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                <title>Heavy Rain - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Heavy Rain RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, टूटा पुल-कीचड़ में अंतिम यात्रा; तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सूरजपुर में बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने को मजबूर ग्रामीण, सक्ती में सड़क न होने से एक किलोमीटर कीचड़ में निकली शवयात्रा; कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/rain-became-a-disaster-in-chhattisgarh-bridge-broken-last-journey/article-57892"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-rain.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के बीच कई जिलों से सामने आई तस्वीरें ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी उजागर कर रही हैं। सूरजपुर जिले के खड़गवा-गुडरूडांड गांव में पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए उफनती नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में परिजन छोटे-छोटे बच्चों को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते दिखाई दे रहे हैं। तेज बहाव के बीच बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की यह मजबूरी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और इसकी जानकारी कई बार प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ। पुल खराब होने से स्कूल, अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर सक्ती जिले के सोंठी गांव से भी एक मार्मिक तस्वीर सामने आई। यहां श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। गांव में एक बुजुर्ग महिला का निधन होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव को करीब एक किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा। बारिश के कारण रास्ता पूरी तरह फिसलन भरा हो गया था, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है। श्मशान तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।</p>
<p style="text-align:justify;">कबीरधाम जिले में भी बारिश के कारण बड़ा हादसा टल गया। ढोलढोली रपटा मार्ग पर तेज बहाव के बीच यात्रियों से भरी एक पिकअप वाहन फंस गई। वाहन में करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तुमान में खेत में काम कर रहे 75 वर्षीय किसान धनीराम पटेल की बिजली गिरने से मौत हो गई। इस हादसे में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार जारी है। इससे पहले सक्ती जिले में भी बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में काम करने से बचने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य संभागों में भी कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हुई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सक्रिय मानसून के कारण वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर में भी शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की गई है। साथ ही भारी बारिश वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। लगातार हो रही बारिश ने जहां किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति भी उजागर कर दी है। क्षतिग्रस्त पुल, कीचड़ भरे रास्ते और जलभराव जैसी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 18:45:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई की भारी बारिश में उर्वशी ढोलकिया के बेटे क्षितिज की कार पर गिरा पेड़, बड़ा हादसा टला</title>
                                    <description><![CDATA[पार्किंग में खड़ी कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, हादसे के समय कार में मौजूद नहीं थे क्षितिज ढोलकिया, सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर जताया मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड का आभार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/major-accident-averted-as-tree-falls-on-urvashi-dholakias-son/article-57884"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/samay-raina-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। टीवी अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया के बेटे और अभिनेता क्षितिज ढोलकिया उस समय बाल-बाल बच गए, जब उनकी पार्किंग में खड़ी कार पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर पड़ा। इस घटना में कार को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन राहत की बात यह रही कि हादसे के समय क्षितिज कार के अंदर मौजूद नहीं थे। घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर पूरी जानकारी दी और मुंबई पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की टीम का आभार भी व्यक्त किया। बारिश के कारण शहर में लगातार पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यह हादसा एक बार फिर मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को सामने लेकर आया है। यह घटना उस समय हुई जब मुंबई में लगातार तेज बारिश हो रही थी। क्षितिज ढोलकिया की कार एक पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी। इसी दौरान तेज हवा और बारिश के बीच एक बड़ा पेड़ अचानक गिर गया और सीधे उनकी कार पर आ गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा भारी पेड़ को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान पार्किंग क्षेत्र को कुछ समय के लिए खाली कराया गया ताकि किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो। क्षितिज ढोलकिया ने घटना के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई वीडियो साझा किए। इन वीडियो में उनकी कार पूरी तरह पेड़ के नीचे दबी हुई दिखाई दे रही है। वहीं फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और अन्य अधिकारी पेड़ को काटकर हटाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कार का ऊपरी हिस्सा और सामने का भाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए क्षितिज ने लिखा कि जिंदगी कितनी अनिश्चित हो सकती है, यह घटना उसकी एक बड़ी याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि हादसे के समय वह कार में नहीं थे। अगर वह उस समय वाहन के भीतर होते तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी। उन्होंने मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों का धन्यवाद भी किया। उनके इस पोस्ट पर प्रशंसकों और टीवी जगत से जुड़े कई कलाकारों ने राहत जताते हुए शुभकामनाएं दीं। मुंबई में मानसून के दौरान हर साल भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। तेज हवाओं और लगातार बारिश की वजह से पुराने या कमजोर पेड़ कई बार अचानक गिर जाते हैं, जिससे वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है। प्रशासन समय-समय पर ऐसे पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाने या उनकी छंटाई करने का अभियान चलाता है। इसके बावजूद तेज बारिश के दौरान कई इलाकों में इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में वाहन पार्क करते समय आसपास के पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्क फ्रंट की बात करें तो क्षितिज ढोलकिया ने हाल ही में अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। उन्होंने निर्माता एकता कपूर के चर्चित शो 'नागिन 7' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। अभिनय में आने से पहले वह फिल्म इंडस्ट्री में सहायक निर्देशक के रूप में भी काम कर चुके हैं। वह 'हमशकल्स' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों की निर्माण टीम का हिस्सा रहे हैं। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने कैमरे के सामने अपनी नई पारी शुरू की है। इन दिनों क्षितिज अपनी मां उर्वशी ढोलकिया के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 के रियलिटी शो 'मां है ना' में भी नजर आ रहे हैं। इस शो में मां-बेटे की जोड़ी को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। दोनों की आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शकों ने पसंद किया है। इस घटना के बाद शो के प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर क्षितिज के सुरक्षित होने पर खुशी जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">उर्वशी ढोलकिया भारतीय टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' में निभाए गए कोमोलिका के किरदार से मिली थी। यह किरदार आज भी भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित नकारात्मक किरदारों में शामिल माना जाता है। इसके अलावा वह वर्ष 2012 में प्रसारित 'बिग बॉस 6' की विजेता भी रह चुकी हैं। उर्वशी के दो जुड़वां बेटे हैं, जिनके नाम क्षितिज ढोलकिया और सागर ढोलकिया हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:18:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा-यूपी बॉर्डर पर आंधी-तूफान का कहर, चाकघाट में भारी तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[तेज हवाओं से उखड़े पेड़ और बिजली खंभे, कई घरों-दुकानों को नुकसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a19516a07cb4/article-54487"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chakghat-storm-(1).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">रीवा जिले के यूपी बॉर्डर से लगे चाकघाट नगर परिषद क्षेत्र में गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका तबाही की तस्वीर में बदल गया। तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और बारिश के साथ आए तूफान ने मकानों, दुकानों और सड़क किनारे खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया। रात करीब 11 बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवा चलने लगी। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित जगहों पर छिपना पड़ा।</p>
<p dir="ltr">चाकघाट थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में कई घरों के टीन शेड हवा में उड़ गए। कहीं दीवारें गिर गईं तो कहीं छतों के ऊपर रखी टीन की चादरें सड़क पर जा गिरीं। कई लोग रात में ही घरों से बाहर निकल आए। तेज हवाओं की आवाज और उड़ती टीन की चादरों से लोगों में डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई सालों में उन्होंने इतना तेज तूफान नहीं देखा।</p>
<p dir="ltr">तूफान का असर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी दिखाई दिया। चाकघाट थाने के बाहर लगा भारी-भरकम लोहे का साइन बोर्ड तेज हवा के दबाव में उखड़कर सड़क किनारे गिर पड़ा। यह बोर्ड सड़क पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन देर रात ट्रैफिक कम होने की वजह से जनहानि टल गई। बोर्ड गिरने के बाद कुछ देर तक इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह रास्ता साफ कराया।</p>
<p dir="ltr">बाजार क्षेत्र में भी भारी नुकसान की खबर सामने आई है। कई दुकानों के सामने लगे बोर्ड टूटकर गिर गए। कुछ दुकानों की टीन की छतें पूरी तरह उड़ गईं। सड़क किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन पेड़ों और टीन शेड की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह बिजली के खंभे झुक गए और तार टूटकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। देर रात से शुक्रवार सुबह तक कई मोहल्लों में अंधेरा पसरा रहा।</p>
<p dir="ltr">सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई दिया। कहीं पेड़ सड़क के बीचोंबीच गिरे पड़े थे तो कहीं बिजली के तार बिखरे हुए थे। कई गलियों में टीन शेड और टूटे पेड़ों की वजह से रास्ता बंद हो गया था। लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में पेड़ गिरने से पानी की पाइपलाइन भी प्रभावित हुई है। हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों के मुताबिक तूफान इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ परिवारों ने रात पड़ोसियों के घरों में बिताई क्योंकि उनके मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। कई घरों में बारिश का पानी भर गया। बाजार के दुकानदारों का कहना है कि अचानक आए तूफान से हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। सुबह से लोग टूटे सामान और उखड़े शेड हटाने में लगे रहे।</p>
<p dir="ltr">गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि कई लोग मामूली रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राहत की बात यह रही कि देर रात सड़कों पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान चाकघाट नगर परिषद क्षेत्र और उससे लगे गांवों में हुआ है।</p>
<p dir="ltr">तूफान के बाद स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद और बिजली विभाग की टीमें सुबह से मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया। बिजली विभाग के कर्मचारी टूटे खंभों और तारों को ठीक करने में जुटे रहे। कई इलाकों में अस्थायी रूप से बिजली बहाल करने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी भी आपूर्ति बाधित बनी हुई है।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए। लोगों का कहना है कि कई गरीब परिवारों के घरों के टीन शेड पूरी तरह उड़ गए हैं। ऐसे में उन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है। कुछ लोगों ने यह भी मांग उठाई कि बरसात से पहले कमजोर बिजली खंभों और पुराने पेड़ों की जांच की जानी चाहिए थी।</p>
<p dir="ltr">मौसम विभाग की ओर से पहले तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन लोगों को इस स्तर की तबाही की उम्मीद नहीं थी। प्रशासन हालात सामान्य करने में जुटा हुआ है। वहीं चाकघाट और आसपास के इलाकों में लोग अभी भी डरे हुए हैं। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर रात में बाहर खुले स्थानों में बैठकर समय बिताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:20:51 +0530</pubDate>
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