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                <title>ChatGPT - दैनिक जागरण</title>
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                <description>ChatGPT RSS Feed</description>
                
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                <title>ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी जानकारी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/apples-big-lawsuit-against-openai-accused-of-trade-secret-theft/article-58482"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pakistan-fuel-price-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">एप्पल और ओपनएआई के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा अब कानूनी लड़ाई तक पहुंच गई है। अमेरिकी टेक कंपनी एप्पल ने ओपनएआई, उसके सहयोगी संस्थानों और अपने दो पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया स्थित जिला न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि उसके पूर्व कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ने से पहले एप्पल की गोपनीय और संवेदनशील तकनीकी जानकारी हासिल की और बाद में उसका इस्तेमाल ओपनएआई के उपभोक्ता हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में किया गया। एप्पल का कहना है कि यह केवल कर्मचारियों द्वारा जानकारी साथ ले जाने का मामला नहीं है, बल्कि कंपनी के व्यापारिक रहस्यों, उत्पाद विकास और सप्लाई चेन से जुड़ी रणनीतिक जानकारी के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला है। इस घटनाक्रम ने तकनीकी जगत में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि दोनों कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उपभोक्ता तकनीक के क्षेत्र में प्रमुख प्रतिस्पर्धी मानी जाती हैं। मुकदमे में एप्पल ने अदालत से मामले की विस्तृत जांच और गोपनीय जानकारी के कथित उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। दूसरी ओर, मुकदमा दायर किए जाने तक ओपनएआई की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।</p>
<p>एप्पल की शिकायत में पूर्व वरिष्ठ सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चांग लियू और आईफोन तथा एप्पल वॉच के पूर्व उपाध्यक्ष (प्रोडक्ट डिजाइन) टैंग यू टैन का नाम शामिल किया गया है। कंपनी का आरोप है कि चांग लियू ने नौकरी छोड़ते समय कंपनी का आधिकारिक लैपटॉप वापस नहीं किया और बाद में एक प्रमाणीकरण संबंधी तकनीकी खामी का कथित फायदा उठाकर एप्पल के आंतरिक नेटवर्क तक पहुंच बनाई। शिकायत के अनुसार उन्होंने हार्डवेयर से जुड़ी कई गोपनीय फाइलें डाउनलोड कीं। वहीं टैंग यू टैन पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी छोड़ने से पहले एप्पल के आपूर्तिकर्ताओं, निर्माण प्रक्रियाओं और उद्योग से जुड़ी आंतरिक जानकारी स्वयं को ईमेल की। एप्पल का यह भी दावा है कि उन्होंने कुछ कर्मचारियों को ओपनएआई में इंटरव्यू के दौरान कंपनी के हार्डवेयर या पुर्जे साथ लाने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें दिखाया जा सके। शिकायत में एक कथित घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर कहा कि उसे यह पता ही नहीं था कि कार्यालय से ऐसे उपकरण बाहर ले जाए जा सकते हैं। एप्पल का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां कंपनी के बौद्धिक संपदा अधिकारों और व्यापारिक गोपनीयता का उल्लंघन हैं। मुकदमे में ओपनएआई फाउंडेशन, ओपनएआई ग्रुप पीबीसी और आईओ प्रोडक्ट्स को भी प्रतिवादी बनाया गया है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>
<p>एप्पल ने अदालत में यह भी कहा है कि वर्तमान में ओपनएआई में उसके 400 से अधिक पूर्व कर्मचारी काम कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि केवल पूर्व कर्मचारियों की मौजूदगी किसी संगठन को एप्पल के व्यापारिक रहस्यों का उपयोग करने का अधिकार नहीं देती। शिकायत के अनुसार ओपनएआई के कुछ कर्मचारियों ने एप्पल के आपूर्तिकर्ताओं से भी गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने की कोशिश की। एप्पल का दावा है कि एक आपूर्तिकर्ता से कथित तौर पर ऐसी विशेष धातु फिनिशिंग तकनीक का उपयोग कराया गया, जिसे एप्पल अपनी गोपनीय निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा मानता है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष ओपनएआई ने पूर्व एप्पल डिजाइनर जॉनी आइव द्वारा स्थापित हार्डवेयर स्टार्टअप io Products का 6.