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                <title>Instagram - दैनिक जागरण</title>
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                <title>दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारी में दीपिका-रणवीर, प्रेग्नेंसी के आखिरी चरण में एक्ट्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया प्रेग्नेंसी के आखिरी चरण का अनुभव, कुछ ही हफ्तों में दूसरे बच्चे को जन्म दे सकती हैं दीपिका; रणवीर सिंह के साथ नए घर में शिफ्ट होने की भी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/deepika-ranveer-actress-in-last-stage-of-pregnancy-preparing-to-welcome/article-58494"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/deepika-padukone-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। अप्रैल 2026 में दूसरी बार मां बनने की खुशखबरी साझा करने के बाद अब अभिनेत्री गर्भावस्था के आखिरी चरण यानी थर्ड ट्राइमेस्टर में पहुंच चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक मजेदार मीम साझा कर यह संकेत दिया कि प्रेग्नेंसी के इस दौर में उन्हें भी आम गर्भवती महिलाओं की तरह कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है और प्रशंसक उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।</p>
<p>दीपिका द्वारा साझा किए गए मीम में एक गर्भवती महिला रात के समय बाथरूम जाने के लिए उठने की कोशिश करती नजर आती है। वीडियो के साथ लिखा गया था कि थर्ड ट्राइमेस्टर में रात के समय बाथरूम जाना कितना मुश्किल हो जाता है। दीपिका ने इस मीम को साझा कर न सिर्फ अपने प्रशंसकों के साथ प्रेग्नेंसी का अनुभव साझा किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अब गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं।</p>
<p>चिकित्सकीय दृष्टि से देखा जाए तो थर्ड ट्राइमेस्टर गर्भावस्था का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय माना जाता है। यह लगभग 28वें सप्ताह से शुरू होकर बच्चे के जन्म तक चलता है। इस दौरान गर्भ में पल रहे शिशु का विकास तेजी से होता है और मां का शरीर प्रसव की तैयारी करने लगता है। इसी वजह से महिलाओं को चलने-फिरने में परेशानी, कमर और पैरों में दर्द, बार-बार पेशाब आने, सांस फूलने, पैरों में सूजन और रात में नींद न आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दीपिका का पोस्ट भी इन्हीं सामान्य अनुभवों की ओर इशारा करता है।</p>
<p>दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अप्रैल 2026 में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर दूसरी बार माता-पिता बनने की जानकारी दी थी। इस पोस्ट में दोनों ने अपनी बेटी दुआ के हाथ में पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट किट की तस्वीर साझा की थी। पोस्ट सामने आने के बाद फिल्म जगत के कई बड़े सितारों और प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। प्रियंका चोपड़ा, कैटरीना कैफ, अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ मल्होत्रा समेत कई कलाकारों ने कमेंट कर इस खुशखबरी पर बधाई दी थी।</p>
<p>प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद दीपिका सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम नजर आई हैं। हालांकि, हाल ही में उन्होंने एक विज्ञापन का वीडियो साझा किया था, जिसमें वह अपने बेबी बंप के साथ बेहद खुश और आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। इस वीडियो में उनका सहज और सकारात्मक अंदाज प्रशंसकों को काफी पसंद आया। सोशल मीडिया पर फैन्स ने उनकी सादगी और मुस्कुराहट की जमकर तारीफ की।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार दीपिका और रणवीर सिंह अपने दूसरे बच्चे के जन्म के बाद मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित नए घर में शिफ्ट हो सकते हैं। दोनों पिछले कुछ समय से इस आलीशान घर के निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं। कुछ समय पहले उन्हें निर्माणाधीन घर का निरीक्षण करते हुए भी देखा गया था। माना जा रहा है कि नए सदस्य के आगमन के बाद पूरा परिवार इसी नए घर में रहेगा।</p>
<p>दीपिका और रणवीर पहले से एक बेटी के माता-पिता हैं। 8 सितंबर 2024 को दोनों ने अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की थी। उस समय उन्होंने लिखा था कि उनके घर बेटी का जन्म हुआ है। यह खबर सामने आते ही फिल्म जगत से लेकर प्रशंसकों तक सभी ने इस जोड़ी को शुभकामनाएं दी थीं। बाद में दिवाली 2025 के अवसर पर दोनों ने पहली बार अपनी बेटी की तस्वीरें साझा की थीं, जिन्हें सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने पसंद किया।</p>
