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                <title>IndianCricket - दैनिक जागरण</title>
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                <title>वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद का धमाका, 119 गेंदों पर 168 रन ठोके</title>
                                    <description><![CDATA[लोकल टूर्नामेंट में 19 चौके और 6 छक्कों की मदद से मचाया तहलका, लगातार दूसरी बड़ी पारी से बढ़ी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshis-younger-brother-ashirwads-blast-scored-168-runs-in/article-56812"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aashirwad-suryavanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिहार क्रिकेट के उभरते नाम वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच लिया है। समस्तीपुर में खेले गए एक लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट में 10 साल के आशीर्वाद ने 119 गेंदों पर 168 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे, जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। यह मुकाबला ऋषभ-11 और वैशाली-11 के बीच खेला गया था, जिसमें आशीर्वाद की पारी की बदौलत उनकी टीम ने शानदार जीत दर्ज की। आशीर्वाद ने अपनी इस पारी की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी साझा की, जिससे उनकी चर्चा और तेज हो गई। लगातार दूसरे बड़े प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वह भी अपने बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी की तरह ही आक्रामक और प्रतिभाशाली बल्लेबाज के रूप में उभर रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने बिरौली के खिलाफ एक मैच में 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे, जिसमें 20 चौके और एक छक्का शामिल था। लगातार दो शानदार पारियों के बाद क्रिकेट प्रेमियों में उनके भविष्य को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन दुर्लभ होता है। आशीर्वाद की बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ शॉट सिलेक्शन भी देखने लायक है। उनकी टाइमिंग और गेंद को समझकर खेलने की क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। खास बात यह है कि वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि उनके बड़े भाई वैभव बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। हालांकि दोनों की बल्लेबाजी शैली में एक समानता जरूर है, वह है अटैकिंग अप्रोच। दोनों ही खिलाड़ी शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने में विश्वास रखते हैं। आशीर्वाद सूर्यवंशी अपने परिवार में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी पहले ही भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं। वैभव इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं और उन्हें हाल ही में अंतरराष्ट्रीय टी-20 सीरीज और अन्य महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों के लिए चुना गया है। 15 साल की उम्र में ही टीम इंडिया में जगह बनाकर उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्होंने सबसे कम उम्र में भारतीय टीम में चयन का रिकॉर्ड बनाकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैभव ने कई दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड पीछे छोड़े हैं। वह भारतीय टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा उन्होंने घरेलू और आईपीएल स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। एक ही सीजन में 776 रन बनाकर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की थी और साथ ही कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी जीते थे। उनकी सबसे चर्चित उपलब्धि 36 गेंदों पर शतक रही, जिसने उन्हें देशभर में सुर्खियों में ला दिया था। आशीर्वाद और वैभव दोनों ही भाई क्रिकेट के प्रति जुनून और आक्रामक खेल शैली के लिए जाने जाते हैं। परिवार में पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बच्चों के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। पिता खुद भी बच्चों की ट्रेनिंग और अभ्यास पर विशेष ध्यान देते हैं। परिवार का मानना है कि दोनों बच्चे आगे चलकर राज्य और देश के लिए बड़ा नाम कमा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आशीर्वाद की बल्लेबाजी में खास बात यह है कि वह गेंद को खुलकर खेलते हैं और बड़े शॉट लगाने से नहीं हिचकते। उनकी पावर हिटिंग क्षमता और आत्मविश्वास उनकी उम्र के हिसाब से काफी आगे मानी जा रही है। स्थानीय कोच और क्रिकेट विशेषज्ञ भी उनके प्रदर्शन से प्रभावित हैं और मानते हैं कि यदि सही मार्गदर्शन मिलता रहा तो वह भविष्य में बड़ा नाम बन सकते हैं। लगातार दो बड़ी पारियों के बाद अब आशीर्वाद पर सभी की नजरें टिक गई हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके शॉट्स और स्कोर तेजी से वायरल हो रहे हैं। क्रिकेट प्रेमी उन्हें भविष्य का उभरता सितारा मानने लगे हैं। हालांकि अभी वह शुरुआती स्तर पर खेल रहे हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि बिहार से एक और प्रतिभाशाली क्रिकेटर तैयार हो रहा है। वैभव और आशीर्वाद की जोड़ी ने बिहार क्रिकेट को एक नई पहचान दी है। जहां एक ओर वैभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रख चुके हैं, वहीं दूसरी ओर आशीर्वाद धीरे-धीरे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आशीर्वाद भी अपने बड़े भाई की तरह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाते हैं या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 