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                <title>Movie Controversy - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Movie Controversy RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रभास पर टिप्पणी विवाद में बोले अरशद वारसी, कहा- मजाक की भी एक सीमा होती है</title>
                                    <description><![CDATA['कल्कि 2898 AD' को लेकर दिए गए पुराने बयान पर अभिनेता ने पहली बार सफाई दी। कहा- मैं सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, सोशल मीडिया पर हर बात का जरूरत से ज्यादा विश्लेषण होने लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/arshad-warsi-spoke-on-prabhas-comment-controversy-and-said-there/article-58195"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/arshad-warsi.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">अभिनेता अरशद वारसी ने फिल्म 'कल्कि 2898 AD' को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। कुछ समय पहले उन्होंने फिल्म की समीक्षा करते हुए कहा था कि इसमें प्रभास उन्हें "जोकर" की तरह लगे। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। फिल्म के निर्देशक नाग अश्विन समेत कई कलाकारों ने उनके बयान की आलोचना की थी। अब अरशद वारसी ने पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वह किसी अनजान व्यक्ति का मजाक नहीं उड़ाते और केवल उन्हीं लोगों के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में बात करते हैं, जिन्हें वह अच्छी तरह जानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक इंटरव्यू में अरशद वारसी ने कहा कि उनकी आदत कभी भी किसी अजनबी व्यक्ति पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने की नहीं रही। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी से मजाक करना होता है तो वह केवल अपने दोस्तों के साथ करते हैं। उनके मुताबिक, वह यह अच्छी तरह जानते हैं कि किस व्यक्ति के सामने क्या कहना है और कितनी सीमा तक कहना है। अगर वह किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, तो उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी करने से बचते हैं। उनका कहना है कि इस पूरे मामले को जिस तरह पेश किया गया, उससे बात जरूरत से ज्यादा बढ़ गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अरशद वारसी ने यह भी कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया के कारण हर बयान का बहुत ज्यादा विश्लेषण किया जाता है। उनका मानना है कि लोगों को हल्के-फुल्के मजाक को उसी नजरिए से देखना चाहिए, जैसा वह कहा गया हो। उन्होंने कहा कि जिंदगी में थोड़ा हास्य भी जरूरी है और हर बात को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्मों में दिखाए जाने वाले संवाद और वास्तविक जीवन में बोले गए मजाक को भी संतुलित नजरिए से समझने की जरूरत है। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म में उनका एक संवाद था, जिसमें उन्होंने एक चीनी पर्यटक को मजाकिया अंदाज में "हक्का नूडल्स" कहा था। उनके अनुसार उस समय किसी ने इसे आपत्तिजनक नहीं माना, लेकिन आज के दौर में शायद उस संवाद की भी अलग तरह से व्याख्या की जाती। उन्होंने कहा कि कई बार लोग दोस्तों के बीच मजाक में एक-दूसरे को अलग-अलग नामों से बुलाते हैं, लेकिन उसका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अरशद वारसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद पर संयम रखने में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि हर कलाकार और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति को अपनी बात कहते समय आत्मसंयम रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसी कॉमेडी पसंद नहीं है, जिसमें किसी व्यक्ति को नीचा दिखाया जाए या अपमानित किया जाए। इसी तरह डबल मीनिंग और अश्लील हास्य भी उनकी पसंद का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद हो सकती है, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने लिए कुछ सीमाएं तय की हैं और उसी के अनुसार व्यवहार करने की कोशिश करते हैं। दरअसल यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब एक पॉडकास्ट में अरशद वारसी से हाल में देखी गई सबसे खराब फिल्म के बारे में पूछा गया था। जवाब में उन्होंने 'कल्कि 2898 AD' का नाम लिया और कहा कि उन्हें फिल्म पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म में अमिताभ बच्चन के अभिनय की खुलकर तारीफ की, लेकिन प्रभास के किरदार पर निराशा जताते हुए कहा कि वह उन्हें "जोकर" जैसे लगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह प्रभास को एक दमदार एक्शन हीरो के रूप में देखना चाहते थे और उन्हें लगा कि फिल्म में उनके किरदार के साथ न्याय नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने इसे फिल्म की आलोचना मानने के बजाय अभिनेता पर व्यक्तिगत टिप्पणी बताया। फिल्म के निर्देशक नाग अश्विन ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारतीय फिल्म उद्योग को उत्तर और दक्षिण जैसी बहसों से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लिखा कि अरशद वारसी को अपने शब्दों का चयन थोड़ा बेहतर करना चाहिए था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और भविष्य में 'कल्कि 2' के जरिए दर्शकों का विश्वास जीतने की कोशिश करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण भारतीय अभिनेता सुधीर बाबू ने भी अरशद वारसी की टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि किसी फिल्म या अभिनय की रचनात्मक आलोचना करना पूरी तरह उचित है, लेकिन किसी कलाकार के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सुधीर बाबू का कहना था कि प्रभास का कद इतना बड़ा है कि इस तरह की टिप्पणियों से उनकी लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन सार्वजनिक मंच पर शब्दों का चयन हमेशा सोच-समझकर होना चाहिए। इस पूरे विवाद के बाद अरशद वारसी की नई सफाई को कई लोग उनके पक्ष को स्पष्ट करने की कोशिश मान रहे हैं। अभिनेता ने अपने बयान में यह दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और वह व्यक्तिगत रिश्तों की मर्यादा को समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी बयान को उसके पूरे संदर्भ में समझना जरूरी है, क्योंकि कई बार छोटी-सी बात भी विवाद का रूप ले लेती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>डॉन 3 विवाद पर बड़ा खुलासा, रणवीर सिंह ने बातचीत से किया था इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[45 करोड़ रुपये के निवेश और आखिरी समय पर फिल्म छोड़ने को लेकर बढ़ा विवाद, FWICE ने दी पूरी प्रक्रिया की जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/big-revelation-on-don-3-controversy-ranveer-singh-had-refused/article-55746"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/don-3-controversy.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिल्म से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद शुरू हुआ मामला अब उद्योग संगठनों, निर्माताओं और कानूनी नोटिस तक पहुंच चुका है। इस बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार विस्तार से इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने दावा किया है कि संगठन ने किसी भी तरह का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया, बल्कि सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद ही कार्रवाई की गई थी। अशोक पंडित ने एक इंटरव्यू में बताया कि निर्माता और निर्देशक की ओर से FWICE के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे और शूटिंग शुरू होने में केवल कुछ सप्ताह बाकी थे। उनके अनुसार इतनी बड़ी फिल्म के लिए यह खर्च सामान्य माना जाता है क्योंकि लोकेशन, कॉस्ट्यूम, स्टाइलिंग, ट्रैवल और अन्य तैयारियों पर पहले से निवेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संगठन ने उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा की। कथित तौर पर रणवीर सिंह, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच हुई बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे गए। दावा किया गया कि फिल्म की स्टाइलिंग पूरी हो चुकी थी, कलाकारों के कॉस्ट्यूम तैयार थे, शूटिंग यूनिट की यात्रा व्यवस्था की जा चुकी थी और होटल बुकिंग भी पूरी हो चुकी थी। ऐसे में अचानक फिल्म से बाहर होने के फैसले ने निर्माताओं को बड़ा आर्थिक झटका पहुंचाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अशोक पंडित के मुताबिक, जब कोई निर्माता करोड़ों रुपये का निवेश करता है तो वह कलाकार की सहमति और प्रतिबद्धता के आधार पर ही करता है। उनका कहना है कि शूटिंग शुरू होने से महज तीन सप्ताह पहले मुख्य अभिनेता का फिल्म छोड़ देना पूरे प्रोजेक्ट को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि FWICE ने रणवीर सिंह से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन संगठन को उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मामला तब और अधिक सुर्खियों में आया जब मई महीने में FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश जारी कर दिया। यह कदम उस शिकायत के आधार पर उठाया गया था जो फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की ओर से संगठन को भेजी गई थी। हालांकि बाद में घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया और अभिनेता की ओर से कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद स्थिति बदलती दिखाई दी। फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने हाल ही में घोषणा की कि रणवीर सिंह के खिलाफ जारी गैर-सहयोग निर्देश वापस लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPAA) के अनुरोध पर लिया गया है। इस फैसले के बाद उद्योग में चल रही चर्चाओं को नया आयाम मिल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब संगठन की कानूनी टीम तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नोटिस में गैर-सहयोग निर्देश हटाने का अनुरोध किया गया था। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन किसी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं रखता, बल्कि उसका उद्देश्य केवल उद्योग से जुड़े विवादों को सुलझाने में मदद करना है। अशोक पंडित ने कहा कि FWICE रणवीर सिंह के करियर और स्टारडम का सम्मान करता है और चाहता है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालें। उन्होंने अभिनेता से अपील की कि वे संगठन और संबंधित पक्षों के साथ बैठकर चर्चा करें ताकि विवाद का सकारात्मक समाधान निकल सके। उनके अनुसार बातचीत ही इस पूरे मामले का सबसे बेहतर रास्ता है। फिल्म डॉन 3 के निर्माता और निर्देशक पक्ष की सबसे बड़ी चिंता आर्थिक नुकसान को लेकर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार विवाद का केंद्र वह 45 करोड़ रुपये हैं जो फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर खर्च किए गए थे। कहा जा रहा है कि इस खर्च का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर इसकी जांच भी कराई जा सकती है। यह मामला केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है। इससे कलाकारों की पेशेवर जिम्मेदारियों, अनुबंधों के महत्व और उद्योग संगठनों की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। बड़े बजट की फिल्मों में अंतिम समय पर होने वाले बदलाव से सैकड़ों लोगों की मेहनत और करोड़ों रुपये का निवेश प्रभावित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 16:15:07 +0530</pubDate>
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                <title>‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार पर विवाद, डायरेक्टर बुची बाबू सना ने मांगी माफी</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर महिला किरदार के प्रस्तुतीकरण को लेकर उठे सवालों के बाद फिल्ममेकर ने कहा- हर महिला सम्मान और गरिमा की हकदार, आपत्तिजनक दृश्यों में करेंगे बदलाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/controversy-over-jhanvi-kapoors-character-in-peddi-director-buchi-babu/article-55110"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/peddi-movie.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘पेड्डी’ की रिलीज के कुछ ही दिनों बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। फिल्म में अभिनेत्री जाह्नवी कपूर द्वारा निभाए गए ‘अचियम्मा’ नाम के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है। कुछ दर्शकों ने आरोप लगाया है कि फिल्म में महिला किरदार को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है, वह कहानी की जरूरत से ज्यादा आकर्षक और बोल्ड दिखाने की कोशिश जैसा लगता है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के लेखक और निर्देशक बुची बाबू सना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और कहा है कि दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फिल्म के कुछ हिस्सों में बदलाव किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म को लेकर शुरू हुई बहस तब तेज हुई जब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दर्शकों ने जाह्नवी कपूर के किरदार पर अपनी राय व्यक्त करनी शुरू की। कई लोगों का कहना था कि महिला पात्र की प्रस्तुति कहानी के विकास से अधिक दर्शकों का ध्यान खींचने पर केंद्रित दिखाई देती है। देखते ही देखते यह चर्चा व्यापक हो गई और फिल्म निर्माताओं से प्रतिक्रिया की मांग होने लगी। इसके बाद बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि एक फिल्ममेकर के तौर पर उनका हमेशा यह मानना रहा है कि सिनेमा का उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना, उन्हें प्रेरित करना और समाज से जुड़ना होना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति या वर्ग को असहज महसूस कराना कभी भी उनकी मंशा नहीं रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अपने बयान में उन्होंने साफ कहा कि फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर सामने आई प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने लिखा कि वह व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर महिलाओं का सम्मान करते हैं और पर्दे पर भी महिला किरदारों को सम्मानजनक तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। उनके अनुसार फिल्म की टीम का उद्देश्य कभी भी किसी महिला चरित्र को गलत ढंग से दिखाना या उसका अपमान करना नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि दर्शकों को फिल्म का कोई हिस्सा आपत्तिजनक लगा है तो उनकी भावनाओं को समझना और उनका सम्मान करना जरूरी है। इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी व्यक्त की।</p>