<p>दीपिका और रणवीर की प्रेम कहानी भी बॉलीवुड की चर्चित लव स्टोरी में शामिल है। दोनों की मुलाकात फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के दौरान हुई थी। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने वर्ष 2018 में इटली के लेक कोमो में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी की थी। शादी के बाद से दोनों अक्सर अपने रिश्ते और परिवार को लेकर चर्चा में रहते हैं। दीपिका पादुकोण अपने अभिनय के साथ-साथ निजी जीवन को लेकर भी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। इस बार भी उन्होंने किसी ग्लैमरस फोटोशूट की बजाय प्रेग्नेंसी के वास्तविक अनुभव को मजाकिया अंदाज में साझा कर लाखों महिलाओं से जुड़ाव महसूस कराया है। उनका यह पोस्ट इस बात का उदाहरण है कि सेलिब्रिटी होने के बावजूद मातृत्व का अनुभव हर महिला के लिए लगभग एक जैसा होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:51:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लस्सी विवाद पर ट्रोलर्स को भाग्यश्री का जवाब, बोलीं- अधूरी क्लिप से बदनाम करने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[बनारस की एक लस्सी दुकान पर शूट हुए वीडियो के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने दी सफाई। कहा- मैंने लस्सी का स्वाद लिया था, आधी-अधूरी जानकारी फैलाकर गलत धारणा बनाई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/bhagyashrees-reply-to-trollers-on-lassi-controversy-attempt-to-defame/article-58196"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhagyashree.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">फिल्म 'मैंने प्यार किया' से रातोंरात स्टार बनीं अभिनेत्री भाग्यश्री इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। वाराणसी की एक मशहूर लस्सी दुकान पर शूट किए गए वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। वीडियो में भाग्यश्री लस्सी का स्वाद लेते हुए दिखाई देती हैं, लेकिन कुछ देर बाद वह यह कहती नजर आती हैं कि इसमें शुगर और फैट काफी ज्यादा है। इसके बाद उन्होंने पूरा कुल्हड़ नहीं पिया। यही क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और कई लोगों ने उन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। अब पूरे विवाद पर अभिनेत्री ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उन्हें अधूरी वीडियो क्लिप के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। भाग्यश्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक नया वीडियो साझा करते हुए पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया। उन्होंने लिखा कि जिस दिन यह वीडियो बनाया गया, उस दिन वह सुबह करीब तीन बजे से जाग रही थीं। मंगला आरती में शामिल होने के बाद उन्होंने काशी के घाटों पर काफी देर तक पैदल यात्रा की थी। लगातार गर्मी और थकान के बीच उन्होंने स्थानीय दुकान की लस्सी का स्वाद लिया, जो उन्हें काफी पसंद आई। उनके मुताबिक, लस्सी में डाले गए ड्राई फ्रूट्स और उसका स्वाद उन्हें बेहद अच्छा लगा और यह उनके लिए किसी एनर्जी बूस्टर से कम नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">अभिनेत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को वायरल किया गया है, उसमें केवल कुछ सेकंड की क्लिप दिखाई गई है, जबकि पूरे वीडियो का संदर्भ बिल्कुल अलग है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जो लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, वे उस समय मौके पर मौजूद थे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी ने उन्हें यह कहते हुए सुना कि वह लस्सी नहीं पिएंगी क्योंकि उसमें ज्यादा चीनी है। भाग्यश्री का कहना है कि उनकी बातों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश गया। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि स्थानीय खान-पान और छोटे दुकानदारों को बढ़ावा देना किसी प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं था। उनके मुताबिक, जब कोई कलाकार किसी स्थानीय दुकान या भोजन की तारीफ करता है, तो उसका उद्देश्य उस क्षेत्र की संस्कृति और छोटे कारोबारियों को समर्थन देना होता है, न कि उससे आर्थिक लाभ कमाना। उन्होंने कहा कि दुख इस बात का है कि कुछ लोग अच्छी बातों में भी नकारात्मकता ढूंढ़ लेते हैं और बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकाल लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भाग्यश्री ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी ट्रोलर्स को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि काशी जैसी पवित्र नगरी के अनुभव को कुछ लोगों ने विवाद का विषय बना दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या गर्मी के मौसम में किसी की मां ने कभी उसे लस्सी नहीं पिलाई। उनके अनुसार, लस्सी पीना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन आधा वीडियो दिखाकर लोगों को भ्रमित करना जरूर गलत है। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश उचित नहीं कही जा सकती। सोशल मीडिया पर यह विवाद इसलिए भी तेजी से बढ़ा क्योंकि भाग्यश्री लंबे समय से हेल्थ और फिटनेस से जुड़े वीडियो साझा करती रही हैं। वह अक्सर अपने फॉलोअर्स को संतुलित खान-पान, योग और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े सुझाव देती हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यदि वह स्वास्थ्य को लेकर इतनी सजग हैं तो फिर उन्होंने ज्यादा शुगर और फैट वाली लस्सी का प्रचार क्यों किया। हालांकि अभिनेत्री ने साफ किया कि किसी पारंपरिक व्यंजन का स्वाद लेना और उसे नियमित खान-पान का हिस्सा बनाना दोनों अलग बातें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भाग्यश्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी वीडियो का छोटा-सा हिस्सा काटकर वायरल कर देना बेहद आसान हो गया है। कई बार पूरी बात सामने नहीं आती और लोग उसी अधूरी जानकारी के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो या पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसका पूरा संदर्भ समझना जरूरी है। भाग्यश्री हिंदी सिनेमा का एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने वर्ष 1989 में सलमान खान के साथ फिल्म 'मैंने प्यार किया' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। पहली ही फिल्म सुपरहिट रही और वह रातोंरात स्टार बन गईं। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला। हालांकि करियर की शुरुआत में ही उन्होंने व्यवसायी हिमालय दासानी से शादी कर ली और फिल्मों में सीमित काम करने का फैसला किया। इसके बावजूद उन्होंने समय-समय पर हिंदी के अलावा मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और भोजपुरी फिल्मों में भी अभिनय किया। फिल्मों के अलावा भाग्यश्री कई टेलीविजन कार्यक्रमों और रियलिटी शोज में भी नजर आ चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वह नियमित रूप से हेल्थ टिप्स, योग, घरेलू नुस्खे, ट्रैवल और फूड से जुड़े वीडियो साझा करती रहती हैं। उनके बेटे अभिमन्यु दासानी बॉलीवुड अभिनेता हैं, जबकि बेटी अवंतिका दासानी ने वेब सीरीज के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:52:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बाल यौन शोषण कंटेंट पर सरकार सख्त, इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta को भेजा नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[7 दिन में मांगा जवाब, विवादित विज्ञापन तुरंत हटाने और ऐसे कंटेंट की पहुंच रोकने के निर्देश; सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर बढ़ी सख्ती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/government-strict-on-child-sexual-abuse-content-sent-notice-to/article-57915"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/instagram-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Abuse Material) से जुड़े विज्ञापनों के प्रसार को गंभीरता से लेते हुए उसकी पैरेंट कंपनी Meta को नोटिस जारी किया है। सरकार ने कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है और निर्देश दिया है कि ऐसे सभी विज्ञापनों और संबंधित कंटेंट को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक और हटाया जाए। यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) ने 4 जुलाई को जारी नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी प्रकार का ऐसा कंटेंट या विज्ञापन बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देता है या उपयोगकर्ताओं को ऐसे अवैध कंटेंट तक पहुंचने में मदद करता है, तो उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। सरकार ने Meta से यह भी पूछा है कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाई दिए और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए कंपनी क्या कदम उठाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>BBC की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत में इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन चल रहे थे जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया गया। रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद उपयोगकर्ताओं को दूसरे प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से टेलीग्राम चैनलों की ओर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर अवैध सामग्री बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही थी। ऐसे विज्ञापन Meta के मॉडरेशन सिस्टम से स्वीकृति मिलने के बाद ही प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रहे थे। जब इस संबंध में शिकायत की गई तो शुरुआती स्तर पर संबंधित विज्ञापन को कंपनी की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं माना गया। बाद में मामला सार्वजनिक होने के बाद Meta ने कई विज्ञापन हटाने, संबंधित अकाउंट निलंबित करने और संदिग्ध लिंक हटाने की बात स्वीकार की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सरकार ने मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने Meta से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में ऐसी चूक कैसे हुई। साथ ही यह भी पूछा गया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक उपाय किए जाएंगे। सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी केवल कंटेंट उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि उनके प्लेटफॉर्म का उपयोग किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों के लिए न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस जारी किया हो। इससे पहले 1 जुलाई को सरकार ने WhatsApp के यूजरनेम फीचर को लेकर भी कंपनी से जवाब मांगा था। लगातार दूसरी बार नोटिस जारी होने से स्पष्ट है कि सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर अधिक सतर्क और सख्त रुख अपना रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत में क्या कहता है कानून</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">भारतीय कानून के अनुसार बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी किसी भी प्रकार की सामग्री का निर्माण, संग्रह, डाउनलोड, खरीद, बिक्री, प्रसारण या साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67B के तहत ऐसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। पहली बार दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष तक की कैद और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। दोबारा अपराध करने पर सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा अन्य संबंधित कानूनों के तहत भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत सोशल मीडिया कंपनियों पर यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे अवैध और आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें। इन नियमों के अनुसार कंपनियों को जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करना और शिकायत मिलने पर समयबद्ध तरीके से सामग्री हटाना अनिवार्य है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>यदि ऐसा कंटेंट दिखे तो क्या करें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की सलाह है कि यदि किसी उपयोगकर्ता को इस प्रकार का कोई भी संदिग्ध या अवैध कंटेंट दिखाई देता है तो उसे किसी भी स्थिति में डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या स्थानीय साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी है कि इन प्लेटफॉर्म पर मौजूद अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।  केवल सरकार या सोशल मीडिया कंपनियां ही नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ेगी निगरानी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार की इस कार्रवाई को डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन, विज्ञापन स्वीकृति प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र की अधिक सख्ती से निगरानी की जाएगी। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ आईटी कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाना और बच्चों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:31:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशे के खिलाफ वीडियो बनाने वाला युवक 4 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई से मचा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[इंस्टाग्राम पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाला भिलाई का युवक हरिशंकर यादव उर्फ जुगनू एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार, मां ने कार्रवाई पर उठाए सवाल तो पुलिस ने जब्ती और पुराने मामलों का किया दावा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/youth-making-video-against-drugs-arrested-with-4-kg-ganja/article-57541"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/durg-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। इंस्टाग्राम पर नशे के खिलाफ लगातार वीडियो बनाकर पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने वाला एक युवक अब स्वयं गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के कब्जे से 4 किलो 198 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई गई है। वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को झूठा बताया है। गिरफ्तार युवक की पहचान भिलाई निवासी 24 वर्षीय हरिशंकर यादव उर्फ जुगनू के रूप में हुई है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'जुगनू ब्लॉगर' नाम से सक्रिय था। उसके वीडियो मुख्य रूप से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने पर आधारित होते थे। इसी कारण उसकी गिरफ्तारी ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार 29 जून को सूचना मिली थी कि हरिशंकर यादव खुर्सीपार थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर रोड स्थित बिहारी मोहल्ला के पास गांजा बेचने की तैयारी में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 4 किलो 198 ग्राम गांजा, 300 रुपए नकद और एक एक्टिवा स्कूटर जब्त किया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे और अन्य सामान की कुल कीमत करीब दो लाख रुपए है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20(ख) और 27ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। खुर्सीपार थाना पुलिस का कहना है कि हरिशंकर यादव के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त था और गांजा बेचकर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था।</p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तारी से करीब एक महीने पहले हरिशंकर यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह खुर्सीपार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर नशे से जुड़े सामान, इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, सिरिंज और नशीली दवाओं की खाली शीशियां दिखाता नजर आया था। वीडियो में उसने पुलिस और प्रशासन से नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की अपील भी की थी। अपने कई वीडियो में वह स्कूलों के आसपास, पार्कों, खेल मैदानों और सुनसान स्थानों पर फैले नशे से जुड़े कचरे को साफ करते हुए भी दिखाई देता था। एक वीडियो में उसने स्थानीय थाना प्रभारी से सीधे कहा था कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर ध्यान देकर कार्रवाई की जाए। यही वजह है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।</p>
