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                <title>Divya Deshmukh - दैनिक जागरण</title>
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                <title>नॉर्वे चेस में भारतीय खिलाड़ियों की दमदार वापसी, प्रज्ञानानंदा-गुकेश जीते</title>
                                    <description><![CDATA[7वें राउंड में भारत ने दिखाई मजबूती, दिव्या देशमुख ने हम्पी को हराकर बढ़ाई खिताबी उम्मीदें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/strong-comeback-of-indian-players-in-norway-chess-praggnananda-gukesh-won/article-54773"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/norway-chess.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने छठे राउंड की निराशा को पीछे छोड़ते हुए सातवें राउंड में शानदार वापसी की। सोमवार देर रात खेले गए मुकाबलों में आर. प्रज्ञानानंदा और वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, जबकि महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने कोनेरू हम्पी को हराकर खिताबी दौड़ को और रोमांचक बना दिया। एक दिन पहले सभी भारतीय खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस राउंड में प्रदर्शन ने फिर से उम्मीदें जगा दीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ओपन कैटेगरी में आर. प्रज्ञानानंदा ने फ्रांस के मजबूत ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा को मात दी। सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत से ही संतुलित और आक्रामक रणनीति अपनाई। 26वीं चाल के बाद उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली और फिरोजा को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा के कुल 9 अंक हो गए हैं और वह टॉप ग्रुप में मजबूती से बने हुए हैं। उनकी यह जीत न केवल स्कोरबोर्ड पर महत्वपूर्ण रही बल्कि आत्मविश्वास के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। दूसरी तरफ, वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो के खिलाफ मुकाबले में संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। क्लासिकल गेम में वह जीत के करीब पहुंचे लेकिन अंतिम चरण में मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालांकि टाईब्रेक में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की और 1.5 अंक हासिल किए। गुकेश के अब कुल 8 अंक हो चुके हैं। भले ही वह ओपन कैटेगरी में फिलहाल नीचे की ओर हैं, लेकिन उनकी यह टाईब्रेक जीत उनके आक्रामक खेल और दबाव में वापसी की क्षमता को दर्शाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला वर्ग में भारत के लिए दिन और भी खास रहा, जहां दिव्या देशमुख ने कोनेरू हम्पी को हराकर बड़ी सफलता हासिल की। यह मुकाबला टाईब्रेक तक गया, जहां दिव्या ने आर्मागेडन में बाजी मार ली। इस जीत के बाद उनके 10 अंक हो गए हैं और वह खिताब की दौड़ में मजबूती से बनी हुई हैं। हालांकि कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा अब भी 12.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, लेकिन दिव्या की जीत ने प्रतियोगिता को रोमांचक बना दिया है। प्रज्ञानानंदा और गुकेश की जीत के साथ भारतीय कैंप में उत्साह का माहौल लौट आया है। खासकर छठे राउंड में सभी खिलाड़ियों की हार के बाद यह वापसी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उतार-चढ़ाव भरी प्रतियोगिता में मानसिक मजबूती ही असली अंतर पैदा करती है, और भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि वे दबाव में भी वापसी करने की क्षमता रखते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ओपन वर्ग में वेस्ली सो 12.5 अंकों के साथ अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं। उनके बाद अलीरेजा फिरोजा 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं प्रज्ञानानंदा, मैग्नस कार्लसन और विन्सेंट कीमर 9-9 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर चल रहे हैं। यह स्थिति आने वाले राउंड्स को और भी रोमांचक बना रही है क्योंकि टॉप स्थानों पर अंतर बेहद कम है। महिला वर्ग में भी स्थिति काफी दिलचस्प बनी हुई है। बिबिसारा असाउबायेवा ने चीन की झू जिनर को हराकर अपनी बढ़त मजबूत की है। उनके 12.5 अंक हैं और वह शीर्ष पर हैं। दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि अन्य खिलाड़ी भी खिताबी दौड़ में बने हुए हैं। अगला मुकाबला विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि दिव्या और बिबिसारा के बीच सीधा टकराव टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकता है।</p>
<p>भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे विश्व स्तर पर लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। चाहे प्रज्ञानानंदा की रणनीतिक जीत हो या गुकेश की टाईब्रेक में वापसी, दोनों ने साबित किया है कि भारतीय शतरंज अब स्थिरता और आत्मविश्वास के नए स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं दिव्या देशमुख की लगातार बढ़त महिला शतरंज में भारत की मजबूत मौजूदगी को दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:44:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा का कमाल, कार्लसन को हराकर रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दुनिया के नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में दी मात, गुकेश लगातार दूसरे दौर में हारे जबकि दिव्या देशमुख ने महिला वर्ग में शानदार जीत दर्ज की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/praggnanandhas-feat-creates-history-by-defeating-carlsen-in-norway-chess/article-54417"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/norway-chess-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>नॉर्वे चेस 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। बुधवार को टूर्नामेंट में सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला, जब भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और सात बार के चैंपियन मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में हरा दिया। