसने त्योहार की असली भावना को फिर सामने रखा। नमाज और दुआओं के बीच लोगों ने मुल्क में अमन और इंसाफ कायम रहने की उम्मीद जताई। त्योहार के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए लोगों ने जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 09:57:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बकरीद की तारीख पर कन्फ्यूजन? यहां जानें 27 या 28 मई कब है ईद अल-अधा</title>
                                    <description><![CDATA[बकरीद 2026 की तारीख को लेकर भ्रम खत्म हो गया है। देश के ज्यादातर राज्यों में 28 मई को ईद अल-अधा मनाई जाएगी, जबकि जम्मू-कश्मीर में 27 मई को त्योहार होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/confusion-on-the-date-of-bakrid-know-here-when-is/article-54238"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bakrid-eid-al-adha-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईद अल-अधा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हम बकरीद के नाम से भी जानते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बार देशभर में काफी कन्फ्यूज़न की वजह बन गया था। कहीं </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई की बात चल रही थी तो कहीं लोग </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को मनाने की चर्चा कर रहे थे। असल में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये पूरा माजरा धुल-हिज्जा के चांद से जुड़ा रहा। कई राज्यों में तय समय पर चाँद नजर नहीं आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद धार्मिक संगठनों और स्थानीय समितियों ने तारीख में बदलाव का ऐलान किया। अब तो ज्यादातर राज्यों में </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को बकरीद मनाए जाने की पुष्टि हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जम्मू-कश्मीर में स्थानीय परंपरा के अनुसार </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को ही ईद अल-अधा मनाई जाएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बार चाँद दिखने को लेकर अलग-अलग जगहों पर हालात भिन्न थे। कुछ स्थानों पर धुल-हिज्जा का चाँद नजर नहीं आया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे महीने की शुरुआत एक दिन आगे मानी गई। यही कारण था कि पहले से घोषित छुट्टियों और त्योहार की तारीखों में बदलाव करना पड़ा। दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार और राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में अब </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। कई सरकारी विभागों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालतों और निजी संस्थानों ने भी संशोधित अवकाश सूची जारी की है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बात करें जम्मू-कश्मीर की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वहाँ की स्थानीय धार्मिक समितियों ने चाँद दिखने की पुष्टि के आधार पर पहले से तय </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई की तारीख को बरकरार रखा है। भारत में अक्सर ईद और बकरीद अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दिनों में मनाई जाती हैं। इसका कारण स्थानीय चाँद देखने की परंपरा और धार्मिक बोर्डों के भिन्न फैसले होते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। सोशल मीडिया पर भी तारीख को लेकर चर्चा चलती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई लोगों ने मजाक करते हुए लिखा कि चाँद ने आखिरी वक्त में सब कुछ बदल दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब जब तारीख साफ हो गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है। पशु बाजारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कपड़ों की दुकानों और मिठाई के बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है। दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल और अन्य बड़े शहरों में कुर्बानी के जानवरों की खरीददारी तेज़ हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि शुरुआत में लोगों में कन्फ्यूज़न था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब त्योहार की तैयारी जोर पकड़ रही है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईद अल-अधा को त्याग और कुर्बानी का पर्व माना जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता है और कुर्बानी की रस्म निभाता है। साथ ही जरूरतमंदों में खाना और मदद बांटने की परंपरा भी निभाई जाती है। धार्मिक जानकारों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह त्योहार सिर्फ धार्मिक रस्म नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इंसानियत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बराबरी और त्याग का संदेश भी देता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:48:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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