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था। इस सौदे को ओपनएआई के सॉफ्टवेयर से आगे बढ़कर उपभोक्ता हार्डवेयर बाजार में प्रवेश की बड़ी रणनीति के रूप में देखा गया था। हालांकि जॉनी आइव का नाम इस मुकदमे में शामिल नहीं किया गया है। एप्पल और ओपनएआई के बीच तनाव पिछले कई महीनों से बढ़ रहा था। एप्पल का दावा है कि उसने फरवरी में ओपनएआई को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था और बातचीत की इच्छा जताई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियां हाल तक साझेदार भी रही हैं। वर्ष 2024 में एप्पल ने अपने "Apple Intelligence" फीचर के साथ ChatGPT को सिरी और अन्य सेवाओं में एकीकृत किया था, जिससे आईफोन उपयोगकर्ताओं को सीधे चैटजीपीटी की सुविधाएं मिलने लगी थीं। इसके बावजूद एआई तकनीक, प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भर्ती और नए हार्डवेयर उत्पादों की होड़ ने दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को तेज कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 13:27:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>क्या युवा अब दोस्तों से ज्यादा ChatGPT पर करने लगे हैं भरोसा?</title>
                                    <description><![CDATA[AI चैटबॉट्स से बढ़ती बातचीत केवल तकनीक का प्रभाव नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली, अकेलेपन, गोपनीयता और बिना जजमेंट के सुने जाने की चाह का भी संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/opinion/have-youth-now-started-trusting-chatgpt-more-than-friends/article-57470"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ai-and-youth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों के काम करने, सीखने और जानकारी हासिल करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन अब एक नया बदलाव भी तेजी से देखने को मिल रहा है। कई युवा केवल पढ़ाई, नौकरी या जानकारी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी भावनाएं, उलझनें, रिश्तों की समस्याएं और जीवन से जुड़े सवाल भी ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स से साझा कर रहे हैं। यह सवाल अब अक्सर उठने लगा है कि क्या आज की युवा पीढ़ी इंसानों से ज्यादा AI के साथ अपने मन की बात करने में सहज महसूस करती है? इसका जवाब पूरी तरह "हां" या "नहीं" में देना आसान नहीं है, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि AI ने युवाओं के लिए संवाद का एक नया माध्यम तैयार किया है। इसके पीछे कई सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी कारण हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बिना जजमेंट के अपनी बात कहने की आजादी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज का युवा सबसे ज्यादा जिस चीज की तलाश में है, वह है ऐसा व्यक्ति या माध्यम जो उसकी बात बिना टोके, बिना आलोचना किए और बिना किसी पूर्वाग्रह के सुने। कई बार परिवार, दोस्त या रिश्तेदार सलाह देने से पहले ही निर्णय सुना देते हैं। इससे कई युवा अपनी भावनाएं दबाकर रखना बेहतर समझते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">AI के साथ बातचीत में उन्हें ऐसा महसूस होता है कि उनकी बात को बिना किसी व्यक्तिगत राय के सुना जा रहा है। यही कारण है कि वे कई बार ऐसी बातें भी लिख देते हैं, जो शायद किसी करीबी से कहने में हिचकिचाते।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गोपनीयता का एहसास</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल युग में प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। युवाओं को अक्सर यह चिंता रहती है कि कहीं उनकी निजी बातें किसी और तक न पहुंच जाएं। AI के साथ बातचीत करते समय उन्हें अपेक्षाकृत अधिक गोपनीयता का अनुभव होता है। यही वजह है कि वे रिश्तों, करियर, आत्मविश्वास, तनाव या भविष्य से जुड़े सवाल खुलकर पूछते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, यह भी जरूरी है कि उपयोगकर्ता किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक संवेदनशील या व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हर समय उपलब्ध रहने की सुविधा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इंसानी रिश्तों की अपनी सीमाएं होती हैं। हर दोस्त, परिवार का सदस्य या सलाहकार हर समय उपलब्ध नहीं हो सकता। लेकिन AI दिन हो या रात, किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रात के दो बजे अगर कोई छात्र परीक्षा के तनाव में हो या कोई युवा अपने करियर को लेकर परेशान हो, तो उसे तुरंत बातचीत का अवसर मिल जाता है। यही सुविधा AI को अलग बनाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल पीढ़ी की नई आदतें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज की पीढ़ी बचपन से ही इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बीच बड़ी हुई है। उनके लिए चैट करके अपनी बात कहना कई बार आमने-सामने बातचीत से भी आसान होता है। यही वजह है कि AI के साथ संवाद उन्हें स्वाभाविक लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह केवल तकनीक की आदत नहीं, बल्कि बदलती संचार शैली का भी हिस्सा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्या AI सचमुच दोस्त बन सकता है?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। AI बातचीत कर सकता है, जानकारी दे सकता है, विचारों को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है और कई बार प्रेरित भी कर सकता है। लेकिन वह इंसान की तरह भावनाओं को महसूस नहीं करता।</p>
