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                <title>Eid ul Adha - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Eid ul Adha RSS Feed</description>
                
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                <title>बकरीद पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, भाईचारे और खुशहाली का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ईद-उल-अज़हा के मौके पर नेताओं ने देशवासियों को दी मुबारकबाद, सौहार्द और शांति पर दिया जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/on-bakrid-pm-modi-gave-best-wishes-message-of-brotherhood/article-54399"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi-eid-wishes.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देशभर में ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद का त्योहार शनिवार को अकीदत, भाईचारे और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने देशवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना मजबूत होने की कामना की, वहीं अन्य नेताओं ने भी शांति, सौहार्द और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाएं! यह अवसर हमारे समाज में भाईचारे और खुशी की भावना को और गहरा करे। सभी की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।” प्रधानमंत्री के इस संदेश को देशभर में लोगों ने साझा किया और त्योहार के मौके पर इसे सौहार्द का संदेश बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बकरीद के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़ों में नमाज के लिए पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। कई शहरों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी ईद के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने संदेश में कहा कि बकरीद त्याग और निस्वार्थ भक्ति का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि इस पर्व से मिलने वाले मूल्य लोगों के दैनिक जीवन में दिखाई देने चाहिए और समाज को मानवता तथा करुणा की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि त्योहारों की आध्यात्मिक रोशनी लोगों को हर चुनौती का सामना साहस और उम्मीद के साथ करने की शक्ति देती है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को ईद मुबारक कहते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने साझा किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी ईद-उल-अज़हा के मौके पर मुस्लिम समुदाय को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों और उनके परिवारों को दिली मुबारकबाद। साथ ही उन्होंने सभी देशवासियों के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मायावती ने अपने संदेश में कहा कि देश के सभी पर्व और त्योहार शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द के साथ मनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब समाज में शांति और सद्भाव का माहौल रहता है, तब देश और प्रदेश के विकास पर पूरी ऊर्जा और संसाधन लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता को विकास के लिए जरूरी बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईद-उल-अज़हा को इस्लाम धर्म में त्याग और बलिदान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी की रस्म निभाते हैं और जरूरतमंदों के बीच मदद और भोजन बांटते हैं। त्योहार का मुख्य संदेश आपसी सहयोग, इंसानियत और सामाजिक बराबरी माना जाता है। यही वजह है कि देश के अलग-अलग समुदायों के लोग भी एक-दूसरे को इस मौके पर शुभकामनाएं देते नजर आए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के कई हिस्सों में ईद के मौके पर विशेष सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कहीं जरूरतमंदों को खाना बांटा गया तो कहीं स्वास्थ्य शिविर और सहायता कार्यक्रम आयोजित हुए। कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर त्योहार मनाया, जिसे सामाजिक सौहार्द की मिसाल के रूप में देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में सुबह से ही मस्जिदों के बाहर लोगों की भीड़ दिखाई दी। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था संभालती नजर आईं। कई राज्यों में प्रशासन ने लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों की भरमार रही। राजनीतिक दलों के नेताओं, फिल्मी हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “ईद मुबारक” और “ईद-उल-अज़हा” ट्रेंड करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ऐसे धार्मिक और सामाजिक त्योहार देश की विविधता और एकता को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारत जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और आपसी विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं। इस बार भी ईद-उल-अज़हा के मौके पर देशभर से जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें भाईचारा, सौहार्द और एकता का संदेश साफ दिखाई दिया। नेताओं के संदेशों में भी यही अपील प्रमुख रूप से नजर आई कि समाज में शांति, प्रेम और आपसी सम्मान बना रहना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:48:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इंदौर में ईद पर काजी की अपील, गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें</title>
                                    <description><![CDATA[नमाजियों ने हाथ उठाकर जताया समर्थन, पानी बचाने और नशे से दूर रहने का संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a17cb9ba773f/article-54386"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indore-eid-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ईद-उल-अजहा के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बार फिर खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। सदर बाजार स्थित ईदगाह में ईद की नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को एकता, सद्भाव और जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग रखी, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में ईद की नमाज अदा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईदगाह में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए पहुंचने लगे थे। नमाज शुरू होने से पहले शहर काजी ने अपने संबोधन में सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि गाय को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं और विवाद देखने को मिलते हैं, लेकिन इसे देश की धरोहर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “गाय को हमसाया कौम के लोग बड़े एहतराम से देखते हैं। मुसलमानों पर यह इल्जाम लगाया जाता है कि वे गाय काटकर खाते हैं। अब लंबे समय से मांग उठ रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। हम मांग करते हैं कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए, ताकि उसके कटने पर पाबंदी लग सके।”