<p>इस पूरे मामले में आरोपी की मां गोमती यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को पुलिस सोमवार को अपने साथ लेकर गई थी। उन्होंने दावा किया कि बेटे के पास से कोई गांजा बरामद नहीं हुआ और उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि यदि वास्तव में बरामदगी हुई है तो उसका स्पष्ट प्रमाण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। गोमती यादव का कहना है कि उनका बेटा लगातार नशे के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और इसी कारण उसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े इंजेक्शन तथा नशीले पदार्थों से जुड़े सामान के वीडियो बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से उस पर झूठा मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>हालांकि पुलिस ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जब्ती, साक्ष्य और जांच प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है। ऐसे मामलों में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर अंतिम निर्णय देती है। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:41:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना सही करियर विकल्प है?</title>
                                    <description><![CDATA[आज के डिजिटल दौर में इन्फ्लुएंसर बनने की बढ़ती होड़, लेकिन सफलता आसान नहीं—इस करियर में मौके भी हैं और जोखिम भी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/opinion/is-becoming-a-social-media-influencer-the-right-career-choice/article-57242"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/social-media-influencer.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सोशल मीडिया के इस दौर में हर दूसरा युवा इन्फ्लुएंसर बनने का सपना देख रहा है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और अब शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स ने लोगों के लिए खुद को दिखाने और पहचान बनाने के रास्ते खोल दिए हैं। कई लोग इसे एक आसान और तेजी से पैसा कमाने वाला करियर मान रहे हैं, लेकिन असलियत थोड़ी अलग है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही अनिश्चित और प्रतिस्पर्धा से भरा हुआ भी है। आज के समय में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एक बड़ा उद्योग बन चुका है। कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए बड़े और छोटे सभी तरह के क्रिएटर्स के साथ जुड़ रही हैं। इससे यह धारणा बन गई है कि कैमरा उठाया और वीडियो बनाया तो सफलता मिल जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि यहां पहुंचना आसान है, लेकिन टिके रहना मुश्किल।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आप अपनी क्रिएटिविटी को दुनिया के सामने रख सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने टैलेंट के आधार पर पहचान बना सकता है, चाहे वह कॉमेडी हो, एजुकेशन, फिटनेस, ट्रैवल या फूड कंटेंट। कई युवाओं ने इस प्लेटफॉर्म से लाखों फॉलोअर्स और अच्छी कमाई भी हासिल की है। कुछ लोगों के लिए यह फुल-टाइम करियर बन चुका है। लेकिन इसके दूसरी तरफ एक सच्चाई भी है, जो अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। हर इन्फ्लुएंसर सफल नहीं होता। लाखों लोग कंटेंट बना रहे हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम ही लोग स्थायी कमाई और पहचान बना पाते हैं। एल्गोरिदम का बदलना, ऑडियंस का कम जुड़ाव और लगातार नया कंटेंट बनाने का दबाव इस क्षेत्र को मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण बना देता है। कई युवा बिना योजना के इस फील्ड में कूद जाते हैं। शुरुआत में कुछ वीडियो वायरल हो जाते हैं, लेकिन उसके बाद स्थिर ग्रोथ नहीं मिलती। इससे निराशा भी बढ़ती है। इसलिए जरूरी है कि इसे केवल शॉर्टकट करियर की तरह न देखा जाए। यह एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें लगातार सीखना, सुधार करना और धैर्य रखना जरूरी होता है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं होती, लेकिन स्किल्स की बहुत अहमियत होती है। कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग, ऑडियंस समझना और ट्रेंड्स की जानकारी होना जरूरी है। साथ ही, लगातार एक्टिव रहना और ऑडियंस के साथ जुड़ाव बनाए रखना भी सफलता की कुंजी है। आज कई लोग इसे पारंपरिक नौकरी का विकल्प मान रहे हैं, लेकिन दोनों की तुलना पूरी तरह सही नहीं है। नौकरी में स्थिरता होती है, जबकि इन्फ्लुएंसर करियर में अनिश्चितता ज्यादा होती है। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति इसमें सफल हो जाए तो कमाई की कोई सीमा नहीं होती। ब्रांड डील्स, स्पॉन्सरशिप और खुद के प्रोडक्ट्स के जरिए अच्छी आय संभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली लाइफ हमेशा वास्तविक नहीं होती। कई लोग केवल सफलता की कहानियां देखते हैं, लेकिन उसके पीछे की मेहनत, असफलता और लगातार दबाव नजर नहीं आता। यही वजह है कि कई युवा जल्दी हार मान लेते हैं। इस फील्ड में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। लगातार लाइक्स, व्यूज़ और फॉलोअर्स की दौड़ कई बार तनाव का कारण बन सकती है। इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है और इसे केवल पहचान या पैसे का माध्यम नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल स्किल की तरह देखना चाहिए। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना सही विकल्प हो सकता है, लेकिन यह सभी के लिए आसान या सुरक्षित करियर नहीं है। अगर कोई व्यक्ति क्रिएटिव है, लगातार मेहनत कर सकता है और अनिश्चितता को स्वीकार कर सकता है, तभी यह क्षेत्र उसके लिए सही साबित हो सकता है। यह करियर अवसरों से भरा है, लेकिन इसमें स्थिरता नहीं है। इसलिए बिना समझे इसमें कूदना सही नहीं होगा। सोच-समझकर, प्लानिंग के साथ और स्किल डेवलपमेंट के साथ आगे बढ़ना ही बेहतर रास्ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:57:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपूर्वा मुखीजा के बयान पर फिर छिड़ा विवाद, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने वायरल वीडियो के बाद ट्रोलर्स के निशाने पर आईं अपूर्वा मुखीजा, आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कंपनियों तक पहुंचाई शिकायत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/controversy-erupted-again-over-apoorva-mukhijas-statement-gave-a-befitting/article-56317"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aparna-mukhija.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मुखीजा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं। ‘द रेबेल किड’ के नाम से लोकप्रिय अपूर्वा का एक पुराना वीडियो हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह किसी छोटे-मोटे ऑफर के लिए समझौता नहीं करेंगी, लेकिन यदि कोई बेहद बड़ी रकम की पेशकश करे तो उस पर विचार कर सकती हैं। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कई यूजर्स ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने अपूर्वा को आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने कथित तौर पर उन्हें अलग-अलग रकम का प्रस्ताव देते हुए अभद्र टिप्पणियां कीं। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा भेजा गया संदेश चर्चा का विषय बन गया, जिसमें उसने अपूर्वा के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए एक निश्चित रकम का उल्लेख किया था। इस टिप्पणी पर अपूर्वा ने चुप रहने के बजाय जवाबी कार्रवाई का रास्ता चुना।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपूर्वा ने संबंधित व्यक्ति की पहचान पता लगाने की कोशिश की और सोशल मीडिया के माध्यम से उसके कार्यस्थल की जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्होंने उस कंपनी को टैग करते हुए सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया कि क्या उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी महिलाओं के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग कर सकते हैं। अपूर्वा की पोस्ट के बाद संबंधित कंपनी की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे व्यवहार का समर्थन नहीं करती और संबंधित व्यक्ति अब उनके संगठन का हिस्सा नहीं है। हालांकि मामला यहीं नहीं रुका। आगे की जानकारी जुटाने पर अपूर्वा ने दावा किया कि वह व्यक्ति किसी अन्य प्रतिष्ठित विजुअल इफेक्ट्स कंपनी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने उस कंपनी को भी सोशल मीडिया पर टैग करते हुए इस मुद्दे पर जवाब मांगा। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग अपूर्वा के समर्थन में सामने आए, जबकि कुछ लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपूर्वा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उस व्यक्ति के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी साझा किए। इन संदेशों में उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि यदि अभद्र टिप्पणियां बंद नहीं हुईं तो वह संबंधित व्यक्ति के पेशेवर नेटवर्क तक मामला पहुंचाएंगी। अपूर्वा ने लिखा कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को सामान्य नहीं माना जा सकता और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रोलिंग और डिजिटल उत्पीड़न के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूत किया है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। किसी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपूर्वा मुखीजा इससे पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। पिछले वर्ष कॉमेडी शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में उनकी मौजूदगी को लेकर देशभर में चर्चा हुई थी। शो के दौरान कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हुआ और कई लोगों ने आपत्ति जताई। उस समय शो से जुड़े अन्य कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भी शिकायतें दर्ज हुई थीं। विवाद इतना बढ़ गया था कि अपूर्वा को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग, धमकियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। हालांकि इन चुनौतियों के बावजूद अपूर्वा ने डिजिटल दुनिया में अपनी सक्रियता बनाए रखी। आज उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं और युवा दर्शकों के बीच उनकी मजबूत पहचान है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके वीडियो और पोस्ट अक्सर ट्रेंडिंग सूची में शामिल रहते हैं। ताजा विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हस्तियों को किस हद तक व्यक्तिगत हमलों का सामना करना पड़ता है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की सीमा क्या होनी चाहिए। जहां एक ओर समर्थक अपूर्वा के कदम को महिलाओं के सम्मान और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:16:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का बड़ा ऐलान, TikTok से Instagram तक कई प्लेटफॉर्म होंगे प्रतिबंधित; बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बताया प्राथमिकता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/social-media-ban-on-children-under-16-years-of-age/article-56071"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/uk-social-media-ban.