<p style="text-align:justify;">AI के पास न व्यक्तिगत अनुभव होते हैं और न ही वास्तविक संवेदनाएं। वह आपके शब्दों को समझने की कोशिश करता है, लेकिन आपके जीवन को उसी तरह महसूस नहीं कर सकता, जैसे कोई करीबी मित्र या परिवार का सदस्य कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए AI को एक सहायक संवाद माध्यम माना जा सकता है, लेकिन वास्तविक रिश्तों का विकल्प नहीं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में AI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। कई लोग शुरुआती स्तर पर अपनी चिंता, तनाव या भावनात्मक उलझनों को समझने के लिए AI से बातचीत करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आत्मचिंतन और अपनी भावनाओं को शब्द देने में मददगार हो सकता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से अवसाद, अत्यधिक चिंता, आत्महत्या के विचार या गंभीर मानसिक परेशानी हो, तो केवल AI पर निर्भर रहना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक या भरोसेमंद व्यक्ति से संपर्क करना आवश्यक होता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्या युवा रिश्तों से दूर हो रहे हैं?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कई लोगों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग से इंसानी रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। लेकिन इसे पूरी तरह सही नहीं कहा जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">असल में युवा ऐसे माहौल की तलाश में हैं जहां उन्हें बिना डर, बिना शर्म और बिना आलोचना के अपनी बात रखने का अवसर मिले। यदि परिवार, मित्र और समाज ऐसा सुरक्षित वातावरण प्रदान करें, तो शायद AI केवल एक सहायक माध्यम बनकर रह जाएगा, मुख्य सहारा नहीं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भविष्य में क्या होगा?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आने वाले समय में AI और इंसानी रिश्ते एक-दूसरे के विरोधी नहीं होंगे। AI जानकारी, मार्गदर्शन, योजना बनाने और शुरुआती भावनात्मक सहायता में उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं, जीवन की वास्तविक खुशियां, अपनापन, विश्वास, प्रेम और कठिन समय में साथ केवल इंसानी रिश्ते ही दे सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीक जितनी भी विकसित हो जाए, एक सच्चे दोस्त की मुस्कान, माता-पिता का स्नेह, भाई-बहन का साथ या किसी प्रिय व्यक्ति का हौसला आज भी किसी मशीन से कहीं अधिक मूल्यवान है।</p>
<p style="text-align:justify;">AI ने युवाओं को अपनी बात कहने का एक नया और सुविधाजनक मंच दिया है। बिना जजमेंट के बातचीत, हर समय उपलब्धता और डिजिटल सहजता इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि AI इंसानी भावनाओं का विकल्प नहीं बन सकता। सबसे बेहतर रास्ता यही है कि AI का उपयोग सीखने, समझने और आत्मचिंतन के लिए किया जाए, जबकि जीवन के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों को भी उतना ही समय और महत्व दिया जाए। आखिरकार, तकनीक सुविधा दे सकती है, लेकिन अपनापन, विश्वास और सच्चा साथ आज भी इंसानों से ही मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/opinion/have-youth-now-started-trusting-chatgpt-more-than-friends/article-57470</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 00:00:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर ने बनाया AI प्लेटफॉर्म, ChatGPT-जेमिनाई से बताया बेहतर</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर गौरव तिवारी ने “जेमिनाई GT” नाम का AI प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा किया है, जो 8K इमेज जनरेट कर रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/retired-professor-of-raipur-created-ai-platform-chatgpt-said-it/article-54252"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/professor-from-raipur-develops-new-ai-platform.