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                <title>Rewa City - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ईको पार्क शुल्क विवाद पर आप नेता प्रमोद शर्मा पर केस दर्ज, प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[बिना अनुमति धरना, सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और हाथापाई के आरोप; अवैध वसूली का मुद्दा उठाकर कर रहे थे विरोध]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/case-registered-against-aap-leader-pramod-sharma-on-eco-park/article-56638"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/eco-park-fee-protest.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा शहर के ईको पार्क में प्रवेश शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। रविवार को पार्क परिसर में हुए हंगामे के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया, सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न की और पार्क परिसर में विवाद की स्थिति पैदा की। वहीं दूसरी ओर प्रमोद शर्मा का कहना है कि उनका विरोध पूरी तरह जनहित में था और वे पार्क में हो रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।  ईको पार्क में लगाए गए प्रवेश शुल्क को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर असंतोष देखा जा रहा था। आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे और प्रशासन से शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे थे। रविवार को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्क परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पार्क के प्रवेश द्वार और परिसर के आसपास एकत्र हो गए थे, जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद पार्क प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रवेश शुल्क और उसके औचित्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते गए और कहासुनी हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के दौरान पार्क परिसर में मौजूद पर्यटकों और परिवारों के बीच भी असहज माहौल बन गया। कई लोग अचानक हुए विवाद से घबरा गए और पार्क से बाहर निकलने लगे। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से बड़ा विवाद टल गया। हालांकि घटना के बाद पार्क प्रबंधन और पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर प्रमोद शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी और विरोध के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रमोद शर्मा का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ और उनके समर्थकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क कर्मचारियों ने विरोध को दबाने की कोशिश की और विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया। दूसरी तरफ पार्क प्रबंधन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के व्यवहार के कारण कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमोद शर्मा ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य ईको पार्क में कथित रूप से की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाना था। उनका दावा है कि पार्क में प्रति व्यक्ति 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और इस संबंध में स्पष्ट जानकारी आम लोगों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में प्रवेश शुल्क के नाम पर लोगों से अनुचित राशि ली जा रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि पार्क परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और हाथापाई की नौबत कैसे आई। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। ईको पार्क शुल्क को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक वर्ग जहां प्रवेश शुल्क व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, वहीं कुछ लोग शुल्क की दरों और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:35 +0530</pubDate>
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                <title>रीवा में पूरी रात गुल रही बिजली, भीषण गर्मी में लोग बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी अंधेरा, MPEB दफ्तर पर ताला मिलने से बढ़ा लोगों का गुस्सा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/electricity-cut-off-all-night-in-rewa-people-are-suffering/article-54475"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/_rewa-power-cut.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। हालात ऐसे बन गए कि लोग घरों से निकलकर सड़कों, छतों और गलियों में रात बिताने को मजबूर हो गए। शहर में मौसम पूरी तरह साफ था, न आंधी आई और न ही बारिश हुई, इसके बावजूद घंटों बिजली सप्लाई बंद रही। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके पूरे इलाके में भी रात 10 बजे के बाद बिजली नहीं लौटी।</p>
<p dir="ltr">रीवा के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती समेत कई इलाकों में या तो लगातार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात सप्लाई बंद रही। लोग पहले इन्वर्टर के भरोसे बैठे रहे, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इसके बाद घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। उमस इतनी ज्यादा थी कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर के अंदर रहना मुश्किल हो गया।</p>
<p dir="ltr">रात बढ़ने के साथ लोगों की परेशानी भी बढ़ती गई। कई मोहल्लों में लोग हाथ वाले पंखे लेकर बैठे नजर आए। कुछ परिवार अपने घरों की छतों पर चादर बिछाकर लेट गए। वहीं कुछ लोग सड़क किनारे टहलते दिखे ताकि गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके। अमहिया की रहने वाली पूजा मिश्रा ने बताया कि उनके छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे। गर्मी के कारण घर में सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की तरफ से कोई सूचना भी नहीं दी गई थी कि सप्लाई कब तक बंद रहेगी।</p>
<p dir="ltr">समान इलाके के राजेश तिवारी ने बताया कि पूरी रात परिवार के साथ छत पर बैठना पड़ा। बिजली आने का इंतजार करते-करते सुबह हो गई लेकिन सप्लाई सामान्य नहीं हो सकी। ढेकहा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा के दौरान इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब पहले से पता है कि गर्मी ज्यादा पड़ेगी तो बिजली विभाग को तैयारी भी पहले से करनी चाहिए थी।</p>
<p dir="ltr">बिजली संकट का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं रहा। सुबह तक कई इलाकों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। घरों की मोटरें नहीं चल पाने के कारण टंकियां खाली हो गईं। बिछिया की संगीता पटेल ने बताया कि सुबह पानी तक नहीं मिला। लोगों को आसपास के हैंडपंप और दूसरे मोहल्लों से पानी लाना पड़ा। कुछ इलाकों में लोग सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।</p>
<p dir="ltr">सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली विभाग के रवैये को लेकर देखने को मिली। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल बंद थे और कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम MPEB कार्यालय पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। दफ्तर के बाहर खड़े लोग बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी पूरी रात अंधेरा रहा तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी बिजली विभाग को लेकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने लिखा कि हर साल गर्मी में यही हाल होता है लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा।</p>
<p dir="ltr">हालांकि देर रात तक बिजली विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। यह साफ नहीं हो सका कि आखिर इतनी लंबी कटौती किस वजह से हुई। कुछ लोग तकनीकी खराबी की बात कह रहे हैं, जबकि कई नागरिकों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था इसकी मुख्य वजह है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।</p>
<p dir="ltr">रीवा शहर में लगातार बढ़ती बिजली कटौती अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी में लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे में घंटों बिजली बंद रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:00:34 +0530</pubDate>
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