16:08:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब शुरू होगा असली महामुकाबला ! सेमीफाइनल और फाइनल में कौन मारेगा बाज़ी, क्रिकेट प्रेमियों की नज़र इंदौर पर</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर के होल्कर स्टेडियम में 25-26 जून को होंगे सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले, चार टीमें खिताब की रेस में आमने-सामने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/huge-rush-for-tickets-in-europe-for-vaibhav-suryavanshis-debut/article-56822"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mpl-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>MPL 2026 Semi Final</strong> -मध्यप्रदेश लीग अपने निर्णायक दौर में पहुँच गई है , जानिए सेमीफाइनल और फाइनल की तारीख़, समय और संभावित समीकरण और पूरी जानकारी </p>
<p>मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा घरेलु T20 टूर्नामेंट MPL 2026 अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पे पहुँच चुका है, लीग स्टेज ख़तम होने के करीब है, सभी टीमों की नज़र सिर्फ़ एक लक्ष्य पर है, फाइनल लीग तक पहुँचना और ट्रॉफी उठाना | लगभग पुरे महीने से चल रहे इस मुक़ाबले के बाद अब मैदान पर गलती की कोई गुंजाइस नहीं बचेगी ! लीग में मिली हार-जीत अब इतिहास होगी और आगे हर गेंद , हर रन और हर फ़ैसला सीधे ट्रॉफी की ओर जाने वाली दिशा तय करेगी !</p>
<h5><strong>कब होंगे MPL 2026 के सेमीफाइनल  और फाइनल ?</strong></h5>
<p>आधिकारिक सूचना के अनुसार नॉकऑउट मुक़ाबले इंदौर में खेले जाएंगे !</p>
<p><strong>MPL 2026 जून का पूरा नॉकऑउट शेड्यूल :</strong></p>
<p>पहला सेमीफइनल मैच 25 जून 2026  दोपहर 3:00 बजे से  - स्थान : इंदौर </p>
<p>दूसरा सेमीफाइनल मैच 25 जून 2026  शाम 7:30 बजे से     - स्थान : इंदौर </p>
<p>ग्रैंड फ़ाइनल मैच 26 जून 2026 शाम 7:30 बजे                   - स्थान : इंदौर </p>
<p><strong>ये चार टीम सेमीफाइनल तक पहुँचने की रेस जीत चूंकि हैं :</strong><br />1: चंबल घड़ियाल <br />2 : रॉयल निमार ईगल्स <br />3 : रीवा जगुआर <br />4 : जबलपुर रॉयल लॉयंस </p>
<p>सभी मुक़ाबले इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले जायेंगे !</p>
<h5><strong>क्यों ख़ास होने वाला इस बार का नॉकऑउट मुक़ाबला !</strong></h5>
<p>MPL का यह सीज़न शुरुआत से ही हाई स्कोरिंग मैचों , युवा खिलाड़ियों और क़रीबी मुक़ाबलों के वज़ह काफी चर्चाओं में रहा, कई टीमों ने आख़री दम तक प्लेऑफ़ की रेस में भागे !</p>
<p>हाल ही में एक बड़े मैच में चंबल घड़ियालस ने धमाकेदार प्रर्दशन कर के सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत की , टीम ने बड़े रन चेज कर के धमाकेदार जीत हासिल कर के टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना दिया!</p>
<p>पिछले साल (MPL 2025) की विजेता टीम भोपाल लेओपर्ड्स थी !</p>
<p>भोपाल लेओपर्ड्स ने पिछले साल पहले बल्लेबाजी करते हुए 156 रन बनाये थे और चंबल घड़ियालस की टीम 20 ओवर में 154 /7 रन ही बना सकी, जिस कारन से भोपाल लेओपर्ड्स 2 रन से विजयी रही !</p>
<p>इस साल की बात करे तो भोपाल लेओपर्ड्स इस सीजन लीग स्टेज में संघर्ष करती नजर आई और पॉइंट्स टेबल में 7वें स्थान पे रही !</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 16:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैभव सूर्यवंशी को मिली टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिलने के बाद युवा बल्लेबाज ने इसे अपने क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा क्षण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshi-gets-team-indias-number-3-jersey-leaves-for/article-56700"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-suryawanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी। इसके साथ ही वह आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम के साथ रवाना हो गए। युवा बल्लेबाज ने इस पल को अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा होने जैसा बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैभव सूर्यवंशी हाल के महीनों में लगातार अपने प्रदर्शन से सुर्खियों में रहे हैं। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी और जूनियर स्तर पर रिकॉर्डतोड़ पारियों के बाद उन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टीम में जगह मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई ने उनकी नंबर-3 जर्सी होटल में भिजवाई, जहां भारतीय टीम के थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी सौंपी। जर्सी प्राप्त करने के बाद सूर्यवंशी ने सम्मान स्वरूप उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">युवा खिलाड़ी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस उपलब्धि को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उनके मुताबिक, जिस दिन उन्होंने पहली बार बल्ला हाथ में लेकर क्रिकेट मैदान पर कदम रखा था, उसी दिन से भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना देखा था और अब वह सपना साकार होने जा रहा है।</p>
<h2>रिकॉर्डों की चर्चा</h2>
<p class="isSelectedEnd">वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में ट्राई-नेशनल वनडे सीरीज के फाइनल में केवल 11 गेंदों पर अर्धशतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में नई पहचान दिलाई। चयनकर्ताओं ने भी उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए सीनियर टीम में मौका दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी ने 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।</p>
