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                <title>Indore - दैनिक जागरण</title>
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                <title>इंदौर में आज होगा ‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’, 5 हजार युवा लेंगे विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल, खेल और नवाचार जैसे विषयों पर युवाओं से सीधा संवाद होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/my-youth-my-pride-conclave.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर आज प्रदेशभर के हजारों युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और नए विचारों का साक्षी बनने जा रहा है। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में<strong> </strong>‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब पांच हजार युवा भाग लेंगे। ‘वन स्टेट, वन जनरेशन, वन संकल्प’ थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके विचारों को नीति निर्माण की दिशा में स्थान देना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुबह से ही प्रतिभागियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं ताकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले युवाओं को बेहतर अनुभव मिल सके। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि युवाओं के विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने का एक बड़ा मंच माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 12 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर युवाओं से संवाद करेंगे। इस दौरान वे विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। आयोजन में शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, खेल, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और जनभागीदारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल होंगे। पूरे दिन अलग-अलग विषयों पर संवाद सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रतिभागी अपने अनुभव, सुझाव और नए विचार साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी विशेषता पांच समानांतर विषयगत कार्यशालाएं होंगी। इन कार्यशालाओं में युवा केवल चर्चा ही नहीं करेंगे, बल्कि व्यवहारिक और क्रियान्वयन योग्य सुझाव भी तैयार करेंगे। इन सुझावों को संकलित कर प्रदेश के युवाओं का सामूहिक ‘युवा संकल्प’ दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में विकास की योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल श्रोता बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी सोच के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और युवा उद्यमी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जो प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉन्क्लेव में केवल संवाद और कार्यशालाएं ही नहीं, बल्कि कई प्रेरणादायी और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत मोटर साइकिल और साइकिल रैली से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, म्यूजिक स्टेज, संवादात्मक सत्र और इंदौरी फूड स्ट्रीट भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और उन्हें समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के समापन पर सभी पांच हजार युवा एक साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेंगे। यह संकल्प केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के भविष्य को लेकर युवाओं की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाएगा। राज्य सरकार का भी मानना है कि विकसित मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब युवाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ेगी और उनके सुझावों को योजनाओं में स्थान मिलेगा। यही वजह है कि इस कॉन्क्लेव को केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं और शासन के बीच संवाद का प्रभावी मंच माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट में सोनम का जवाबी हलफनामा, खुद को बताया बेगुनाह</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सोनम रघुवंशी ने कहा- झूठे आरोपों में फंसाया गया, जांच और ट्रायल में लगातार कर रही हूं सहयोग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/raja-raghuvanshi-murder-case-sonams-counter-affidavit-in-supreme-court/article-58261"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raja-raghuvanshi-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देशभर में चर्चा का विषय बने राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसने अदालत से कहा है कि उसे इस मामले में झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया गया है और वह शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करती रही है। सोनम ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि वह ट्रायल की प्रक्रिया में भी पूरी तरह शामिल है और अदालत की हर शर्त का पालन कर रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस फैसले का असर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में 9 जुलाई को इस मामले की अहम सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से दायर उस याचिका पर विचार किया जाएगा, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। अदालत के सामने यह सवाल भी रहेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या नहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और हर सुनवाई के साथ इसमें नए कानूनी पहलू सामने आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोनम रघुवंशी ने अपने जवाबी हलफनामे में दावा किया है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उसने कहा कि जांच एजेंसियों ने उसे गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि वह जांच अधिकारियों के बुलाने पर हर बार उपस्थित हुई है और अदालत की ओर से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही है। उसके अनुसार वह किसी भी स्तर पर जांच में बाधा नहीं डाल रही और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इस मामले में अभी 94 गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। उन्होंने अदालत को जानकारी दी थी कि मुकदमा फिलहाल ट्रायल के महत्वपूर्ण चरण में है और बड़ी संख्या में गवाहों की गवाही शेष है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच की प्रगति और ट्रायल की गति को लेकर कई सवाल पूछे थे। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। माना जा रहा है कि इस बार अदालत मामले की प्रगति और जमानत से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले के अन्य आरोपियों की बात करें तो राज कुशवाह और उसके तीन साथी फिलहाल शिलांग जेल में बंद हैं। वहीं सोनम रघुवंशी को पहले ही सशर्त जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा इस मामले में तीन अन्य आरोपियों और एक मकान मालिक को भी अदालत से जमानत मिली हुई है। हालांकि मुख्य साजिश और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच और ट्रायल अभी जारी है। यही वजह है कि इस मामले में हर नई कानूनी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला पिछले वर्ष उस समय चर्चा में आया था जब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। कई दिनों तक खोजबीन के बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शव मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे यह मामला सामान्य गुमशुदगी नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को भी मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत से उसे सशर्त जमानत मिल गई थी, जबकि अन्य आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले जून महीने में सोनम रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में उन आरोपों का भी खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि वह जमानत मिलने के बाद नेपाल भाग गई है। उसने स्पष्ट कहा था कि वह कहीं नहीं गई और शिलांग में ही मौजूद है। सोनम ने कहा था कि उसके बारे में झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और लोगों को ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने यह भी दोहराया था कि वह जांच एजेंसियों और अदालत की कार्यवाही में लगातार सहयोग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:07:11 +0530</pubDate>
