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                <title>NDPS Act - दैनिक जागरण</title>
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                <description>NDPS Act RSS Feed</description>
                
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                <title>हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'वर्दी पुलिस की, लेकिन दिल अपराधियों के साथ', DGP को एक महीने में सर्कुलर जारी करने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[गिरफ्तारी के लिखित कारण नहीं बताने पर जताई कड़ी नाराजगी, कहा- ऐसी लापरवाही से अपराधियों को मिलता है कानूनी फायदा; सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/high-courts-strict-comment-on-uniformed-police-but-with-criminals/article-58175"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-high-court-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य के पुलिस विभाग को बड़ा संदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी कानून की रक्षा के लिए वर्दी पहनते जरूर हैं, लेकिन उनके कामकाज से ऐसा लगता है कि उनका झुकाव अपराधियों को बचाने की ओर है। कोर्ट ने इस तरह की लापरवाही को न्याय व्यवस्था और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि एक महीने के भीतर सभी थाना प्रभारियों और विवेचना अधिकारियों के लिए सख्त सर्कुलर जारी किया जाए। इस सर्कुलर में स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करते समय उसे गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में देना अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी ऐसा नहीं करता है तो इसे केवल प्रक्रियागत चूक नहीं, बल्कि आरोपी को कानूनी लाभ पहुंचाने की मंशा के रूप में देखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर ही पूरी की जानी चाहिए। यदि पुलिस अधिकारी निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते हैं तो इसका सीधा लाभ अपराधियों को अदालत से राहत मिलने के रूप में मिलता है। ऐसी स्थिति में न केवल जांच प्रभावित होती है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह टिप्पणी जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए की। यह याचिका धर्मेंद्र लोधी ने अपने भाई की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दायर की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि पुलिस ने उसके भाई को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए, इसलिए गिरफ्तारी को अवैध माना जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे मामले के रिकॉर्ड का विस्तार से परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि संबंधित आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था और पुलिस ने उसे धारा 50 के तहत आवश्यक लिखित नोटिस दिया था। आरोपी के कब्जे से करीब 86.850 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया था। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी को वैध माना और याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अदालत ने यह भी माना कि कई मामलों में पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी की अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं करते। यही वजह है कि कई गंभीर मामलों में आरोपी तकनीकी आधार पर अदालत से राहत हासिल कर लेते हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं दिए जाते तो यह केवल साधारण लापरवाही नहीं मानी जाएगी, बल्कि यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी ने जानबूझकर ऐसी चूक की ताकि आरोपी को कानूनी फायदा मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस मुख्यालय भोपाल की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में पुलिस मुख्यालय ने इसी वर्ष 13 फरवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया से जुड़े स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कई थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। अदालत ने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता माना।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध दर्ज करना नहीं है, बल्कि कानून के अनुरूप जांच करना और दोषियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करना भी है। यदि जांच अधिकारी ही नियमों की अनदेखी करेंगे तो अपराधियों को सजा दिलाना मुश्किल हो जाएगा और जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि पुलिस विभाग को ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, जो लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक के कारण अपराधियों को राहत दिलाने का रास्ता तैयार करते हैं। कोर्ट ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी कानून की अनदेखी करने का साहस न कर सके।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों तक यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचाया जाए कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी की ओर से दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले को पुलिस व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत की यह टिप्पणी भविष्य में पुलिस जांच की गुणवत्ता सुधारने और गिरफ्तारी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही इससे उन मामलों में भी कमी आएगी, जहां तकनीकी खामियों के कारण आरोपी अदालत से राहत पाने में सफल हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस मुख्यालय पर जिम्मेदारी होगी कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर नया सर्कुलर जारी कर सभी अधिकारियों को कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है और पुलिस व्यवस्था में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:19:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नशे के खिलाफ वीडियो बनाने वाला युवक 4 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई से मचा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[इंस्टाग्राम पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाला भिलाई का युवक हरिशंकर यादव उर्फ जुगनू एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार, मां ने कार्रवाई पर उठाए सवाल तो पुलिस ने जब्ती और पुराने मामलों का किया दावा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/youth-making-video-against-drugs-arrested-with-4-kg-ganja/article-57541"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/durg-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। इंस्टाग्राम पर नशे के खिलाफ लगातार वीडियो बनाकर पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने वाला एक युवक अब स्वयं गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के कब्जे से 4 किलो 198 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई गई है। वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को झूठा बताया है। गिरफ्तार युवक की पहचान भिलाई निवासी 24 वर्षीय हरिशंकर यादव उर्फ जुगनू के रूप में हुई है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'जुगनू ब्लॉगर' नाम से सक्रिय था। उसके वीडियो मुख्य रूप से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने पर आधारित होते थे। इसी कारण उसकी गिरफ्तारी ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार 29 जून को सूचना मिली थी कि हरिशंकर यादव खुर्सीपार थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर रोड स्थित बिहारी मोहल्ला के पास गांजा बेचने की तैयारी में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 4 किलो 198 ग्राम गांजा, 300 रुपए नकद और एक एक्टिवा स्कूटर जब्त किया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे और अन्य सामान की कुल कीमत करीब दो लाख रुपए है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20(ख) और 27ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। खुर्सीपार थाना पुलिस का कहना है कि हरिशंकर यादव के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त था और गांजा बेचकर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था।</p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तारी से करीब एक महीने पहले हरिशंकर यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह खुर्सीपार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर नशे से जुड़े सामान, इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, सिरिंज और नशीली दवाओं की खाली शीशियां दिखाता नजर आया था। वीडियो में उसने पुलिस और प्रशासन से नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की अपील भी की थी। अपने कई वीडियो में वह स्कूलों के आसपास, पार्कों, खेल मैदानों और सुनसान स्थानों पर फैले नशे से जुड़े कचरे को साफ करते हुए भी दिखाई देता था। एक वीडियो में उसने स्थानीय थाना प्रभारी से सीधे कहा था कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर ध्यान देकर कार्रवाई की जाए। यही वजह है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।</p>
<p>इस पूरे मामले में आरोपी की मां गोमती यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को पुलिस सोमवार को अपने साथ लेकर गई थी। उन्होंने दावा किया कि बेटे के पास से कोई गांजा बरामद नहीं हुआ और उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि यदि वास्तव में बरामदगी हुई है तो उसका स्पष्ट प्रमाण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। गोमती यादव का कहना है कि उनका बेटा लगातार नशे के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और इसी कारण उसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े इंजेक्शन तथा नशीले पदार्थों से जुड़े सामान के वीडियो बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से उस पर झूठा मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>हालांकि पुलिस ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जब्ती, साक्ष्य और जांच प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है। ऐसे मामलों में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर अंतिम निर्णय देती है। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:41:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एमपी के दो टीआई समेत 100 पर FIR, ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की अदालत ने घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई को संदिग्ध माना, जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/questions-raised-on-drugs-factory-action-against-100-including-two/article-56075"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-police-fir.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश और राजस्थान की पुलिस व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 लोगों के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई कथित ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। उस समय मध्य प्रदेश पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया था, लेकिन अब अदालत के आदेश और जांच रिपोर्ट के बाद पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चौमहला कोर्ट ने 13 जून को दिए अपने आदेश में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डग थाने में आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर धाराओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूरा मामला 21 जनवरी 2026 से शुरू हुआ था, जब आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को कथित रूप से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फैजान ने बताया था कि यह मादक पदार्थ राजस्थान के घाटाखेड़ी गांव निवासी शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने 28 जनवरी को बड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ घाटाखेड़ी गांव में दबिश दी थी। उस समय पुलिस ने कहा था कि वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे बड़ी सफलता बताया था। उन्होंने दावा किया था कि मौके से हथियार, मशीनें और ड्रग्स निर्माण से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। लेकिन जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की कार्रवाई को संदेह के घेरे में ला दिया। जांच में पाया गया कि जब्त किया