<h2>सचिन का रिकॉर्ड निशाने पर</h2>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा 26 जून से शुरू होगा, जबकि इसके बाद टीम इंग्लैंड में सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलेगी। यदि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में होने वाले मुकाबले में पदार्पण का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिलहाल यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar के नाम दर्ज है, जिन्होंने 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। सूर्यवंशी के पास इस उपलब्धि को पीछे छोड़ने का अवसर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टी-20 टीम की कमान Shreyas Iyer के हाथों में है, जबकि टीम में Tilak Varma, Sanju Samson, Ishan Kishan और Arshdeep Singh जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।</p>
<p>क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब आयरलैंड दौरे पर टिकी है, जहां वैभव सूर्यवंशी के संभावित डेब्यू को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यदि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पदार्पणों में से एक हो सकता है। आज की ताज़ा ख़बरें, भारत समाचार अपडेट और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में यह कहानी फिलहाल सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली खबरों में शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैच से एक दिन पहले हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी, अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में मिल सकता है मौका</title>
                                    <description><![CDATA[सर्जरी और लंबे रिहैबिलिटेशन के बाद भारतीय टीम से जुड़े तेज गेंदबाज, चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले में पेस अटैक को मिलेगी मजबूती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/a-day-before-the-match-harshit-ranas-return-to-team/article-56406"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/harshit-rana-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ी राहत मिली है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है और उन्हें तीसरे वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल कर लिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। बताया गया कि हर्षित राणा ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैबिलिटेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और फिटनेस टेस्ट भी पास कर लिया है। इसके बाद उन्हें चेन्नई में मौजूद भारतीय टीम से जुड़ने की अनुमति दे दी गई। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मुकाबला 20 जून को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। पहले मैच में टीम इंडिया ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे वनडे में अफगानिस्तान को 170 रन के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में तीसरा मुकाबला औपचारिक जरूर माना जा रहा है, लेकिन भारतीय टीम इसमें भी जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा की वापसी ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत करना चाहती है। इस सीरीज में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शुरुआती दो मुकाबलों में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा ने संभाली है। अब हर्षित राणा के टीम से जुड़ने के बाद कप्तान शुभमन गिल के पास तेज गेंदबाजी के अतिरिक्त विकल्प मौजूद होंगे। चेन्नई की परिस्थितियों को देखते हुए टीम प्रबंधन तीन तेज गेंदबाजों के संयोजन पर भी विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि टीम प्रबंधन तीसरे वनडे में कुछ खिलाड़ियों को मौका देने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, इसलिए बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हर्षित राणा को भी लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का मौका मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मैच के दिन पिच और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा पिछले कुछ महीनों से क्रिकेट मैदान से दूर थे। टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक अभ्यास मैच के दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई थी। शुरुआती जांच में चोट अपेक्षा से ज्यादा गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। चोट के कारण वह न सिर्फ टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग का पूरा सीजन भी नहीं खेल सके। यह उनके करियर के लिए बड़ा झटका माना गया था क्योंकि उस समय वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे और लगातार चयनकर्ताओं की नजर में बने हुए थे। सर्जरी के बाद हर्षित ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में पुनर्वास प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान उनकी फिटनेस, गेंदबाजी लोड और मैच तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने सभी निर्धारित फिटनेस मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी। यही वजह रही कि चयनकर्ताओं ने उन्हें तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल करने का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय टीम प्रबंधन भी हर्षित राणा को भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहा है। युवा तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी गति, आक्रामकता और विकेट लेने की क्षमता से प्रभावित किया है। टीम इंडिया लगातार ऐसे तेज गेंदबाजों की तलाश में है जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम को मजबूती दे सकें। ऐसे में हर्षित की फिट होकर वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। भारत जहां सीरीज में क्लीन स्वीप के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगा, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:54:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>धोनी जैसे मेंटर की जरूरत, कोचिंग शैली पर श्रीसंत ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने गौतम गंभीर की कार्यशैली पर जताई आपत्ति, कहा- खिलाड़ियों को दबाव नहीं बल्कि भरोसा और मार्गदर्शन चाहिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/need-of-a-mentor-like-dhoni-sreesanth-raised-questions-on/article-56405"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/s-sreesanth.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। इस बार उन्होंने टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारतीय टीम को पारंपरिक कोचिंग मॉडल से ज्यादा एक ऐसे मेंटर की जरूरत है जो खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सके और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए। श्रीसंत का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी जैसे व्यक्तित्व की सोच और नेतृत्व शैली टीम के लिए अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। 43 वर्षीय श्रीसंत ने एक बातचीत के दौरान कहा कि टीम के खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने के बजाय उन्हें भरोसा देना और सही दिशा दिखाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत को केवल एक कोच की नहीं, बल्कि ऐसे मेंटर की आवश्यकता है जो खिलाड़ियों को समझे और उनके साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता बनाए। उनके मुताबिक केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज हो जाना नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकती। खिलाड़ियों को कठिन समय में समर्थन और विश्वास की जरूरत होती है, जिससे वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूर्व तेज गेंदबाज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। श्रीसंत ने न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार का जिक्र करते हुए कहा कि टीम की रणनीति और कोचिंग दृष्टिकोण पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनका मानना है कि जब कोई टीम लगातार दबाव में नजर आती है तो केवल खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होता। टीम के प्रदर्शन में कोचिंग स्टाफ और नेतृत्व समूह की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट केवल तकनीक का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और टीम के भीतर विश्वास के माहौल पर भी निर्भर करता है। अगर खिलाड़ी खुद को स्वतंत्र महसूस करेंगे और उन्हें नेतृत्व से समर्थन मिलेगा तो वे मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। श्रीसंत के अनुसार कई बार खिलाड़ी दबाव में अपनी स्वाभाविक शैली भूल जाते हैं और इसका असर पूरे टीम संयोजन पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए श्रीसंत ने कहा कि भारतीय क्रिकेट की कई बड़ी सफलताओं के पीछे उनकी नेतृत्व क्षमता रही है। उन्होंने कहा कि धोनी खिलाड़ियों की क्षमता को समझते थे और उन्हें मौके देने में विश्वास रखते थे। यही वजह थी कि कई युवा खिलाड़ियों ने उनके नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया। श्रीसंत का मानना है कि टीम के साथ भावनात्मक जुड़ाव और भरोसे का रिश्ता बनाना किसी भी सफल नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान होती है। उन्होंने 2026 टी-20 विश्व कप जीत को लेकर भी अपनी राय रखी। श्रीसंत ने कहा कि किसी बड़ी जीत का पूरा श्रेय केवल कोच को देना उचित नहीं है। उनके अनुसार क्रिकेट एक टीम गेम है और इसमें कप्तान, खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ तथा रणनीतिक फैसलों की बराबर भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अगर महत्वपूर्ण मौकों पर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया होता तो केवल कोचिंग के दम पर विश्व कप जीतना संभव नहीं था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सही समय पर लिए गए फैसले, खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैदान पर दिखाई गई समझदारी भी जीत की बड़ी वजह होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एस श्रीसंत भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने टीम इंडिया के दो विश्व कप जीतने वाले अभियानों का हिस्सा बनने का गौरव हासिल किया। वे 2007 के टी-20 विश्व कप और 2011 के वनडे विश्व कप विजेता भारतीय दल में शामिल थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट हासिल किए और सीमित ओवरों के प्रारूप में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी आक्रामक गेंदबाजी और जुझारू रवैये के कारण वे लंबे समय तक चर्चा में रहे।