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                <title>Facebook - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का बड़ा ऐलान, TikTok से Instagram तक कई प्लेटफॉर्म होंगे प्रतिबंधित; बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बताया प्राथमिकता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/social-media-ban-on-children-under-16-years-of-age/article-56071"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/uk-social-media-ban.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ब्रिटेन ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन खतरों, साइबर बुलिंग, हानिकारक कंटेंट और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। इस घोषणा के बाद ब्रिटेन उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून बना रहे हैं। डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री स्टार्मर ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी व्यावसायिक हित से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया कंपनियां इन नियमों का विरोध करती हैं तो सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उनके मुताबिक डिजिटल दुनिया ने बच्चों को नई संभावनाएं जरूर दी हैं, लेकिन इसके साथ कई गंभीर जोखिम भी सामने आए हैं। सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन उत्पीड़न और एल्गोरिदम आधारित कंटेंट बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत ब्रिटेन में सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की न्यूनतम आयु 13 साल से बढ़ाकर 16 साल की जाएगी। इसका असर TikTok, Instagram, Facebook, Snapchat, X, YouTube, Reddit, Threads, Twitch और Kick जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट न बना सकें। हालांकि WhatsApp और Signal जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को फिलहाल इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है क्योंकि इन्हें मुख्य रूप से निजी संचार का माध्यम माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार केवल आयु सीमा बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। अधिकारियों के अनुसार नए कानून को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। बच्चों द्वारा गलत उम्र बताकर अकाउंट बनाने की समस्या को देखते हुए एज-वेरीफिकेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए फेस स्कैनिंग तकनीक, डिजिटल आईडी और अन्य सत्यापन उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि इससे उम्र छिपाकर अकाउंट बनाने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। ब्रिटिश सरकार कुछ और सख्त कदमों पर भी विचार कर रही है। इनमें 16 और 17 साल के किशोरों के लिए रात के समय सोशल मीडिया उपयोग पर सीमाएं लगाने और कुछ एआई चैटबॉट्स तक पहुंच नियंत्रित करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि देर रात तक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों की नींद, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। इसी वजह से डिजिटल कर्फ्यू जैसे विकल्पों पर चर्चा हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही अवसाद, चिंता, आत्मविश्वास की कमी और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याओं के मामले भी सामने आए हैं। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि लंबे समय तक सोशल मीडिया पर रहने वाले बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां अधिक देखी गई हैं। यही कारण है कि दुनिया के कई देश इस दिशा में नए कानून बना रहे हैं। ब्रिटेन का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के मॉडल से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2024 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू कर दुनिया का पहला ऐसा देश बनने का दावा किया था। अब ब्रिटेन ने न केवल उसी दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि कुछ मामलों में उससे भी अधिक सख्त नियम लागू करने की तैयारी दिखाई है। कनाडा, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नए नियमों पर काम चल रहा है। हालांकि इस फैसले को लेकर बहस भी शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन प्रतिबंध के साथ डिजिटल शिक्षा और जागरूकता पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि केवल प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। बच्चों और अभिभावकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना भी जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मेटा लाएगा फेसबुक-इंस्टाग्राम-व्हाट्सऐप के ‘प्लस’ वर्जन, यूजर्स को मिलेंगे प्रीमियम फीचर्स</title>