<p class="isSelectedEnd">बयान में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि फिल्ममेकर ने विवादित दृश्यों में बदलाव करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया की समीक्षा करने के बाद टीम ने उन हिस्सों में संशोधन करने का निर्णय लिया है जिन पर सबसे अधिक आपत्ति जताई गई है। उनके मुताबिक सिनेमा और दर्शकों के बीच विश्वास का रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण होता है और कहानीकारों की जिम्मेदारी है कि वे समय के साथ बदलती सामाजिक संवेदनशीलताओं को समझें। उन्होंने कहा कि फिल्मों को समाज के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए और दर्शकों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd">अपने संदेश के अंत में बुची बाबू सना ने महिलाओं के सम्मान को लेकर एक स्पष्ट टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हर महिला सम्मान, गरिमा और सही प्रतिनिधित्व की हकदार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनकी टीम ऐसी कहानियां लेकर आएगी जिनमें मजबूत और प्रभावशाली महिला किरदारों को उचित स्थान मिले। साथ ही उन्होंने उन सभी दर्शकों का धन्यवाद किया जिन्होंने अपनी राय खुलकर और ईमानदारी से साझा की।</p>
<p class="isSelectedEnd">दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। ‘पेड्डी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और शुरुआती दिनों से ही इसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में राम चरण मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं, जबकि जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के संघर्ष और सपनों पर आधारित है जो खेलों के माध्यम से अपनी पहचान बनाने की कोशिश करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म में राम चरण क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ जैसे खेलों में हिस्सा लेते दिखाई देते हैं, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया है। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े भी फिल्म की मजबूत शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं।  दूसरे दिन फिल्म ने भारत में 26.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन दर्ज किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं भारत में ग्रॉस कलेक्शन 114.49 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।</p>
<p>विदेशी बाजारों में भी फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। दूसरे दिन ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने करीब 8 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे कुल विदेशी कमाई 36 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। दुनियाभर में फिल्म का कुल कलेक्शन 150.49 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुका है। हालांकि शानदार कमाई के बीच महिला किरदार को लेकर उठा विवाद अब फिल्म की चर्चा का एक बड़ा हिस्सा बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:39:41 +0530</pubDate>
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                <title>रणवीर सिंह के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, बोले- बैन करना है तो FWICE को करो</title>
                                    <description><![CDATA[डॉन 3 विवाद के बीच फिल्ममेकर ने FWICE पर उठाए सवाल, कहा- निजी विवाद में दखल देना गलत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/ram-gopal-varma-came-out-in-support-of-ranveer-singh/article-54602"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ranveer-singh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़े विवाद के बीच अब फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किए गए ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी लंबी पोस्ट में राम गोपाल वर्मा ने न सिर्फ रणवीर का बचाव किया बल्कि FWICE की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्म इंडस्ट्री में पिछले कुछ दिनों से रणवीर सिंह और एक प्रोडक्शन कंपनी के बीच कथित विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी मामले को आधार बनाते हुए FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया था। इस फैसले के बाद इंडस्ट्री में बहस