गया कुछ सामान बिल्कुल नया दिखाई दे रहा था, जिस पर सवाल उठे थे। इसके अलावा यह दावा भी किया गया था कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस शामिल थी, जबकि जांच के दौरान सामने आया कि स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी ही नहीं थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उठा। पुलिस ने कहा था कि पूरे ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई थी, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इतना ही नहीं, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज समय और सीसीटीवी फुटेज में भी बड़ा अंतर पाया गया। रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तारियां और जब्ती की कार्रवाई सुबह 4:40 बजे से 5:40 बजे के बीच हुई थी, जबकि जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश पुलिस की टीम सुबह 5:05 बजे तक ही उस इलाके में मौजूद थी। ऐसे में इतने कम समय में NDPS अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने को लेकर सवाल खड़े हुए। गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताया था। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए उनके घर में प्रवेश किया, परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे मामले में फंसाया। इसके बाद उन्होंने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर किया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई। उन्होंने मध्य प्रदेश जाकर कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से नहीं हो सकी। इन्हीं तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। अब डग थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल प्रक्रियागत त्रुटियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अगले 3 साल में ‘ड्रग फ्री मध्यप्रदेश’ का लक्ष्य, 15 जुलाई से अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल समीक्षा बैठक में AI कैमरा नेटवर्क, पुलिस सुधार और नशा विरोधी रणनीति पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a2fa7f93aa49/article-55968"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/drug-free-madhya-pradesh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस ने अगले तीन वर्षों में राज्य को ‘ड्रग फ्री मध्यप्रदेश’ बनाने का स्पष्ट रोडमैप तय किया है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह लक्ष्य सामने रखा। बैठक में तय किया गया कि 15 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ नाम का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर रहेगा। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई और सामाजिक भागीदारी के साथ आगे बढ़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में डीजीपी ने सेफगार्ड योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित करीब एक लाख सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। यह नेटवर्क प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अपराध पर निगरानी को मजबूत करेगा। नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में कैमरा नेटवर्क विस्तार को प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इसके साथ ही न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया। उच्च न्यायालय और अन्य अदालतों में लंबित रिट, अवमानना और सेवा संबंधी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। ई-ऑफिस प्रणाली के शत-प्रतिशत उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को भी अनिवार्य बताया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में डीजीपी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने और उनके नाम राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों के लिए प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए अच्छे कार्यों की पहचान और प्रोत्साहन जरूरी है। हाल के महीनों में एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा में सामने आया कि पिछले छह महीनों में लगभग 10 महत्वपूर्ण मामलों में करीब 53 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया गया है। यह कार्रवाई मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी बॉर्डर इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे। बैठक में मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण और चिन्हित अपराधियों पर कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को लेकर भी बैठक में विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि हर जिले में पुलिस अधीक्षक को महीने में कम से कम एक बार सिविल सर्जन के साथ बैठक करनी होगी ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और अस्पतालों के साथ एमओयू करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार पुलिस बल की कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि लगातार ड्यूटी और तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए नियमित हेल्थ चेकअप और काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग बढ़ाना समय की मांग है और इसी दिशा में एआई आधारित कैमरा नेटवर्क, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:24:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्तर में 25 लाख से ज्यादा का गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[भानपुरी और नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाई, 51 किलो से अधिक गांजा बरामद; एक आरोपी घर से तो दूसरा बस स्टॉप पर पकड़ा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ganja-worth-more-than-rs-25-lakh-seized-in-bastar/article-55403"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bastar-ganja-seizure.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के भानपुरी और नगरनार थाना क्षेत्र में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस ने 25 लाख 66 हजार 750 रुपए कीमत का गांजा जब्त किया है। कुल 51 किलो 335 ग्राम गांजा बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली कार्रवाई भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम केशरपाल आवासपारा में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव का एक व्यक्ति अपने घर में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे हुए है और उसकी बिक्री कर रहा है। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी हर्ष कुमार धुरंधर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। रविवार को पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो पहले उससे पूछताछ की गई। शुरुआती पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर घर की तलाशी ली गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तलाशी के दौरान पुलिस को घर के एक कमरे में रखा नीले रंग का प्लास्टिक ड्रम मिला। जब ड्रम की जांच की गई तो उसके भीतर बड़ी मात्रा में गांजा रखा हुआ पाया गया। पुलिस ने मौके से करीब 33 किलो 250 ग्राम गांजा बरामद किया। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत 16 लाख 62 हजार 500 रुपए है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी किशोर बघेल (36) को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई की काफी चर्चा रही क्योंकि आरोपी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने की जानकारी किसी को नहीं थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर दूसरी कार्रवाई नगरनार थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास एक युवक दो बैग में गांजा लेकर बस का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह जगदलपुर जाने वाली बस में सवार होने की तैयारी में था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक पर नजर रखी गई। कुछ देर बाद पुलिस ने युवक को घेरकर हिरासत में ले लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूछताछ में युवक ने अपना नाम राहुल पांडेय (28) निवासी मंगला चौक, बिलासपुर बताया। उसके पास रखे दो बैगों की तलाशी लेने पर तीन अलग-अलग पैकेटों में भरा करीब 18 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब्त गांजे की कीमत 9 लाख 4 हजार 250 रुपए आंकी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से लेकर आया था और उसे बिलासपुर तक पहुंचाने की तैयारी थी। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में लंबे समय से गांजा तस्करी की गतिविधियां सामने आती रही हैं। कई बार तस्कर छोटे वाहनों, बसों और निजी साधनों का उपयोग कर नशीले पदार्थों की सप्लाई करते हैं। ऐसे में पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है। हाल के महीनों में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में गांजा तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लगातार मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद गांजा किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 13:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता, क्राइम डीसीपी को स्पेशल टीम गठित करने और अवैध संपत्तियों की जब्ती तेज करने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/emphasis-on-crime-control-in-the-review-meeting-of-raipur/article-55391"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-police-commissionerate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के करीब पांच महीने बाद सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की। इस दौरान शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की स्थिति और विभिन्न अभियानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कमिश्नर ने एक-एक कर समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। हाल के महीनों में शहर में चाकूबाजी, लूटपाट और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को सतर्क रहने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। अधिकारियों के अनुसार बैठक में अपराध नियंत्रण सबसे प्रमुख मुद्दा रहा और इस पर विशेष रणनीति तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने विभिन्न जोनों और थाना क्षेत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। अधिकारियों से अपराध के आंकड़े, विवेचना की स्थिति, गिरफ्तारी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़ी जानकारी ली गई। इसी दौरान एक एसीपी रैंक के अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों में कुछ विसंगतियां सामने आईं। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से संबंधित डेटा में त्रुटियां थीं, जिन्हें कमिश्नर ने तुरंत पकड़ लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को आंकड़े दोबारा सत्यापित कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद अधिकारियों के मुताबिक कमिश्नर ने साफ कहा कि पुलिसिंग में सटीक आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाती है। आंकड़ों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। पिछले कुछ समय में चाकूबाजी और लूटपाट की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने क्राइम डीसीपी को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम संगठित अपराध, चाकूबाजी, लूट और अन्य गंभीर मामलों पर फोकस करेगी। साथ ही संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर विशेष अभियान चलाए जाएं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस अब कुछ ऐसे क्षेत्रों की पहचान भी कर रही है जहां अपराध की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक सामने आ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों का भरोसा बनाए रखना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए गए। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, साइबर अपराध, चिटफंड धोखाधड़ी और अन्य आर्थिक अपराधों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा। पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि गैरकानूनी गतिविधियों से अर्जित संपत्ति सुरक्षित नहीं रह सकती। बैठक में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, विशेष शाखा, सभी जोन डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नरेट व्यवस्था के पांच महीने पूरे होने के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक को पुलिस प्रशासन की आगामी रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:56:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में 608 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त, आईजी की फटकार के बाद कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा में पुलिस ने 608 शीशी कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप जब्त की। आईजी को सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/608-vials-of-intoxicating-cough-syrup-seized-in-rewa-action/article-53315"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t110740.828.