उनका करियर विवादों से भी अछूता नहीं रहा। वर्ष 2013 में आईपीएल के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में अदालत से राहत मिलने और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उनके खिलाफ लगे कई आरोप समाप्त हुए। इसके बाद उनके प्रतिबंध की अवधि भी कम की गई और अंततः वह समाप्त हो गई। बावजूद इसके, उनका क्रिकेट करियर पहले जैसी रफ्तार नहीं पकड़ सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:54:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई लीग से IPL तक का सपना, चिन्मय सुतार की नजर अब बड़े मंच पर</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई क्रिकेट लीग के ऑरेंज कैप विजेता चिन्मय सुतार ने बीमारी से वापसी की कहानी सुनाई, कहा- इस सीजन का लक्ष्य IPL फ्रेंचाइजी का ध्यान आकर्षित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/chinmay-sutars-dream-from-mumbai-league-to-ipl-now-eyes/article-55438"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chinmay-sutar.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुंबई क्रिकेट लीग में पिछले सीजन शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने वाले युवा बल्लेबाज चिन्मय सुतार अब अपने क्रिकेट करियर के अगले बड़े लक्ष्य पर नजर लगाए हुए हैं। मराठा रॉयल्स के लिए खेलने वाले इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अब इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL तक पहुंचने का है। आगामी मुंबई क्रिकेट लीग को वह अपने लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं और उनका मानना है कि यदि इस बार भी उनका प्रदर्शन दमदार रहा तो IPL फ्रेंचाइजी टीमों का ध्यान उनकी ओर जरूर जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चिन्मय सुतार ने हाल ही में अपने क्रिकेट सफर, शुरुआती संघर्ष, बीमारी के दौर और परिवार से मिले समर्थन को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि क्रिकेट उनके जीवन का हिस्सा बचपन से रहा है। महज पांच साल की उम्र में उन्होंने बल्ला थाम लिया था। उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर क्रिकेट ही उनका पेशा बनेगा, लेकिन खेल के प्रति लगाव धीरे-धीरे जुनून में बदलता गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी प्रेरणा उनके पिता राजेश सुतार रहे हैं। राजेश खुद भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और उन्होंने अपने दौर में कई अच्छे खिलाड़ियों के साथ खेला। चिन्मय बताते हैं कि बचपन में वह अक्सर अपने पिता को मैदान पर खेलते हुए देखा करते थे। वहीं से उनके मन में क्रिकेट के प्रति रुचि पैदा हुई। घर में खेल का माहौल होने के कारण उन्हें शुरू से ही क्रिकेट की बारीकियां समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि जब भी वह अपने पिता को खेलते देखते थे तो उन्हें भी मैदान पर उतरने की इच्छा होती थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चिन्मय के अनुसार शुरुआती वर्षों में क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल था, जिसे वह पूरी तरह आनंद के साथ खेलते थे। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया, उन्हें प्रोफेशनल क्रिकेट की वास्तविक तस्वीर समझ में आने लगी। स्कूल स्तर के मुकाबलों से लेकर अंडर-14 और फिर क्लब क्रिकेट तक का सफर उनके लिए सीखने का महत्वपूर्ण दौर रहा। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ प्रतिभा ही नहीं बल्कि अनुशासन, मेहनत और निरंतरता भी बेहद जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा। जब वह लगभग 15 साल के थे, तब उन्हें एक गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा। यह समय उनके क्रिकेट करियर का सबसे कठिन दौर साबित हुआ। बीमारी के कारण उन्हें करीब 10 से 11 महीने तक मैदान से दूर रहना पड़ा। किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि लंबे समय तक खेल से दूर रहने का असर शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उस दौर को याद करते हुए चिन्मय बताते हैं कि यह उनके जीवन का बेहद भावुक और कठिन समय था। जब साथी खिलाड़ी मैदान पर अभ्यास कर रहे थे, तब वह इलाज और रिकवरी में व्यस्त थे। कई बार निराशा भी होती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा और वापसी की तैयारी जारी रखी। उनका मानना है कि मुश्किल समय इंसान को मजबूत बनाता है और वही अनुभव आगे की राह में सबसे बड़ी ताकत साबित होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे सफर में उनके पिता ने सबसे अहम भूमिका निभाई। चिन्मय कहते हैं कि उनके पिता सिर्फ उनके कोच नहीं बल्कि जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। जब भी वह क्रिकेट या निजी जीवन में किसी कठिनाई का सामना करते हैं, उनके पिता हमेशा साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने बताया कि खराब प्रदर्शन हो या आत्मविश्वास की कमी, हर मुश्किल वक्त में पिता ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यही वजह है कि वह अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपने परिवार, खासकर पिता को देते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">खेल की बात करें तो चिन्मय खुद को मुख्य रूप से एक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज मानते हैं। उनका कहना है कि बल्लेबाजी ही उनकी असली पहचान है और वह टीम के लिए ऊपर के क्रम में खेलना पसंद करते हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिक भूमिका बल्लेबाज की ही रहती है। पिछले सीजन में मुंबई क्रिकेट लीग में उनके बल्ले से निकले रनों ने उन्हें ऑरेंज कैप दिलाई थी और इसी प्रदर्शन ने उन्हें क्रिकेट जगत में नई पहचान भी दिलाई। अब आगामी सीजन को लेकर उनकी तैयारियां जोरों पर हैं। चिन्मय का लक्ष्य सिर्फ रन बनाना नहीं बल्कि अपने खेल में और अधिक निखार लाना है। उनका मानना है कि मुंबई क्रिकेट लीग जैसे मंच युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर देते हैं। इसी वजह से वह इस सीजन को अपने करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:25:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज से सिराज को आराम, प्रसिद्ध कृष्णा टीम में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर BCCI का फैसला, लंबे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से पहले तेज गेंदबाज को दिया जाएगा रिकवरी का समय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/siraj-rested-from-ireland-england-t-20-series-prasidh-krishna-included-in/article-55439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mohammed-siraj.