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                <title>police raid - दैनिक जागरण</title>
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                <description>police raid RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>1.69 लाख का इनामी अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, चरवाहा बनकर 15 दिन रेकी के बाद ‘ऑपरेशन नीलमणि’ में मिली सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[भगवान कामतानाथ के दर्शन के बाद करीब पांच किलोमीटर की पदयात्रा परिक्रमा की, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/interstate-smuggler-with-a-reward-of-rs-169-lakh-arrested/article-58274"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sunil-rawat-meena.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने 1.69 लाख रुपये के इनामी अंतरराज्यीय तस्कर सुनील रावत मीणा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नीलमणि’ के तहत यह बड़ी सफलता हासिल की। करीब आठ महीने तक लगातार निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई के बाद आरोपी को मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र से दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच राजस्थान लाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 27 वर्षीय सुनील रावत मीणा राजस्थान के नारकोटिक्स मामलों के टॉप-25 अपराधियों में शामिल था। उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार रखने, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराधों सहित 19 से अधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार रहने के कारण वह दोनों राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए सुनील जंगलों में लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। वह किसी एक स्थान पर अधिक समय तक नहीं रुकता था, जिससे पुलिस के लिए उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता था। उसकी पत्नी तय स्थान पर खाना छोड़ जाती थी और उसके सहयोगी वह भोजन जंगल में छिपे सुनील तक पहुंचाते थे। इसी नेटवर्क के कारण वह कई महीनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बेहद गोपनीय रणनीति तैयार की। टीम के एक कॉन्स्टेबल को चरवाहे के वेश में करीब 15 दिनों तक गांव और आसपास के इलाके में तैनात किया गया। वह स्थानीय लोगों के बीच रहकर सुनील की गतिविधियों, उसके संपर्कों और आने-जाने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाता रहा। इस दौरान पुलिस मुख्यालय से तकनीकी निगरानी भी लगातार जारी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया कि सुनील गांव की एक युवती के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार वह एक छोटे बच्चे के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस ने उसके इस संचार तंत्र पर भी नजर रखी और कई महत्वपूर्ण इनपुट जुटाए। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर टीम ने गिरफ्तारी की योजना को अंतिम रूप दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">7 जुलाई की रात पुलिस को सूचना मिली कि सुनील अपने घर पहुंचा हुआ है और वहां दावत चल रही है। इसी दौरान इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई। पुलिस ने आकलन किया कि मौसम खराब होने के कारण आरोपी उस रात वापस जंगल नहीं जा सकेगा। इसी मौके का फायदा उठाते हुए आधी रात को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने नीमच जिले के गमेरपुरा गांव स्थित उसके घर की चारों ओर से घेराबंदी कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस टीम ने दरवाजा खटखटाया तो सबसे पहले आरोपी की पत्नी बाहर आई। उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि घर में कोई नहीं है। हालांकि टीम पहले से मिली जानकारी के आधार पर पूरी तरह आश्वस्त थी कि आरोपी अंदर मौजूद है। इसके बाद घर की बारीकी से तलाशी शुरू की गई। तलाशी के दौरान एक कमरे में ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर छिपा सुनील अर्द्धनग्न अवस्था में मिला। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिरफ्तारी के समय आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को ‘दिनेश’ बताया, लेकिन पूछताछ और दस्तावेजों के मिलान के बाद उसकी असली पहचान सामने आ गई। पुलिस को आशंका थी कि उसके साथी मौके पर पहुंच सकते हैं, इसलिए बिना समय गंवाए टीम आरोपी को लेकर तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुनील पर कई गंभीर आरोप हैं। उस पर राजस्थान के पाली जिले के सांडेराव और देसूरी क्षेत्रों के अलावा प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी में पुलिस टीमों पर फायरिंग करने के मामले दर्ज हैं। इन हमलों में पुलिसकर्मी रणवीर और चंद्रपाल घायल हुए थे। इसके अलावा उसने मध्य प्रदेश के जीरन थाना क्षेत्र में भी पुलिस पर हमला किया था। लगातार पुलिस पर हमले और मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय भूमिका के कारण उसे बेहद खतरनाक अपराधी माना जाता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">‘ऑपरेशन नीलमणि’ राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और मध्य प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान था। इस अभियान का उद्देश्य राजस्थान और मध्य प्रदेश में सक्रिय बड़े ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को गिरफ्तार करना था। आठ महीने तक चली इस कार्रवाई में तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं और जमीनी स्तर पर की गई रेकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि सुनील की गिरफ्तारी से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। अब उससे पूछताछ कर उसके सहयोगियों, सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और अन्य राज्यों में फैले संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से राजस्थान और मध्य प्रदेश में सक्रिय ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी चोट पहुंचेगी और आने वाले दिनों में कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:14:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कार्रवाई तेज, CEO की तलाश में रायपुर पहुंची पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए नागपुर पुलिस ने रायपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की, दोनों आरोपी नहीं मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-nagpur-factory-blast-case-police-reached-raipur/article-57416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nagpur-factory-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के विस्फोटक निर्माण संयंत्र में हुए भीषण हादसे की जांच के सिलसिले में नागपुर पुलिस की एक टीम सोमवार को रायपुर पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि दोनों आरोपी पुलिस को नहीं मिले और फिलहाल उनकी तलाश जारी है। नागपुर पुलिस ने रायपुर की देवेंद्र नगर थाना पुलिस की सहायता से दोनों आरोपियों के आवास और कंपनी से जुड़े कार्यालयों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के पास दोनों के खिलाफ पहले से स्थायी गिरफ्तारी वारंट मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के पालन में यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान दोनों भाइयों का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उनकी तलाश और तेज कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और आसपास के क्षेत्र में भी इसका असर देखा गया था। घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने कई घंटों तक अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के बाद नागपुर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कई पहलुओं की जांच की गई। पुलिस ने जांच के आधार पर कंपनी के सीईओ आलोक संपत सिंह चौधरी, उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, सबूत छिपाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 23 मार्च 2026 को कलमेश्वर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही उनके नाम पर लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया, ताकि देश से बाहर जाने की किसी भी संभावित कोशिश को रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल के दिनों में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया है। इसकी वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा एसबीएल एनर्जी लिमिटेड और उसके सीईओ पर लगाए गए प्रतिबंध बताए जा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कंपनी पर सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित भारतीय एजेंसियों की ओर से अलग से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला चर्चा में आने के बाद नागपुर पुलिस ने भी अपने लंबित प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में रायपुर में छापेमारी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि नागपुर पुलिस की टीम स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए रायपुर आई थी। स्थानीय पुलिस ने पूरी कार्रवाई में सहयोग किया और दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर संयुक्त रूप से तलाशी ली गई। हालांकि दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर पुलिस की ओर से सहयोग जारी रहेगा। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। उनके संभावित अन्य ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपी फिलहाल कहां मौजूद हैं और क्या वे लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों की ओर से भी लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है। इस मामले को लेकर श्रमिक संगठनों ने भी समय-समय पर सुरक्षा मानकों के पालन और औद्योगिक इकाइयों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इतने बड़े हादसे से बचा जा सकता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:34:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह 7 बजे पुलिस की आठ टीमों ने एक साथ दी दबिश, कई घरों पर मिले ताले, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ; संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/big-police-action-in-ram-mandir-offering-theft-case-simultaneous/article-57177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ram-mandir-donation-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अयोध्या में राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार सुबह पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर कार्रवाई को और तेज कर दिया। सुबह करीब 7 बजे पुलिस की अलग-अलग आठ टीमों ने एक ही समय पर सभी आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई घरों पर ताले लगे मिले, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर जरूरी जानकारी जुटाई। अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं और आरोपियों की संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर शुरुआत में ताला लगा मिला। कुछ देर बाद उनकी मां मौके पर पहुंचीं और घर का ताला खोला। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर तलाशी ली और जरूरी दस्तावेजों की जांच की। इसी तरह टिन्नू के भतीजे और सह-आरोपी मनीष यादव के घर पर भी ताला लगा मिला। पुलिस टीम वहां भी कुछ समय तक मौजूद रही और आसपास के लोगों से पूछताछ की। तीसरे आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के घर पर भी कोई मौजूद नहीं था और बाहर ताला लगा मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर पर भी लंबी कार्रवाई की। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों की जांच की और खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। साथ ही बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं चोरी की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में तो नहीं किया गया। छापेमारी अभियान में पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी, विशेष रूप से लेखपालों को भी शामिल किया गया। इनकी मदद से आरोपियों के नाम पर दर्ज जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध संपत्ति या संदिग्ध निवेश सामने आता है तो संबंधित कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह मामला 7 जून को सामने आया था, जब राममंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने विभिन्न दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। इसके बाद जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को नामजद किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन 26 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद से लगातार मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम के बीच मंदिर ट्रस्ट में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस्तीफों के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन यह घटनाक्रम मामले की जांच के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। अधिकारियों के अनुसार जांच निष्पक्ष और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:42:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुर्ग में ऑनलाइन सट्टे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, होटल से दो युवक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[खम्हरिया स्थित होटल में मोबाइल और टैब के जरिए चल रहा था ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क, पुलिस ने 60 हजार नकद समेत 1.25 लाख रुपए का सामान जब्त किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-police-action-on-online-betting-in-durg-two-youths/article-55929"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/durg-police-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्मृतिनगर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने खम्हरिया स्थित एक होटल में छापेमार कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों युवक मोबाइल और टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खेल रहे थे और एक बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 60 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, एक टैब और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि खम्हरिया इलाके के रियों होटल में कुछ लोग ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्मृतिनगर चौकी और एसीसीयू की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। मौके पर दो युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मोबाइल और टैब का इस्तेमाल करते हुए पाए गए। पुलिस ने जब उनकी गतिविधियों की जांच शुरू की तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों युवकों के पास मौजूद मोबाइल फोन और टैब की जांच की। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े कई डिजिटल सबूत मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऐसे रिकॉर्ड और जानकारी मिली हैं, जिनसे ऑनलाइन सट्टेबाजी में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने एक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खेलने की बात स्वीकार की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी काफी समय से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस को आशंका है कि ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग की आड़ में बड़े स्तर पर आर्थिक लेन-देन किया जा रहा था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस जब्त किए गए मोबाइल और टैब के डेटा की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेख अकरम (24) निवासी सेक्टर-6 भिलाई और अनीष कुमार (27) निवासी सेक्टर-7 भिलाई के रूप में हुई है। दोनों युवकों को मौके से हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की गई। इसके बाद उनके खिलाफ विधिवत मामला दर्ज किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों के खिलाफ चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 803/2026 दर्ज किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 60 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और एक टैबलेट भी जब्त किया गया। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग और सट्टे से संबंधित गतिविधियों में किया जा रहा था। जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग 1.25 लाख रुपये आंकी गई है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भी भेजा जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 07 के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। कई प्लेटफॉर्म गेमिंग और मनोरंजन के नाम पर लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इनके जरिए अवैध सट्टेबाजी का कारोबार संचालित किया जाता है। विशेष रूप से युवा वर्ग जल्दी पैसा कमाने के लालच में ऐसे प्लेटफॉर्म से जुड़ जाता है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कई सामाजिक समस्याएं भी पैदा होती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ ऑनलाइन सट्टेबाजी पर निगरानी रखना बड़ी चुनौती बन गया है। मोबाइल एप्लिकेशन और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाना और पूरे नेटवर्क का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। दुर्ग पुलिस का कहना है कि जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध जुए के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नागरिकों से भी अपील कर रही है कि यदि उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें। अधिकारियों का मानना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसे अवैध नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:55:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रात 3 बजे अभिषेक बनर्जी घर पुलिस रेड, सियासी हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में तड़के हुई कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गरमाया, टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a2ce67146ff8/article-55781"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee-raid.