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में अवैध नशे के धंधे के खिलाफ चलाए गए अभियान में सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 608 शीशियां कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप जब्त की हैं। यह मामला शहर के वार्ड नंबर 06 झिरिया क्षेत्र का है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां लंबे समय से सिरप की अवैध बिक्री की जानकारी मिल रही थी। पुलिस ने एक आरोपी को भी मौके से गिरफ्तार किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब्त की गई सिरप की कीमत लगभग 1.22 लाख रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब इसकी सूचना सीधे रीवा आईजी के पास पहुंची।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीवा आईजी गौरव राजपूत को एक मुखबिर से बताया गया था कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में खुलेआम नशीली कफ सिरप बेची जा रही है। इस सूचना के बाद आईजी ने तुरंत कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। कहा जा रहा है कि आरोपी मोहन जोशी कई सालों से सिविल लाइन थाने के सामने चाय की दुकान चला रहा था और इलाके में उसकी अच्छी पकड़ थी। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि आरोपी पुलिस के कुछ लोगों के संपर्क में था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देर शाम इलाके में घेराबंदी की और आरोपी के घर पर छापा मारा। वहां मोहन जोशी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भुवनचंद जोशी का बेटा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">को घर के आंगन से हिरासत में लिया गया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब पुलिस कार्रवाई कर रही थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें घर के पास एक कमरा बंद मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर ताला लगा हुआ था। कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए गवाहों की मौजूदगी में ताले को खुलवाया गया। तलाश करने पर कमरे में रखी सफेद बोरियों में से काफी मात्रा में कोडीन युक्त नशीली कफ सिरप बरामद हुई। पुलिस ने कुल 608 शीशियां जब्त कीं। मौके पर थोड़ी देर हलचल मची रही और आसपास के लोग भी घर के बाहर जमा हो गए। यह जानकारी मिल रही है कि इलाके में लंबे समय से ऐसी बिक्री की शिकायतें आती रहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। अब आईजी स्तर से मामला उठने के बाद पुलिस हरकत में आई है। बरामद अवैध सिरप को जब्त कर आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन रीवा में अपराध क्रमांक 120/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">21 और 22 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी के संपर्क में कौन लोग थे और इस सप्लाई का स्रोत क्या था।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 11:15:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूध सप्लाई की आड़ में कर रहे थे नशीले सामान की तस्करी, पुलिस ने आरोपी दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदसौर जिले के सुवासरा थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दूध टैंकर बनी एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में डोडा चूरा जब्त किया है। मामला शामगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरे आरोपी की तलाश अभी जारी है। कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक चर्चा बनी रही क्योंकि जिस तरीके से तस्करी की जा रही थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने पुलिस को भी चौंका दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक सुवासरा थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह बघेल को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/police-caught-the-accused-who-was-smuggling-narcotics-under-the/article-53143"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t181315.846.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदसौर जिले के सुवासरा थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दूध टैंकर बनी एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में डोडा चूरा जब्त किया है। मामला शामगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरे आरोपी की तलाश अभी जारी है। कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक चर्चा बनी रही क्योंकि जिस तरीके से तस्करी की जा रही थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने पुलिस को भी चौंका दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक सुवासरा थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह बघेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शामगढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरखेड़ी गांव का रहने वाला भारत सिंह अवैध रूप से डोडा चूरा लेकर जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पिकअप वाहन को दूध के टैंकर जैसा बना रखा था ताकि किसी को शक न हो। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने नई आबादी धानखेड़ा के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी की। देर शाम वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो टैंकर के अंदर छिपाकर रखा गया </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">94<span lang="hi" xml:lang="hi"> किलो </span>300<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा बरामद हुआ।