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                <title>MPEB - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रीवा में पेट्रोल पंप के पास गिरा 440 वोल्ट का लाइव तार, MPEB की तत्परता से टला बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह के समय पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे लोगों के बीच मची अफरा-तफरी, बिजली विभाग ने तत्काल सप्लाई बंद कर सुरक्षित कराया क्षेत्र।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/440-volt-live-wire-fell-near-petrol-pump-in-rewa/article-56908"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewanews.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा शहर में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के कनोडिया पेट्रोल पंप के पास 11 केवी बिजली लाइन से जुड़ा 440 वोल्ट का मुख्य फेस तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय लाइन में बिजली प्रवाहित हो रही थी और तार पूरी तरह लाइव था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान के नजदीक बिजली का चालू तार गिरने से कुछ देर के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि तार की चपेट में कोई व्यक्ति या वाहन नहीं आया और समय रहते बिजली विभाग ने सप्लाई बंद कर दी, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों ने देखा कि बिजली का तार जमीन पर गिरा हुआ है। शुरुआती कुछ क्षणों तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि तार में करंट दौड़ रहा है, आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और सुरक्षित दूरी बना ली। घटना के समय पेट्रोल पंप पर कुछ वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवा रहे थे। कई लोग अपने काम पर निकलने की तैयारी में थे। ऐसे में लाइव बिजली तार का गिरना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह छह बजे के आसपास इलाके में गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। पेट्रोल पंप पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगती है। यदि यह तार कुछ देर बाद गिरता या किसी वाहन अथवा व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। पेट्रोल पंप पर ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण जोखिम और भी अधिक था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि तार गिरने के बाद कुछ देर के लिए लोगों में भय का माहौल था और कई वाहन चालक तुरंत वहां से हट गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले क्षेत्र को सुरक्षित करने का काम किया। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तत्काल मुख्य बिजली सप्लाई बंद की गई ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके। बिजली कटने के बाद कर्मचारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त लाइन की स्थिति का आकलन शुरू किया। विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की तत्परता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि सप्लाई बंद करने में थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। कई लोगों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते सही निर्णय लिया। हालांकि इस घटना ने बिजली लाइनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में कई जगह पुराने तार और खंभे मौजूद हैं, जिनकी नियमित जांच आवश्यक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त तार को हटाने और नई लाइन जोड़ने का काम शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही, लेकिन विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा किया गया ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। तकनीकी टीम ने लाइन के अन्य हिस्सों की भी जांच की ताकि कहीं और कोई खतरा मौजूद न हो। बिजली विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर तार टूटने की वजह क्या रही। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी, पुराना तार, मौसम का प्रभाव या लाइन पर अधिक दबाव इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। विभाग ने संबंधित रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली लाइनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शहर के कई इलाकों में बिजली के तार लंबे समय से बदले नहीं गए हैं। यदि समय-समय पर तकनीकी जांच होती रहे तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से भी मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, बाजारों और पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद बिजली ढांचे की विशेष निगरानी की जाए।पेट्रोल पंप के आसपास बिजली संबंधी किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम और नियमित निरीक्षण आवश्यक होता है। रीवा में हुई यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:40:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा में पूरी रात गुल रही बिजली, भीषण गर्मी में लोग बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी अंधेरा, MPEB दफ्तर पर ताला मिलने से बढ़ा लोगों का गुस्सा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/electricity-cut-off-all-night-in-rewa-people-are-suffering/article-54475"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/_rewa-power-cut.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। हालात ऐसे बन गए कि लोग घरों से निकलकर सड़कों, छतों और गलियों में रात बिताने को मजबूर हो गए। शहर में मौसम पूरी तरह साफ था, न आंधी आई और न ही बारिश हुई, इसके बावजूद घंटों बिजली सप्लाई बंद रही। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके पूरे इलाके में भी रात 10 बजे के बाद बिजली नहीं लौटी।</p>
<p dir="ltr">रीवा के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती समेत कई इलाकों में या तो लगातार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात सप्लाई बंद रही। लोग पहले इन्वर्टर के भरोसे बैठे रहे, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इसके बाद घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। उमस इतनी ज्यादा थी कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर के अंदर रहना मुश्किल हो गया।</p>
<p dir="ltr">रात बढ़ने के साथ लोगों की परेशानी भी बढ़ती गई। कई मोहल्लों में लोग हाथ वाले पंखे लेकर बैठे नजर आए। कुछ परिवार अपने घरों की छतों पर चादर बिछाकर लेट गए। वहीं कुछ लोग सड़क किनारे टहलते दिखे ताकि गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके। अमहिया की रहने वाली पूजा मिश्रा ने बताया कि उनके छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे। गर्मी के कारण घर में सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की तरफ से कोई सूचना भी नहीं दी गई थी कि सप्लाई कब तक बंद रहेगी।</p>
<p dir="ltr">समान इलाके के राजेश तिवारी ने बताया कि पूरी रात परिवार के साथ छत पर बैठना पड़ा। बिजली आने का इंतजार करते-करते सुबह हो गई लेकिन सप्लाई सामान्य नहीं हो सकी। ढेकहा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा के दौरान इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब पहले से पता है कि गर्मी ज्यादा पड़ेगी तो बिजली विभाग को तैयारी भी पहले से करनी चाहिए थी।</p>
<p dir="ltr">बिजली संकट का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं रहा। सुबह तक कई इलाकों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। घरों की मोटरें नहीं चल पाने के कारण टंकियां खाली हो गईं। बिछिया की संगीता पटेल ने बताया कि सुबह पानी तक नहीं मिला। लोगों को आसपास के हैंडपंप और दूसरे मोहल्लों से पानी लाना पड़ा। कुछ इलाकों में लोग सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।</p>
<p dir="ltr">सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली विभाग के रवैये को लेकर देखने को मिली। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल बंद थे और कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम MPEB कार्यालय पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। दफ्तर के बाहर खड़े लोग बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी पूरी रात अंधेरा रहा तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी बिजली विभाग को लेकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने लिखा कि हर साल गर्मी में यही हाल होता है लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा।</p>
<p dir="ltr">हालांकि देर रात तक बिजली विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। यह साफ नहीं हो सका कि आखिर इतनी लंबी कटौती किस वजह से हुई। कुछ लोग तकनीकी खराबी की बात कह रहे हैं, जबकि कई नागरिकों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था इसकी मुख्य वजह है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।</p>
<p dir="ltr">रीवा शहर में लगातार बढ़ती बिजली कटौती अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी में लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे में घंटों बिजली बंद रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:00:34 +0530</pubDate>
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