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                <title>एमपी में 40 रूटों पर शुरू होगी सरकारी बस सेवा, ई-टिकट और लाइव ट्रैकिंग मिलेगी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने नई परिवहन योजना का मसौदा जारी किया, 30 दिन तक मांगे सुझाव और आपत्तियां; पीपीपी मॉडल पर होगा बसों का संचालन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-bus-service-will-start-on-40-routes-in-mp/article-58262"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-bus-service.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में सरकारी बसों के संचालन के लिए 40 प्रमुख लंबी दूरी के बस रूट तय कर दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने राज्य सड़क परिवहन योजना का मसौदा जारी करते हुए इस पर आम लोगों, बस संचालकों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा और फिर योजना को अंतिम रूप देकर सरकारी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।</p>
<p>नई योजना के तहत यात्रियों को कई डिजिटल सुविधाएं भी मिलेंगी। बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे टिकट लेने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। इसके साथ ही हर बस में आधुनिक जीपीएस आधारित ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे। इन डिवाइसों की मदद से बस की लाइव लोकेशन हर दस सेकेंड में अपडेट होगी और यात्री वेबसाइट के माध्यम से यह जान सकेंगे कि उनकी बस इस समय किस स्थान पर है। इससे बसों की समय-सारिणी पर नजर रखना आसान होगा और यात्रियों को लंबे समय तक बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>परिवहन विभाग के अनुसार जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक होगी, वहां जरूरत के अनुसार ज्यादा बसें चलाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि मांग के अनुसार बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को नियमित और भरोसेमंद बस सेवा मिलेगी। इससे निजी और सरकारी परिवहन के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।</p>
<p>विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि इन बसों का संचालन मध्य प्रदेश यात्री बस परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। राज्य परिवहन उपक्रम के नाम पर बसों के परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत निजी बस संचालकों के साथ समझौते किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से निजी क्षेत्र के अनुभव और सरकारी निगरानी का संतुलन बनेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता की सेवा मिल सकेगी।</p>
<p>नई परिवहन नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से सरकारी बस सेवा को आधुनिक स्वरूप देने की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब नई तकनीक और डिजिटल सुविधाओं के साथ बस संचालन शुरू होने से यात्रियों को अधिक भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी। योजना को अंतिम रूप दिए जाने के सात दिन बाद बसों का संचालन शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>सरकार द्वारा जिन 40 इंटरसिटी मार्गों को अधिसूचित किया गया है, वे प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और जिलों को आपस में जोड़ेंगे। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर समेत कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इन मार्गों पर नियमित बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों को फायदा होगा जहां वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।</p>
<p>योजना के अनुसार अलग-अलग मार्गों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बसों की क्षमता भी तय की गई है। सामान्य मार्गों पर 23 से 34 सीटों वाली मिडी बसें चलाई जाएंगी। ये बसें साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणी में उपलब्ध होंगी। वहीं लंबी दूरी और इंटरसिटी मार्गों पर 35 से 70 सीटों वाली स्टैंडर्ड बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सरकार का मानना है कि अलग-अलग श्रेणी की बसों से यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p>नई व्यवस्था में सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बसों की नियमित निगरानी, तय समय पर संचालन और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पूरे सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने की योजना है। यात्रियों को बसों की लोकेशन, समय और अन्य जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे शिकायतों में कमी आने के साथ-साथ बस संचालन की निगरानी भी आसान होगी। परिवहन विभाग का कहना है कि भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:07:03 +0530</pubDate>
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                <title>डेटा एंट्री जॉब के नाम पर छात्र से 44 हजार की ठगी, 8 बार कराए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[युवती ने फोन कर चयन होने का दावा किया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा कराए; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/in-the-name-of-data-entry-job-a-student-was/article-57865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-job-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में ऑनलाइन जॉब फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है, जहां नौकरी की तलाश कर रहे एक छात्र को डेटा एंट्री जॉब दिलाने का झांसा देकर करीब 44 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को एक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए पहले फोन पर संपर्क किया और फिर अलग-अलग चरणों में चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर पैसे जमा करवाते रहे। जब काफी रकम जमा कराने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही जमा की गई राशि वापस हुई, तब छात्र को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एमआईजी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल करने वाले लोग किस नेटवर्क से जुड़े थे और जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए गए, उनका इस्तेमाल किन लोगों ने किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार नेहरू नगर निवासी