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार जब्त किए गए डोडा चूरे की कीमत करीब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>88 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से आरोपी भारत सिंह निवासी डूंगरखेड़ी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह माल गांव के ही संदीप सिंह ने भरवाया था। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी की तलाश शुरू कर दी। हालांकि वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलाके में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में अवैध हथियार-नशीली दवाओं पर सख्ती, कूरियर कंपनियों को नए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[संदिग्ध बुकिंग की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य, CCTV और KYC नियम कड़े अवैध हथियार और नशीली दवाओं के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। दुर्ग पुलिस ने कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों को सीधे जिम्मेदारी सौंप दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/strictness-on-illegal-weapons-and-drugs-in-durg-new-instructions/article-51815"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news--(5).jpg" alt=""></a><br /><p>दुर्ग-भिलाई में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब हर संदिग्ध बुकिंग की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गैरकानूनी गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाना और आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना है।पुलिस ने बताया कि हाल के समय में कूरियर सेवाओं के जरिए अवैध सामान भेजे जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे हर पार्सल की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को गंभीरता से लें।</p>
<h5><strong>कड़ी निगरानी व्यवस्था</strong></h5>
<p>प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने NDPS Act और Arms Act से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान है।कंपनियों को निर्देश दिए गए कि पार्सल बुकिंग के समय भेजने वाले की पहचान (KYC) अनिवार्य रूप से जांची जाए। किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना सत्यापन आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने पर जोर दिया गया।</p>
<h5><strong>सुरक्षा के सख्त नियम</strong></h5>
<p>पुलिस ने डिलीवरी और पिकअप स्टाफ के पुलिस सत्यापन को भी जरूरी बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यह सुनिश्चित होगा कि कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी विश्वसनीय हों और किसी अवैध गतिविधि में शामिल न हों।इसके अलावा, सभी कूरियर हब और गोदामों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा, ताकि जांच के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधि की समय पर सूचना मिलने से अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:36:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलासपुर में नशा विरोधी अभियान तेज, महिला तस्कर के घर से 5.26 लाख नकद जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[एक दिन में 12 केस दर्ज, गांजा और प्रतिबंधित दवाओं के साथ 12 आरोपी गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/anti-drug-campaign-intensified-in-bilaspur-rs-526-lakh-cash-seized/article-46426"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/cg-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक महिला तस्कर के घर से 900 ग्राम गांजा और 5 लाख 26 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। नकदी रसोईघर में अलग-अलग डिब्बों में छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने महिला सहित एक ही दिन में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।</p>
<p>कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने काजल वर्मा के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 900 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपए बताई जा रही है। जांच के दौरान रसोई में रखे डिब्बों से 500, 200 और 100 रुपए के नोटों में कुल 5.26 लाख रुपए बरामद हुए। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।</p>
<h3>“चेतना विरुद्ध नशा” अभियान का असर</h3>
<p>पुलिस इन दिनों जिलेभर में नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई अभियान चला रही है। इसी क्रम में लगातार सूचनाएं मिल रही हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में यह अभियान संचालित हो रहा है।</p>
<h3>सरकंडा में नशीली गोलियों की बड़ी खेप</h3>
<p>सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने रानी सिंह (40 वर्ष) के पास से 2925 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट जब्त कीं, जिनका कुल वजन 438.750 ग्राम और कीमत करीब 11,497 रुपए आंकी गई है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी क्षेत्र में बबली वंशकार (30 वर्ष) से 1 किलो 200 ग्राम तथा अभय भार्गव (24 वर्ष) से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया।</p>
<h3>विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई</h3>
<ul>
<li>
<p>सिविल लाइन थाना: राजकुमार निर्मलकर (58 वर्ष) से 280 ग्राम गांजा जब्त।</p>
</li>
<li>
<p>बेलगहना चौकी: देवचरण वैष्णव से 300 ग्राम गांजा, तराजू-बाट और 16 हजार रुपए नकद बरामद।</p>
</li>
<li>
<p>सीपत थाना: सीमा सिसोदिया (21 वर्ष) से 2 किलो गांजा जब्त।</p>
</li>
<li>
<p>कोनी थाना: पूर्णिमा वर्मा (25 वर्ष) से 1 किलो 256 ग्राम गांजा बरामद।</p>
</li>
<li>
<p>रतनपुर थाना: अरविंद उर्फ अन्नू जैन (36 वर्ष) से 225 ग्राम गांजा, 2300 रुपए और मोबाइल फोन जब्त।</p>
</li>
<li>
<p>बिल्हा थाना: त्रिवेणी अरोरा (30 वर्ष) से 124 ग्राम गांजा व नगदी बरामद।</p>
</li>
<li>
<p>सिरगिट्टी थाना: शेख राजा (30 वर्ष) से 240 ग्राम और शंकर दास मानिकपुरी (19 वर्ष) से 360 ग्राम गांजा जब्त।</p>
</li>
</ul>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<p>----</p>
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                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 12:41:09 +0530</pubDate>
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