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                <title>Coaching Centres - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रायपुर में कोचिंग सेंटरों के बाद अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[शासन के निर्देश के बाद फायर सेफ्टी अभियान तेज, बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा इंतजामों की होगी सघन जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/after-coaching-centers-in-raipur-now-malls-and-commercial-buildings/article-57130"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-fire-safety.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने अब सख्ती और बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से शहर के कोचिंग संस्थानों की जांच कर रही संयुक्त टीम अब बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, शॉपिंग मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण करेगी। जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीमों को शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि जहां भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजधानी के कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस अभियान के दायरे में आएंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के 19 जून को जारी आदेश के बाद शुरू हुई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता से जांच की जाए। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में ऐसे संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसी वजह से सबसे पहले कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू किया गया था। प्रशासन का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होगी। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नोटिस जारी करने के साथ-साथ जुर्माना और नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह चालू होना चाहिए। इमरजेंसी निकासी मार्ग साफ और उपयोग योग्य होना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा अलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, लिफ्ट सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की भी विस्तार से जांच की जाएगी।शासन ने राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भवन मालिकों और संस्थानों को नियमित रूप से फायर ऑडिट कराना होगा और सभी सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने होंगे। इसके साथ ही लोगों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय निकायों को सौंपी गई है। पिछले तीन दिनों की कार्रवाई में कई कोचिंग संस्थानों की जांच की जा चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><br />पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। जांच में चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं इम्पैक्ट कोचिंग में आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। CLAT कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। इन तीनों संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तीसरे दिन नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि शहर की सभी प्रमुख सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब प्रशासन का पूरा फोकस शहर के बड़े मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टोरी कमर्शियल बिल्डिंग और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों पर रहेगा। इन स्थानों पर हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर हादसे की वजह बन सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले भवन संचालकों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। लगातार चल रही इस कार्रवाई को राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि सभी संस्थान समय रहते अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेते हैं तो संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:07:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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