राजेश पाटीदार ने शिकायत में बताया कि 17 जून को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अनुष्का बताया और कहा कि उसने जिस नौकरी के लिए आवेदन किया था, उसमें उसका चयन हो गया है। बातचीत के दौरान युवती ने राजेश से कुछ व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक विवरण मांगा। इसके बाद उसने कहा कि डेटा एंट्री की नौकरी के लिए उसे शॉर्टलिस्ट किया गया है और जल्द ही टेलीफोनिक इंटरव्यू लिया जाएगा। युवती ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक रेफरेंस आईडी भी मांगी और पूरी प्रक्रिया को सामान्य भर्ती प्रक्रिया की तरह पेश किया, जिससे छात्र को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत का तरीका इतना भरोसेमंद था कि उसे लगा कि वास्तव में किसी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुछ समय बाद युवती ने राजेश से कहा कि चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 1,800 रुपये एक बैंक खाते में जमा करने होंगे। उसने यह भरोसा भी दिया कि इस राशि में से केवल 50 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में काटे जाएंगे और बाकी पैसे चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस कर दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता ने बताए गए खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को इंटरव्यू टीम का सदस्य बताया। उसने कहा कि इंटरव्यू मोबाइल पर ही लिया जाएगा और उसके लिए तैयार रहना होगा। इंटरव्यू जैसी बातचीत के बाद उस व्यक्ति ने दावा किया कि राजेश का चयन हो गया है, लेकिन आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए फिर से 1,800 रुपये जमा करने होंगे। छात्र ने यह रकम भी जमा कर दी। इसके कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर संपर्क किया और इस बार 8,500 रुपये जमा कराने को कहा। हर बार यही कहा गया कि यह राशि बाद में पूरी तरह वापस कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई। कभी सर्विस चार्ज तो कभी जीएसटी और अन्य प्रक्रिया शुल्क के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई गई। आरोपियों ने कुल आठ अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए और इस तरह करीब 44 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब लगातार पैसे जमा कराने के बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं मिला और न ही कोई आधिकारिक दस्तावेज भेजा गया, तब राजेश को शक हुआ। उसने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में पूरे मामले की लिखित शिकायत एमआईजी थाना पुलिस को दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाते हैं। वे आकर्षक वेतन, जल्दी जॉइनिंग और आसान चयन प्रक्रिया का लालच देकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ट्रेनिंग चार्ज, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। कई बार फर्जी इंटरव्यू भी कराए जाते हैं ताकि पीड़ित को किसी तरह का संदेह न हो। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के नाम पर पहले पैसे जमा करने की मांग होने पर पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर सत्यापित करें। यदि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले जांच करें।</p>
<p style="text-align:justify;">एमआईजी पुलिस ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज कराई जाती है तो कई मामलों में राशि को फ्रीज कराने की संभावना भी रहती है। इसलिए किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में बनेगी देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा, काम अंतिम चरण में</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड-85 में तेजी से चल रहा निर्माण, महापौर ने किया निरीक्षण, अगले महीने भव्य अनावरण की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/countrys-largest-swami-vivekananda-statue-will-be-built-in-indore/article-57510"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-swami-vivekananda-statue.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर में देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे विशाल पेडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर निगम के अनुसार प्रतिमा का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक ध्यान प्रतिमा के आधार यानी पेडेस्टल को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि आधार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि यह परियोजना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बनने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े हर चरण की जानकारी ली और पूछा कि किन-किन कार्यों को अभी पूरा किया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। यदि मौसम या अन्य किसी कारण से कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम का कहना है कि अनावरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्वामी विवेकानंद देश के उन महान व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नगर निगम का मानना है कि इतनी विशाल प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी। शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रमुख आकर्षण बनने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद महापौर ने वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता में हैं और इन्हें समय पर पूरा करना जरूरी है। स्कूल भवन बनने के बाद आसपास के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। महापौर ने कहा कि इंदौर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहर में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्रेरणादायक परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा शहर की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह स्थान पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना इंदौर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या समय रहते दूर की जा सके। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा ताकि यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। शहर के कई नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। ऐसे में उनकी विशाल प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफाई मित्रों के लिए इंदौर नगर निगम की नई योजना, हादसे पर मिलेगा 2.5 लाख तक इलाज सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई मित्रों, ड्रेनेज और सीवरेज कर्मचारियों को गंभीरता के आधार पर 25 हजार से 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-municipal-corporations-new-scheme-for-safai-mitras-in-case/article-57409"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-municipal-corporation.