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोलकाता के कालीघाट इलाके में शनिवार तड़के करीब 3 बजे जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई को लेकर “अभिषेक बनर्जी घर रेड” अब राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक बहसों में शामिल हो गया है। जानकारी के मुताबिक कोलकाता पुलिस सेंट्रल फोर्स के जवानों के साथ उनके आवास पर पहुंची और करीब चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया। बाहर भारी सुरक्षा तैनात रही और इलाके में देर रात से ही हलचल बढ़ गई थी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की गई, जो पश्चिम मिदनापुर के सालबनी थाने में दर्ज है। हालांकि, इस पूरी घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेजी से शुरू हो गई है और माहौल लगातार गरमाता गया। पुलिस टीम जब रात लगभग 3 बजे कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची तो कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जो स्थिति बनी, उस पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। टीएमसी का आरोप है कि पुलिस ने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और पूरे परिसर की तलाशी ली, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा थी और सभी नियमों का पालन किया गया। घर के बाहर सेंट्रल फोर्स के जवानों को तैनात किया गया था, जबकि अंदर पुलिस टीम और कुछ महिला अधिकारी मौजूद थे। लगभग चार घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और स्थानीय लोग भी अचानक हुई इस घटना से हैरान रह गए। “अभिषेक बनर्जी घर रेड” को लेकर सुबह तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी रहा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की भीड़ धीरे-धीरे उनके आवास के बाहर जमा होने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच जैसे ही इस कार्रवाई की खबर फैली, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचीं। उनके पहुंचते ही राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। टीएमसी नेताओं और समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां अपने काम के तहत कार्रवाई कर रही हैं और इसमें किसी तरह की असामान्यता नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने बाद में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनके घर में जबरन प्रवेश किया गया और पूरे घर की तलाशी ली गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना उचित जवाब का इंतजार किए कार्रवाई की, हालांकि पुलिस का पक्ष है कि जांच के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई गई थी और यह एक चल रही जांच का हिस्सा है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। कुछ दिन पहले ही सीआईडी ने उनसे विधानसभा से जुड़े कथित सिग्नेचर फर्जीवाड़े मामले में पूछताछ की थी, जबकि साइबर शिकायत से जुड़े एक मामले में भी उन्हें नोटिस दिया गया था। इसके अलावा उन्हें 16 जून को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं ईडी ने भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में 15 जून को पेश होने के लिए समन जारी किया है। लगातार चल रही इन जांचों के बीच “अभिषेक बनर्जी घर रेड” ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं और फिलहाल किसी भी कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई हुई है, फिर भी जांच एजेंसियों की सक्रियता और लगातार हो रही पूछताछ ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया बताया है और कहा है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर टीएमसी का आरोप है कि यह सब विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश है और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इलाके में सुबह तक पुलिस की मौजूदगी बनी रही, हालांकि तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद टीम वहां से रवाना हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:37:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मस्तूरी में जुए के फड़ पर पुलिस की रेड, 8 जुआरी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[गतौरा गांव में सार्वजनिक स्थान पर चल रहे जुए के अड्डे पर छापा, 35,400 रुपए नकद और ताश की गड्डियां जब्त, फरार आरोपियों की तलाश जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/police-raid-on-gambling-in-masturi-8-gamblers-arrested/article-55305"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/masturi-police-raid.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम गतौरा में संचालित एक जुए के फड़ पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी पुलिस को देखकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नकदी, ताश की गड्डियां और जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही अन्य सामग्री बरामद की है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी, तभी उन्हें सूचना मिली कि ग्राम गतौरा स्थित सरस्वती फ्लाई ब्रिक्स के पीछे कुछ लोग रुपयों का दांव लगाकर ताश के पत्तों से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले उसकी पुष्टि की और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की तैयारी शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिस स्थान पर जुआ खेला जा रहा था, वहां काफी समय से इस तरह की गतिविधियां होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि पुलिस को इस बार पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम गवाहों को साथ लेकर मौके के लिए रवाना हुई। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई को सफल बनाने के लिए आसपास के इलाके की निगरानी की गई और फिर घेराबंदी कर अचानक छापा मारा गया। पुलिस की मौजूदगी देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग घबराकर भागने लगे। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने खेतों और आसपास के खुले इलाकों की ओर भागकर बचने की कोशिश की। हालांकि पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए आठ आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। मौके पर कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी रही, लेकिन बाद में पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चंद्रिका पटेल, अनुराग हंस, संतोष वर्मा, रवि पटेल, विजय कुमार सोनवानी, संतोष श्रीवास, मनीष सूर्यवंशी और अनुराग कुर्रे के रूप में की गई है। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी मौके पर ताश के पत्तों के माध्यम से पैसे का दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद नकदी सहित अन्य सामान को जब्त कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान पुलिस को जुए के फड़ से कुल 35,400 रुपए नकद बरामद हुए। इसके अलावा 52 पत्ती ताश और जुआ खेलने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की गई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए सामान को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा गया है और मामले की जांच में इसका उपयोग किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि जुए जैसी गतिविधियां सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि इस तरह के अवैध अड्डों को समाप्त करना भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में समय-समय पर इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों ने संतोष जताया है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने से युवाओं पर भी गलत प्रभाव पड़ता है और इससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि अवैध जुआ गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">मस्तूरी थाना पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में नियमानुसार जमानती मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया गया। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस फरार हुए अन्य आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग मौके से भाग निकले हैं, उनकी तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और छापेमारी की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं जुआ या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई को मस्तूरी पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। एक ओर जहां पुलिस ने मौके से नकदी और सामग्री जब्त कर कानूनी कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई ने अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को स्पष्ट संदेश भी दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:43:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल के पटेल सिटी में नशीली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़</title>
                                    <description><![CDATA[STF की छापेमारी में छिपा अवैध नेटवर्क सामने आया, दो आरोपी फरार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/intoxicating-cough-syrup-factory-busted-in-patel-city-bhopal/article-54541"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-drug-factory.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित पटेल सिटी कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई जब राज्य एसटीएफ ने एक मकान पर छापेमारी कर नशीली कफ सिरप की अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया। मकान नंबर 66, जो बाहर से एक सामान्य और बंद पड़ा दो मंजिला घर लगता था, अंदर से पूरी तरह एक अवैध उत्पादन और पैकेजिंग यूनिट में तब्दील था। मकान के बाहर लगी नेम प्लेट “साधना-जयदीप सिंह” लोगों को सामान्य लगती रही, लेकिन इसी दीवारों के पीछे लंबे समय से नशे का बड़ा कारोबार चल रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के मुताबिक घर पर हमेशा मुख्य गेट बंद रहता था और अंदर किसी भी तरह की हलचल दिखाई नहीं देती थी। सुबह से लेकर देर रात तक मकान शांत रहता था, जिससे किसी को कभी शक नहीं हुआ। आसपास के लोगों ने बताया कि यह घर काफी समय से खाली जैसा ही दिखता था, लेकिन एसटीएफ की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से चलाया जा रहा था ताकि किसी को भी इसकी भनक न लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मकान मालिक जयदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने यह मकान आकाश भाटी नामक व्यक्ति को किराए पर दिया था और उन्हें अंदर चल रही गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या बिना पुलिस सत्यापन के मकान किराए पर देना केवल लापरवाही थी या फिर किसी तरह की मिलीभगत भी इसमें शामिल हो सकती है। जांच टीम इस बात का भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हुए थे और सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। मकान के अंदर सीढ़ियों के नीचे, गैलरी और कमरों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोरियां, कट्टे और पैकेजिंग सामग्री बिखरी हुई मिली। कई जगहों पर कफ सिरप की बोतलों के खाली रैपर और सीलिंग सामग्री भी पाई गई, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि यहां लंबे समय से री-पैकिंग का काम चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध गतिविधि में कुछ नाबालिगों को भी काम पर लगाया गया था, जो बेहद गंभीर मामला है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार मकान की छत को निगरानी पॉइंट की तरह इस्तेमाल किया जाता था। छत से बायपास रोड और कॉलोनी के अंदर आने-जाने वाले रास्तों पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी। कई बार युवक छत पर खड़े होकर हर आने-जाने वाले व्यक्ति और गाड़ी पर नजर रखते थे। जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती, अंदर सूचना पहुंचा दी जाती थी। यह पूरा सिस्टम इस तरह तैयार किया गया था कि बाहर से कोई भी इस अवैध गतिविधि का अंदाजा नहीं लगा सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ को जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, टीम ने देर रात छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही गिरोह के मास्टरमाइंड अर्जुन मालवीय और नितिन साहू छत के रास्ते पीछे खुले मैदान में कूदकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पीछे का हिस्सा खेतों से जुड़ा होने के कारण यह उनका पहले से तैयार भागने का रास्ता था। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, लेकिन दोनों आरोपी हाथ नहीं आए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग हैरान हैं कि इतने शांत दिखने वाले मकान के अंदर इस तरह का बड़ा अवैध कारोबार चल रहा था और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। एसटीएफ अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट का असली संचालन कौन कर रहा था और इसकी सप्लाई चेन कहां तक फैली हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक मकान या दो लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 10:49:48 +0530</pubDate>
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