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                <title>LegalUpdate - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ट्विशा शर्मा डेथ केस में सुनवाई, सीबीआई ने 30 जून तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक नहीं मिली, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/hearing-in-twisha-sharma-death-case-cbi-demands-extension-of/article-56087"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/twisha-sharma-case-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। सीबीआई ने इस चरण में किसी भी आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी और केवल न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आवेदन प्रस्तुत किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मामले की सुनवाई आगे जारी है। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में बना हुआ है। मामले की गंभीरता और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार दस्तावेजों और साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है। मंगलवार को हुई सुनवाई में एक महत्वपूर्ण मुद्दा दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी उठा। ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने अदालत को बताया कि इस रिपोर्ट को उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन सीबीआई की ओर से कहा गया कि संबंधित रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत में सीबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच से जुड़ा एक अहम दस्तावेज है और उसके मिलने के बाद कई तथ्यों को और स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि रिपोर्ट के उपलब्ध नहीं होने की वजह से फिलहाल जांच एजेंसी उसके आधार पर कोई निष्कर्ष प्रस्तुत करने की स्थिति में नहीं है। इस जानकारी के बाद अदालत ने मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की। सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह न्यायिक हिरासत में रहते हुए वर्चुअल माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। दोनों आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। अदालत में मौजूद पक्षकारों और अधिवक्ताओं ने जांच की प्रगति, उपलब्ध दस्तावेजों और आगे की प्रक्रिया पर अपने-अपने पक्ष रखे। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी अभी मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और कुछ रिपोर्टों तथा तकनीकी दस्तावेजों का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित के अनुसार, सीबीआई ने अदालत के समक्ष केवल न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध रखा है। पुलिस रिमांड की मांग नहीं किए जाने को लेकर भी अदालत में चर्चा हुई। जब जांच एजेंसी को तत्काल पूछताछ या हिरासत में लेकर जांच करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती, तब वह न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आवेदन प्रस्तुत करती है। हालांकि इस मामले में आगे की रणनीति जांच की प्रगति और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। मामले से जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। ट्विशा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे, यह अभी जांच का विषय है। इसी वजह से अदालत और जांच एजेंसी दोनों किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी दस्तावेजों और रिपोर्टों का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी इसी कड़ी में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट मिलने के बाद जांच की दिशा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। यह मामला शुरू से ही संवेदनशील माना जा रहा है और इससे जुड़े हर घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है। जांच एजेंसी भी किसी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए क्रमबद्ध तरीके से तथ्यों को एकत्र कर रही है। अदालत में हुई ताजा सुनवाई के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट कब तक उपलब्ध होती है और अदालत न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आवेदन पर क्या फैसला सुनाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:39:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ट्विशा केस: रिटायर्ड जज गिरफ्तारी के बाद पुराने फैसले पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई रिमांड के बीच फैज कुरैशी हत्याकांड में दिए गए पुराने फैसले और अदालत की टिप्पणी फिर सुर्खियों में, भोपाल में कानूनी हलचल तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/discussion-on-old-decision-after-arrest-of-retired-judge-in/article-54539"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल से सामने आए ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इससे जुड़े पुराने न्यायिक फैसले भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। शुक्रवार को सीबीआई ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। अदालत ने दोनों को पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। यह पूरा मामला अब केवल एक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे जुड़े पुराने फैसलों और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवालों और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच सबसे ज्यादा जिस फैसले की बात हो रही है, वह भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र के फैज कुरैशी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसे गिरिबाला सिंह ने 13 फरवरी 2023 को सुनाया था।</p>
<p>यह मामला भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 25 जुलाई 2021 की रात ईदगाह स्कूल ग्राउंड के पास फैज कुरैशी पर चाकू से हमला हुआ था। गंभीर रूप से घायल फैज को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शफीक कुरैशी को गिरफ्तार किया था। ट्रायल के दौरान अदालत में कई अहम मोड़ आए, जिनमें सबसे बड़ा झटका तब लगा जब प्रत्यक्षदर्शी गवाह अमान कुरैशी, अफसान कुरैशी, जीशान और समीर अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए। उन्होंने अदालत में यह स्वीकार नहीं किया कि उन्होंने आरोपी को घटना को अंजाम देते देखा था। इसी आधार पर अदालत के सामने पूरा मामला कमजोर पड़ता गया।</p>
<p>अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा था कि अभियोजन पक्ष हत्या के आरोप को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। कोर्ट ने यह भी माना कि केवल पुलिस अधिकारियों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके साथ ही एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी। वैज्ञानिक साक्ष्यों में वह मजबूती नहीं दिखी जिसकी अपेक्षा एक हत्या जैसे गंभीर मामले में की जाती है। सुप्रीम कोर्ट के कई सिद्धांतों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा था कि संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए। इसी आधार पर शफीक कुरैशी को धारा 302 के आरोप से बरी कर दिया गया था। अब इसी फैसले को लेकर फिर से कानूनी और सामाजिक बहस तेज हो गई है।</p>
<p>उधर ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में भी गहरा शोक और असमंजस का माहौल है। 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामला अभी जांच के अधीन है और एक पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। इसी बीच ट्विशा की अस्थियों का विसर्जन ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर परिवार द्वारा किया गया, जहां माहौल भावुक रहा। फिल्म के को-एक्टर विराज चीलम ने भी सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए ट्विशा को याद किया और कहा कि उनकी कमी पूरी करना मुश्किल है। इस पूरे मामले में दो बड़े सवाल सामने हैं। पहला, पूर्व न्यायिक अधिकारी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया और उसका अनुपालन किस स्तर तक सही रहा। दूसरा, सीबीआई मामलों की सुनवाई के लिए भोपाल में अलग से अधिसूचित अदालत न होने के कारण ट्रायल की दिशा क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 10:50:09 +0530</pubDate>
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