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था संभालने वाले सफाई मित्रों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई मित्रों और ड्रेनेज-सीवरेज सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। नगर निगम की इस नई योजना के तहत हादसे की गंभीरता के आधार पर 25 हजार रुपये से लेकर 2.50 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि सफाई मित्र शहर की स्वच्छता व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर नगर निगम पूरी तरह गंभीर है। लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी, क्योंकि कई बार सफाई कार्य के दौरान घायल होने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पिछले कुछ वर्षों में इंदौर में ड्रेनेज और सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। कहीं जहरीली गैस के रिसाव से कर्मचारी घायल हुए तो कहीं नालों और सड़कों की सफाई के दौरान हादसे हुए। कई मामलों में कर्मचारियों को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जबकि कुछ घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया। नगर निगम के सामने लगातार यह मांग उठ रही थी कि सफाई मित्रों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे दुर्घटना के बाद इलाज में देरी न हो और कर्मचारियों को तत्काल राहत मिल सके। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह नई योजना तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि सफाई मित्रों को यह भरोसा दिलाना भी है कि संकट की स्थिति में नगर निगम उनके साथ खड़ा रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई व्यवस्था के तहत सहायता राशि दुर्घटना की गंभीरता के अनुसार तय की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्य चोट लगती है और उपचार की आवश्यकता होती है तो उसे 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगर दुर्घटना गंभीर श्रेणी की होती है और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है, तो एक लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, अत्यंत गंभीर दुर्घटना की स्थिति में उपचार के लिए अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। नगर निगम का कहना है कि सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, ताकि घायल कर्मचारी को समय पर इलाज मिल सके। दुर्घटना की सूचना और प्रारंभिक दस्तावेज मिलने के बाद सहायता राशि स्वीकृत करने की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसका लाभ केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम ने साफ किया है कि दैनिक वेतनभोगी, विनियमित और स्थायी सभी सफाई मित्र इस योजना के दायरे में आएंगे। यानी शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े हर कर्मचारी को जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। सफाई मित्र लंबे समय से कठिन और जोखिम भरे माहौल में काम करते रहे हैं। कई बार उन्हें सीवर लाइन, ड्रेनेज चैंबर और गहरे नालों में उतरकर सफाई करनी पड़ती है, जहां गैस रिसाव, फिसलन या अन्य हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में यह योजना उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनता रहा है और इसके पीछे सफाई मित्रों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने वाले इन कर्मचारियों का सम्मान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को यदि किसी दुर्घटना का सामना करना पड़ता है तो इलाज के लिए आर्थिक चिंता नहीं होनी चाहिए। यही सोच इस योजना के पीछे है। नगर निगम का मानना है कि इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल मिलेगा और वे बेहतर इलाज करा सकेंगे। शहर में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी पिछले कुछ समय से लगातार जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, प्रशिक्षण और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल पर भी निगम काम कर रहा है। हालांकि, जोखिम वाले कार्यों में दुर्घटनाओं की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती। ऐसे में आर्थिक सहायता की यह योजना कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। सफाई मित्रों से जुड़े संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे कर्मचारियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि यदि योजना का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो इससे कई परिवारों को कठिन समय में राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:17:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>30 जून मौसम अपडेट: बैतूल और छिंदवाड़ा सहित महाकौशल में भारी बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल रहेगा शुष्क</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल-इंदौर में आज धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली की चेतावनी, कुछ जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/june-30-weather-update-heavy-rain-alert-in-mahakaushal-including/article-57361"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-weather-update-30-june.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span>मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम के मिजाज में लगातार बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। IMD द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, आज 30 जून 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इसके विपरीत, राज्य के कुछ उत्तरी और पश्चिमी जिलों में आज मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। आइए जानते हैं आज आपके जिले में मौसम का हाल कैसा रहेगा</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भोपाल और आसपास के जिलों में आंधी-तूफान का साया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>राजधानी भोपाल सहित विदिशा, सीहोर और राजगढ़ जिलों में आज मौसम विभाग ने विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इन जिलों में आज हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। हालांकि, बारिश का वितरण बहुत व्यापक नहीं होगा और यह केवल कुछ ही स्थानों (Isolated Places) तक सीमित रहने की उम्मीद है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। लेकिन, सबसे बड़ी चिंता तेज हवाओं को लेकर है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। आज इन क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ-साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नर्मदापुरम और बैतूल में भारी बारिश की आफत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>नर्मदापुरम संभाग में आज मानसून काफी मेहरबान रहने वाला है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। बैतूल जिले में मौसम विभाग ने आज भारी बारिश (Heavy Rainfall) का येलो अलर्ट जारी किया है</span><sup class="superscript"></sup>। बैतूल में भारी बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है<sup class="superscript"></sup><span>। वहीं, नर्मदापुरम जिले में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जो कुछ स्थानों पर बिखरी (Few Places) होगी</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। यहाँ भी गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। हरदा जिले की बात करें तो यहाँ भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही तेज आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इंदौर, धार और उज्जैन संभाग की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मौसम में आज मिला-जुला असर देखने को मिलेगा</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इंदौर और उज्जैन जिलों में आज मौसम मुख्यतः छिटपुट बारिश (Isolated Places) वाला रहने का अनुमान है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इन दोनों ही व्यापारिक केंद्रों और उनके आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। धार