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                <title>DII - दैनिक जागरण</title>
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                <description>DII RSS Feed</description>
                
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                <title>सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 200 अंक तक फिसलकर 76,550 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर पर बना रहा। बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों के साथ कई बड़े सेक्टरों पर भी दिखाई दिया। खास तौर पर आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रही। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक किसी भी बड़े निवेश से पहले सतर्क नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन शेयरों में अच्छी तेजी आई थी, उनमें निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि सभी सेक्टरों में एक जैसी स्थिति नहीं रही। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन उसका असर बाजार की समग्र दिशा बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निवेशकों का फोकस फिलहाल आगामी आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर बना हुआ है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निक्केई में करीब 0.93 प्रतिशत और कोस्पी में लगभग 0.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया और इसमें करीब 0.93 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित रुख का असर भी भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने सतर्कता बरतना बेहतर समझा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार से हालांकि सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में उसका सकारात्मक असर सीमित रहा। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू स्तर पर जारी मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल के सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 2,810 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं पिछले 30 दिनों के दौरान भी विदेशी निवेशकों की ओर से 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी दर्ज की गई है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में उन्होंने 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बीते एक महीने में लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को बड़े स्तर पर गिरने से रोकने में सहायक साबित हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 372 अंक की गिरावट के साथ 76,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,946 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी बने रहने से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है। यह गिरावट व्यापक घबराहट की नहीं बल्कि सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रखना चाहिए। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का असर बाजार की दिशा पर साफ दिखाई देगा। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। वहीं किसी भी बड़े वैश्विक घटनाक्रम या आर्थिक आंकड़े का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,150 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा। IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में तेजी से सेंसेक्स 77,300 के करीब पहुंचा, जबकि निफ्टी में भी 150 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a38cae5b4995/article-56611"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी देखने को मिली और बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक की तेजी के साथ 77,300 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंक मजबूत होकर 24,150 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने घरेलू बाजार को सहारा दिया है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, लेकिन सोमवार को निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया। बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में कई दिग्गज IT कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी। माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में स्थिरता और घरेलू मांग के सकारात्मक संकेतों ने इन शेयरों को समर्थन दिया है। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों की बात करें तो सोमवार को वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी हरे निशान में रहा और निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और उसमें गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई, जिसे घरेलू निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से भी भारतीय निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में मामूली तेजी दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मजबूत उछाल देखने को मिला। तकनीकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से अमेरिकी बाजारों को सहारा मिला था। इसका असर सोमवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शुक्रवार को एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,859 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। यह आंकड़ा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की कुल निकासी अभी भी अधिक बनी हुई है, लेकिन हाल के दिनों में उनकी खरीदारी ने बाजार को राहत दी है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में घरेलू निवेशकों ने बाजार में लगातार निवेश किया है, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार को स्थिरता मिली है। म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की ओर से लगातार निवेश बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार की तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 607 अंक टूटकर 76,802 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 154 अंक गिरकर 24,013 के स्तर पर आ गया था। उस गिरावट के बाद निवेशकों में कुछ चिंता देखी जा रही थी, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में आई तेजी ने बाजार की धारणा को बेहतर किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, विदेशी निवेशकों का रुख और मानसून की प्रगति जैसे कारक बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। छोटे और मझोले शेयरों में भी सोमवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कई सेक्टरों में खरीदारी का दायरा बढ़ा, जिससे व्यापक बाजार को मजबूती मिली। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे केवल तेजी देखकर निवेश के फैसले न लें और कंपनियों की बुनियादी स्थिति का मूल्यांकन जरूर करें।  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में आई बढ़त ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत प्रदर्शन के कारण बाजार में उत्साह का माहौल बना हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, इंफोसिस 8% तक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-crash-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में 19 जून को कारोबार की शुरुआत से ही भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट गहराती चली गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक टूटकर 23,950 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखा गया, जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। आईटी शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के मूड को कमजोर कर दिया। इंफोसिस के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस और टेक महिंद्रा में लगभग 6-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। एचसीएल टेक भी करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। बताया जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी के बाद करेक्शन जरूरी था, जो अब देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में नजर आया और करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी, जिससे टेक शेयरों को वैश्विक स्तर पर सपोर्ट मिला था, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार में टिक नहीं सका। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार पर भारी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों यानी FII की ओर से भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1025 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII ने खरीदारी की है, लेकिन वह एफआईआई की बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई। पिछले कई दिनों से एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ा है। बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का परिणाम है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र यानी 18 जून को बाजार में तेजी देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 82 अंक की बढ़त के साथ 24,168 के स्तर पर पहुंचा था। लेकिन यह तेजी अगले ही दिन दबाव में बदल गई।बाजार में फिलहाल अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और आईटी सेक्टर में कमजोरी ने पूरे बाजार को नीचे खींचा है। बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी, निफ्टी भी मजबूत कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[9 जून को शेयर बाजार में हल्की तेजी, ऑटो-रियल्टी शेयरों में खरीदारी से सेंटीमेंट मजबूत, वैश्विक संकेत मिले-जुले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-up-100-points-nifty-also-strong-business/article-55369"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/untitled-design-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार तेजी के साथ 9 जून के कारोबार की शुरुआत हुई और शुरुआती मिनटों से ही बाजार में हल्का सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 100 अंक की तेजी के साथ 73,700 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 50 अंक की बढ़त के साथ 23,200 के स्तर तक पहुंच गया। सुबह के सत्र में ही निवेशकों का रुख थोड़ा बेहतर नजर आया और कई सेक्टरों में खरीदारी बढ़ी। खासकर ऑटो और रियल्टी सेक्टर में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती ट्रेड में ऐसा लगा कि पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार धीरे-धीरे रिकवरी की तरफ बढ़ रहा है, हालांकि उतार-चढ़ाव भी बना रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के सत्र में शेयर बाजार तेजी का माहौल देखने को मिला, लेकिन यह पूरी तरह एकतरफा नहीं था। ग्लोबल संकेतों का असर भी साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग दबाव में रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स भी सकारात्मक दायरे में रहा और निवेशकों को कुछ राहत दी। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मिश्रित रुख रहा था—नैस्डैक और S&amp;P 500 में बढ़त देखने को मिली, जबकि डाउ जोन्स थोड़ा कमजोर बंद हुआ। इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी आज बाजार की दिशा तय करने में अहम रहीं। 8 जून के आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई ने करीब 5,556 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस दौरान 5,165 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ संतुलन बनाने की कोशिश की। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखें तो एफआईआई लगातार नेट सेलर बने हुए हैं, जबकि डीआईआई बाजार को सहारा दे रहे हैं। इससे साफ है कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी अभी भी बाजार को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले 8 जून को बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 719 अंक टूटकर 73,524 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी करीब 244 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी और यह 23,123 के स्तर पर बंद हुआ था। उस गिरावट के बाद आज की हल्की तेजी को बाजार में एक तकनीकी रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक बाजार में स्थिरता पूरी तरह नहीं आ सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">सेक्टरल फ्रंट पर आज ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिली। ऑटो सेक्टर में मांग और भविष्य की बिक्री को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं रियल्टी सेक्टर में भी खरीदारी का रुझान जारी है। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में हल्की सुस्ती देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक बना रहा। कारोबार के बीच कई स्टॉक्स में दिनभर उतार-चढ़ाव चलता रहा, जिससे ट्रेडर्स के लिए माहौल थोड़ा सतर्क बना रहा। मौजूदा समय में बाजार एक सीमित दायरे में घूम रहा है, जहां वैश्विक संकेत, एफआईआई की चाल और घरेलू निवेशकों की खरीदारी मिलकर दिशा तय कर रहे हैं। आने वाले सत्रों में अगर विदेशी बिकवाली कम होती है और घरेलू खरीदारी बनी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखी जा सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:13:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर बंद, IT-ऑटो शेयरों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी में भी मजबूती, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में रिकवरी; दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप में भारत को पीछे छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-closes-383-points-higher-it-auto-shares-rise/article-54768"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">शेयर बाजार में आज यानी 2 जून को लगातार उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार मजबूती देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383 अंक की बढ़त के साथ 74,650 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 101 अंक की तेजी दर्ज की गई और यह 23,484 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में IT, FMCG और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती सत्र में हल्की कमजोरी के बाद दोपहर के बाद बाजार में खरीदारी तेज हुई और अंत में इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd"> IT और ऑटो सेक्टर में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को संभालने का काम किया। निवेशकों की नजरें ग्लोबल संकेतों पर भी बनी रहीं, जहां अमेरिकी बाजारों में पहले से ही मजबूती का रुख देखने को मिला था। वहीं एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, जिससे घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी असर पड़ा। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच एक बड़ी वैश्विक आर्थिक खबर सामने आई है, जिसमें दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप के मामले में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। यह बदलाव मुख्य रूप से दक्षिण कोरिया की टेक और चिप निर्माण कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन की वजह से हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई ऊंचाई दी है, जिससे वहां की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल दक्षिण कोरिया की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 86 प्रतिशत बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 475 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 456 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई है। यह अंतर निवेशकों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक पूंजी प्रवाह फिलहाल टेक-ड्रिवन बाजारों की ओर झुक रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी तरफ, एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ, जो क्षेत्रीय निवेशकों के सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है। वैश्विक बाजारों में यह उतार-चढ़ाव संकेत देता है कि निवेशक अभी भी अलग-अलग आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&amp;P 500 सभी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी का असर अमेरिकी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। इसका सकारात्मक प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा, जिससे घरेलू बाजार में रिकवरी देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि चिंता की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले 30 दिनों में उन्होंने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और भारी खरीदारी कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह और महीने में DII की नेट खरीदारी काफी मजबूत रही है, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से बाजार में तेज गिरावट की जगह सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे पहले 1 जून को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 165 अंक गिरकर 23,382 पर आ गया था। लेकिन अगले ही कारोबारी सत्र में बाजार ने रिकवरी दिखाई और निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:57:54 +0530</pubDate>
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