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ब्रिटेन ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन खतरों, साइबर बुलिंग, हानिकारक कंटेंट और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। इस घोषणा के बाद ब्रिटेन उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून बना रहे हैं। डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री स्टार्मर ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी व्यावसायिक हित से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया कंपनियां इन नियमों का विरोध करती हैं तो सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उनके मुताबिक डिजिटल दुनिया ने बच्चों को नई संभावनाएं जरूर दी हैं, लेकिन इसके साथ कई गंभीर जोखिम भी सामने आए हैं। सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन उत्पीड़न और एल्गोरिदम आधारित कंटेंट बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत ब्रिटेन में सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की न्यूनतम आयु 13 साल से बढ़ाकर 16 साल की जाएगी। इसका असर TikTok, Instagram, Facebook, Snapchat, X, YouTube, Reddit, Threads, Twitch और Kick जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट न बना सकें। हालांकि WhatsApp और Signal जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को फिलहाल इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है क्योंकि इन्हें मुख्य रूप से निजी संचार का माध्यम माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार केवल आयु सीमा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। अधिकारियों के अनुसार नए कानून को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। बच्चों द्वारा गलत उम्र बताकर अकाउंट बनाने की समस्या को देखते हुए एज-वेरीफिकेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए फेस स्कैनिंग तकनीक, डिजिटल आईडी और अन्य सत्यापन उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि इससे उम्र छिपाकर अकाउंट बनाने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। ब्रिटिश सरकार कुछ और सख्त कदमों पर भी विचार कर रही है। इनमें 16 और 17 साल के किशोरों के लिए रात के समय सोशल मीडिया उपयोग पर सीमाएं लगाने और कुछ एआई चैटबॉट्स तक पहुंच नियंत्रित करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि देर रात तक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों की नींद, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। इसी वजह से डिजिटल कर्फ्यू जैसे विकल्पों पर चर्चा हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही अवसाद, चिंता, आत्मविश्वास की कमी और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याओं के मामले भी सामने आए हैं। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि लंबे समय तक सोशल मीडिया पर रहने वाले बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां अधिक देखी गई हैं। यही कारण है कि दुनिया के कई देश इस दिशा में नए कानून बना रहे हैं। ब्रिटेन का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के मॉडल से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2024 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू कर दुनिया का पहला ऐसा देश बनने का दावा किया था। अब ब्रिटेन ने न केवल उसी दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि कुछ मामलों में उससे भी अधिक सख्त नियम लागू करने की तैयारी दिखाई है। कनाडा, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नए नियमों पर काम चल रहा है। हालांकि इस फैसले को लेकर बहस भी शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन प्रतिबंध के साथ डिजिटल शिक्षा और जागरूकता पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि केवल प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। बच्चों और अभिभावकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना भी जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मेटा लाएगा फेसबुक-इंस्टाग्राम-व्हाट्सऐप के ‘प्लस’ वर्जन, यूजर्स को मिलेंगे प्रीमियम फीचर्स</title>
