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                <title>Encroachment Removal - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Encroachment Removal RSS Feed</description>
                
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                <title>10 लेन सड़क परियोजना में पुनर्वास को प्राथमिकता, कोई परिवार बेघर नहीं होगा</title>
                                    <description><![CDATA[नयापुरा सेंट्रल जेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावितों को वैकल्पिक भूमि देने के निर्देश, मंत्री विश्वास सारंग ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/rehabilitation-will-be-given-priority-in-10-lane-road-project/article-56284"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-10-lane-road-project.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप सड़क निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी के दौरान बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी गरीब परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि 10 लेन सड़क परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हालांकि सड़क निर्माण की जद में आने वाले कई परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति बन रही थी। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी थी। इसी के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को हटाने की जल्दबाजी नहीं की जाए। उनका कहना था कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उन्हें अचानक असुविधा में नहीं डाला जा सकता। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक नई जगह बसाया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से हो और लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए। साथ ही एनएचएआई और प्रशासन मिलकर सामान के स्थानांतरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए जिससे उसकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई या दैनिक जीवन प्रभावित हो।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र के लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कई परिवारों ने बताया कि वे लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे हैं और यदि उन्हें दूर बसाया गया तो रोजगार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस पर मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। उनका मानना है कि पुनर्वास केवल जमीन देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सड़क परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। इससे आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। लेकिन इसके साथ ही पुनर्वास की प्रक्रिया को संवेदनशील और मानवीय तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर, हुजूर तहसील के अंतर्गत आने वाले कोल्हूखेड़ी और मीरपुर क्षेत्र में भी प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में चल रही इन कार्रवाइयों को लेकर प्रशासन का कहना है कि विकास परियोजनाओं और शासकीय भूमि संरक्षण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया किस तरह लागू होती है और प्रभावित परिवारों को कब तक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायसेन रोड चौड़ीकरण के लिए बड़ी कार्रवाई, 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाईं</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में सड़क विस्तार और ब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान, 40 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन कराई गई मुक्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a23e25e3b884/article-55100"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल के रायसेन रोड पर शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह शुरू हुए अभियान के दौरान 70 दुकानों और 42 झुग्गियों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और प्रस्तावित ब्रिज निर्माण के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वहीं दूसरी तरफ प्रभावित लोगों और कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई है। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह कार्रवाई पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती क्षेत्र में की गई। ग्लोबल स्किल पार्क के सामने सड़क के दोनों ओर वर्षों से बने अस्थायी और स्थायी ढांचे सड़क विस्तार में बाधा बन रहे थे। प्रशासन के अनुसार कई बार नोटिस जारी करने और समझाइश के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार सुबह जेसीबी मशीनों और नगर निगम के अमले के साथ टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। कुछ परिवारों ने घरों से घरेलू सामान निकालने में जल्दबाजी दिखाई, जबकि कई दुकानदार अपने व्यवसाय से जुड़ी सामग्री को बचाने में लगे रहे। सुबह से दोपहर तक चले अभियान में कच्चे और पक्के दोनों तरह के निर्माण हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए निर्धारित क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि जिस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, उसका बाजार मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपए से अधिक है। प्रशासन के अनुसार करीब चार हजार वर्ग मीटर यानी लगभग 43 हजार वर्गफीट भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी और सड़क विकास परियोजना के अंतर्गत आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क और नए ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायसेन रोड भोपाल के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल है। यहां बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण सड़क चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में इस मार्ग पर जाम की स्थिति आम बात हो गई है। प्रशासन का दावा है कि सड़क विस्तार और पुल निर्माण के बाद यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि कार्रवाई को लेकर विरोध के स्वर भी सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना हटाया गया है। विरोध जताने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पुनर्वास नीति लागू करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की। कुछ स्थानीय नेताओं ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय पार्षद जीत राजपूत ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक था तो पहले प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी, उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की ठोस योजना लागू करने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाना प्रशासनिक जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर संबंधित विभागों के स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रायसेन रोड पर हुई इस कार्रवाई ने विकास और पुनर्वास के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर प्रशासन सड़क चौड़ीकरण को शहर की जरूरत बता रहा है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में रेलवे की जमीन से हटाईं 84 झुग्गियां, 7.5 करोड़ की जमीन मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे अन्नू नगर में दिनभर चली कार्रवाई, प्रशासन ने अवैध कब्जों पर चलाया बुलडोजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/84-slums-removed-from-railway-land-in-bhopal-land-worth/article-54271"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-encroachment-removal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई। यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे स्थित अन्नू नगर इलाके में रेलवे, जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने करीब 84 झुग्गियों को हटाया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कब्जों को तोड़ा गया और लगभग 4200 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए आंकी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई सुबह से शुरू हुई और पूरे दिन चली। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब यहां अतिक्रमण हटाया गया हो। करीब तीन साल पहले भी इसी इलाके से झुग्गियां हटाई गई थीं, लेकिन बाद में दोबारा कब्जा शुरू हो गया। जांच में सामने आया कि पिछले छह महीनों के दौरान रेलवे की जमीन पर तेजी से झुग्गियां खड़ी कर दी गईं। धीरे-धीरे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण फैल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कई कब्जाधारियों के पास पहले से मकान या अन्य झुग्गियां मौजूद थीं। इसके बावजूद रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर झुग्गियों को किराए पर चढ़ाया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक कई लोगों ने इन झुग्गियों को दो से तीन हजार रुपए महीने के किराए पर दे रखा था। कार्रवाई के दौरान कुछ झुग्गियों में फैब्रिकेशन से जुड़ा सामान और अन्य सामग्री भी मिली। कई झोपड़ियों का इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कमाई का पूरा नेटवर्क तैयार हो गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दोबारा बढ़ा अतिक्रमण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेलवे प्रशासन के मुताबिक निशातपुरा फाटक से रेलवे लाइन किनारे फेंसिंग का काम शुरू किया गया था ताकि अतिक्रमण रोका जा सके। हालांकि अन्नू नगर क्षेत्र तक पहुंचते-पहुंचते यह काम रुक गया। इसी का फायदा उठाकर दोबारा झुग्गियां बस गईं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अब पूरे क्षेत्र में दोबारा फेंसिंग की जाएगी ताकि भविष्य में अवैध कब्जे न हो सकें। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार रेलवे की जमीन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नए कब्जों को शुरुआती स्तर पर ही हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पुनर्वास पर उठे सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद पुनर्वास का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गैस पीड़ित संगठन की कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने आरोप लगाया कि बिना उचित पुनर्वास के लोगों को हटाना गलत है। उनका कहना है कि पिछली कार्रवाई के बाद भी कई परिवारों को स्थायी आवास नहीं मिल पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी स्पष्ट योजना बनानी चाहिए। सामाजिक संगठनों का कहना है कि कई परिवार वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना हटाने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस देने और चेतावनी के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए थे। साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि कई लोग जरूरत के बजाय व्यावसायिक लाभ के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 10:24:57 +0530</pubDate>
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