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से आराम दिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने यह फैसला मेडिकल टीम और टीम मैनेजमेंट के साथ चर्चा के बाद लिया है। बोर्ड का कहना है कि सिराज लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं और आने वाले व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए उन्हें पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय देना जरूरी है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को दोनों टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में मोहम्मद सिराज भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में लगातार टीम के लिए अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि पिछले कई महीनों से उनका क्रिकेट कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा है। टीम प्रबंधन का मानना है कि लगातार मैच खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। ऐसे में समय-समय पर आराम देना जरूरी हो जाता है ताकि खिलाड़ी पूरी फिटनेस और ताजगी के साथ बड़े टूर्नामेंटों में उपलब्ध रह सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">BCCI की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सिराज को लंबे अंतरराष्ट्रीय सीजन से पहले पर्याप्त रिकवरी का समय देना प्राथमिकता है। बोर्ड ने इसे एहतियाती कदम बताया है। क्रिकेट विशेषज्ञ भी इस फैसले को सकारात्मक मान रहे हैं क्योंकि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट को काफी महत्व दिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेलने के कारण चोटों का शिकार हुए हैं, जिसके बाद विभिन्न क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सिराज की जगह टीम में शामिल किए गए प्रसिद्ध कृष्णा के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अब तक भारत के लिए सीमित टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में आठ विकेट हासिल किए हैं। हालांकि उनकी इकोनॉमी रेट को लेकर चर्चा होती रही है, लेकिन उनकी गति और अतिरिक्त उछाल हासिल करने की क्षमता उन्हें एक अलग पहचान देती है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह आगामी सीरीज में अपनी प्रतिभा साबित कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय टीम में इस बार केवल गेंदबाजी विभाग ही नहीं, बल्कि नेतृत्व स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। BCCI ने सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को भारतीय टी-20 टीम की कमान सौंपी है। श्रेयस पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में रहे हैं और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित होगा। तिलक वर्मा को टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। युवा बल्लेबाज के रूप में उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पहचान मजबूत की है। आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के नेतृत्व समूह का हिस्सा भी मान रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस टीम चयन का सबसे चर्चित पहलू युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का चयन रहा। वैभव को पहली बार भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उनके चयन के साथ ही वह सबसे कम उम्र में भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में शुमार हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब इस युवा खिलाड़ी पर रहेंगी कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को किस तरह साबित करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयरलैंड और इंग्लैंड का यह दौरा भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर भी काम कर रहा है। आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए कई खिलाड़ियों को परखा जाएगा और टीम संयोजन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे में यह सीरीज केवल जीत-हार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के अगले चरण की तैयारी का हिस्सा भी मानी जा रही है। भारतीय टी-20 टीम में श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन दिखाई दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:25:47 +0530</pubDate>
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                <title>बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह, बोले- लोगों की बातों पर ध्यान मत दो</title>