</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काजी की इस अपील के बाद ईदगाह में मौजूद नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। वहां मौजूद लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश बताया। कई लोगों का कहना था कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करती है और विभिन्न समुदायों के बीच भरोसा मजबूत होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर काजी ने अपने संबोधन में पर्यावरण और जल संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लोगों से बारिश के पानी को बचाने और उसे जमीन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और इसका समाधान केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा, “यह मत सोचिए कि सब सरकार करेगी। प्रशासन आता-जाता रहता है, लेकिन हमें और आपको भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।” काजी ने लोगों से घरों और मोहल्लों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्था अपनाने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज समाज में सबसे ज्यादा समस्याएं नशे के कारण पैदा हो रही हैं। नशा युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है और परिवारों को तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को इस बुराई से मिलकर लड़ना होगा। काजी ने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे के लालच में नशे का कारोबार कर रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने भविष्य पर ध्यान देने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर की ईद इस बार एक और वजह से खास रही। यहां दशकों पुरानी परंपरा को एक बार फिर निभाया गया। पिछले 50 सालों से ईद के मौके पर एक हिंदू परिवार शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी निभाता आ रहा है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। जब शहर काजी अपने घर से बाहर आए तो हिंदू परिवार के लोगों ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद विशेष रूप से सजाई गई बग्घी और कार के जरिए शहर काजी को सम्मानपूर्वक सदर बाजार ईदगाह तक लाया गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने इसे इंदौर की साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल बताया। पिछले वर्षों में भी यह परंपरा चर्चा का विषय रही है। पिछली ईद पर शहर काजी को विंटेज कार से ईदगाह लाया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईद के मौके पर शहर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सभी प्रमुख चौराहों, ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी गई। अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही। ईद के इस मौके पर इंदौर से जो तस्वीर सामने आई, उसने एक बार फिर यह दिखाया कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना आज भी लोगों के बीच मजबूत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:44:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बकरीद पर भोपाल में दिखा भाईचारे का माहौल, मस्जिदों में अदा हुई नमाज</title>
                                    <description><![CDATA[ताज-उल-मसाजिद समेत शहरभर की मस्जिदों में जुटे लोग, कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करने की अपील]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/an-atmosphere-of-brotherhood-was-seen-in-bhopal-on-bakrid/article-54378"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bakrid-bhopal.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ताज-उल-मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद समेत कई इलाकों की मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और इंसाफ कायम रहने की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुराने भोपाल से लेकर नए शहर तक सुबह का माहौल पूरी तरह त्योहार के रंग में नजर आया। कई जगह नमाज के लिए लोग तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। ताज-उल-मसाजिद में सुबह करीब 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सौहार्द और समाज में शांति बनाए रखने की दुआ की। नमाज में छोटे बच्चे भी अपने परिवार के साथ शामिल हुए। मस्जिदों के बाहर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नमाज के बाद इमाम ने खास दुआ कराई, जिसमें समाज और देश से जुड़े कई मुद्दों का जिक्र किया गया। दुआ में कहा गया कि मुल्क में इंसाफ का मजबूत निजाम कायम रहे और लोगों के बीच मोहब्बत और भाईचारा बना रहे। साथ ही समाज में फैल रही बुराइयों और नफरत से बचाने की भी दुआ मांगी गई। इमाम ने लोगों से कहा कि देश की तरक्की एकता और भाईचारे से ही संभव है। प्रदेश में खुशहाली, बेरोजगारों को रोजगार और बीमार लोगों को शिफा मिलने की भी दुआ की गई। दीन की खिदमत में लगे लोगों और धार्मिक संस्थाओं की हिफाजत की कामना भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">त्योहार के दौरान प्रशासन और वक्फ बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का भी असर देखने को मिला। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने बकरीद के मौके पर कुर्बानी को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए। खुले स्थानों या सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से बचने की अपील की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कुर्बानी वाले स्थान को चारों तरफ से ढंककर रखा जाए और वहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वक्फ बोर्ड ने लोगों से खास तौर पर सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी तरह की ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट न की जाए, जिससे विवाद की स्थिति बने। प्रशासन ने लोगों से संयम और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की बात कही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के निपटान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि अवशेष खुले में न छोड़ें और इसके लिए नगर निगम के कर्मचारियों से समन्वय बनाए रखें। साफ-सफाई को धार्मिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर के कई इलाकों में सुबह से बाजारों में भी रौनक दिखाई दी। लोग नए कपड़ों में नजर आए और बच्चों ने ईदी मिलने की खुशी जाहिर की। कई परिवारों में रिश्तेदारों और दोस्तों का आना-जाना लगा रहा। घरों में पारंपरिक पकवान और खाने-पीने की तैयारी भी की गई। दिनभर लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर त्योहार की बधाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी कई जगह नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने बताया कि पूरे शहर में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया और कहीं से किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">बकरीद के मौके पर भोपाल में जिस तरह लोगों ने आपसी भाईचारे और शांति का संदेश दिया, उसने त्योहार की असली भावना को फिर सामने रखा। नमाज और दुआओं के बीच लोगों ने मुल्क में अमन और इंसाफ कायम रहने की उम्मीद जताई। त्योहार के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए लोगों ने जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 09:57:41 +0530</pubDate>
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