छिड़ गई कि क्या किसी निजी व्यावसायिक विवाद में इस तरह का कदम उठाया जाना उचित है। अब राम गोपाल वर्मा ने इसी मुद्दे पर अपनी राय रखी है और संगठन की आलोचना करते हुए कहा है कि बैन अगर किसी पर लगना चाहिए तो वह रणवीर नहीं बल्कि FWICE होना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस तरह के फैसले आखिरकार संगठन को ही हास्यास्पद स्थिति में ला देते हैं। उनके अनुसार FWICE जिस तरह इस मामले को इंडस्ट्री और कर्मचारियों के हितों से जोड़कर पेश कर रहा है, वास्तविकता उससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक पुरानी यूनियन व्यवस्था की ताकत दिखाने का प्रयास है, जो किसी तरह अपना प्रभाव बनाए रखना चाहती है। वर्मा का मानना है कि लाखों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले संगठन को पहले यह देखना चाहिए कि जिन लोगों के नाम पर वह फैसले ले रहा है, उन्हें पूरे विवाद की वास्तविक जानकारी भी है या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्ममेकर ने FWICE को ‘कंगारू कोर्ट’ तक बता दिया। उन्होंने कहा कि यह न तो कोई कानूनी अदालत है और न ही सरकार द्वारा अधिकृत कोई नियामक संस्था। उनके अनुसार किसी भी संगठन को यह अधिकार नहीं है कि वह बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी हुए किसी व्यक्ति के खिलाफ सार्वजनिक रूप से फैसला सुना दे। वर्मा ने कहा कि ऐसे फैसले अक्सर निष्पक्ष जांच के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों की राय पर आधारित होते हैं, जिससे विवाद और अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राम गोपाल वर्मा ने यह भी दावा किया कि रणवीर सिंह की लोकप्रियता और उनकी फिल्मों की सफलता कुछ लोगों को असहज कर सकती है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि इस पूरे मामले के पीछे व्यक्तिगत और व्यावसायिक हित भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी अभिनेता की सफलता से घबराकर इस तरह की कार्रवाई करना इंडस्ट्री के लिए सही संदेश नहीं देता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने बयान में वर्मा ने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लाखों कर्मचारियों की रोजी-रोटी किसी एक अभिनेता या एक फिल्म परियोजना पर निर्भर नहीं होती। सोशल मीडिया पर यह कहना कि किसी एक कलाकार की वजह से लाखों लोगों का नुकसान हो रहा है, वास्तविकता से दूर है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रोड्यूसर को नुकसान हुआ है तो वह दो पक्षों के बीच का एक निजी और संविदात्मक विवाद है, जिसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिल्ममेकर ने सवाल उठाया कि देशभर में हर दिन हजारों कारोबारी और अनुबंध संबंधी विवाद होते हैं, लेकिन उनमें यूनियनें हस्तक्षेप नहीं करतीं। ऐसे में केवल एक अभिनेता से जुड़े मामले में इतनी सक्रियता दिखाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो फैसला न्यायपालिका को करना चाहिए, न कि किसी संगठन को।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राम गोपाल वर्मा ने FWICE को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि संगठन का दावा है कि कुछ तकनीशियनों का समय और मेहनत बर्बाद हुई है, तो उन्हें सामने आकर सार्वजनिक रूप से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी को वास्तव में नुकसान पहुंचा है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्य सामने आने चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपनी पोस्ट में वर्मा ने रणवीर सिंह की स्टार पावर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर रणवीर सिंह किसी नई फिल्म के लिए हामी भर दें तो अगले ही दिन उनके घर के बाहर निर्माताओं की लंबी कतार लग सकती है। उनके अनुसार यह इस बात का प्रमाण है कि अभिनेता की बाजार में कितनी मजबूत स्थिति है। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने का काम सितारे करते हैं और यही वजह है कि इंडस्ट्री का पूरा तंत्र उनके इर्द-गिर्द चलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विवाद के बीच अभिनेत्री और CINTAA की वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे भी रणवीर सिंह के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि रणवीर संगठन के सदस्य हैं और जरूरत पड़ने पर CINTAA हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। इससे पहले CINTAA की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने भी कहा था कि इस मामले में संगठन को पहले से जानकारी नहीं दी गई थी और यदि मौका मिलता तो दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की जा सकती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 17:31:20 +0530</pubDate>
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