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                <title>Devendra Fadnavis - दैनिक जागरण</title>
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                <title>अगस्त में खुलेगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा, एमपी से मुंबई तक सफर होगा और तेज</title>
                                    <description><![CDATA[वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर पूरा होने की तैयारी, मध्य प्रदेश के उद्योग, किसानों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/an-important-part-of-delhi-mumbai-expressway-will-open-in-august/article-57318"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/delhi-mumbai-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा अहम हिस्सा अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुल सकता है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो 31 अगस्त तक वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है। इस हिस्से के शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश से मुंबई तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का रास्ता पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि वडोदरा से मुंबई तक का महत्वपूर्ण कॉरिडोर जल्द पूरा होने वाला है। अभी तक इसी हिस्से का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा था। एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्से तैयार होने के बावजूद मुंबई तक निर्बाध हाई-स्पीड यात्रा संभव नहीं थी। अब इस कमी के दूर होने के बाद पूरे कॉरिडोर की उपयोगिता काफी बढ़ जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। यह करीब 1,350 से 1,400 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 12 लेन तक की जा सकती है। मध्य प्रदेश के लिए यह परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक्सप्रेसवे राज्य के रतलाम, मंदसौर और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। अभी तक मुंबई की दिशा में अंतिम कनेक्टिविटी पूरी नहीं होने से माल परिवहन और लंबी दूरी की यात्रा में अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। वडोदरा-मुंबई सेक्शन चालू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी और राज्य को सीधा फायदा मिलने लगेगा। सबसे बड़ा लाभ व्यापार और उद्योग जगत को मिलने की संभावना है। मध्य प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर, पीथमपुर और देवास से तैयार होने वाला औद्योगिक सामान पहले की तुलना में कम समय में मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक पहुंच सकेगा। इससे निर्यात करने वाली कंपनियों की परिवहन लागत घटेगी और समय की भी बचत होगी। तेज और बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र के लिए भी यह एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मालवा क्षेत्र से फल, सब्जियां, अनाज और अन्य कृषि उत्पाद बड़ी मात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। मुंबई जैसे बड़े बाजार तक कम समय में कृषि उत्पाद पहुंचने से उनकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने का सीधा असर किसानों की आय पर भी पड़ सकता है। पर्यटन और आम यात्रियों के लिए भी यह परियोजना राहत लेकर आएगी। दिल्ली से मुंबई और मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर जाने वाले लोगों का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आरामदायक होगा। एक्सप्रेसवे पर नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था होने के कारण ट्रैफिक बाधाएं कम रहेंगी और यात्रा का समय काफी घट जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। इस पर वाहनों की निर्धारित गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक रखी गई है। मार्ग पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, सर्विस रोड, इमरजेंसी सहायता, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया है। एक्सप्रेसवे के किनारे भविष्य में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है। करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह परियोजना देश के सबसे बड़े सड़क बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रमों में शामिल है। इसका उद्देश्य केवल यात्रा को आसान बनाना नहीं बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज परिवहन नेटवर्क से जोड़ना भी है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपनी पूरी क्षमता के साथ उपयोग में आ सकेगा। मध्य प्रदेश के उद्योग, व्यापार, परिवहन और कृषि क्षेत्र को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समय के अनुसार अगस्त के अंत तक यह हिस्सा चालू हो जाता है, तो आने वाले महीनों में लाखों यात्रियों और हजारों व्यवसायों के लिए यात्रा और माल परिवहन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर टीईटी-2026 स्थगित, बिहार और हरियाणा के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bihar-connection-three-accused-arrested-in-maharashtra-tet-paper-leak/article-57212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/maharashtra-tet-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:39:48 +0530</pubDate>
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                <title>पुणे में जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत, कई इलाकों में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[हडपसर से पिंपरी तक मौतों के बाद कार्रवाई तेज, 8 लोग हिरासत में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/15-people-died-due-to-poisonous-liquor-in-pune-there/article-54496"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pune-news.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से पिछले 24 घंटे के भीतर 15 लोगों की मौत होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही पुलिस, आबकारी विभाग और प्रशासन की टीमों ने कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मेथेनॉल जैसी जहरीली सामग्री मिलाई गई हो सकती है। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">जानकारी के मुताबिक हडपसर, फुगेवाड़ी, दापोडी और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में रहने वाले कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। कुछ लोगों को चक्कर आने, उल्टी और आंखों के सामने धुंधलापन जैसी शिकायतें हुईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कई लोगों की मौत हो गई। कुछ मरीजों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी ने एक ही जगह से शराब खरीदी थी।</p>
<p dir="ltr">घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में एक साथ दो-दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पुलिस टीम लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस जगह से अवैध शराब तैयार की जा रही थी, वहां से कई संदिग्ध केमिकल और शराब से भरे ड्रम भी बरामद किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr">राज्य आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देर रात कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई और किन-किन इलाकों में सप्लाई की गई।</p>
<p dir="ltr">मामला गंभीर होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मामले में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर सकती है। क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।</p>
<p dir="ltr">राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता और पूर्व महापौर योगेश बहल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतनी जानें नहीं जातीं। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने में स्थानीय सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा है।</p>
<p dir="ltr">हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस का कहना है कि अब तक हुई सभी मौतों को सीधे जहरीली शराब से जोड़ना जल्दबाजी होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पांच लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से भी हो सकती है। फिर भी जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई लोगों को मौत से पहले चक्कर और बेचैनी की शिकायत हुई थी। इसी वजह से जहरीली शराब की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि मेथेनॉल मिला शराब शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है और कुछ ही घंटों में इंसान की जान भी जा सकती है।</p>
<p dir="ltr">घटना के बाद कई इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध शराब या बिना लाइसेंस वाली दुकानों से कोई भी शराब न खरीदें। वहीं आबकारी विभाग ने भी जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और मजदूर वर्ग के लोग सस्ती शराब के चक्कर में ऐसी जहरीली शराब का शिकार हो जाते हैं। कई बार उन्हें यह तक पता नहीं होता कि शराब में क्या मिलाया गया है। इस घटना के बाद पुणे के कई इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए केमिकल कहां से लाए गए थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:19:56 +0530</pubDate>
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