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने न केवल तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि टूर्नामेंट की अंक तालिका में भी मजबूत स्थिति बना ली। दूसरी ओर मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को लगातार दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बिबिसारा असाउबायेवा को हराकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया।</p>
<p>नॉर्वे चेस के इस मुकाबले पर दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों की नजर थी, क्योंकि कार्लसन अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे थे। शुरुआत से ही मुकाबला बेहद संतुलित नजर आया। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआती चालों में काफी सतर्कता दिखाई, लेकिन मध्य खेल में प्रज्ञानानंदा ने बेहतरीन रणनीति के जरिए कार्लसन पर दबाव बनाना शुरू किया। समय कम होने के दौरान मैच और ज्यादा रोमांचक हो गया। आखिरकार भारतीय खिलाड़ी ने शानदार धैर्य दिखाते हुए कार्लसन को मात दे दी।</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को क्लासिकल फॉर्मेट में हराया हो। इससे पहले भी वह नॉर्वे चेस 2024 में कार्लसन को पराजित कर चुके हैं। लगातार दूसरी बार दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को हराना भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर के आत्मविश्वास और तेजी से बढ़ते स्तर को दिखाता है। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने कहा कि मुकाबला बेहद करीबी था और टाइम स्क्रैम्बल में नतीजा किसी भी दिशा में जा सकता था। उन्होंने माना कि कार्लसन जैसे खिलाड़ी के खिलाफ हर चाल पर दबाव महसूस होता है, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा।</p>
<p>इस जीत के बाद प्रज्ञानानंदा 4.5 अंक के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं मैग्नस कार्लसन इस हार के बाद छह खिलाड़ियों की तालिका में सबसे नीचे चले गए हैं। कार्लसन के लिए यह टूर्नामेंट अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। लगातार खराब नतीजों ने उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि अभी टूर्नामेंट में कई मुकाबले बाकी हैं।</p>
<p>दूसरी तरफ भारतीय विश्व चैंपियन डी गुकेश की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ उनका मुकाबला लगभग पांच घंटे तक चला। क्लासिकल गेम ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन टाईब्रेकर में फिरोजा ने बाजी मार ली। इस हार के बाद गुकेश की टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार दर्ज हुई। युवा भारतीय खिलाड़ी इस समय 3.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं।</p>
<p>फिरोजा इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। खास बात यह रही कि चोटिल होने के बावजूद उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। मुकाबले के बाद वह व्हीलचेयर और मून बूट में दिखाई दिए, लेकिन इसका असर उनके खेल पर नहीं पड़ा। लगातार जीत के दम पर उन्होंने 7.5 अंक के साथ टूर्नामेंट में अपनी बढ़त मजबूत कर ली है। गुकेश के लिए आने वाला दौर और भी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि अगले मुकाबले में उनका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा। शतरंज प्रशंसकों की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई है।</p>
<p>महिला वर्ग में भारत की युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन में हराकर बड़ी जीत दर्ज की। यह दिव्या की लगातार तीसरी टाईब्रेकर जीत रही। इस जीत के बाद वह 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। दिव्या का आत्मविश्वास और दबाव में खेलने की क्षमता उन्हें इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत खिलाड़ियों में शामिल कर रही है। वहीं भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को अन्ना मुजिचुक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हम्पी फिलहाल दो अंक के साथ तालिका में आखिरी स्थान पर हैं। हालांकि टूर्नामेंट अभी बाकी है और उनके पास वापसी का मौका रहेगा।</p>
<p>नॉर्वे चेस टूर्नामेंट का यह सीजन भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रज्ञानानंदा, गुकेश और दिव्या जैसे युवा खिलाड़ी लगातार दुनिया के बड़े नामों को चुनौती दे रहे हैं। खास तौर पर प्रज्ञानानंदा की जीत ने भारतीय शतरंज जगत में नई ऊर्जा भर दी है। कम उम्र में जिस तरह उन्होंने कार्लसन जैसे दिग्गज को दो बार हराया है, उससे उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा है।</p>
