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                <title>Rewa Hospital News - दैनिक जागरण</title>
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                <title> रीवा के GMH अस्पताल के SNCU वार्ड में लगी आग, नवजातों को सुरक्षित निकाला गया</title>
                                    <description><![CDATA[शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी, मेंटेनेंस बंद होने पर अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/fire-broke-out-in-sncu-ward-of-gmh-hospital-rewa/article-54482"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rewa-gmh-hospital-fire.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">रीवा के गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी SNCU वार्ड में अचानक आग लग गई। घटना रात के समय हुई, जब वार्ड में कई नवजात भर्ती थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। जैसे ही धुआं उठना शुरू हुआ, वार्ड में मौजूद स्टाफ और परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने तेजी दिखाते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल किया और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p dir="ltr">आग लगने के बाद पूरे वार्ड में अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था। कई नवजात इन्क्यूबेटर में भर्ती थे। स्टाफ ने बिना समय गंवाए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। आनन-फानन में सभी नवजातों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन काफी घबराए हुए नजर आए। कुछ लोग अपने बच्चों को गोद में लेकर वार्ड के बाहर खड़े रहे, तो कई लोग रोते-बिलखते अस्पताल स्टाफ से जानकारी लेते दिखाई दिए।</p>
<p dir="ltr">बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान कुछ मिनटों तक पूरे वार्ड में धुआं फैल गया था। इससे वहां मौजूद लोगों में दहशत बढ़ गई। हालांकि अस्पताल के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और परिजनों को शांत कराया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों का कहना था कि अगर आग थोड़ी और फैल जाती तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। SNCU वार्ड में भर्ती बच्चों की हालत पहले से नाजुक रहती है, ऐसे में किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी बड़ा खतरा बन सकती थी।</p>
<p dir="ltr">घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में बिजली व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव का काम लंबे समय से प्रभावित है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से भुगतान नहीं किए जाने के कारण संबंधित कंपनी ने मेंटेनेंस का काम बंद कर रखा है। इसी वजह से अस्पताल में आए दिन तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है। खासकर SNCU जैसे वार्ड में, जहां समय से पहले जन्मे या गंभीर हालत वाले नवजातों का इलाज होता है, वहां सुरक्षा व्यवस्था और बिजली सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त होना चाहिए। परिजनों का कहना था कि अगर स्टाफ समय पर सक्रिय नहीं होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।</p>
<p dir="ltr">यह पहली बार नहीं है जब GMH अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए हों। इससे पहले भी अस्पताल में बिजली कटौती, उपकरण खराब होने और रखरखाव में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार मरीजों और उनके परिजनों ने सोशल मीडिया के जरिए भी समस्याएं उठाई थीं। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। गुरुवार रात की घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p dir="ltr">आग ज्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन जिस जगह यह घटना हुई वह बेहद संवेदनशील वार्ड था। ऐसे में मामूली चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती थी। आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वार्ड की बिजली सप्लाई कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। बाद में तकनीकी टीम ने पूरे सिस्टम की जांच शुरू की।</p>
<p dir="ltr">प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह भी देखा जाएगा कि मेंटेनेंस कार्य बंद होने के कारण कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से फिलहाल कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी नवजात सुरक्षित हैं। घटना के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। कई लोग रातभर अस्पताल परिसर में मौजूद रहे। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:00:26 +0530</pubDate>
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