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                <title>NationalSecurity - दैनिक जागरण</title>
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                <title>गुजरात-एमपी से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ATS ने नेटवर्क का किया खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन, सोशल मीडिया के जरिए कथित भर्ती और पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क की जांच तेज; कई जिलों में एक साथ कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/8-suspected-jaish-e-mohammed-terrorists-arrested-from-gujarat-mp-ats-reveals-network/article-57831"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gujarat-ats.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े आठ संदिग्धों को गुजरात और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही खुफिया निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनका नेटवर्क कितना व्यापक था और वे किन गतिविधियों में शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में दो युवकों की उम्र 18 और 19 वर्ष है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि सभी गुजरात के रहने वाले हैं और राज्य में जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। एटीएस का कहना है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर नए सदस्यों को जोड़ने, संगठन की विचारधारा फैलाने और भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने के उद्देश्य से काम कर रहा था। इसी सूचना के आधार पर एटीएस ने अलग-अलग टीमें बनाकर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी और पाटण के अलावा मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान सभी आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी से पूछताछ के साथ-साथ जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सबसे पहले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर छह अन्य लोगों तक जांच पहुंची और उन्हें भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के पास से कुछ साहित्य, झंडे और अन्य सामग्री बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एटीएस का कहना है कि इन मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी मिली है, जिसकी साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच जारी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार सभी संदिग्ध सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में मौजूद एक कथित हैंडलर के संपर्क में थे, जिसकी पहचान 'अब्दुल्ला साहब' के नाम से हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी हैंडलर के निर्देश पर गुजरात में संगठन का नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपियों तक कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रकम भी पहुंचाई गई थी। फिलहाल एजेंसियां इस धनराशि के स्रोत, लेन-देन के तरीके और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध पाटण जिले के एक मदरसे में रह रहे थे। वहां से भी कुछ दस्तावेज और प्रचार सामग्री बरामद की गई है। हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्धों ने कथित तौर पर 'तंजीम' नाम से एक समूह बनाया था, जिसके जरिए नए सदस्यों को जोड़ने और उन्हें संगठन की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। एटीएस का दावा है कि यह समूह स्थानीय स्तर पर युवाओं से संपर्क कर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था। साथ ही प्रतिबंधित संगठन से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर उसे स्थानीय स्तर पर प्रसारित करने की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल चैट, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आधारित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2000 में मसूद अजहर ने की थी। भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में इस संगठन का नाम सामने आ चुका है और इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल में गुजरात एटीएस ने कथित तौर पर आईएसआईएस से जुड़े दो संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और नेटवर्क तैयार करने के आरोप लगाए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को सूचित करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:41 +0530</pubDate>
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं, जरूरत पड़ी तो होगा 2.0: आर्मी चीफ</title>
                                    <description><![CDATA[NDA पासिंग आउट परेड में जनरल उपेंद्र द्विवेदी का बड़ा बयान, बोले- तीनों सेनाएं हर परिस्थिति के लिए 24 घंटे तैयार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/operation-sindoor-is-not-over-yet-if-needed-there-will/article-54558"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/operation-sindoor-2.0.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में आयोजित 150वीं पासिंग आउट परेड के दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा और भविष्य की सैन्य तैयारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और फिलहाल दोनों देशों के बीच केवल संघर्ष विराम जैसी स्थिति बनी हुई है। यदि भविष्य में हालात की मांग हुई तो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना पूरी तैयारी के साथ "ऑपरेशन सिंदूर 2.0" शुरू करने में सक्षम हैं। उनके इस बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पर गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया के सामने यह उदाहरण पेश किया है कि भारत किसी भी उकसावे या आतंकी हमले का जवाब किस तरह देता है। उन्होंने NDA से पास होकर निकल रहे कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने सैन्य जीवन की शुरुआत से ही इस मानक को बनाए रखना होगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है। ऐसे में सैन्य अभियानों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">खेतरपाल परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में 355 कैडेट्स को भारतीय सेनाओं में कमीशन दिया गया। इनमें 18 महिला कैडेट्स और 12 मित्र देशों के 24 कैडेट्स भी शामिल थे। परेड के दौरान कैडेट्स ने शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। समारोह का आकर्षण फ्लाईपास्ट भी रहा, जिसमें Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सेना प्रमुख ने नव नियुक्त अधिकारियों और उनके परिवारों के साथ मुलाकात भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने सूचना युद्ध यानी इंफॉर्मेशन वॉरफेयर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की ताकत केवल उसके हथियारों से नहीं बल्कि उसके नागरिकों और संस्थाओं के बीच मौजूद भरोसे से भी तय होती है। यदि लोगों का सरकारी संस्थानों और सूचना देने वाली एजेंसियों पर विश्वास मजबूत रहेगा तो देश किसी भी चुनौती का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में गलत सूचनाएं और डिजिटल प्रचार भी युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए इस क्षेत्र में सतर्कता बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना प्रमुख ने तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध की गति पहले की तुलना में काफी तेज हो चुकी है और ऐसे माहौल में त्वरित निर्णय लेने के लिए ऑटोमेशन और आधुनिक तकनीक की जरूरत बढ़ गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। इसी वजह से भारतीय सेना लगातार तकनीक आधारित सैन्य ढांचे को विकसित करने पर काम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जनरल द्विवेदी ने थिएटर कमांड व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थिएटराइजेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और इससे जुड़ी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी जा चुकी है। इस नई व्यवस्था के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना अपने संसाधनों और युद्धक तैयारियों की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि थिएटर कमांडर संयुक्त सैन्य अभियानों का संचालन करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन वर्षों के भीतर यह व्यवस्था जमीन पर दिखाई देने लगेगी। इससे तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और अधिक मजबूत होगा तथा किसी भी चुनौती का संयुक्त रूप से सामना किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना "डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन" पहल के तहत खुद को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बदल रही है। इसके तहत आधुनिक तकनीकों को अपनाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नई सैन्य संरचनाओं के निर्माण पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रेजिमेंट बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरियां, शक्तिमान रेजिमेंट और भारत बटालियन जैसी नई अवधारणाएं इसी बदलाव का हिस्सा हैं। इन योजनाओं में युवाओं और नई पीढ़ी की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए सेना प्रमुख ने अप्रत्यक्ष रूप से उस सैन्य कार्रवाई की याद दिलाई, जिसे भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अंजाम दिया था। सैन्य सूत्रों के अनुसार उस अभियान में सीमापार मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा हुई थी, लेकिन सेना का मानना है कि सुरक्षा चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। यही वजह है कि तीनों सेनाएं हर समय तैयार रहने की रणनीति पर काम कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह बयान केवल सैन्य तैयारी का संदेश नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सतर्क है। NDA से निकल रहे युवा अधिकारियों के लिए भी यह संदेश स्पष्ट था कि बदलते युद्धक माहौल में तकनीक, रणनीति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय तैयार रहना ही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:56:09 +0530</pubDate>
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