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने एक ऐसा </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">AI <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लेटफॉर्म बनाने का दावा किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो टेक सेक्टर में काफी चर्चा का विषय बन गया है। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर गौरव तिवारी ने अपना </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम नाम </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">जेमिनाई </span>GT” <span lang="hi" xml:lang="hi">रखा है। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म कई मामलों में </span>ChatGPT <span lang="hi" xml:lang="hi">और गूगल जेमिनाई जैसे बड़े </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">टूल्स से आगे है। खास बात ये है कि यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में </span>8K <span lang="hi" xml:lang="hi">रिजॉल्यूशन की हाई-क्वालिटी इमेज तैयार कर रहा है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह प्लेटफॉर्म बीटा फेज में है और इसे सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती ट्रायल में लगभग </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार यूजर्स ने इसे इस्तेमाल किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अचानक सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गौरव तिवारी आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में काफी समय से सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि इस </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">AI <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लेटफॉर्म को विकसित करने में करीब दो साल का वक्त लगा। उनके मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह प्लेटफॉर्म सिर्फ चैटिंग या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह वेबसाइट डिजाइनिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोबाइल ऐप डेवलपमेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो और फोटो एन्हांसमेंट से लेकर एडवांस </span>3D <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजाइनिंग तक काफी काम कर सकता है। उनका दावा है कि अगर कोई यूजर केवल टेक्स्ट में अपनी जरूरत लिख देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">खुद ही वेबसाइट का डिजाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलर थीम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बटन और मोबाइल फ्रेंडली लेआउट तैयार कर देगा। इसका मतलब है कि जिन्हें कोडिंग की जानकारी नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे भी आसानी से बेसिक वेबसाइट और ऐप बना सकेंगे। बताया गया है कि इंटरफेस भी काफी यूजर-फ्रेंडली है ताकि सामान्य यूजर्स बिना ज्यादा तकनीकी ज्ञान के भी इसका इस्तेमाल कर सकें।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जेमिनाई </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">GT <span lang="hi" xml:lang="hi">की </span>8K <span lang="hi" xml:lang="hi">इमेज जनरेशन क्षमता ने काफी ध्यान खींचा है। गौरव कहते हैं कि मौजूदा कई </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">टूल्स अधिक उपयोग के बाद गड़बड़ियां दिखाना शुरू कर देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे चेहरे बिगड़ना या तस्वीरों में असामान्य खामियां आना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उनका सिस्टम लगातार इस्तेमाल के बाद भी स्थिर क्वालिटी बनाए रखता है। शुरुआती डेमो में कुछ हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें भी दिखाई गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हुई हैं। उनका यह भी दावा है कि प्लेटफॉर्म </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक भाषाओं में कंटेंट तैयार कर सकता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी इसके सभी फीचर्स आम लोगों के लिए ओपन नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे आने वाले समय में सब्सक्रिप्शन मॉडल पर लॉन्च किया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अलग-अलग फीचर्स के लिए अलग प्लान उपलब्ध होंगे। टेक एक्सपर्ट्स इस दावे को लेकर उत्सुकता दिखा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बड़े </span>AI <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लेटफॉर्म को टक्कर देने की असली तस्वीर इसके फुल लॉन्च के बाद ही साफ होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:28:11 +0530</pubDate>
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