                                    <description><![CDATA[नई सब्सक्रिप्शन सर्विस के तहत स्टोरी कंट्रोल, प्राइवेट व्यू, कस्टम लिस्ट और प्रीमियम AI टूल्स जैसे फीचर्स मिलेंगे, भारत में जल्द हो सकता है रोलआउट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/meta-will-bring-plus-version-of-facebook-instagram-whatsapp-users-will-get/article-54439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/meta-plus.jpg" alt=""></a><br /><p>सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है। टेक कंपनी मेटा अब अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के लिए प्रीमियम ‘प्लस’ वर्जन लॉन्च करने जा रही है। इन नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स के जरिए यूजर्स को कई एडवांस फीचर्स और कस्टमाइजेशन ऑप्शंस मिलेंगे, जिनके लिए उन्हें मासिक शुल्क देना होगा। कंपनी का यह कदम विज्ञापन आधारित मॉडल से आगे बढ़कर नई कमाई के विकल्प तैयार करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>मेटा ने साफ किया है कि ये नए प्लस प्लान उसके मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे, बल्कि अलग श्रेणी के प्रीमियम फीचर्स के तौर पर पेश किए जाएंगे। फिलहाल कंपनी ने इन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा की है, जबकि भारत में लॉन्चिंग की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p>इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस को खासतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इन प्लान्स में यूजर्स यह देख सकेंगे कि उनकी स्टोरी को कितने लोगों ने दोबारा देखा। यह फीचर अभी सामान्य यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।</p>
<p>इसके अलावा यूजर्स को ‘क्लोज फ्रेंड्स’ जैसी एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग लिस्ट बनाने का विकल्प मिलेगा। यानी अब लोग अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप तैयार कर पाएंगे और तय कर सकेंगे कि कौन-सी स्टोरी या पोस्ट किसे दिखाई जाए। इससे सोशल मीडिया पर प्राइवेसी और कंटेंट कंट्रोल पहले से ज्यादा मजबूत होगा।</p>
<p>मेटा का एक और बड़ा फीचर स्टोरी टाइम लिमिट को लेकर है। अभी इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टोरी 24 घंटे बाद अपने आप हट जाती है, लेकिन प्लस वर्जन में यूजर्स चाहें तो अपनी स्टोरी को ज्यादा समय तक प्रोफाइल पर बनाए रख सकेंगे। इसके साथ ही हफ्ते में एक बार किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ करने का विकल्प मिलेगा, जिससे वह ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।</p>
<p>सबसे ज्यादा चर्चा उस फीचर की हो रही है जिसमें यूजर किसी की स्टोरी देख सकेगा लेकिन सामने वाले को इसका पता नहीं चलेगा। यानी स्टोरी व्यूअर लिस्ट में उसका नाम दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा स्टोरी देखने वालों के नाम को सर्च करने की सुविधा भी दी जाएगी।</p>
<p>मेटा ने प्रोफाइल अपडेट को लेकर भी नया बदलाव किया है। अब यूजर अपनी किसी फोटो या वीडियो को सीधे प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकेंगे, बिना इस बात की जानकारी दोस्तों के फीड में जाए। इससे यूजर्स बिना अनावश्यक नोटिफिकेशन के अपनी प्रोफाइल अपडेट कर पाएंगे।</p>
<p>कंपनी ने यूजर्स को ज्यादा आकर्षक अनुभव देने के लिए नए फॉन्ट, कस्टम एप आइकॉन और स्क्रीन पर दिखने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन जैसे विजुअल फीचर्स भी शामिल किए हैं। इन फीचर्स का मकसद यूजर्स को सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव देना है।</p>
<p>वहीं व्हाट्सऐप प्लस को पूरी तरह मैसेजिंग और पर्सनलाइजेशन पर केंद्रित किया गया है। इसमें यूजर्स को चैट थीम बदलने, कस्टम रिंगटोन्स लगाने, ज्यादा चैट्स पिन करने और प्रीमियम स्टिकर्स इस्तेमाल करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा चैट लिस्ट को भी अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज किया जा सकेगा।</p>
<p>मेटा अपने AI प्लेटफॉर्म के लिए भी दो नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स की टेस्टिंग कर रही है। इनमें ‘मेटा वन प्लस’ और ‘मेटा वन प्रीमियम’ शामिल हैं। प्रीमियम प्लान लेने वाले यूजर्स को ज्यादा पावरफुल AI फीचर्स, हाई कंप्यूट क्वेरीज और बेहतर इमेज व वीडियो जनरेशन टूल्स मिलेंगे। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य यूजर्स के लिए बेसिक AI सुविधाएं मुफ्त रहेंगी।</p>
<p>क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए भी मेटा ने महंगे एडवांस प्लान तैयार किए हैं। इन प्लान्स में वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा, बेहतर एनालिटिक्स, पोस्ट प्रमोशन और ऑटोमेटेड फॉलो इनविटेशन जैसे फीचर्स मिलेंगे। इससे छोटे बिजनेस और डिजिटल क्रिएटर्स को अपनी ऑडियंस बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>सोशल मीडिया कंपनियों का बिजनेस मॉडल तेजी से बदल रहा है। पहले कंपनियां केवल विज्ञापनों और यूजर डेटा से कमाई करती थीं, लेकिन अब यूजर ग्रोथ धीमी पड़ने और प्राइवेसी कानून सख्त होने के कारण उन्हें नए रेवेन्यू मॉडल तलाशने पड़ रहे हैं। यही वजह है कि मेटा अब प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सर्विस पर फोकस कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फ्री और पेड यूजर्स के बीच फीचर्स का अंतर और ज्यादा बढ़ सकता है। यूजर्स को यह इंतजार है कि भारत में ये नए प्लस प्लान कब लॉन्च होंगे और उनकी कीमत कितनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:11:22 +0530</pubDate>
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