जिले में आज गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इसके विपरीत, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों के नागरिकों को आज बारिश से राहत या यूं कहें कि इंतजार करना होगा, क्योंकि यहाँ आज मौसम पूरी तरह<strong> </strong>शुष्क (Dry) रहने का अनुमान है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जबलपुर और महाकौशल में मानसून का तांडव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>महाकौशल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में आज मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का मजबूत पूर्वानुमान है</span><sup class="superscript"></sup><span>। वहीं, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश (Heavy Rainfall) की कड़ी चेतावनी जारी की है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इन दोनों जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का दौर जनजीवन को प्रभावित कर सकता है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इसके अलावा मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान (40-50 किमी/घंटे) का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका बनी हुई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में मौसम का हाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>उत्तरी मध्य प्रदेश और ग्वालियर-चंबल संभाग में फिलहाल मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती दिख रही है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में आज 30 जून को मौसम पूरी तरह से शुष्क (Dry) बना रहेगा और यहाँ बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। बुंदेलखंड के सागर, दमोह, पन्ना और छतरपुर जिलों की बात करें, तो यहाँ आज गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, हालांकि इन क्षेत्रों में भी बारिश केवल छिटपुट स्थानों (Isolated Places) पर ही देखने को मिलेगी</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मौसम विभाग का मुख्य संदेश और सावधानियां</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>आज 30 जून को मुख्य रूप से बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा जिलों को भारी बारिश के लिए तैयार रहना होगा</span><sup class="superscript"></sup>। वहीं भोपाल और इंदौर सहित अन्य प्रभावित इलाकों में बारिश भले ही कम हो, लेकिन आंधी और गरज-चमक की स्थिति खतरनाक हो सकती है<sup class="superscript"></sup>। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षात्मक उपाय:</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>आंधी और बिजली कड़कने के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>बड़े पेड़ों, जर्जर मकानों और बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास खड़े न हों</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>भारी बारिश की स्थिति में नदी-नालों और जलभराव वाले निचले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p style="text-align:justify;"><span>इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और आकाशीय बिजली के समय मोबाइल का उपयोग खुले में न करें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span></p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/june-30-weather-update-heavy-rain-alert-in-mahakaushal-including/article-57361</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:45:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर-उज्जैन यात्री बस डंपर से टकराई, छह यात्री घायल, जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[गधा टेकरी के पास रविवार सुबह हुआ हादसा, ड्राइवर ने ब्रेक फेल होने की बात कही; सभी घायलों का एमवाय अस्पताल में इलाज जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-ujjain-passenger-bus-collides-with-dumper-six-passengers-injured-investigation/article-57193"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-bus-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर से उज्जैन जा रही एक यात्री बस रविवार सुबह सड़क हादसे का शिकार हो गई। शहर के नावदा पंथ क्षेत्र में गधा टेकरी के पास बस आगे चल रहे डंपर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए और अफरा-तफरी मच गई। हादसे में छह यात्री घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रारंभिक जांच में बस चालक ने हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताया है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चंदन नगर थाना प्रभारी तिलक करोले के अनुसार हादसा रविवार सुबह गधा टेकरी के पास हुआ। इंदौर से उज्जैन की ओर जा रही बस सामान्य रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान सामने सड़क पर चल रहे डंपर से बस पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तत्काल बस में फंसे यात्रियों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घबरा गए और अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने लगे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बस का दरवाजा खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार मौके पर ही दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एंबुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल भेजा गया। हादसे में प्रकाश पुत्र मांगीलाल, शोभा, भूपेंद्र पुत्र मोतीलाल, रितू, दिलीप पुत्र बंशीलाल, घनश्याम नाथ और दिनेश घायल हुए हैं। सभी घायलों का चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद आवश्यक जांच शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी उनकी निगरानी करेगी। बस चालक ने पुलिस को बताया कि हादसे से ठीक पहले उसने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक ने काम नहीं किया। चालक का दावा है कि ब्रेक फेल होने के कारण बस सीधे आगे चल रहे डंपर से जा टकराई। हालांकि पुलिस केवल चालक के बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाल रही है। वाहन की तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में ब्रेक फेल हुए थे या हादसे की कोई अन्य वजह भी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और डंपर को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद दोनों वाहनों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मैकेनिकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि वाहन में तकनीकी खामी पाई जाती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में विशेषज्ञ लगातार वाहन की नियमित फिटनेस जांच और समय पर रखरखाव की जरूरत बताते रहे हैं। खासकर यात्री बसों में ब्रेक, टायर और स्टीयरिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में चालक को भी यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की स्थिति का परीक्षण करना चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे के समय की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। पुलिस घायलों के बयान भी दर्ज करेगी। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-ujjain-passenger-bus-collides-with-dumper-six-passengers-injured-investigation/article-57193</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>₹200 का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक गिरफ्तार, साथी से ₹40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से खुला नकली नोटों का नेटवर्क, पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा; मुख्य आरोपी पर पहले से एसटीएफ के दो मामले दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/youth-arrested-for-running-fake-%E2%82%B9200-note-fake-notes-worth/article-57117"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-fake-currency.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में नकली नोटों के कारोबार का एक और मामला सामने आया है, जहां महज ₹200 का नकली नोट चलाने की कोशिश ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। गांधी नगर थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में भुगतान के दौरान रेस्टोरेंट संचालक को नोट संदिग्ध लगा। उसकी सतर्कता के चलते आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से करीब ₹40 हजार के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपाए और उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।  गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार, 25 जून को राजनगर निवासी यशवंत यादव अपने सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक खाना खाने के बाद भुगतान करने पहुंचा और उसने ₹200 का नोट दिया। नोट हाथ में लेते ही संचालक को उसकी गुणवत्ता और प्रिंटिंग पर संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दीपक ने संजय नाम के युवक का नाम बताया, जिससे उसने नकली नोट खरीदे थे। पुलिस ने जानकारी के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से ₹40 हजार के नकली नोट, प्रिंटिंग मशीन और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस ने सभी सामग्री जब्त कर ली है और उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दीपक और संजय की पहचान पहले एक शराब दुकान पर हुई थी, जहां दोनों सेल्समैन के रूप में काम करते थे। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित ऐसे नकली नोट तैयार करता है, जिन्हें सामान्य तौर पर पहचानना मुश्किल होता है। कुछ समय बाद दोनों अलग-अलग काम करने लगे। दीपक ट्रक ड्राइवर बन गया, जबकि संजय इंदौर आकर रहने लगा। बाद में दोनों के बीच दोबारा संपर्क हुआ और यहीं से नकली नोटों का सौदा शुरू हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के बीच यह तय हुआ था कि ₹1 हजार देने पर ₹4 हजार के नकली नोट उपलब्ध कराए जाएंगे। शुरुआती पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश की थी। हालांकि उसकी यह कोशिश रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण सफल नहीं हो सकी और पूरा मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस का मानना है कि यदि आरोपी पकड़ा नहीं जाता तो नकली नोट आसानी से बाजार में खपाए जा सकते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी संजय पहले भी नकली नोटों के मामलों में पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। उसके खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में पहले से दो मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद वह दोबारा इसी तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकली नोटों की गुणवत्ता और प्रिंटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि नोट किस तरह तैयार किए जा रहे थे और इनके लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था। जब्त प्रिंटिंग मशीन और अन्य उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने अब तक किन-किन इलाकों में नकली नोट चलाने की कोशिश की और क्या इनके जरिए अन्य लोगों को भी नकली नोट उपलब्ध कराए गए थे। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नकली नोटों की पहचान करना आम लोगों के लिए हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में व्यापारियों और दुकानदारों को भुगतान लेते समय नोटों की गुणवत्ता, सुरक्षा धागा, वाटरमार्क और अन्य सुरक्षा फीचर्स पर ध्यान देना चाहिए। छोटी-सी सतर्कता न केवल आर्थिक नुकसान से बचा सकती है बल्कि इस तरह के अपराधों का खुलासा करने में भी मददगार साबित हो सकती है।  तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों का यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 13:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर बना ईवी और ग्रीन एनर्जी का नया हब, निवेशकों ने दिखाई रुचि</title>
                                    <description><![CDATA[ईवी कॉन्क्लेव में देशभर के निवेशक, स्टार्टअप और उद्योग विशेषज्ञ जुटे, स्वच्छ परिवहन, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकों पर हुआ मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3f6eff911c9/article-57105"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-ev-conclave.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर ने एक बार फिर खुद को देश के उभरते हुए नवाचार केंद्र के रूप में साबित किया है। शुक्रवार को शहर में आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) और ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव में देशभर से आए निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ विकास और भविष्य की तकनीकों को लेकर एक साझा रोडमैप तैयार करना भी था। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कॉन्क्लेव ने यह संकेत दिया कि अब भारत के टियर-2 शहर भी हरित विकास और नई तकनीकों के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। कार्यक्रम में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। आयोजन का संचालन ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा किया गया, जबकि इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहर की स्वच्छता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पहचान को देखते हुए यह आयोजन इंदौर के लिए काफी अहम माना गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉन्क्लेव के दौरान इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैटरी टेक्नोलॉजी, ऊर्जा प्रबंधन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार केवल निजी परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन, माल ढुलाई और औद्योगिक उपयोग में भी तेजी से बढ़ेगा। यदि चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी निर्माण और ऊर्जा भंडारण तकनीकों में तेजी से निवेश किया जाता है तो भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है। इसके लिए सरकारी नीतियों, निजी निवेश और तकनीकी नवाचार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा। कॉन्क्लेव में शामिल कई निवेशकों ने स्टार्टअप्स के साथ संभावित साझेदारी और निवेश को लेकर भी चर्चा की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा स्टार्टअप पिच सेशन रहा। देशभर से प्राप्त करीब 2,400 आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद केवल नौ स्टार्टअप्स को अंतिम प्रस्तुति का अवसर मिला। इन स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने उत्पाद, तकनीक और बिजनेस मॉडल पेश किए। कई स्टार्टअप्स ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, स्मार्ट बैटरी सिस्टम, ऊर्जा प्रबंधन और एआई आधारित मोबिलिटी समाधान जैसे क्षेत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत किए। प्रस्तुति के बाद निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच विस्तृत नेटवर्किंग और व्यावसायिक चर्चाएं भी हुईं। कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्योग प्रतिनिधियों का मानना था कि भारत में ग्रीन एनर्जी सेक्टर आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयास और सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं इस बदलाव को और गति देंगी। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अब निवेशकों का रुझान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंदौर जैसे शहर भी नई तकनीकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ह्युन्स ऑफ ईवी के सीईओ डॉ. ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ रही है और इस क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उनके अनुसार ऐसे मंच उद्योग, निवेशकों और युवा उद्यमियों को एक साथ लाकर नए अवसर पैदा करते हैं। वहीं सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और उन्हें निवेश प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम में डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी और ईवी आधारित तकनीक अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही। मध्य भारत तेजी से इस बदलाव का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह उद्योग, सरकार और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ता रहा तो भारत स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है। कॉन्क्लेव के समापन पर यह स्पष्ट नजर आया कि इंदौर केवल स्वच्छ शहर ही नहीं, बल्कि भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था और तकनीकी नवाचार का भी मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। निवेशकों, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स के बीच बने नए संपर्क आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स और निवेश का आधार बन सकते हैं। इससे स्थानीय रोजगार, तकनीकी विकास और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योगों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 13:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MPL 2026 Semifinal और Final: बारिश के बीच तय हुआ खिताबी मुकाबला,चंबल की दमदारएंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[ MPL MP Cricket League 2026 के नॉकआउट मुकाबलों ने बदला टूर्नामेंट का समीकरण, इंदौर में आज होगा चैंपियन का फैसला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/mpl-2026-semi-final-and-final-title-match-decided-between-rain/article-57073"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mpl-2026-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। सेमीफाइनल में एक मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा तो दूसरे में हाई-स्कोरिंग क्रिकेट ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPCA) </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की ओर से आयोजित </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPL 2026</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। पूरे सीजन में लगातार मुकाबलों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के बाद चार टीमों ने नॉकआउट में जगह बनाई</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन अब खिताब की दौड़ दो टीमों तक सिमट कर रह गई है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद फाइनल की तस्वीर साफ हो गई है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब इस बात पर हैं कि राज्य की सबसे बड़ी फ्रेंचाइज़ी टी</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">20</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> लीग का नया चैंपियन कौन बनेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस सीजन </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPL </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">का प्रारूप पहले से बड़ा रहा और कुल </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">10</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> टीमों ने भाग लिया। लीग चरण के बाद अंक तालिका शीर्ष में चार टीमों को सेमीफाइनल में जगह मिली। नियमों के अनुसार पहला सेमीफाइनल पहली और चौथी टीम के बीच रही जबकि दूसरा सेमीफाइनल दूसरी और तीसरी टीम के बीच खेला गया। सभी नॉकआउट मुकाबले इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित किए गए। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम और दबाव के बीच खेले गए इन मुकाबलों ने टूर्नामेंट की दिशा बदल दी। जहां एक ओर एक टीम को बारिश का फायदा मिला</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर मैदान पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली।</span></p>
<h5 class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><span> </span>पहला सेमीफाइनल को बारिश की भेंट -</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पहला सेमीफाइनल रॉयल निमाड़ ईगल्स और रीवा जगुआर्स के बीच खेला गया। मुकाबले के दौरान लगातार बारिश ने खेल को प्रभावित किया और मैच पूरा नहीं हो सका। वर्त्तमान स्कोर के अनुसार रीवा नेशुरुआती ओवरों में चार विकेट गंवा दिए थे</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन मौसम के कारण आगे खेल संभव नहीं हो पाया। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">टूर्नामेंट नियमों के मुताबिक नो मैच ‘नो रिजल्ट’ घोषित होने की स्थिति में लीग के शीर्ष में बेहतर स्थान हासिल करने वाली टीम को फाइनल में प्रवेश मिलता है। इसी आधार पर रॉयल निमाड़ ईगल्स ने फाइनल में जगह बनाई। इस फैसले ने टूर्नामेंट में मौसम की भूमिका को भी चर्चा का विषय बना दिया।</span></p>
<h5 class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरे सेमीफाइनल में चंबल का दबदबा -</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरा सेमीफाइनल चंबल घरियाल्स और जबलपुर रॉयल लायंस के बीच खेला गया और यह मुकाबला पूरे टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में शामिल रहा। चंबल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">20</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> ओवर में </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">213</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> रन बनाए और अपने प्रतिद्वन्दी के ख़िलाफ़ बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जवाब में जबलपुर की टीम ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन निर्धारित ओवरों में </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">202</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> रन ही बना सकी। चंबल ने यह मैच </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">11</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> रन से जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया। पूरे सीजन में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली चंबल की टीम ने एक बार फिर दिखाया कि वह खिताब की प्रबल दावेदार क्यों मानी जा रही है। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंबल की टीम ने लीग चरण में भी शानदार प्रदर्शन किया था और बिना हार के नॉकआउट तक पहुंचने वाली टीमों में शामिल रही। इससे पहले भी टीम ने बड़े स्कोर का सफल पीछा कर अपनी ताकत दिखाई थी।</span></p>