                                    <description><![CDATA[युवा बल्लेबाज की तारीफ करते हुए बॉबी देओल ने कहा- सफलता के साथ जलन भी आती है, अपना खेल जारी रखो; अमिताभ बच्चन ने भी की सराहना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a1aced776452/article-54601"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bobby-deol.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को प्रभावित करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अब फिल्म इंडस्ट्री से भी भरपूर समर्थन और प्रशंसा मिल रही है। राजस्थान रॉयल्स के लिए लगातार शानदार पारियां खेलने वाले वैभव की तारीफ में बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने न सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की सराहना की, बल्कि उन्हें सफलता के साथ आने वाली चुनौतियों को लेकर भी महत्वपूर्ण सलाह दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस तरह वैभव बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने निडर होकर बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। बॉबी ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी इतनी तेजी से सफलता हासिल करता है तो लोगों का ध्यान उसकी ओर जाता है। उसके साथ-साथ आलोचना और जलन भी बढ़ने लगती है। ऐसे समय में खिलाड़ी को अपने खेल पर फोकस बनाए रखना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बॉबी देओल ने कहा कि वह चाहते हैं कि वैभव भविष्य में भी उसी आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते रहें, जैसा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में किया है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि लोगों की बातों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मैदान पर प्रदर्शन ही खिलाड़ी की सबसे बड़ी पहचान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी अपने लोगों की नजर भी लग जाती है, इसलिए युवा खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत बने रहना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 मुकाबले में वैभव के 96 रन पर आउट होने से उन्हें काफी निराशा हुई थी। उन्होंने बताया कि वह यह मुकाबला अपने मोबाइल फोन पर देख रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि वैभव अपना शतक पूरा करेंगे। हालांकि शतक से चूकने के बावजूद उनकी पारी बेहद शानदार रही और क्रिकेट प्रेमियों ने उसकी खूब सराहना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बॉबी देओल का क्रिकेट से जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। वह सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में मुंबई हीरोज टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी और पूर्व कप्तान भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि आईपीएल के पहले सीजन से ही वह राजस्थान रॉयल्स का समर्थन करते रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न थे, जिनके वह बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। यही कारण है कि राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर उनकी विशेष नजर रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन की चर्चा केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। महानायक अमिताभ बच्चन भी इस युवा बल्लेबाज के प्रशंसकों में शामिल हो गए हैं। अमिताभ ने सोशल मीडिया पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा कि 15 साल की उम्र में जिस तरह वह क्रिकेट खेल रहे हैं, वह अद्भुत है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी उम्र में तो वे और उनके दोस्त ठीक से गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे। अमिताभ की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई और क्रिकेट प्रेमियों ने भी इससे सहमति जताई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जिन्होंने उन्हें क्रिकेट जगत की नई सनसनी बना दिया है। क्वालिफायर-2 मुकाबले के दौरान उन्होंने महज 440 गेंदों में अपने 1000 आईपीएल रन पूरे किए। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में सबसे कम गेंदों पर 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड आंद्रे रसेल के नाम था, जिन्होंने 545 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा वैभव आईपीएल इतिहास में सबसे कम पारियों में 1000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने केवल 23 पारियों में यह मुकाम हासिल किया। इस मामले में उन्होंने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो वह शॉन मार्श और लेंडल सिमंस के बाद तीसरे स्थान पर हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस सीजन का एक और बड़ा रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ। वैभव आईपीएल के एक सीजन में पावरप्ले के दौरान 500 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। उन्होंने पावरप्ले में 233 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए। इससे पहले डेविड वॉर्नर के नाम 467 रन का रिकॉर्ड था। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आधुनिक टी-20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का सबसे बड़ा प्रमाण है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्लेऑफ में भी वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई। गुजरात के खिलाफ मुकाबले में सात छक्के लगाने के साथ ही वह आईपीएल के एक सीजन Vaibhav Suryavanshi, Bobby Deol, Amitabh Bachchan, IPL 2026, Rajasthan Royals, IPL Records, Young Cricketer, Cricket Newsके प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनकी बल्लेबाजी ने कई बार राजस्थान को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला और टीम को अंतिम चार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:31:27 +0530</pubDate>
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