                                    <description><![CDATA[नई सब्सक्रिप्शन सर्विस के तहत स्टोरी कंट्रोल, प्राइवेट व्यू, कस्टम लिस्ट और प्रीमियम AI टूल्स जैसे फीचर्स मिलेंगे, भारत में जल्द हो सकता है रोलआउट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/meta-will-bring-plus-version-of-facebook-instagram-whatsapp-users-will-get/article-54439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/meta-plus.jpg" alt=""></a><br /><p>सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है। टेक कंपनी मेटा अब अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के लिए प्रीमियम ‘प्लस’ वर्जन लॉन्च करने जा रही है। इन नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स के जरिए यूजर्स को कई एडवांस फीचर्स और कस्टमाइजेशन ऑप्शंस मिलेंगे, जिनके लिए उन्हें मासिक शुल्क देना होगा। कंपनी का यह कदम विज्ञापन आधारित मॉडल से आगे बढ़कर नई कमाई के विकल्प तैयार करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>मेटा ने साफ किया है कि ये नए प्लस प्लान उसके मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे, बल्कि अलग श्रेणी के प्रीमियम फीचर्स के तौर पर पेश किए जाएंगे। फिलहाल कंपनी ने इन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा की है, जबकि भारत में लॉन्चिंग की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p>इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस को खासतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इन प्लान्स में यूजर्स यह देख सकेंगे कि उनकी स्टोरी को कितने लोगों ने दोबारा देखा। यह फीचर अभी सामान्य यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।</p>
<p>इसके अलावा यूजर्स को ‘क्लोज फ्रेंड्स’ जैसी एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग लिस्ट बनाने का विकल्प मिलेगा। यानी अब लोग अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप तैयार कर पाएंगे और तय कर सकेंगे कि कौन-सी स्टोरी या पोस्ट किसे दिखाई जाए। इससे सोशल मीडिया पर प्राइवेसी और कंटेंट कंट्रोल पहले से ज्यादा मजबूत होगा।</p>
<p>मेटा का एक और बड़ा फीचर स्टोरी टाइम लिमिट को लेकर है। अभी इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टोरी 24 घंटे बाद अपने आप हट जाती है, लेकिन प्लस वर्जन में यूजर्स चाहें तो अपनी स्टोरी को ज्यादा समय तक प्रोफाइल पर बनाए रख सकेंगे। इसके साथ ही हफ्ते में एक बार किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ करने का विकल्प मिलेगा, जिससे वह ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।</p>
<p>सबसे ज्यादा चर्चा उस फीचर की हो रही है जिसमें यूजर किसी की स्टोरी देख सकेगा लेकिन सामने वाले को इसका पता नहीं चलेगा। यानी स्टोरी व्यूअर लिस्ट में उसका नाम दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा स्टोरी देखने वालों के नाम को सर्च करने की सुविधा भी दी जाएगी।</p>
<p>मेटा ने प्रोफाइल अपडेट को लेकर भी नया बदलाव किया है। अब यूजर अपनी किसी फोटो या वीडियो को सीधे प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकेंगे, बिना इस बात की जानकारी दोस्तों के फीड में जाए। इससे यूजर्स बिना अनावश्यक नोटिफिकेशन के अपनी प्रोफाइल अपडेट कर पाएंगे।</p>
<p>कंपनी ने यूजर्स को ज्यादा आकर्षक अनुभव देने के लिए नए फॉन्ट, कस्टम एप आइकॉन और स्क्रीन पर दिखने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन जैसे विजुअल फीचर्स भी शामिल किए हैं। इन फीचर्स का मकसद यूजर्स को सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव देना है।</p>
<p>वहीं व्हाट्सऐप प्लस को पूरी तरह मैसेजिंग और पर्सनलाइजेशन पर केंद्रित किया गया है। इसमें यूजर्स को चैट थीम बदलने, कस्टम रिंगटोन्स लगाने, ज्यादा चैट्स पिन करने और प्रीमियम स्टिकर्स इस्तेमाल करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा चैट लिस्ट को भी अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज किया जा सकेगा।</p>
<p>मेटा अपने AI प्लेटफॉर्म के लिए भी दो नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स की टेस्टिंग कर रही है। इनमें ‘मेटा वन प्लस’ और ‘मेटा वन प्रीमियम’ शामिल हैं। प्रीमियम प्लान लेने वाले यूजर्स को ज्यादा पावरफुल AI फीचर्स, हाई कंप्यूट क्वेरीज और बेहतर इमेज व वीडियो जनरेशन टूल्स मिलेंगे। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य यूजर्स के लिए बेसिक AI सुविधाएं मुफ्त रहेंगी।</p>
<p>क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए भी मेटा ने महंगे एडवांस प्लान तैयार किए हैं। इन प्लान्स में वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा, बेहतर एनालिटिक्स, पोस्ट प्रमोशन और ऑटोमेटेड फॉलो इनविटेशन जैसे फीचर्स मिलेंगे। इससे छोटे बिजनेस और डिजिटल क्रिएटर्स को अपनी ऑडियंस बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>सोशल मीडिया कंपनियों का बिजनेस मॉडल तेजी से बदल रहा है। पहले कंपनियां केवल विज्ञापनों और यूजर डेटा से कमाई करती थीं, लेकिन अब यूजर ग्रोथ धीमी पड़ने और प्राइवेसी कानून सख्त होने के कारण उन्हें नए रेवेन्यू मॉडल तलाशने पड़ रहे हैं। यही वजह है कि मेटा अब प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सर्विस पर फोकस कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फ्री और पेड यूजर्स के बीच फीचर्स का अंतर और ज्यादा बढ़ सकता है। यूजर्स को यह इंतजार है कि भारत में ये नए प्लस प्लान कब लॉन्च होंगे और उनकी कीमत कितनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:11:22 +0530</pubDate>
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