<p>टूर्नामेंट में आर्मगेडन फॉर्मेट भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। शतरंज में आर्मगेडन एक सडन-डेथ टाईब्रेकर होता है, जिसमें ड्रॉ की कोई संभावना नहीं रहती। क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ होने पर परिणाम निकालने के लिए यह फॉर्मेट अपनाया जाता है। इस प्रारूप में खिलाड़ियों पर समय का अतिरिक्त दबाव रहता है और छोटी गलती भी हार का कारण बन सकती है। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि विश्व शतरंज में भारत की नई पीढ़ी तेजी से अपनी जगह बना रही है। आने वाले मुकाबलों में भी सभी की नजर प्रज्ञानानंदा और गुकेश पर बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 13:25:57 +0530</pubDate>
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                <title>नॉर्वे चेस में वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को वेस्ली ने हराया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रज्ञानानंदा भी हारकर पिछड़े, दिव्या देशमुख ने हम्पी को हराकर शानदार जीत दर्ज की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a16d3d8a3376/article-54354"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/norway-chess-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="text-align:left;">नॉर्वे चेस 2026 टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा, जहां वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज कर देश को गर्व महसूस कराया। यह राउंड बेहद रोमांचक रहा, जिसमें कई मुकाबले आखिरी चरण तक गए और परिणाम आर्मगेडन तक तय हुए। टूर्नामेंट में अब प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होती जा रही है, जहां हर अंक खिलाड़ियों की रैंकिंग और स्थिति पर बड़ा असर डाल रहा है।</span></p>
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<p style="text-align:justify;">वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश का मुकाबला अमेरिका के अनुभवी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हुआ। यह मैच काफी लंबा और रणनीतिक रहा, जिसमें गुकेश ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाई और मध्य गेम तक वेस्ली सो पर दबाव बनाए रखा। क्लासिकल गेम 116 चालों तक चला और अंत में ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन इसके बाद हुए आर्मगेडन टाईब्रेकर में वेस्ली सो ने बाजी मार ली। इस हार के बाद गुकेश को बड़ा झटका लगा, हालांकि उनका प्रदर्शन फिर भी काफी प्रतिस्पर्धी रहा। मैच के बाद वेस्ली सो ने टिप्पणी की कि गुकेश का खेल उनकी रैंकिंग के स्तर जैसा प्रभावी नहीं दिखा, जिसने इस मुकाबले को और चर्चा में ला दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी राउंड में भारत के एक और युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। प्रज्ञानानंदा ने शुरुआती चरण में शानदार स्थिति बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से मैच जीत सकते हैं, लेकिन मध्य चरण में कुछ रणनीतिक गलतियों के कारण उनका नियंत्रण कमजोर पड़ गया। इसका फायदा उठाते हुए फिरोजा ने जोरदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ अलीरेजा फिरोजा लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए 6 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, जिससे वह इस टूर्नामेंट के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बन गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डिफेंडिंग चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने भी अपने अनुभव का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना किया। क्लासिकल मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन आर्मगेडन में कार्लसन ने दबाव में बेहतर खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। हालांकि, कीमर ने पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देकर सभी का ध्यान खींचा। इस मुकाबले ने यह साबित किया कि नॉर्वे चेस में कोई भी खिलाड़ी आसानी से जीत हासिल नहीं कर सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला वर्ग में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशी दिव्या देशमुख की जीत रही, जिन्होंने अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को आर्मगेडन में हराकर शानदार प्रदर्शन किया। यह जीत दिव्या के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने एक दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ दिव्या संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं और उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। मैच के बाद उन्होंने कहा कि नॉर्वे चेस का आर्मगेडन प्रारूप और “कन्फेशन रूम” अनुभव उन्हें बहुत पसंद आ रहा है, जहां खिलाड़ी अपने विचार दर्शकों के साथ साझा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राउंड-2 के बाद अंक तालिका में अलीरेजा फिरोजा 6 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि गुकेश और वेस्ली सो 2.5 अंकों के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंकों के साथ आगे चल रही हैं। टूर्नामेंट अब धीरे-धीरे निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है, जहां हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह राउंड सीख और चुनौतियों से भरा रहा। जहां गुकेश और प्रज्ञानानंदा को हार का सामना करना पड़ा, वहीं दिव्या देशमुख की जीत ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए। आने वाले राउंड में सभी खिलाड़ियों पर दबाव और बढ़ेगा और दर्शकों को और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।</p>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 17:06:28 +0530</pubDate>
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