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                <title>Manish Patel - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Manish Patel RSS Feed</description>
                
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                <title>यूट्यूबर मनीष पटेल पर पहले से दर्ज हैं 6 मामले, सरेंडर के बाद बढ़ा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, पुलिस ने सार्वजनिक किया आपराधिक रिकॉर्ड]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a1945435aed8/article-54484"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/manish-patel-case.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">ब्राह्मण समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आरोपी यूट्यूबर मनीष पटेल का मामला अब लगातार चर्चा में बना हुआ है। बुधवार को मनीष पटेल ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर सरेंडर किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोग पुलिस कार्रवाई को सही बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच पुलिस ने आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक कर मामले को नया मोड़ दे दिया है।</p>
<p dir="ltr">पुलिस अधिकारियों के अनुसार मनीष पटेल के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जबकि सिविल लाइन और समान थाने में भी प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा हाल ही में आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामला उसका छठवां केस बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले भी चोरी, लूट और मारपीट जैसे अपराध दर्ज हो चुके हैं।</p>
<p dir="ltr">सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 में आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया था। उसी साल विश्वविद्यालय थाने में चोरी, लूट और मारपीट के अलग-अलग प्रकरण दर्ज हुए थे। समान थाना क्षेत्र में भी चोरी का एक मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबाइल लूट के एक पुराने मामले में स्थायी वारंटी भी बताया जा रहा है। अब पुलिस सभी मामलों का रिकॉर्ड एक साथ खंगाल रही है।</p>
<p dir="ltr">बताया जा रहा है कि हालिया विवाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि मनीष पटेल ने ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होने के बाद कई संगठनों ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बढ़ते दबाव और विरोध के बीच बुधवार को आरोपी ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।</p>
<p dir="ltr">हालांकि सरेंडर के बाद मामला शांत होने के बजाय और ज्यादा गरमा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कुछ लोग मनीष पटेल को टारगेट किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग पुलिस कार्रवाई का समर्थन भी कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुराने मामलों को अभी सामने लाना सवाल खड़े करता है।</p>
<p dir="ltr">सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब केवल विवादित पोस्ट ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण और प्रसार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जा रहा है कि पोस्ट को वायरल करने में किसी नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की भागीदारी थी या नहीं। साइबर टीम भी सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।</p>
<p dir="ltr">शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p dir="ltr">मनीष पटेल के समर्थन में भी सोशल मीडिया पर अभियान चलाए जा रहे हैं। कुछ लोग पुराने वीडियो और पोस्ट शेयर कर यह दावा कर रहे हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई एकतरफा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध सबूतों और शिकायतों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील भी की है।</p>
<p dir="ltr">इधर शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या टिप्पणी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p dir="ltr">इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट, अभिव्यक्ति की सीमा और ऑनलाइन जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर लोग धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के सम्मान की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ते विवादित कंटेंट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>आपत्तिजनक पोस्ट मामले में यूट्यूबर मनीष पटेल ने किया सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[ब्राह्मण समाज पर विवादित टिप्पणी के बाद फरार था, कोर्ट से दो दिन की रिमांड मंजूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a17c4f81ff96/article-54383"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/manish-patel.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रीवा में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में फरार चल रहे यूट्यूबर मनीष पटेल ने आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद बुधवार को वह रीवा के सिविल लाइन थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मनीष पटेल रीवा जिले के खुटहा गांव का रहने वाला है और सोशल मीडिया पर उसकी बड़ी पहचान है। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उसके करीब 40 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, उसने 29 जनवरी को एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद रीवा सहित आसपास के इलाकों में ब्राह्मण समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले को लेकर समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सिविल लाइन थाने में मनीष पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। एफआईआर के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलग-अलग शहरों में छिपकर रह रहा था और अपने करीबी लोगों के संपर्क में भी सीमित तरीके से था।</p>
<p class="isSelectedEnd">दिलचस्प बात यह रही कि फरारी के दौरान भी मनीष सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय बना रहा। उसने कई बार शादी समारोहों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं से जुड़े फोटो और वीडियो पोस्ट किए। इससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली। बताया जा रहा है कि पुलिस टावर लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। जैसे-जैसे पुलिस का दबाव बढ़ता गया, वैसे-वैसे उसके विकल्प कम होते चले गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पुलिस की लगातार घेराबंदी और निगरानी के चलते मनीष के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवादित वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया और उसे वायरल करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस जांच का एक बड़ा हिस्सा अब डिजिटल सबूतों पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक, मनीष के अन्य डिजिटल उपकरण, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि वीडियो एडिटिंग, अपलोडिंग या सोशल मीडिया प्रमोशन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर कंटेंट की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर बहस शुरू कर दी है। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लाखों फॉलोअर्स होने के कारण उनके वीडियो और बयान का असर भी बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में किसी भी समुदाय या वर्ग के खिलाफ की गई टिप्पणी तुरंत विवाद का रूप ले सकती है। रीवा का यह मामला भी इसी तरह तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कानूनी जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। अगर किसी पोस्ट या वीडियो से सामाजिक तनाव बढ़ता है या किसी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यही वजह है कि पुलिस अब इस मामले को केवल एक वायरल वीडियो के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दे के तौर पर देख रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपी की गिरफ्तारी को कानून की जीत बताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए किसी भी समाज की महिलाओं या युवतियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। समाज के लोगों ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे। पुलिस रिमांड के दौरान मनीष पटेल से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि विवादित कंटेंट बनाने के पीछे उसकी मंशा क्या थी और क्या यह सब केवल वायरल होने के उद्देश्य से किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 10:37:57 +0530</pubDate>
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