<h5 class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब सब की नजरें ग्रैंड फाइनल पर हैं !</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPL 2026</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> का फाइनल </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">26</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> जून को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना तय है। मुकाबला शाम </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">7:30</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> बजे शुरू होना है और इसमें रॉयल निमाड़ ईगल्स तथा चंबल घरियाल्स आमने-सामने होंगी। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाइनल में अनुभव और मौजूदा फॉर्म दोनों अहम भूमिका निभाएंगे। एक ओर रॉयल निमाड़ ईगल्स के पास आराम और रणनीतिक तैयारी का समय है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि दूसरी ओर चंबल जीत की लय के साथ मैदान में उतरेगी। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस सीजन </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPL </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ने राज्य स्तर के क्रिकेट को नई पहचान देने के साथ युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच भी उपलब्ध कराया है। अब देखना होगा कि फाइनल में कौन सी टीम दबाव को बेहतर तरीकों से संभालकर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MPL 2026 </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की ट्रॉफी अपने नाम करती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:15:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसिड अटैक पीड़ित मासूम के इलाज पर हाईकोर्ट सख्त, निजी अस्पताल में भर्ती के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चार वर्षीय बच्ची के बेहतर इलाज के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल में तत्काल भर्ती कराने का आदेश दिया, खर्च आयुष्मान योजना और जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उठाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/high-court-gave-strict-instructions-on-the-treatment-of-acid/article-56990"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/acid-attack.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बड़वानी जिले में एसिड अटैक का शिकार हुई चार वर्षीय बच्ची के इलाज को लेकर अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने बच्ची को तत्काल इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कर समुचित इलाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उपचार के दौरान पीड़ित परिवार से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इलाज का खर्च पहले आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत वहन किया जाएगा और यदि किसी विशेष सर्जरी या अतिरिक्त चिकित्सा पर बीमा राशि से अधिक खर्च आता है तो उसकी व्यवस्था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करेगा। यह मामला उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है जिसमें 29 मई को हुए एसिड अटैक में चार वर्षीय बच्ची, उसका छह वर्षीय भाई और उनकी मां गंभीर रूप से झुलस गए थे। प्रारंभिक इलाज बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, लेकिन वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवार ने बेहतर उपचार की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश मेडिकल रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया कि तीनों घायलों को लंबे समय तक विशेष बर्न ट्रीटमेंट की जरूरत है, जो इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपलब्ध है। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान ने अस्पताल के बर्न वार्ड की तस्वीरें अदालत के सामने रखीं और वहां की साफ-सफाई तथा रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए। तस्वीरों में वार्ड की दीवारों पर फंगल संक्रमण के निशान और चूहों की मौजूदगी का दावा किया गया, जिस पर अदालत ने भी गंभीरता दिखाई। याचिकाकर्ता का कहना था कि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए संक्रमण सबसे बड़ा खतरा होता है और यदि ऐसे वातावरण में उनका इलाज किया जाएगा तो उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान डॉक्टरों की समिति की रिपोर्ट भी अदालत के सामने रखी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों बच्चों को गंभीर बर्न इंजरी हुई है और यदि उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिली तो सेप्सिस, सेप्टिक शॉक और अन्य जटिल मेडिकल समस्याएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। अदालत ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले 'लक्ष्मी बनाम भारत संघ' का भी उल्लेख किया। इस फैसले में सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया था कि एसिड अटैक पीड़ितों को निजी अस्पतालों में भी निशुल्क और संपूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसमें दवाइयां, ऑपरेशन, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, भोजन और अस्पताल में भर्ती रहने की सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि यही सिद्धांत इस मामले में भी लागू होगा और किसी भी हालत में पीड़ित परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि पीड़ित परिवार के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड उपलब्ध है, जिसके तहत पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराया जा सकता है। कोर्ट ने अस्पताल को निर्देश दिया कि इलाज का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए ताकि प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए। यदि इलाज की लागत बीमा सीमा से अधिक होती है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने 24 जून को पारित अपने आदेश में यह भी कहा कि बच्ची को उसी दिन अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया जाए और किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश दिए कि वह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हर जरूरी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए। इस मामले में याचिका के जरिए मांगी गई अन्य राहतों पर भी अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कानूनी यह आदेश केवल एक पीड़ित परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में एसिड अटैक पीड़ितों के उपचार से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में इलाज की गुणवत्ता और समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए शुरुआती उपचार ही आगे की जिंदगी तय करता है। अदालत के इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जीवन और स्वास्थ्य का अधिकार सर्वोपरि है और यदि सरकारी व्यवस्था में किसी स्तर पर कमी दिखाई देती है तो न्यायालय आवश्यक हस्तक्षेप कर पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा कर सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:23:11 +0530</pubDate>
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